सोमवार, 31 जुलाई 2023

अंजू के पाकिस्तान जाने के मामले की जांच कर रही मध्यप्रदेश पुलिस

गृह मंत्री ने कहा इंटरनेशनल कांस्पीरेसी का हो रहा शक

भोपाल। अंजू के पाकिस्तान जाने के मामले पर सरकार को इंटरनेशनल कांस्पीरेसी का शक है। अंजू के पाकिस्तान जाने से लेकर पहुंचने तक की जांच होगी। मध्यप्रदेश की पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। 

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अंजू की जिस तरह से आवभगत पाकिस्तान में हो रही उससे शक पैदा हो रहा है। अंजू के पाकिस्तान पहुंचने पर कई संदेह पैदा हुए है। मैंने स्पेशल ब्रांच को जांच के निर्देश दिए है। टीम इसकी कड़ियां जोड़कर जांच करेगी कि कही अंजू के पाकिस्तान जाने के पीछे कोई इंटरनेशनल कांस्पीरेसी तो नहीं है। 

मिश्रा का साफ कहना है कि पाकिस्तान में अंजू को जिस तरह तोहफे दिए जा रहे हैं, उसकी जैसी आवभगत की जा रही है, उससे कई सवाल उठ रहे हैं। इसलिए गृह मंत्री ने स्पेशल ब्रांच को इंटरनेशनल कॉन्सपिरेसी से संबंधित बिंदुओं को ध्यान में रखते अंजू के मामले की जांच करने को कहा है।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली अंजू थॉमस पाकिस्तान जाते ही दुनियाभर में फेमस हो गई है। उसने वहां अपने प्रेमी नसरुल्लाह से निकाह कर लिया है। वह धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बन चुकी है और वहां उसने अपना नाम फातिमा रख लिया है। अंजू थामस को पाकिस्तान की मीडिया और सरकार हाथों हाथ ले रही है। उसे महंगे उपहार दिए जा रहे हैं, मकान के साथ नौकरी भी दी जा रही है। इधर मध्यप्रदेश में अंजू के मामले में स्पेशल ब्रांच को जांच का जिम्मा सौंप दिया गया है। 

चुनावी स्वांग कर रहे कांग्रेस नेता

गृह मंत्री ने कांग्रेस नेताआें के शिवपूजन को लेकर कहा कि महाकाल की सवारी रोकने पर, सवारी पर थूकने पर इनके मुंह से एक शब्द नहीं फूटा। न कमलनाथ ने कुछ कहा न चचाजान ने। कमलनाथ की भक्ति पर सवाल यही उठता है, यह जो चुनावी स्वांग कर रहे हैं इसे पूरा देश समझता है।


मध्यप्रदेश में बनेगा उद्यानिकी फसलों के लिए मार्केटिंग बोर्ड


कुशवाह समाज के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने की घोषणा

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कुशवाहा समाज देशभक्त और परिश्रमी समाज है। समाज को संगठित रहकर आगे बढ़ना है। कुशवाहा समाज भारतीय संस्कृति का रक्षक है। इसी समाज से चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक जैसे रत्न निकले। फल-फूल, सब्जी के उत्पादन और व्यापार से जुड़े कुशवाहा समाज के हित में उद्यानिकी फसलों के लिए पृथक मार्केटिंग बोर्ड का गठन किया जाएगा, ताकि छोटे-छोटे किसानों को बिचौलियों से निजात मिल सके।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  चौहान आज भेल दशहरा मैदान में कुशवाहा महाकुंभ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशवाहा समाज ने राष्ट्र रक्षा के लिए अमूल्य योगदान दिया है। विदेशी हमलावारों को खदेड़ने में समाज बंधुओं ने परिश्रम किया है। स्वतंत्रता संग्राम में समाज की भागीदारी रही। महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री फुले ने स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशवाहा समाज के हित में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पूर्व में कुशवाहा समाज के कल्याण के लिए की गई घोषणाओं पर अमल किया गया है। सम्पूर्ण मानव समाज को ज्ञान और शिक्षा की रोशनी देने वाले समाज के महापुरुष ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के कृतित्व और व्यक्तित्व से प्रदेश की नई पीढ़ी को परिचित करवाने और उनसे प्रेरणा लेकर अपना भविष्य तय करने के लिए ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

मनाई जाएगी ज्योतिबा फुले जयंती

उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाने का निर्णय लेने के साथ महात्मा फुले की जयंती पर प्रदेश में ऐच्छिक अवकाश घोषित किया है। महात्मा फुले की स्मृति को चिर स्थाई बनाने के लिए दमोह के हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम पर किया गया है। कुशवाहा कल्याण बोर्ड का गठन कर कुशवाहा समाज को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने की सौगात दी गई है।

मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं

सागर में लवकुश मंदिर एवं सामुदायिक धर्मशाला का 10 करोड़ की लागत से निर्माण होगा। उद्यानिकी फसलों जैसे फल, फूल सब्जी आदि की बेहतर विपणन व्यवस्था के लिए पृथक उद्यानिकी फसल मार्केटिंग बोर्ड गठित किया जाएगा। अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा मध्य प्रदेश के कार्यालय के लिए भूमि आवंटन के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। उद्यानिकी फसलों के लिए पृथक मंडी बनाई जाएगी। पूर्व घोषणाओं में कुशवाहा कल्याण बोर्ड का गठन, महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर ऐच्छिक अवकाश, महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री फुले की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करना है।


मध्यप्रदेश में मोदी, शाह के दौरे हुए तेज

मध्यप्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्शाह के प्रदेश में दौरे बढ़ गए हैं। हाल ही में ष्शाह का बीते एक पखवाड़े में तीन दौरे प्रदेश के हो चुके हैं और अब 4 अगस्त को उनका जबलपुर दौरा भी तय हो गया है। वहीं अब भाजपा के पक्ष में महौल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह समेत कई केन्द्रीय मंत्रियों के दौरे भी कराए जाने की तैयारी में भाजपा जुट गई है। सूत्रों की मानें तो जल्द मध्यप्रदेश का दौरा करना शुरू कर देंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगस्त महीने में मध्यप्रदेश के दो बार दौरे पर आ सकते हैं। 12 अगस्त को मोदी सागर में संत रविदास मंदिर का भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद वे ओंकारेश्वर में बन रहे आदि शंकराचार्य के एकात्मधाम के लोकार्पण के लिए आएंगे। यह कार्यक्रम भी अगस्त महीने में ही प्रस्तावित है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जून में भोपाल में निरस्त हुआ रोड शो फिर से आयोजित करने की तैयारी है। भोपाल में मेगा रोड शो आयोजित करने का प्रस्ताव है ताकि पूरे मध्यप्रदेश में भाजपा के लिए माहौल बनाने में मदद मिल सके। हालांकि भोपाल में होने वाले रोड शो की तारीख तय नहीं हो पाई है।

वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह का अगला कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया है। अब महाकौशल पर फोकस किया जाएगा और इसी कड़ी में अमित शाह का जबलपुर का दौरा तय हो चुका है। वे 4 अगस्त को जबलपुर संभाग के संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलन में ष्शामिल होने आएंगे। इसके बाद उनकी एक सभा ग्वालियर में भी प्रस्तावित है जिस पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकि है। बता दें कि अमित शाह रविवार को ही मध्यप्रदेश के दौरे पर आए थे। उन्होंने इंदौर में बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित कर जीत का मंत्र दिया था और संकल्प दिलाया था कि इस बार मप्र में प्रचंड जीत दर्ज करना है, इसके लिए अभी से जुट जाएं।

कांग्रेस में खड़के, राहुल का होना है दौरा

दूसरी और कांग्रेस में भी प्रियंका गांधी के दो दौरे हो चुके हैं। प्रियंका गांधी ने जबलपुर के बाद ग्वालियर में सभा की थी। इसके बाद राहुल गांधी का शहडोल जिले और कांग्रेस के राश्टीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के का सागर जिले का दौरा होना बाकि है। ये दोनों नेताओं का दौरा अगस्त माह में तय था, मगर कारणवश दोनों ही का दौरा निरस्त कर दिया है। कांग्रेस नेता अब उनके दौरे की नई तारीख का इंतजार कर रहे हैं। 


मध्यप्रदेश में एक साल में एक लाख पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री ने सहाकारिता विभाग के नियुक्ति पत्र वितरित किए


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक वर्ष में 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती होगी, जिसमें से लगभग 60 हजार पदों पर नियुक्ति दी जा चुकी है। प्रदेश की जनता मेरा परिवार है और मैं सरकार को परिवार की तरह ही चलाने का प्रयास करता हूँ। गरीब और मजदूर हमारे लिए भगवान हैं। शासकीय सेवा में आपका चयन उनकी सेवा के लिए हुआ है। गरीब और मजदूर को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, उन्हें काम का स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आबकारी, श्रम और सहकारिता विभाग के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवनियुक्त शासकीय सेवकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली 15 अगस्त पर मैंने एक साल में एक लाख पदों पर भर्ती की बात कही थी। यह भर्ती अभियान निरंतर जारी है। अब तक 60 हजार लोगों को नियुक्ति दी जा चुकी है। आज की नियुक्तियां भी इसमें शामिल हैं। हमारी प्रतिबद्धता रही है कि पारदर्शिता, ईमानदारी और मेरिट के आधार पर शासकीय सेवा में भर्तियां हों। आप सबका चयन मेरिट के आधार पर हुआ है, अतः आप सब बधाई के पात्र हैं। शासकीय सेवा में कार्यभार ग्रहण करने के बाद विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन आपके माध्यम से ही होगा। आप इस दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करें, यही आशीर्वाद और शुभकामनाएँ हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी अपेक्षा है कि आप इस भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करें कि हम केवल अपने लिए नहीं, अपितु प्रदेश की जनता और प्रदेश के लिए हैं। शासकीय सेवा का अर्थ है, जनता की सेवा और प्रदेश एवं देश का विकास। इसके लिए कर्तव्य और दायित्व का भाव सदैव मन में रहना चाहिए। आप पर ही प्रदेश की प्रगति और विकास निर्भर है। आप पर ही जन-कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन भी निर्भर है। 

प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश, विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रति व्यक्ति आय जो वर्ष 2002-03 में 11 हजार रूपए हुआ करती थी, अब बढ़कर एक लाख 40 हजार रूपए हो गई है। जीएसडीपी 15 लाख करोड़ और प्रदेश का बजट 3 लाख 15 हजार करोड़ का है। सड़क, पानी, बिजली सहित संपूर्ण अधोसंरचना के क्षेत्र में बहुत सुधार हुआ है। साथ ही सामाजिक सरोकार रखने वाले विभागों में भी संवेदनशीलता के साथ गतिविधियाँ संचालित हैं।


रविवार, 30 जुलाई 2023

लड़ाई के लिए तैयार हो जाओ, बहुमत से बनानी है सरकार

अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को दिलाया संकल्प, कहा 23 और 24 का जीतना है चुनाव

