बुधवार, 31 मई 2017
सोमवार, 29 मई 2017
नाथ की राह रोकने बट्टी का सहारा ले रही सरकार
राजधानी में कार्यालय के लिए दिया शासकीय आवास, लोनिवि करा रहा रंग रोगन
प्रदेश में कमलनाथ की बढ़ती सक्रियता को देख अब भाजपा और सरकार दोनों ही उनकी राह दिक्कतें खड़ी करने के लिए सरकार और भाजपा भी सक्रिय हो गई है. सरकार ने इसके लिए छिंदवाड़ा के आदिवासी नेता और कमलनाथ विरोधी मनमोहन शाह बट्टी को मोहरा बनाना शुरु कर दिया है. गोंडवाना गणतंत्र पाार्टी से अलग होकर अपनी स्वयं की पार्टी बनाने वाले बट्टी को सरकार के मुखिया शिवराजसिंंह चौहान ने भोपाल बुलाकर पार्टी के लिए कार्यालय खोलने शासकीय आवास आवंटित कर दिया है. अब इस आवास का रंग रोगन का काम भी लोक निर्माण विभाग करा रहा है.
प्रदेश कांग्रेस में बदलाव को लेकर चल रही कवायद के चलते वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ का नाम बार-बार सामने आने से भाजपा और सरकार चिंतित होती नजर आ रही है. खासकर भाजपा संगठन कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम को लेकर चिंतित हैं. इन दोनों की राह को रोकने के लिए जमावट शुरु कर दी है. जमीनी स्तर पर दोनों नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति के तहत भाजपा काम कर रही है. इस रणनीति के तहत सिंधिया के खिलाफ राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने तो खुलकर बयानबाजी भी शुरु कर दी है, वहीं सरकार के माध्यम से कमलनाथ को उन्हीं के घर याने छिंदवाड़ा में मात देने की रणनीति सरकार ने बनाई है. इस रणनीति के तहत आदिवासी नेता एवं पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी को मोहरा बनाया है. बट्टी, कमलनाथ के घोर विरोधी माने जाते हैं, वे पूर्व में गोंगपा के प्रत्याशी के रुप में कमलनाथ के खिलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. अब सरकार ने बट्टी को नाथ के खिलाफ मोहरा बनाते हुए महाकौशल खासकर आदिवासी अंचल में सक्रिय करने की रणनीति तय की है. इस रणनीति के तहत बट्टी को एक सप्ताह पूर्व खुद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने निवास पर बुलाया और तुलसीनगर क्षेत्र में कार्यालय के लिए आवास आवंटित कर दिया. बट्टी को आवंटित किए आवास एफ-91/33 आवंटित कर दिया. आवंटन की फाइल भी इस गति से दौड़ी की खुद मनमोहन शाह आश्यचर्यचकित हैं कि एक सप्ताह में उनके दल भारतीय गोंडवाना पार्टी को आवास मिल गया.
सूत्रों की माने तो बट्टी को इस तरह से आवास चुनाव के एक साल पूर्व आवास आवंटन करने के पीछे भाजपा का मुख्य मकसद महाकौशल में आदिवासी वोट बैंक पर सेंध लगाना है. नर्मदा यात्रा के दौरान और पूर्व में संघ के सर्वे के बाद यह बात सामने आई थी कि आदिवासी वोट बैंक भाजपा से दूर जाता जा रहा है.
लोनिवि करा रहा रंगरोगन
मनमोहन शाह बट्टी को शासन द्वारा जो आवास तुलसी नगर में आवंटित किया गया, उसके रंगरोगन के लिए भी काम शुरु हो गया है. सूत्रों की माने तो लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने रंग रोगन के लिए 7 लाख रुपए खर्च करने की मंजूरी दी है. बताया जाता है कि विभाग ने इसके लिए दो स्टीमेट (प्राक्कलन) बनाए हैं, इसके पहले चरण में 5 लाख रुपए एवं दूसरे चरण में 2 लाख रुपए का काम इस आवास पर किया जाना है.