भोपाल। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्शाह ने आज मध्यप्रदेश के मालवा अंचल से भाजपा का चुनाव अभियान ष्शुरू कर दिया। इस दौरान वे कांग्रेस पर जमकर बरसे और कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया कि वे लड़ाई के लिए मैदान में तैयार हो जाएं, विधानसभा चुनाव जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनानी है। साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटें भी भाजपा को जीतना है।
गृह मंत्री अमित शाह आज इंदौर में भाजपा कार्यकर्ताओं के संभागीय सम्मेलन में शामिल होने इंदौर पहुंचे थे। शाह ने सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि  कहा कि मिस्टर बंटाधार और करप्शन नाथ कोई नया उद्योग तो नहीं ला पाए। सिर्फ ट्रांसफर इंडस्ट्री शुरू कर पाए। उन्होंने कहा कि अब डबल इंजन सरकार मध्यप्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाएगी। शाह ने कहा कि पूरे देश मे सबसे अच्छा संगठन मध्य प्रदेश में है। यहां हर गांव, हर बूथ में कमल देखने को मिलता है। आज 2023 के चुनाव की शुरुआत हो गई है। अब हर संभाग में ऐसे सम्मेलन होंगे। शाह ने कहा मैं आज में कार्यकर्ताओं का आह्वान करने आया हूं। आज चुनाव की शुरुआत हो रही है। प्रदेश में पहला सम्मेलन मालवा में हुआ है। सभी जगह ऐसे ही सम्मेलन होंगे। आपका उत्साह 23 और 24 के परिणाम बता रहा है कि भाजपा की सरकार बनेगी। पिछली बार 29 में एक सीट कम रह गई थी, इस बार पूरी आएगी।
धारा 370 को बच्चे की तरह पाल रखा था कांग्रेस ने
शाह ने कहा कि 9 साल मोदी जी ने शासन किया और देश को आगे बढ़ाया। विकास कार्य इतने हुए कि सुनाऊ तो 7 दिन की भागवत हो जाए। आज विदेश में मोदी जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी दुनिया में भारत का झंडा बुलंद करने का काम किया है।  उन्होंने कहा कि धारा 370 को कांग्रेस ने बच्चे की तरह सालों तक पाल रखा था। प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 खत्म कर कश्मीर को भारत से जोड़ने का काम किया है। कांग्रेस और यूपीए के सभी दल धारा 370 हटाने का विरोध करते थे। यूपीए सरकार के जमाने में कोई भी आकर गोली चलाकर चला जाता था। मोदी की सरकार आई तो पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकियों की धज्जियां उड़ाने का काम हमारी सेना ने किया। तब उनको पता चला कि ये मोनी बाबा की सरकार नहीं है।
गरीबों के लिए कुछ नहीं किया कांग्रेस ने
शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में डेढ़ साल चली कमलनाथ सरकार ने शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा गरीब कल्याण के लिए शुरू की गईं 51 से ज्यादा योजनाएं बंद कर दीं ताकि बड़े-बड़े ठेके देकर ठेकेदारों से कमीशन लिया जा सके। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 70 साल के शासन में गरीबों 

विकास के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और हिम्मत चाहिएः कमलनाथ

पूर्व मुख्यमंत्री ने आदिवासी पंचायत को संबोधित करते हुए कहा

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आज मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी चुनौती नौजवान है। मध्यप्रदेश का विकास कमलनाथ नहीं, बल्कि प्रदेश के नौजवान करेंगें। उन्होंने कहा कि राजनीति में लंबी-चौड़ी बातें करना तो आसान है, मगर राजनीतिक इच्छाशक्ति से वंचित जिले को आगे बढ़ाने साहस चाहिए, हिम्मत चाहिए। आज प्रदेश के हर जिले को इसकी आवश्यकता हे। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज इंदौर में आयोजित आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। पूर्व मुख्यंत्री कहा कि मुझे गर्व है कि मुझे इतनी वर्षों तक ना केवल आदिवासी भाइयों की सेवा करने का मौका मिला बल्कि सबसे ज्यादा आदिवासी आबादी वाले छिंदवाड़ा में आदिवासी भाइयों के साथ कार्य करने का मौका मिला। मैं हवा हवाई बातें नहीं करूंगा। उन्होंने छिंदवाड़ा जिले के तीर्थ स्थल अचलकोट और पातालकोट के अपने अनुभव सुनाएं और किस तरह उन्होंने उन स्थानों का विकास कार्य किया, इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में लंबी चौड़ी बातें करना बहुत आसान है, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति से एक वंचित जिले को आगे बढ़ाने के लिए साहस चाहिए और वहीं हिम्मत और साहस हमें मध्य प्रदेश के हर जिले में आज आवश्यकता है। कमलनाथ ने कहा कि मैं यहां बैठे हुए अपने हर युवा से यह प्रार्थना करूंगा कि आप एक बार छिंदवाड़ा अवश्य जाएं और देख कर आइए की कमलनाथ हवा में बातें नहीं कर रहे हैं वे सच्चाई बयां कर रहे हैं। आज आप सब ने मुझे मांग पत्र सौंपा है परंतु छिंदवाड़ा में से किसी ने मेडिकल कॉलेज नहीं मांगा था हॉर्टिकल्चर कॉलेज नहीं मांगा था यह मेरे लिए मेरे राजनीतिक जीवन के लिए एक स्वप्न था जो मैंने छिंदवाड़ा के लिए देखा था और मध्यप्रदेश के लिए देखा था।

जो मालिक हैं, उन्हें बताया जा रहा है आपका पट्टा अवैध है

कमलनाथ ने कहा कि आज आदिवासियों को अपने जल जंगल जमीन के अधिकारियों के लिए तरसना पड़ रहा है। उन आदिवासियों को जो मालिक है इस जमीन के उन्हीं को पाठ पढ़ाया जा रहा है, आप का पट्टा अवैध है,आपका अतिक्रमण है। मैं तो कहता हूं अतिक्रमण इन लोगों का है क्योंकि आप इस जमीन के मालिक हैं। आपको यह एहसास कराना है कि आप जमीन के मालिक हैं तभी आप अपने अधिकारों को सुनिश्चित कर पाएंगे।

अगर, मगर नहीं हर हाल में बनेगी कांग्रेस की सरकार

इंदौर में आयोजित महिला कांग्रेस के एक कार्यक्रम में कमलनाथ  ने कहा कि यह सही है कि मध्यप्रदेश में महिला उद्यमियों के लिए कोई योजना नही है, लेकिन हमारी सरकार आती है तो हम ये वादा करते हैं कि पूरे देश मे महिला उद्यमियों को लेकर मध्यप्रदेश सबसे बेहतर राज्य होगा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह ने कमलनाथ से पूछा कि क्या अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो किस तरीके से महिलाओं को बढ़ावा दिया जाएगा? इस पर कमलनाथ ने कहा कि मैं आपके सवाल को दुरुस्त कर करना चाहता हूं, अगर मगर नहीं प्रदेश में हर हाल में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी।

मणिपुर की घटना ने किया देश को बदनाम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को 18 साल बाद लाडली बहन की याद आई है, कहते हैं महिलाओं को नंगे पैर नहीं रहने देंगे, चप्पल देंगे छाते देंगे, यह सब क्या है? उन्होंने  कहा कि मुझे घबराहट है कि मणिपुर कहां-कहां फैल सकता है, यह चिंता का विषय है! इस घटना ने देश को बदनाम किया है। इंटरनेशनल प्रेस ने इसे ज्यादा कवर किया है। हम अगर सोच रखें की ‘लाडली बहना’ कह देने से लाडली बन जाएगी या बहन बन जाएगी तो वह ना तो लाडली बनेगी और ना बहन हीबन पाएगी।


मध्यप्रदेश में सभी रूठों को नहीं साध पाई भाजपा


चुनाव समितियों में कई दिग्गजों के कट गए नाम

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का प्रयास यह था कि चुनाव के पहले नाराज नेताओं की नाराजगी को दूर कर दिया जाए। मगर भाजपा ने चुनाव के लिए घोषित की समितियों में कई नेताओं से एक बार फिर दूरी बना ली। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा , विक्रम वर्मा जैसे दिग्गजों के नाम भी शामिल है। इसके अलावा लोकसभा की अध्यक्ष रही  सुमित्रा महाजन ताई से भी भाजपा ने दूरी सी बना ली है। 

मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपने नेताओं की नाराजगी के चलते ज्यादा मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए केन्द्रीय मंत्री अमित शाह जिनके हाथों में मध्यप्रदेश में भाजपा की चुनावी कमान है, उन्होंने साफ कहा था कि नाराज नेताओं की नाराजगी को अनदेखा नहीं किया जाए। उसके बाद यह लग रहा था कि संगठन प्रदेश में चुनाव के लिए बनाई जाने वाली समितियों में नाराज नेताओं को शामिल करके बहुत कुछ हद तक रूठों को मना लेगा। मगर ष्शनिवार की रात को जब समितियों की घोषणा हुई तो कई नेताओं के नाम सूची में नजर नहीं आए। हालांकि कुछ नाराज नेताओं को समितियों में शामिल किया गया, मगर उनकी संख्या न के बराबर है। अब माना जा रहा है कि भाजपा के लिए ये नेता एक बार फिर परेशानी बढ़ा सकते हैं। 

इन नेताओं से बनाई दूरी

भाजपा ने चुनाव के लिए जो समितियां बनाई है उनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रही सुमित्रा महाजन ताई, इंदौर के ही वरिष्ठ नेता सत्यनारायण संतन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण जटिया, वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री कुसुम महदेले, वरिष्ठ नेता विक्रम वर्मा, कृश्ण मुरानी मोघे, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक, पूर्व मंत्री चंद्रभान सिंह आदि है। इन नेताओं की संगठन ने एक बार फिर किनारे कर दिया है। इन नेताओं के अलावा भाजपा ने कई पूर्व विधायकां से भी समितियों में स्थान देने से दूरी बनाई है। इसके चलते इन पूर्व विधायकों की नाराजगी फिर सामने आ सकती है। कहा तो यह जा रहा था कि भाजपा समितियों में नाराज नेताओं को ष्शामिल कर उनकी नाराजगी को दूर कर चुनाव के पहले कार्यकर्ताओं को संगठित करने का काम करेगी। केन्द्र से आए मंत्रियों ने भी बार-बार इसी बात के संकेत दिए थे, मगर जब समितियों का गठन हुआ तो यह सब नजर नहीं आया। 

सिंधिया समर्थकों की भी संख्या कम

चुनाव के लिए बनाई गई समितियों में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों की संख्या भी कम ही नजर आ रही है। सिंधिया समर्थक दो मंत्रियों को तो चुनाव प्रबंधन समिति में स्थान मिला है, मगर उनके अन्य समर्थक नेताओं से पार्टी ने दूरी सी बनाई है। इसके चलते अब पार्टी में सिंधिया के साथ आए कई नेता अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सिंधिया समर्थकों को लेकर पहले से ही यह माना जा रहा था कि चुनाव को लेकर इन पर भाजपा संगठन पूरी तरह से भरोसा नहीं कर पाएगा। सूचियों के जारी होने के बाद यह बात सामने भी आई है। इसके पीछे कारण यह भी बताया जा रहा है कि सिंधिया समर्थकों को लेकर प्रदेश के हर अंचल में खासकर ग्वालियर-चंबल अंचल में भाजपा के कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेताओं में खासी नाराजगी को देखते हुए संगठन ने यह कदम उठाया है। 


शनिवार, 29 जुलाई 2023

किसी के बहकावे में न आएं, मैहर जिला बनकर रहेगा

विधायक ने कहा राजनीति कर श्रेय लेने की मची है होड़

भोपाल। मैहर को जिला बनाने की मांग को लेकर भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने मैहर के निवासियों से अपील की है ि क वे किसी के बहकावें में न आएं। मैंने मैहर को जिला बनाने के लिए अपने राजनीतिक कैरियर को दांव पर लगा दिया है। यह जिला बनकर रहेगा। आप किसी के बहकावें में न आएं, लोग राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ में लगे हुए हैं। 

मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने मैहर के लोगों से अपील की है कि मैहर को जिला बनाना जनता का मुद्दा है। हमने इसके लिए लगातार प्रयास किए और सफल भी रहे हैं। मैंने राजनीतिक बलिदान देकर पूर्व की सरकार के समय कैबिनेट में प्रस्ताव पास करवाया था। मैहर जिला बन चुका था, अब इसे मात्र मूर्तरूप देने और श्रेय लेने की होड़ मची है। लोग राजनीतिक फायदा उठाने के लिए क्षेत्र में कई तरह की बातें कह रहे हैं। आप उनके बहकावें में न आएं। किसका कितना योगदान है, मैहर को जिला बनाने में यह बात आप लोग भी जानते हैं। हमने मैहर को जिला बनाने के लिए सच्चाई से प्रयास किया, उसके लिए मैंने अपना राजनीतिक बलिदान भी दिया, तो मैहर जिला भी बनेगा और समय आने पर विंध्य प्रदेश भी बनेगा। यह सब किसी की कृपा से नहीं, बल्कि संघर्शों और बलिदान के कारण होगा। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी के रानजीतिक श्रेय लेने की होड़ के चलते बहकावें में न आएं, मैं कहता हूं मैहर जिला बनकर रहेगा।  


देश की संस्कृति का प्रतीक है सिंधी समाज : कमलनाथ


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि सिंधी समाज देश को जोड़ने का काम करता है। सिंधी समाज अपने हर भाई की मदद करता है। इस समाज का कोई भी व्यक्ति मजदूरी करते हुए नहीं मिलेगा। सिंधी समाज देश की संस्कृति का प्रतीक है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने यह बात आज राजधानी में सिंधी समाज द्वारा आयोजित प्रांतीय अधिवेशन में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति जोड़ने की संस्कृति है। ठीक इसी तरह सिंधी समाज भी जोड़ने का काम करता है। इतनी अनेकता होने के बाद भी एक झंडे के नीचे खड़ा है यह समाज। आज देश के हर हिस्से में अशांति का माहौल है। पंजाब में खालिस्तान के नारे लग रहे हैं, तमिल में नारे लग रहे हैं। मणिपुर में हिंसा फैली हुई है। यह सब घटनाएं एक साल के अंदर घटित हुई हैं। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की जो भी मांगे हैं, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर पूरी की जाएंगी। अगर मांगे पूरी न हो तो कांग्रेस का साथ देने वालों के कपड़े फाड़िए। उन्होंने सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि प्रदेश के नौजवानों में काम की तड़प है, लेकिन उनके पास रोजगार नहीं है।  18 साल बाद सरकार को बहनों और पुलिस की याद आ रही है। 

सिंधी समाज ने भाजपा का साथ दिया, भाजपा ने क्या किया

कमलनाथ ने कहा कि सिंधी समाज ने हर समय भाजपा का साथ दिया, मगर भाजपा ने समाज को धोखा दिया। भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृश्ण आड़वानी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि मुझे उनके बारे में आपको बताने की जरूरत नहीं है, आप सभी जानते हैं। भाजपा ने उनके साथ भी धोखा किया। 

एक माह के अंदर जारी होगा वचनपत्र

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने आज बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव का वचन पत्र एक माह के अंदर जारी कर देगी। सभी समाजों के लोग मुझे अपने सम्मेलनों में बुला रहे हैं तो मैं जा रहा हूं। उनकी बातें और मांगों को सुन रहा हूं। उन्होंने प्रदेश में लगातार हो रहे अमित शाह के दौरे को लेकर कहा कि ये भाजपा का अपना मामला है, वो देखे उसे कब किस को भेजना है। उन्होंने कहा कि हमारे भी कई नेता आ रहे हैं। चुनाव का वक्त है सभी दलों के बड़े नेता आएंगे, आना-जाना चलता रहता है।


मध्यप्रदेश में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को मिलेगा पांचवा वेतनमान

जिनके पास सरकारी वाहन नहीं, उन्हें मिलेगा 15 लीटर पेट्रोल

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिसकर्मियों-अधिकारियों को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को पांचवां वेतनमान देने, आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक तक के पुलिसकर्मियों को जिनके पास सरकारी वाहन नहीं हैं, उन्हें 15 लीटर पेट्रोल हर माह देने की घोषणा की। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के साप्ताहिक अवकाश रोटेशन व्यवस्था के तहत देने की बात कही है। 

मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं बीती रात पुलिस परिवार समागम को संबोधित करते हुए की है। उन्होंने कहा कि शांति स्थापना के लिए पुलिस के जवान जरूरत पर सर्वोच्च बलिदान देते हैं। पुलिस के प्रति मेरा मन आदर और श्रद्धा से भरा रहता है। कभी अपने टास्क से पीछे नहीं हटी। बेटियों को पुलिस भर्ती में आरक्षण दिया गया है। बेटियाँ अपने कर्तव्य का निर्वहन अच्छे ढंग से कर रही हैं। पुलिस के सभी मित्रों का हृदय से अभिनंदन करता हूँ। आज हमारे लिए आनंद के पल हैं। भांजे-भांजियों के चेहरे आनंद और प्रसन्नता से भरे रहें। वे अपना और देश-प्रदेश का बेहतर भविष्य बनाएं। पुलिस परिवार सहित पूरा प्रदेश भी एक परिवार है।

मर्यादा में बंधे होने के कारण नहीं बताते समस्याएं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अनुशासन के दायरे में रहने और मर्यादा में बंधे रहने के कारण पुलिसकर्मी अपनी समस्याओं से अवगत नहीं करवाते, न ही कोई मांग-पत्र आदि देते हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री  की शहडोल यात्रा के समय उन्होंने मैदानी पुलिस बल के सदस्यों से चर्चा में उनकी समस्याएं पूछीं तो वे मौन रहे, लेकिन फील्ड में पुलिसकर्मियों की समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में पुलिस जवानों की सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

बच्चों को बनाया अतिथि

मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के दो बच्चों को भी मंच पर बिठाया और उन्हें प्यार-दुलार किया। मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के कक्षा पांचवी में पढ़ने वाले दो बच्चों अव्यान शुक्ला और युवान ठाकुर को मंच पर अतिथियों की तरह साथ बिठाया। दोनों बच्चे काफी देर मुख्यमंत्री श्चौहान से बातें करते रहे।

मुख्यमंत्री ने  की घोषणाएं 

सभी पुलिस थानों में पदस्थ आरक्षक से उप निरीक्षक स्तर तक के ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों को जिनके पास शासकीय वाहन नहीं है, उन्हें 15 लीटर पेट्रोल भत्ता प्रतिमाह दिया जाएगा। पुलिसकर्मियों का पौष्टिक आहार भत्ता एक हजार रूपए प्रतिमाह किया जाएगा। आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक का वर्दी भत्ता प्रतिवर्ष 5 हजार रूपए किया जाएगा। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को वेतनमान का पंचम स्तर दिया जाएगा। भोजन भत्ता की दर 100 रूपए प्रतिदिन की जाएगी। 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी पुलिसकर्मियों का निःशुल्क मेडिकल चेकअप किया जाएगा। सभी पुलिसकर्मियों के लिए रोटेशन से साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिसकर्मियों के लिए 25 हजार नये आवास बनाए जाएंगे। 


कमलनाथ को भाजपा विधायक ने लिखी चिट्ठी

ज्ञानवापी और मथुरा में भगवान श्री कृष्ण मंदिर पर अवैध अतिक्रमण हटाने का लें संकल्प


मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक पारा भी तेज होता जा रहा है। कांग्रेस इस बार फिर सॉफ्ट हिन्दुत्व के चेहरे को लेकर आगे बढ़ती नजर आ रही है। इसे लेकर भाजपा के निशाने पर कांग्रेस नेता भी आते जा रहे हैं। इसके चलते आज भाजपा के विधायक रमेश मेंदोला ने एक पत्र पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को लिखा है। इस पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि अगर भगवान के सच्चे भक्त हो तो अभिषेक के पहले य़ूपी के काशी में ज्ञानवापी और मथुरा में भगवान श्री कृष्ण मंदिर पर अवैध अतिक्रमण हटवाने के लिए हिंदू समाज के संकल्प का समर्थन करे।

मध्यप्रदेश में भाजपा इस बार विधानसभा चुनाव में हिन्दुत्व को लेकर कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। वहीं कांग्रेस नेता भी हिन्दुत्व की राह पर चलते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस साफट हिन्दुत्व की राह पर है। कांग्रेस नेता भी अवसर मिलते ही भक्ति-पूजा कर यह अहसास दिलाते हैं कि वे कोई हिन्दुत्व से दूर नहीं है। कई अवसरों पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ   नेता पूजा-पाठ करते हुए सावर्जनिक तस्वीरों के साथ ष्सोशल मीडिया में छाए रहे हैं, जिसे लेकर भाजपा उन्हें घेरती नजर आ रही है। भाजपा भी अवसर मिलता है और कांग्रेस को हिन्दुत्व को लेकर घेरने से नहीं चूकती है। अब हाल ही में भाजपा के इंदौर क्रमांक दो विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रमेश मेंदोला ने रविवार को इंदौर में एक धार्मिक कार्यक्रम में पहुंच रहे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को एक पत्र लिखा है। यह पत्र काफी चर्चा में आया है। मेंदोला ने कांग्रेस के नेताओं को रुद्राभिषेक कार्यक्रम में शामिल होने पर उनकी कथित भक्ति और ढोंग पर निशाना साधा है।

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने आ रहे पीसीसी चीफ कमलनाथ की भक्ति भाजपा विधायक ने निशाना साधा है। विधायक रमेश मेंदोला ने मामले को लेकर कमलनाथ को लिखे पत्र में कहा है कि कमलनाथ जी मैं बहुत विनम्रतापूर्वक आपको बताना चाहता हूं कि भगवान शिव भोले मन के है वो छल कपट सहन नहीं करते इसीलिए उनका एक नाम भोलेनाथ है।महोदय इसलिए आपसे आग्रह है कि आप अभिषेक के पहले काशी में ज्ञानवापी परिसर और मथुरा में भगवान कृष्ण की जन्मभूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कर हिंदू समाज को सौंपने के सनातन संकल्प को समर्थन देने की घोषणा करे और इसके बाद ही अभिषेक करें। मेंदोला ने लिखा कि भक्ति का ढोंग किया तो उग्र बनकर गांधी की कांग्रेस के विसर्जन की अंतिम इच्छा पूर्ण कर देंगे भगवान भोलेनाथ। गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला द्वारा रुद्राभिषेक कराया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कल रविवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शामिल होंगे।