प्रदेश में कमलनाथ की बढ़ती सक्रियता को देख अब भाजपा और सरकार दोनों ही उनकी राह दिक्कतें खड़ी करने के लिए सरकार और भाजपा भी सक्रिय हो गई है. सरकार ने इसके लिए छिंदवाड़ा के आदिवासी नेता और कमलनाथ विरोधी मनमोहन शाह बट्टी को मोहरा बनाना शुरु कर दिया है. गोंडवाना गणतंत्र पाार्टी से अलग होकर अपनी स्वयं की पार्टी बनाने वाले बट्टी को सरकार के मुखिया शिवराजसिंंह चौहान ने भोपाल बुलाकर पार्टी के लिए कार्यालय खोलने शासकीय आवास आवंटित कर दिया है. अब इस आवास का रंग रोगन का काम भी लोक निर्माण विभाग करा रहा है.
प्रदेश कांग्रेस में बदलाव को लेकर चल रही कवायद के चलते वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ का नाम बार-बार सामने आने से भाजपा और सरकार चिंतित होती नजर आ रही है. खासकर भाजपा संगठन कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम को लेकर चिंतित हैं. इन दोनों की राह को रोकने के लिए जमावट शुरु कर दी है. जमीनी स्तर पर दोनों नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति के तहत भाजपा काम कर रही है. इस रणनीति के तहत सिंधिया के खिलाफ राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने तो खुलकर बयानबाजी भी शुरु कर दी है, वहीं सरकार के माध्यम से कमलनाथ को उन्हीं के घर याने छिंदवाड़ा में मात देने की रणनीति सरकार ने बनाई है. इस रणनीति के तहत आदिवासी नेता एवं पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी को मोहरा बनाया है. बट्टी, कमलनाथ के घोर विरोधी माने जाते हैं, वे पूर्व में गोंगपा के प्रत्याशी के रुप में कमलनाथ के खिलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. अब सरकार ने बट्टी को नाथ के खिलाफ मोहरा बनाते हुए महाकौशल खासकर आदिवासी अंचल में सक्रिय करने की रणनीति तय की है. इस रणनीति के तहत बट्टी को एक सप्ताह पूर्व खुद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने निवास पर बुलाया और तुलसीनगर क्षेत्र में कार्यालय के लिए आवास आवंटित कर दिया. बट्टी को आवंटित किए आवास एफ-91/33 आवंटित कर दिया. आवंटन की फाइल भी इस गति से दौड़ी की खुद मनमोहन शाह आश्यचर्यचकित हैं कि एक सप्ताह में उनके दल भारतीय गोंडवाना पार्टी को आवास मिल गया.
सूत्रों की माने तो बट्टी को इस तरह से आवास चुनाव के एक साल पूर्व आवास आवंटन करने के पीछे भाजपा का मुख्य मकसद महाकौशल में आदिवासी वोट बैंक पर सेंध लगाना है. नर्मदा यात्रा के दौरान और पूर्व में संघ के सर्वे के बाद यह बात सामने आई थी कि आदिवासी वोट बैंक भाजपा से दूर जाता जा रहा है.
लोनिवि करा रहा रंगरोगन
मनमोहन शाह बट्टी को शासन द्वारा जो आवास तुलसी नगर में आवंटित किया गया, उसके रंगरोगन के लिए भी काम शुरु हो गया है. सूत्रों की माने तो लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने रंग रोगन के लिए 7 लाख रुपए खर्च करने की मंजूरी दी है. बताया जाता है कि विभाग ने इसके लिए दो स्टीमेट (प्राक्कलन) बनाए हैं, इसके पहले चरण में 5 लाख रुपए एवं दूसरे चरण में 2 लाख रुपए का काम इस आवास पर किया जाना है.
मंगलवार, 23 मई 2017
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)