हिन्दुत्व कार्ड पर जोर दे रहे दल

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों द्वारा हिन्दुत्व कार्ड खेला जा रहा है। भाजपा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, उज्जैन में महाकाल लोक, औंकारेश्वर में शंकराचार्य की मूर्ति की स्थापना के अलावा मंदिरों के जिर्णोद्धार को लेकर जनता के बीच पहुंच रही है। इन्हें मुद्दा बनाते हुए वह लगातार कार्यक्रम भी आयोजित कर रही हैं। वहीं दूसरी और कांग्रेस भी इस मामले में पीछे नहीं है। अवसर मिलते ही कांग्रेस भी हिन्दुत्व का राग अलापने से दूरी नहीं बना पा रही है। कांग्रेस नेता भी भाजपा को करारा जवाब देते हुए कमलनाथ को हनुमानभक्त बताने से पीछे नहीं हटते हैं। ये नेता छिंदवाड़ा में कमलनाथ द्वारा बनवाए गए बनवाई गई 108 फीट की उंची हनुमान जी की मूर्ति  का उल्लेख करते हुए उनकी छवि हनुमान भक्त के रूप में गढ़ रहे हैं। इसके अलावा अब कमलनाथ छिंदवाड़ा में बागेश्वर महाराज की कथा का आयोजन करा रहे हैं। यह कथा 5 अगस्त से 7 अगस्त तक चलेगी। इसकी भी भव्य तैयारियां कमलनाथ ने की है। वहीं कांग्रेस ने मंदिर, पुजारी प्रकोश्ठ का भी गठन किया है। इस प्रकोश्ठ के जरिए वह जनता के बीच पहुंच रही है। इसके अलावा धार्मिक और उत्सव प्रकोश्ठ भी गठित किया है, जो सावन माह में रूद्राभिशेक और सुंदरकांड के पाठ कराने की तैयारी कर चुका है। सावन के हर सोमवार को इस प्रकोश्ठ के जरिए शिव मंदिरों में रूद्राभिशेक किए जाने वाले हैं। 


संघ से निकटता बढ़ाते ज्योतिरादित्य सिंधिया

कांग्रेस से भाजपा में गए सिंधिया ने एक बार फिर संघ पदाधिकारियों से मेल मुलाकात को बढ़ाया है। हाल ही में भोपाल यात्रा के दौरान उन्होंने संघ कार्यालय पहुंचकर दीपक बिस्पुते से मुलाकात की, इसके बाद अब ग्वालियर में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर पराड़कर से मुलाकात की। सिंधिया चुनावी साल में संघ पदाधिकारियों से बढ़ते मेल-मुलाकात के राजनीति मायने भी निकाले जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों भाजपा और संघ पूरी तरह से मैदानी जमावट में जुटे हैं। इस बीच केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की भोपाल और ग्वालियर यात्राएं भी बढ़ी है। भोपाल में लगातार हो रही भाजपा की बैठकों में वे ष्शामिल हो रहे हैं, तो ग्वालियर में अपने गढ़ में वे अपना वजूद पहले ही भांति बरकरार रखना चाहता है। सिंधिया को अपने अंचल ग्वालियर-चंबल में इस बार कांग्रेस से करारी टक्कर मिलने की उम्मीद भी है। इसे लेकर वे हर कदम सोच-समझकर उठा रहे हैं। सिंधिया इस बार चुनाव में अपने समर्थकों को अधिक से अधिक टिकट दिलाना चाहते हैं, मगर उनका विरोध भी भाजपा के ही नेता कर रहे हैं। इस वजह से वे शांत रहकर इसका रास्ता निकालने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए भाजपा संगठन और संघ का सहारा लेने से भी वे हिचक नहीं रहे। सिंधिया को यह मालूम है कि भाजपा में अगर कोई फैसला कराना है तो उसके पहले संघ को विश्वास में लेना होगा। भाजपा नेताओं द्वारा लगातार सिंधिया समर्थकों के होते विरोध को दबाने के लिए अब ष्शायद सिंधिया ने संघ से मेल-जोल बढ़ाकर समर्थकों के विरोध को रोकने का प्रयास भी ष्शुरू किया है। इसके चलते अभी हाल ही में जब केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्शाह भोपाल आए थे, तब सिंधिया भी इस बैठक में ष्शामिल होने भोपाल पहुंचे थे। इस दौरान सिंधिया ने संघ कार्यालय पहुंचकर  संघ के मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को लेकर उन्होंने मीडिया में कुछ नहीं कहा। बल्कि सामान्य मुलाकात बताते रहे। इसके बाद अब हाल ही में जब वे ग्वालियर पहुंचे तो फिर संघ के श्रीधर पराड़कर से मुलाकात की और करीब 15 मिनट बंद कमरे में बातचीत की। यह मुलाकात काफी चर्चा का विशय बन रही है। माना जा रहा है कि सिंधिया संघ का साथ लेकर अपने गढ़ ग्वालियर-चंबल में एक बार फिर वहीं मजबूती दिखाना चाह रहे हैं, जो कभी कांग्रेस में रहकर वे दिखाते रहे हैं।  

पहले भी मिलते रहे हैं संघ पदाधिकारियों से 

ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह मालूम है कि भाजपा में आने के बाद इतनी आसानी से उनके समर्थकों को वह स्थान नहीं मिलेगा, जो वे चाहते हैं। इसके लिए संघ से उनकी निकटता भाजपा में आने के बाद से ही बनी रही है। जब सिंधिया भाजपा में शामिल हुए थे तो उसके बाद वह नागपुर स्थित संघ के मुख्यालय पहुंचे थे। जबकि वह संघ प्रमुख से भी मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में संघ से करीबी उन्हें भाजपा में अपनी जड़े और मजबूत करने में आसानी देगी। इसके बाद से वे जब भी मौका मिलता है, संघ पदाधिकारियों से मुलाकात करते रहते हैं और यह संदेश भी देते रहे हैं कि संघ से उनकी निकटता बढ़ती जा रही है। 

34 सीटों का देख रहे फायदा

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा में उनके प्रतिद्वंदियों को भी यह दिखाने की मंशा रखते हैं कि उनका अब भी इस अंचल में उतना ही प्रभाव है, जितना की कांग्रेस में रहते हुए हुआ करता था। सिंधिया की संघ नेताओं से मुलाकात को लेकर यह भी माना जा रहा है कि मालवा के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल में संघ का खासा प्रभाव रहा है। हर सीट पर संघ की सक्रियता नजर आती है। िंसधिया इसी का फायदा उठाते हुए इस अंचल की 34 सीटों पर अपना प्रभाव और बढ़ाना चाहते हैं। इसके अलावा सिंधिया चुनाव में  ज्यादा से ज्यादा अपने समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते हैं। ऐसे में अगर संघ का फीडबेक उनके लिए पक्ष में रहा तो यह उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि संघ के कार्यकर्ता हर विधानसभा सीट पर हैं। 


शुक्रवार, 28 जुलाई 2023

गैंगरेप की शिकार हुई नाबालिग, मुख्यमंत्री ने कहा कठोर की जाए कारवाई

भोपाल। सतना जिले के मैहर के निकट एक गांव में एक बच्ची गैंगरेप की शिकार हो गई। घटना के बाद बच्ची की हालत गंभीर है। घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अपराधियों को छोड़ना नहीं, कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि बच्ची के उपचार की व्यवस्था कराई जाए। 

सतना जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना मैहर के निकट स्थित एक गांव में नाबालिग लड़की को पहाड़ी पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है। दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद दरिंदों ने नाबालिग के नाजुक अंग में लकड़ी डाल दी। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब खून से लथपथ होकर नाबालिग आज सुबह अपने घर पहुंची। जहां पर उसके परिजन उसे लेकर सीधे थाने पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में मैहर की शारदा देवी मंदिर समिति के दो कर्मचारियों को गिरफतार किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा अपराधी बचना नहीं चाहिए

घटना को लेकर  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया।  उन्होंने लिखा कि मैहर में बेटी से दुष्कर्म की जानकारी मिली।  मन पीड़ा से भरा है। व्यथित है। मैंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि कोई भी अपराधी बचना नहीं चाहिए। पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।  प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बच्ची के इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए। 

बहन-बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही सरकार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा मैहर में छोटी बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना अत्यंत निंदनीय है। बच्ची के साथ निर्भया कांड की तरह अमानवीय व्यवहार किये जाने की बात भी सामने आ रही है। प्रदेश में आए दिन बच्चियों के साथ अत्याचार की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि शिवराज सरकार बहन-बेटियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि बेटी को अच्छे से अच्छा उपचार उपलब्ध कराया जाए और उसे तत्काल एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। 

राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट

गैंगरेप की घटना को  राष्ट्रीय महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना से 7 दिन के अंदर घटना की पूरी जानकारी मांगी है। 7 दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और इन्वेस्टिगेशन को लेकर पुलिस महानिदेशक को राष्ट्रीय महिला आयोग को रिपोर्ट देना होगा।

आरोपी कर्मचारियों को हटाया मंदिर प्रबंध समिति ने

बच्ची से गैंगरेप की घटना के बाद मां शारदा देवी मंदिर प्रबंथ समिति प्रबंधन समिति द्वारा रखे गए कर्मचारियों की सेवाएं प्रशासक मां शारदा देवी मंदिर प्रबंधन समिति एवं एसडीएम मैहर सुरेश जादव ने समाप्त कर दी है। समिति से हटाए गए कर्मचारियों में प्रबंधन समिति द्वारा रखे गए कर्मचारी रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया हैं। जिन्हें मां शारदा देवी मंदिर प्रबंथ समिति के प्रशासक एसडीएम ने आदेश जारी कर हटा दिया है और कहा कि इनके कृत्य से मंदिर समिति की छवि धूमिल हुई है।


मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग में तीस फीसदी पदों पर होगी महिलाओं की भर्ती

मुख्यमंत्री ने 250 महिला पुलिस कर्मियों की स्कूटर रैली को फ्लैग ऑफ किया


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आधी आबादी के बिना न देश आगे बढ़ता है और न ही प्रदेश। इसलिए मैंने तय किया है कि पुलिस विभाग में महिला भर्ती में 30 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा कि आज पुलिस विभाग में कार्य करने वालीं बेटियां पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपना उत्तरदायित्व निभाकर स्वयं को सिद्ध कर रही हैं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के थानों में काम कर रही उर्जा महिला हेल्प डेस्क की महिला पुलिस कर्मियों को दोपहिया वाहन प्रदान करने के लिए मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने 250 महिला पुलिस कर्मियों की स्कूटर रैली को फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री  ने कहा है कि आधी आबादी के साथ न्याय के बिना न देश आगे बढ़ सकता है न समाज। बहन बेटियों की झिझक टूटे, उनका आत्मविश्वास और सम्मान बड़े इसी उद्देश्य से पुलिस बल में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ लाड़ली लक्ष्मी, कन्या विवाह जैसी योजनाएं और कार्यक्रम आरंभ किए गए। जब तक हम बहन-बेटी को समाज में बराबरी पर लाकर नहीं खड़ा कर देते, तब तक हम चैन की सांस नहीं लेंगे। इसमें महिला सुरक्षा सबसे अहम है। अपराधियों में भय पैदा करने महिला हेल्प डेस्क को वाहन उपलब्ध कराकर गतिशील बनाने और महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करने के लिए आरंभ किया गया “अभिमन्यु अभियान“, महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

बेटा-बेटी में भेद की विकृत सोच बदलना जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटा-बेटी में भेद और घरेलू हिंसा की विकृत सोच को बदलने की जरूरत है। पुलिस में 30 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती से पीड़ित महिलाओं को थानों में अपनी व्यथा बयान करने और उस पर कार्रवाई कराने में मदद मिली है। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम क्रूर नहीं हैं, किंतु प्रायः यह देखा गया है कि बुरी प्रवृत्ति के लोग कड़ी कार्यवाही के बिना मानते नहीं है, अपराधियों में भय पैदा करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान जैसे महिला सुरक्षा के लिए संचालित किए जाने वाले अभियानों को निरंतर चलाने की आवश्यकता है। अभिमन्यु अभियान महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने और बच्चों व युवाओं में संस्कार विकसित करने में सहायक होगा।

संकल्प को धरातल पर उतारना कहलाता है सिद्धि

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि संकल्प को धरातल पर उतारना सिद्धि कहलाता है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण का जो संकल्प लिया है उसे लगातार वे धरातल पर उतारते जा रहे हैं। जब वे मुख्यमंत्री नहीं थे तब से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये कार्य कर रहे हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर लाड़ली बहना तक महिलाओं के आत्मबल को बढ़ाने के लिये जो कार्यक्रम किये जा सकते हैं, वे सभी उन्होंने किये है। प्रदेश में महिलाओं को नौकरियों में आरक्षण के साथ पंचायती राज संस्थाओं में सहभागिता भी सुनिश्चित की है। बेटियों के मान सम्मान के साथ प्रदेश के वातावरण को उनके लिये सुरक्षित बनाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं।


मध्यप्रदेश के स्कूल में हिजाब के बाद गायत्री मंत्र

विवाद बढ़ा तो हटा दिया प्राचार्य को 

भोपाल। शांति के लिए माने जाने वाले मध्यप्रदेश में चुनावी साल में सांम्प्रदायिक वैमस्यता फैलाने के नजारे नजर आने लगे हैं। कुछ माह पहले मध्यप्रदेश के दमोह में एक स्कूल में छात्राओं को हिजाब पहनाने का मामला सामने आया था, इसके बाद अब प्रदेश के एक सरकार स्कूल में गायत्री मंत्र बोलने पर रोक लगाने का मामला सामने आया। हालांकि मामले के सामने आने के बाद सरकार ने प्राचार्य को हटा दिया है। प्राचार्य का कहना है कि स्कूलों में धार्मिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकती, इसके लिए उन्होंने रोक लगाई थी। 

मध्यप्रदेश में पिछले कुछ माहों से लगातार ऐसी घटनाएं घट रही है, जिसके उम्मीद प्रदेश के नागरिकों ने नहीं की थी। कुछ समय पहले ही दमोह के गंगा जमुनी स्कूल में छात्राओं को हिजाब पहनाने का मामला सामने आया था। इस मामले के तूल पकड़ने पर सरकार ने स्कूल की मान्यता रद्द कर दी और बुल्डोजर तक चलाने की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। यह मामला पूरे देश में चर्चा का विशय भी बना था और राश्टीय मानव अधिकार आयोग ने भी इसे लेकर सक्रियता दिखाई थी। आयोग ने सरकार से स्कूल पर  पर कार्रवाई करने की बात भी कही थी। इस मामले के शांत होने के बाद अब मध्यप्रदेश के एक सरकारी स्कूल में प्रार्थना के बाद गायत्री मंत्र बोलने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर सियासत भी गर्मा गई है। हालांकि दमोह का यह स्कूल एक निजी स्कूल था। मगर अब जो मामला सामने आया है वह एक सरकारी स्कूल है। 

दरअसल मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान गायत्री मंत्र बोलने पर रोक लगा दी गई। इतना ही नहीं रोक लगाते हुए प्राचार्य ने बच्चों को फटकार भी लगाई।  जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि  ये कोई मिशनरी स्कूल का मामला नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश में हिंदुत्व का झंडा उठा रहे मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान का ड्रीम प्रोजेक्ट सीएम राइज स्कूल का मामला है।  अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हिन्दु संगठन सक्रिय हो गए हैं। 

यह था मामला

ब्यावरा के सीएम राइज स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान रोज की तरह बच्चे गायत्री मंत्र पढ़ने लगे. इस बीच वहां मौजूद शिक्षिका माजिदा सिद्दीकी ने प्रिंसिपल के पास जाकर उनके कान में कुछ कहा था, इसके तुरंत बाद ही प्रचार्य दुष्यंत राणा ने बच्चों को डांट लगा दी. अब सवाल ये उठ रहा है कि सॉफ्ट हिंदुत्व वाली शिवराज सरकार की नाक के नीचे दमोह में हिजाब के बाद अब सीएम राइज स्कूल में गायत्री मंत्र पर ऐतराज क्यों जताया जा रहा है?

प्रिंसिपल ने रखा था अपना पक्ष

प्रिंसिपल दु्ष्यंत राणा का कहना हैं कि कल तक गायत्री मंत्र बोला जाता था, लेकिन एक दिन पहले बैठक में सभी शिक्षकों के साथ यह फैसला लिया था कि अब प्रार्थना के बाद गायत्री मंत्र नहीं बोला जाएगा।  ऐसा ऊपर से निर्देश आया है। ये सीएम राइज स्कूल है, यहां धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध है। सरकारी स्कूल में किसी विशेष धर्म को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता. इसके लिए हमने बैठक ली है, जिसमें फैसला लिया गया है कि केवल राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत ही बोला जाएगा। 

हटा दिया प्रिंसिपल को 

घटना को लेकर जब हिन्दू संगठन सक्रिय हुए तो मामला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचा। बाद में सीएम राइज स्कूल के प्रिंसिपल को हटा दिया गया। सीएम राइज स्कूल ब्यावरा में 192 बच्चे अध्ययनरत हैं। जिनमें दो मुस्लिम बच्चे भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि जबसे स्कूल खोला गया है तब से ही यहां प्रार्थना के अंत में गायत्री मंत्र बोला जाता है।

शिक्षका पर नमाज पढ़ाने का आरोप

गायत्री मंत्र पढ़ने से रोकने का मामला सामने आने के बाद जब मीडिया की टीम स्कूल के बच्चों से बात करने पहुंची, तो उस दौरान कुछ बच्चों ने स्कूल में पदस्थ शिक्षिका माजिदा सिद्दीकी पर स्कूल की कक्षाओं में नमाज पढ़ाने का आरोप भी लगाया था।

संघ के गढ़ में अमित शाह बढ़ा रहे सक्रियता

इंदौर दौरे पर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को करेंगे सक्रिय

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की कमान पूरी तरह से केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह  के हाथ में है। जुलाई माह में प्रदेश की राजधानी भोपाल के दो दौरे करने के बाद अब अमित शाह  30 जुलाई को इंदौर पहुंचेंगे। इंदौर में वे वैसे तो बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में ष्शामिल हांगे, मगर उनका यह दौरान मालवा-निमाड़ की 66 विधानसभा सीटों को लेकर तय किया गया है। इस अंचल में भाजपा की कमजोर स्थिति को किस तरह से मजबूत किया जाए, इस पर वे बूथ कार्यकर्ताओं को टिप्स देंगे। 

मध्यप्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के लिए मालवा-निमाड़ अंचल अहम माना जा रहा है। इस अंचल में पिछले 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की स्थिति कमजोर रही थी। वैसे यह गढ़ संघ का गढ़ माना जाता है, मगर पिछले कुछ सालों से यहां पर संघ की पकड़ कमजोर होती नजर आई है, इसके चलते भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव में यहां पर नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार संघ ने अपने सर्वे में एक बार फिर इस अंचल को कमजोर माना था, इसके बाद से संघ के पदाधिकारियों की सक्रियता भी यहां बढ़ी है। इसके अलावा संघ यहां पर चुनावी तैयारियों को लेकर मैदान में उतर चुका है। संघ के दिए टिप्स के बाद अब केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस अंचल की चिंता हुई है। शाह ने इसके चलते 30 जुलाई को अपना कार्यक्रम भोपाल प्रवास के दौरान ही तय कर दिया था। अब भाजपा शाह के दौरे को लेकर सक्रिय हो गई है। गौरतलब है कि हर बार की तरह इस बार भी मध्य प्रदेश की सत्ता का फैसला मालवा-निमाड़ से ही होना है। यही कारण है कि इस अंचल की 66 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की नजर है। दोनों पार्टियां यहां चुनावी बाजी को अपने पक्ष में करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। भाजपा ने शाह के जरिए एक तरह से इस अंचल में चुनावी शंखनाद करने की तैयारी की है। 

ब्राह्मण वर्ग को साधने की करेंगे कवायद

अमित शाह 29 जुलाई की रात भोपाल में रुकने के बाद अगले दिन सुबह इंदौर जिले में स्थित भगवान परशुराम जन्मस्थली जानापाव पहुंचकर उन्हें नमन करेंगे। जानापाव से अमित शाह ब्राह्मण वर्ग को साधने की कोशिश करेंगे। हाल ही में मध्यप्रदेश में हुए ब्राह्मण वर्ग, पुजारियों के सम्मेलनों में उठे मुद्दों और सरकार से कुछ मामलों में असंतोष को देखते हुए अमित शाह जानापाव जाकर ब्राह्मण वर्ग को साधने की कोशिश करेंगे।

चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ करेंगे बैठक

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जानापाव से लौटने के बाद इंदौर संभाग के मंत्री, विधायक, सांसद, प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों सहित चुनिंदा सौ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में अमित शाह इंदौर संभाग की मौजूदा परिस्थितियों और राजनैतिक हालातों को लेकर चर्चा करेंगे। इस बैठक की फीडबैक रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट पूरे मालवा-निमाड़ अंचल पर केन्द्रीय होगी। इस रिपोर्ट में कमजोर और मजबूत सीटों की जानकारी होगी। इसके बाद शाह इस अंचल की 66 सीटों के लिए चुनावी रणनीति तय करेंगे। 

बूथ कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित

अमित शाह  जानापाव से लौटन के बाद  इंदौर के कनकेश्वरी गरबा मैदान में आयोजित विधानसभा सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में वे बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे साथ ही उनमें आगामी चुनाव को जोश भरेंगे। कार्यकर्ताआें को वे टिप्स देंगे कि किस तरह की रणनीति के तहत चुनाव मैदान में उतरना है। शाह के दौरे को लेकर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सक्रियता बढ़ा दी है। दोनों ही ने इंदौर में तैयारियां का जायजा लिया है और ष्शाह के कार्यक्रम को सफल बनाने की कवायद तेज कर दी है। 


गुरुवार, 27 जुलाई 2023

चिंरोजी बेचकर आत्मनिर्भर बन रहा जनजातीय समाज


भोपाल। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कटनी जिले के बड़गांव में आयोजित रोड शो के दौरान वनोपज चिरौंजी बेचकर आत्मनिर्भर बन रहे निपनिया और केवलारी गाँव के जनजाति समाज से भेंट की। मुख्यमंत्री ने जनजातियों द्वारा किए जा रहे चिरौंजी की बिक्री के कार्य के व्यावसायिक रूप से और अधिक सक्षम और सुदृढ़ बनाने के लिए दो लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की। जनजातीय समाज ने मुख्यमंत्री को चिरौंजी का पैकेट उपहार स्वरूप प्रदान किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनजातीय समाज को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में उठाए गए प्रयासों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। मुख्यमंत्री से रोड शो के दौरान मिले निपनिया और केवलारी के जनजातीय समाज ने बताया कि कृषि विभाग की आत्मा परियोजना की मदद से रानी दुर्गावती बहुउद्देशीय सहकारी समिति का गठन कर चिरौंजी प्रसंस्करण की इकाई स्थापित करने के बाद उन्हें चिरौंजी की अच्छी कीमत मिलना शुरू हुई। मुख्यमंत्री यह सुनकर बेहद खुश हुए। उन्होंने समिति के सदस्य महेश सिंह और मदन उरेती से बात कर अचार की गुठलियों से चिरौंजी निकालने तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली।

खुद कर रहे चिरौंजी की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग

जनजातीय बंधुओं ने मुख्यमंत्री को चर्चा के दौरान बताया कि प्रसंस्करण यूनिट लगने के पहले तक व्यापारी और साहूकार उनसे मात्र 100 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से चिरौंजी खरीदते थे और खुद चिरौंजी को खुले बाजार में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। लेकिन अब वे खुद चिरौंजी की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करते हैं और सौ ग्राम चिरौंजी 180 रूपए में बेचते हैं। मुख्यमंत्री ने जनजातीय वर्ग के आर्थिक उत्थान के लिये प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा की।

बदल रहे हालात

कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निपानिया और केवलारी ग्राम के करीब 400 जनजातीय परिवार आस-पास के वन में लगे अचार वृक्ष से चिरौंजी की गुठलियों को तोड़कर वर्षों औने-पौने दामों में व्यापारियों को बेचते रहे हैं। व्यापारी भी उनके भोलेपन का फायदा उठाकर उन्हें बहला-फुसलाकर, इनसे महंगी चिरौंजी को मात्र सौ रुपए प्रति किलो ग्राम की सस्ती कीमत में खरीदकर खुद खुले बाजार में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं, जनजातियों ने प्रशासन की मदद से समिति बनाकर खुद की प्रसंस्करण इकाई लगाई और अब खुद चिरौंजी की पैकेजिंग और बिक्री कर आमदनी अर्जित कर रहे हैं।


कमलनाथ के गढ़ में भाजपा की हाईटेक सेंधमारी


भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के निशाने पर कांग्रेस के दिग्गज नेता आ गए है। भाजपा ने एक बार फिर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को निशाना बनाया है। भाजपा ने लंबे समय से तैयारियां कर अब कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में हाईटेक सेंधमारी की है। इसके तहत भाजपा ने छिंदवाड़ा में एक हाईटेक कार्यालय शुरू किया है। यह कार्यालय सीधे तौर पर दिल्ली स्थित भाजपा के आईटी सेल और भाजपा के बड़े नेताओं से संपर्क में रहेगा। 
मध्यप्रदेश में इस बार होने वाला विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक हो सकता है। भाजपा ने इसके लिए लंबे समय से तैयारियां की है। वैसे तो पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान ही भाजपा ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के गढ़ों को घेरने की कवायद की थी और बहुत कुछ वह सफल भी रही थी। प्रदेश के वरिश्ठ कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया के गढ़ों को भेद कर भाजपा ने लोकसभा चुनाव में सीटें हासिल कर ली थी। उस वक्त कांग्रेस में रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में भी भाजपा ने सेंधमारी कर उन्हें हरा दिया थ। इसके बाद सिंधिया ने पाला बदला और कांग्रेस छोड़ भाजपा में चले गए। इस सेंधमारी में भाजपा कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा को भेदने से चूक गई थी। यहां पर कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ को सांसद का चुनाव जीता ले गए थे। इसके बाद से ही भाजपा छिंदवाड़ा को लेकर गंभीर है। इस बार भाजपा ने विधानसभा चुनाव के पहले छिंदवाड़ा पर पूरा ध्यान केन्द्रित रखा है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्शाह खुद वहां का दौरा कर आए हैं। इसके अलावा भाजपा ने केन्द्रीय मंत्रियों को भी छिंदवाड़ा संसदीय सीट की जिम्मेदारी दी है। अब भाजपा ने यहां पर हाईटेक कार्यालय शुरू कर दिया है। 
भाजपा ने यहां पर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क हो सके, इसके लिए कॉल सेंटर खोला है। कॉल सेंटर में सभी उपकरण कम्प्यूटर सहित अन्य संशाधन दिल्ली से भेजे गए हैं। इस कॉलसेंटर में करीब 35 कम्प्यूटर लगाए गए है। साथ ही 70 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ये सभी कर्मचारी दिल्ली से ही भेजे गए हैं। भाजपा ने इस हाईटेक कॉल सेंटर की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को दी है। इसी कंपनी ने कर्मचारियों को नियुक्ति किया है। इतना ही नहीं इस कॉलसेंटर की सबसे खास बात ये है कि इसमें स्पेशल ट्रेंड यानि प्रशिक्षित कंप्यूटर ऑपरेटर ही काम करेंगे। इस कॉलसेंटर के माध्यम से जिले के 33 मंडलों के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। जहां माइक्रो लेवल पर डाटा बेस तैयार किया जाएगा।
बूथ स्तर तक भेजी जाएगी जानकारी
भाजपा कार्यालय में स्थापित कॉल सेंटर भाजपा दिल्ली से आने वाले कार्यक्रमों की जानकारी मंडल, शक्ति केंद्र व बूथ स्तर तक पहुंचाएगा। केंद्र व राज्य की योजनाओं को लेकर भी कार्य करेगा। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिहाज से की जा रही तैयारियों के तहत गतिविधियों से दिल्ली और भोपाल भाजपा को अवगत कराएगा। 
40 साल से बना हुआ है कमलनाथ का गढ़
छिंदवाड़ा कमलनाथ का गढ़ है। यहां पर बीते 40 सालों से कमलनाथ का कब्जा माना जाता है, लेकिन अब यहां पर कमलनाथ को घेरने की तैयारी में बीजेपी है। यही कारण है कि बीजेपी का यहां बड़ा फोकस है। 29 लोकसभा सीटों में से छिंदवाड़ा ऐसी सीट है जहां अभी भी कांग्रेस का कब्जा है। आपको बता दें छिंदवाड़ा एक ऐसा क्षेत्र हैं जहां की सभी 7 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। इसे महाकौशल का सबसे बड़ा राजनीतिक केंद्र माना जाता है। इतना ही नहीं यहां पर 40 साल से कांग्रेस का कब्जा है।


मध्यप्रदेश में नए चेहरों पर दांव खेल सकती है भाजपा

भोपाल। मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा के चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चिंता इस बार प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को लेकर है। वर्तमान विधायकों के विरोध और कांग्रेस के आए नेताओं की दावेदारी के चलते अपने नेताओं की नाराजगी भाजपा के लिए संकट खड़ा कर रही है। भाजपा इससे निपटने के लिए नई तैयारी के साथ मैदान में उतरना चाह रही है। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने जिस तरह से टिकट वितरण का नए चेहरों पर दांव खेला था, ठीक उसी तर्ज पर भाजपा इस बार भी प्रत्याशी चयन को लेकर फैसले ले सकते है। 

मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव में भाजपा जीत के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की रणनीति बना चुकी है। चुनावी की कमान पूरी तरह से केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह
 ने अपने पास रही है। जबकि चुनाव का प्रभार भी उन्होंने अपने विश्वसीय केन्द्रीय मंत्रियों को सौंपा है। भाजपा में मध्यप्रदेश के चुनाव की कमान को पूरी तरह से दिल्ली के नेता ही संभाले हुए हैं और उन्हीं की रणनीति पर ही भाजपा इस बार चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी भी कर रही है। इसके चलते केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। इसी माह जुलाई में वे दो दौरे राजधानी भोपाल के कर चुके हैं। दोनों ही बार उन्होंने प्रदेश की कोर कमेटी के नेताओं के साथ बैठक की है। इस बैठक में उनका पूरा फोकस चुनाव में जीत को लेकर है। वे हर कमजोरी को चुनाव के पहले दूर करने की कवायद कर रहे हैं। 

रूठों को मनाने की रणनीति 

भाजपा में इस बार सबसे ज्यादा चिंता अपने नाराज नेताओ की है। हर अंचल में भाजपा के लिए नाराज चल रहे नेता परेशानी खड़ी कर रहे हैं। नाराज इन नेताओं को लेकर अमित ष्शाह सहित दिल्ली के पदाधिकारी भी चिंतित है। खुद अमित ष्शाह भी यह मान चुके हैं कि अगर इन नेताओं को नहीं मनाया तो कार्यकर्ता एकजुट नहीं होंगे। इस कार्य में सफलता मिल गई तो एकजुटता के साथ मिलकर जीत हासिल की जा सकती है। यही वजह है कि उन्होंने प्रदेश के सभी बड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी है कि वे सबसे पहले नाराज नेताओं को मनाएं और उन्हें संगठन में सक्रिय करें और चुनाव कार्य में जिम्मेदारी भी सौंपे। 

नए चेहरों पर दांव

भाजपा इस बार चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर जिस तरह दावेदारों की संख्या बढ़ रही है, उसे लेकर िंचतित है। हर केई चुनाव लड़ने को लेकर उत्सुक है और दावेदारी भी कर रहा है। वहीं अधिकांश वर्तमान विधायकों को लेकर भी नाराजगी दिखाई दे रही है। इन सबसे से निपटने के लिए भी ष्शाह ने प्रदेश के वरिश्ठ नेताओं के साथ मंथन किया है। इस मंथन में फिलहाल कोई फैसला तो नहीं लिया, मगर संदेश यह दिया जा रहा है कि पार्टी इस बार सबसे पहले तो परिवारवाद से दूरी बनाएगा। याने नेता पुत्रों की दावेदारी को भाजपा खारिज कर सकती है। वहीं सर्वे को आधार रखते हुए जीतने वाले को टिकट दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो पार्टी ने तय किया है ि कइस बार अधिक से अधिक नए चेहरों पर दाव खेला जाए। साथ ही कुछ वर्तमान सांसदों को भी चुनाव मैदान में उतारा जाए। इसके चलते पार्टी 2024 में लोकसभा चुनाव में कमजोर स्थिति वाले सांसदों के टिकट काटने में परेशानी का सामना न करना पड़ा। पार्टी एक तरह से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नए चेहरों पर दांव लगाना चाह रही है। नेताओं का मानना है कि इसके चलते कांग्रेस से भाजपा में आए सिंधिया समर्थकों को लेकर संगठन में बढ़ी नाराजगी को भी दूर किया जा सकता है साथ ही कार्यकर्ता फिर से एकजुट होकर मैदान में उतर सकता है। 


मध्यप्रदेश में चुनावी जमावट में जुटे अमित शाह

पार्टी की जमीनी रिपोर्ट ली, कार्यकर्ता की सक्रियता के बारे में भी पूछा

भोपाल। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश में सक्रियता बढ़ा दी है। शाह  ने प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर पार्टी के कामकाज की जमीनी रिपोर्ट ली, वहीं उन्होंने कार्यकर्ताओं की सक्रियता के बारे में भी जाना। नाराज नेताओं को मनाने के लिए रणनीति भी तय की और पार्टी के विजय संकल्प अभियान के साथ प्रदेश में फिर से सरकार बनाने के लिए सितंबर माह में चुनावी ष्शंखनाद करने की रणनीति तय की। 

मध्यप्रदेश में भाजपा ने अब जमीनी कसावट के साथ संगठन को सक्रिय रखने के लिए बैठकों का दौर तेज हो चला है। इसके चलते केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव की कमान अपने हाथों में रखी है। वे बीते पंद्रह दिनों में दूसरी बार भोपाल आए और देर रात तक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उन्होंने बैठकें की। रात भी राजधानी भोपाल में रूके और चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा करते रहे। शाह की बैठक में तय किया गया कि भाजपा प्रदेश में चुनावी शंखनाद विजय संकल्प अभियान के साथ करेगी। इसके तहत प्रदेश के चार अलग-अलग अंचलों मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल, महाकौशल और विंध्य में विजय संकल्प यात्राएं अलग-अलग नेताओं के नेतृत्व में निकाली जाएंगी। ये यात्राएं सितंबर माह में उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और चित्रकूट से निकालने की बात कही जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि उज्जैन से निकलने वाली यात्रा का ष्शुभारंभ स्वयं गृह मंत्री अमित शाह 
 कर सकते हैं, जबकि इस यात्रा का नेतृत्व कैलाश विजयवर्गीय को सौंपा जा सकता है।

समितियों के गठन को लेकर भी की चर्चा

बैठक में एक दर्जन से अधिक समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति, जिला चुनाव प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं को जवाबदारी सौंपने पर चर्चा हुई। यह पहला मौका है जब शाह के साथ संतोष भी बैठक में शामिल हुए। चुनाव प्रबंधन समिति सदस्यों के नामों पर भी फैसला किया गया है। शाह ने नेताओं की बैठक के पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, संगठन महामंत्री संतोष, और शिवप्रकाश के साथ अलग से चर्चा की। इसके अगले चरण में सभी सदस्यों के साथ विचार विमर्श किया गया। इस बीच उन्होंने 2-2 नेताओं से अलग- अलग भी चर्चा की। बैठक में चुनावी रोडमैप को लेकर शाह ने अहम दिशा निर्देश दिए।  साथ ही पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी बात हुई। पिछली बैठक के दौरान दिए गए टास्क और बड़े नेताओं के दौरों और कार्यक्रम के को लेकर भी चर्चा हुई है। आगामी महीनों के कार्यक्रम तय कर ताकत झोंकने की पार्टी की तैयारी है।

30 को इंदौर का दौरा करेंगे शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 30 जुलाई को इंदौर के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। वहीं शाह के दौरे के लेकर तैयरियां तेज हो गईं है। इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा कार्यालय में बैठक की है। भाजपा के नेता इस कार्यक्रम की तैयारियों में जुट गए हैं। ष्शाह का एक माह में यह तीसरा मध्यप्रदेश का दौरा होगा। 


बुधवार, 26 जुलाई 2023

संतों का सम्मान कर समरसता यात्रा का किया शुभारंभ

संतों ने मुख्यमंत्री को रविदास की जन्मभूमि की मिट्टी की भेंट

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सिंगरौली जिले के बैढ़न में संत  रविदास समरसता यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर यात्रा में शामिल होने वाले संतों को सम्मानित किया गया। संतों ने मुख्यमंत्री शिवराज को संत रविदास की जन्म-भूमि की मिट्टी एवं गंगाजल भेंट किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि संत रविदास भारतीय संत परंपरा के शिरोमणि थे जिन्होंने सामाजिक सद्भाव, समरसता और समानता का मंत्र दिया। उन्होंने जात-पात, छुआछूत और कुप्रथाओं का कड़ा विरोध किया। वे परोपकारी, दयालु और मृदुभाषी थे। वे चर्म शिल्पी थे और जो कमाते थे दीन-दुखियों में बाँट देते थे, इस कारण पिता ने उन्हें घर से निकाल दिया था, परंतु उनका जन्म भक्ति और परोपकार के लिए था। वे समरसता के अग्रदूत थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों की रक्षा की। मैंने संत रविदास की जयंती पर 8 फरवरी को सागर में घोषणा की थी कि वहाँ 102 करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास जी का भव्य मंदिर और स्मारक बनाया जाएगा, जो समाज को शांति, सद्भाव और समरसता का संदेश देगा। समाज में संत रविदास के संदेश और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रदेश भर में समरसता यात्राएँ निकाली जा रही हैं, जो 12 अगस्त को सागर पहुँचेंगी।
315 नदियों का जल ले जाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित रथ प्रदेश के 46 जिलों और 53 हजार गाँवों से होकर निकलेंगे, जिनमें हर गाँव की मिट्टी और 315 नदियों का जल शिलान्यास स्थल पर ले जाया जाएगा। रथ में स्वामी रविदास की पादुका, चित्र और कलश होंगे, जिनका जगह-जगह पूजन किया जाएगा। रथ पर सामाजिक समरसता के संदेश उल्लेखित है।
प्रधानमंत्री करेंगे स्मारक का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सागर में संत रविदास के स्मारक का शिलान्यास करेंगे। यह भव्य स्मारक नागर शैली में बनाया जाएगा जिसमें संत रविदास के दोहे और शिक्षाएँ उकेरी जाएंगी। स्मारक में चार गैलरी होंगी। प्रथम गैलरी में संत रविदास का जीवन, दूसरी में इंटरप्रिटेशन सेंटर, तीसरी में उनका दर्शन और रविदासिया पंथ की शिक्षाएं और चौथी गैलरी में उनका काव्य और साहित्य लाइब्रेरी और संगत हॉल होगा। स्मारक के पास ही जलकुंड, भक्त-निवास और भोजन-शाला बनाई जाएगी।
पांच रूपए में मिलेगा भरपेट भोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास के मंत्र पर चल रहे हैं। गरीबों को निःशुल्क राशन वितरण का कार्य सरकार कर रही है। हमने भी तय किया है कि मध्य प्रदेश की धरती पर जो बड़े शहरों में मजदूरी करने गरीब भाई-बहन आते हैं ऐसे गरीबों को 5 रुपए में भरपेट भोजन कराने का कार्य किया जाएगा।

नेता पुत्रों फिर मंडराया टिकट का संकट

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने नेता पुत्रों नहीं, जीतने वाले को मिलेगा टिकट 

भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा में एक बार फिर परिवारवाद को लेकर सियासत गर्माती नजर आ रही है। इसे लेकर आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने साफ कर दिया कि भाजपा में नेता पुत्रों को नहीं, बल्कि जीतने वाले को टिकट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवारवाद की गारंटी कांग्रेस में मिलती है, भाजपा में नहीं। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा में प्रत्याशी चयन का एक तरीका है, उसी के अनुरूप टिकट वितरण होता है। कांग्रेस और भाजपा में यही अंतर है। उन्होंने साफ संकेत दिए कि भाजपा में परिवारवाद के तहत नेता पुत्रों को टिकट नहीं दिया जाएगा, बल्कि जीतने वाले दावेदार को टिकट दिया जाएगा। भाजपा में अगर कोई यह सोच कर चल रहा है तो उसे समझना चाहिए कि पार्टी में परिवारवाद के आधार पर टिकट नहीं मिलेगा। कांग्रेस में यह सब चलता है, भाजपा में नहीं चलता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में होती है परिवारवाद की गारंटी, भाजपा में इस तरह की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय दोनों परिवारवाद की गारंटी हैं। मध्यप्रदेश का बंटाधार करने वाले दिग्विजय सिंह और वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बनाने वाले कमलनाथ का इतिहास मध्यप्रदेश की जनता अच्छे से जानती है।

उन्होंने कहा कि 15 महीने की सरकार में कमलनाथ ने मध्य प्रदेश की आम जनता के साथ धोखा छल किया।  आज कमलनाथ कृषि न्याय योजना की बात कर रहे हैं। मैं गंभीरता के साथ पूछना चाहता हूँ, जो वादे अपने 2018 से पहले किए थे वो कौन से पूरे हुए। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोनों ही चलती फिरती झूठ की मशीन है। 

सिफारिश नहीं चलेगी

मध्यप्रदेश में चुनाव की कमान सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के पास है। उन्होंने प्रदेश में अपनी टीम को सक्रिय भी कर दिया है। शाह की टीम की ओर से चुनावी दावेदारों को साफ संकेत दिए गए हैं कि सिफारिश से कोई टिकट नहीं मिलेगा। सभी विधानसभा सीटों पर क्षेत्रीय नेताओं के परफार्मेंस के आधार पर टिकट का वितरण होगा और इसके लिए पार्टी प्रदेश में पूर्व मंत्रियों और विधायकों के अलावा नए चेहरों के कामों पर भी रिपोर्ट तैयार करा रही है।

असंतुष्टों का मनाना पहला काम

चुनावी कमान संभालने के बाद मध्यप्रदेश में असंतुष्टों और नाराज नेताओं को समझाईश देकर पार्टी लाइन में वापस लाना शाह ने अपनी पहली चुनौती तय की है। इसलिए इसकी रणनीति  के साथ इस पर एक्शन भी शुरू हो चुका है। शाह पार्टी की शीर्ष बैठक में यह संदेश भी दे चुके हैं कि जब स्थानीय नेता एकजुट होकर लड़ेंगे तो ही जीतेंगे और जीतेंगे तभी पद और सम्मान पाएंगे। यह संदेश नाराज नेताओं के बीच पहुंचना है कि आपस में लड़ने की बजाए जीत के लिए लड़ें। वरिष्ठ नेताओं को जमीन पर उतरकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने पर लगाया जाएगा। संगठन का काम चुनाव जीतना होता है। कोई भी नेता खुद को बड़ा न माने और कार्यकर्ता से डिस्कनेक्ट न हो, यह ध्यान रखना होगा।


पांच हार्स पावर तक के पंपों के लिए बिजली मुफ्त


कांग्रेस की बड़ी घोषणा, किसानों ब्याज सहित पूरा कर्ज और बकाया बिजली बिल होगा माफ

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस ने आज फिर बड़ी घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि सरकार बनने पर प्रदेश में किसानों के पांच हार्स पावर तक के पंप के लिए बिजली मुफत में मिलेगी। किसानों का ब्याज सहित पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। इसके साथ बकाया बिजली बिल भी माफ किया जाएगा। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए किसानों को लेकर आधा दर्जन घोशणाएं की है। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब हमने सरकार बनाई थी तब घोशणा के अनुरूप् हमने प्रदेश के 27 लाख किसानों का कर्जा माफ किया था। भाजपा कह रही है कि ब्याज माफ किया है। किसानों को इससे राहत नहीं मिलेगी। वह तो कर्जदार बना रहेगा। मध्य प्रदेश का किसान खाद-बीज के लिए भटक रहा है। जब वह आवाज उठाता है तो उसे जेल भेज दिया जाता है। मुकदमा होता है। हमने तय किया है कि हम कृषि न्याय योजना लाएंगे। इसका उद्देश्य किसान की इनपुट लागत कम करने का होगा। किसानों का कर्ज माफ होगा। जो हमने पहले घोषणा की थी, उसे भाजपा ने बंद कर दिया। जैसे ही हमारी सरकार बनेगी, हम आगे भी किसानों का कर्जा माफ करेंगे। पांच हॉर्स पॉवर के सिंचाई पंप (स्थायी और अस्थायी) के लिए निशुल्क बिजली दी जाएगी। इस योजना से प्रदेश के 37 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा। किसानों के जो पुराने बिजली बिल हैं, वह राशि माफ होगी। किसानों को 12 घंटे पर्याप्त निर्बाध बिजली मुहैया कराएंगे। किसानों पर आंदोलन के या अन्य मामलों में जो भी आपराधिक केस बने हैं, हम उन्हें वापस लेंगे। खेती की लागत को कम किया जा सके, यह हमारा उद्देश्य है। 

कमलनाथ ने की पांच  घोषणाएं

. पांच हॉर्स पावर का बिल माफ

. बिजली का बकाया माफ

. किसानों का क़र्ज़ा माफ

 आंदोलनों के मुक़दमे होंगे माफ

 12 घंटे निरंतर मिलेगी बिजली 

सरकार ने जो कर्ज लिया उसकी कराएं जांच

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कहा कि भाजपा सरकार ने अब तक तीन लाख तीस हज़ार करोड़ का कर्ज लिया है। मेरा प्रश्न साफ़ है जो इतना क़र्ज़ लिया है, उसका हमें हिसाब चाहिए। बहुत सारे शिलान्यास इसलिए हो रहे है। बस ठेके दे दिए जाए। भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। मेरी बात और शिवराज की बात में अंतर है। ये इन्वेस्टर समिट करते है, कोई इन्वेस्टमेंट नहीं आया। मैंने ऐसा कुछ नहीं किया सम्मेलन। मैंने जो किया उसमें बड़े से बड़े उद्योगपति आए थे। कमलनाथ ने कहा कि जितना कर्जा लिया सरकार ने खर्चे के लिए उसकी जांच की जाएगी। ये मध्यप्रदेश के व्यक्ति पर कर्जा है। 

नर्मदा सेना बनाने का किया वादा

कमलनाथ ने नर्मदा सेना बनाने का वादा किया है। उनका कहना है कि, जहां जहां से नर्मदा गुजरती है उन 28 जगहों पर हस्ताक्षर कराए जाएंगे। उन्होंने शिवराज सिंह पर भी निशाना साधाते हुए कहा कि सरकार इस अवैध खनन को रोकने में नाकाम रही है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर वो इस सेना का हिस्सा बनाना चाहते है तो उनका स्वागत है. उनका कहना है कि ये सेना पूर्ण रूप से ग़ैर राजनीतिक है तो कोई भी इसमें शामिल हो सकता है।


मध्यप्रदेश में कोई परिवर्तन तो कोई निकालेगा समानता यात्रा


मध्यप्रदेश में चुनावी साल में भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने हिसाब से कार्यक्रम तय कर रहे हैं। दोनों ही दल मदताता को आकर्षित करने में जुटे हैं। वहीं राज्य में एक पूर्व सांसद और पूर्व विधायक भी इस मामले में पीछे नहीं हट रहे हैं। इन्होंने भी अब अपने-अपने हिसाब से यात्रा निकालने की बात कह दी है। भाजपा के पूर्व विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र जबलपुर परिश्च में परिवर्तन यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे है। तो कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू इन दिनों प्रदेश में निकल रही संत रविदास समरसता यात्रा के जबाब में समानता यात्रा निकालने की तैयारी रहे हैं। कांग्रेस संगठन की ओर से अभी इस यात्रा को लेकर हरी झंडी नहीं दिखाई गई है। मगर पूर्व सांसद की अपनी तैयारी पूरी है। 

मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की ओर से निकाली जा रहे यात्राएं और मनाए जा रहे विकास पर्व के अलावा अब अपने-अपने क्षेत्रों में टिकट के दावेदार भी सक्रियता बढ़ा रहे है। कोई धार्मिक तो कोई सामजिक यात्रा निकालने की तैयारी कर रहा है तो किसी ने परिवर्तन यात्रा निकालने की  तैयारी कर ली है। वैसे प्रदेश में इन दिनों सरकार विकास पर्व मना रही है। वहीं सरकार की ओर से ही राज्य में संत रविदास समरसता यात्रा निकाली जा रही है। सरकार के ये कार्यक्रम अगस्त में समाप्त हो जाएंगे। वहीं कांग्रेस ने सरकार के विकास पर्व में आदिवासी सम्मान यात्रा ष्शुरू की है, वह भी जारी है। यह यात्रा आदिवासी बहुल जिलों में निकाली जा रही है। सरकार का फोकस आदिवासी और दलित वर्ग को साधने पर है, तो कांग्रेस की यात्रा भी आदिवासी वर्ग पर केन्द्रित है। वहीं अब संत रविदास यात्रा के जवाब में प्रदेश के पूर्व सांसद और कांग्रेस ने प्रेमचंद गुड्डू भी सक्रिय हुए हैं। उन्होंने प्रदेश में समानता यात्रा निकालने की बात कही है। फिलहाल गुड्डू ने अपने यह यात्रा अपने क्षेत्र से निकालने की बात कही है। उनकी इस यात्रा पर कांग्रेस संगठन की ओर से हरी झंडी नहीं मिली है। गुड्डू वैसे तो सांवेर विधानसभा सीट से अपनी बेटी के लिए कांग्रेस से टिकट की मांग कर रहे हैं। इसी के चलते उन्होंने यह यात्रा निकालने का फैसला किया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से उनकी बेटी को टिकट की हरी झंडी नहीं मिली है। 

मतदाता से पूछेंगे क्या हुई भूल


भाजपा के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू भी मैदान में सक्रिय होते नजर आ रहे है। वे इस बार फिर जबलपुर पश्चिम से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इसके लिए कई बार वे दावेदारी करते हुए नाराजगी भी जता चुके हैं। इस बार उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पश्चिम में परिवर्तन यात्रा निकालने का फैसला किया है। उनकी इस यात्रा पर भी भाजपा संगठन की मोहर नहीं लगी है। यह उनकी अपनी व्यक्तिगत यात्रा है। यात्रा के दौरान वे अपने क्षेत्र के मतदाता से यह पूछेंगे कि उनकी ऐसी कौन सी भूल हुई है, जिसके कारण मतदाता उनसे दूरी बना रहा है। गौरतलब है कि जबलपुर पश्चिम से बब्बू विधायक रहे हैं। वे मंत्री भी बने, मगर पीछे दो चुनाव से यहां पर कांग्रेस प्रत्याशी को जीत हासिल होती रही है। इसके चलते बब्बू को इस बार आशंका है कि संगठन उन्हें हारने वाला प्रत्याशी बताकर टिकट से वंचित कर रहा है। इसके चलते वे अपनी इस यात्रा के जरिए लोगों के बीच पहुंचकर एक तरह से संगठन को यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि उनकी अब भी अपने क्षेत्र में पैठ बरकरार है। 


मंगलवार, 25 जुलाई 2023

मध्यप्रदेश में सपा, बसपा और आप बढ़ा सकती है कांग्रेस की मुश्किलें

सभी ने कहा 230 सीटों पर उतारेंगे प्रत्याशी


भोपाल। मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे छोटे दलों के तेवर भी तीखे नजर आ रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रदेश में सरकार बनाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं, तो सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी इनके लिए मुसीबत भी खड़ी करते नजर आ रहे है। खासकर कांग्रेस के लिए ये दल ज्यादा परेशानी खड़ी करने वाले साबित हो सकते हैं। 

मध्यप्रदेश में अब तक ष्शांत रहकर काम कर रही समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अब तीखे तेवर अपनाने ष्शुरू कर दिए हैं। तीनों ही दलों ने साफ कर दिया है कि मध्यप्रदेश में वे इस बार बिना किसी दल के सहारे अपने दम पर सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। सपा ने प्रदेश में पिछला चुनाव गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन करके लड़ा था, मगर यह गठबंधन प्रभावशाली नजर नहीं आया। इस बार सपा अपने दम पर प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर चुकी है। सपा के राश्टीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश सपा का दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य रहा है। वह इस साल के अंत में होने वाले चुनावों की तैयारी कर रही है। अखिलेश ने कहा कि 2003 में, हमने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सात सीटें जीती थीं और इस बार हम उस नतीजे से आगे निकल जाएंगे। अगर हम एकता और समन्वय के साथ चुनाव लड़ते हैं, तो हमें चुनाव में वांछित परिणाम मिलेंगे। गौरतलब है कि सपा ने प्रदेश में 1998 में चार विधानसभा सीटें, 2003 में सात, 2008 और 2018 में एक-एक सीट जीती थीं। इस बार सपा अकेले अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। 

दूसरी और आम आदमी पार्टी ने भी साफ कर दिया है कि पार्टी मध्यप्रदेश की सभी सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। आप का संगठन भी अब प्रदेश में सक्रियता बढ़ा रहा है। आम आदमी पार्टी के मध्यप्रदेश प्रभार बीएस जून ने भी साफ कर दिया है कि प्रदेश में पार्टी किसी दल से गठबंधन नहीं करेगी। सभी 230 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। 

समर्थन नहीं करेंगे, बल्कि हिस्सेदारी भी लेंगे


बसपा प्रमुख मायावती ने आज दिल्ली में मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में बसपा के प्रदेश प्रभारी रामजी गौतम, प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। मायावती ने बैठक में साफ कर दिया कि पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं उन्होंने यह बात भी स्पश्ट कर दी कि इस बार पार्टी किसी दल को सरकार बनाने का समर्थन इसी बात पर देगी कि उसकी हिस्सेदारी सरकार में हो। यानि पार्टी के विधायक केवल सरकार को समर्थन नहीं करेंगे, बल्कि सरकार में हिस्सेदारी भी लेंगे। अगर ऐसा होता है तो बसपा पहली बार मध्य प्रदेश में सत्ता सुख हासिल कर सकती है।

कांग्रेस के लिए मुसीबत बढ़ा रहे तीनों दल

प्रदेश में कांग्रेस जहां एक बार फिर सरकार बनाने की तैयारियां में जुटी है, वहीं तीनां दलों सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी ने उसके लिए मुसीबत बढ़ा दी है। ये तीनों दल कांग्रेस के परिणाम पर खासा असर डालेंगे। पूर्व में भी यह बात सामने आई है कि इन दलों के कारण ही कांग्रेस को ज्यादा नुकसान हुआ है। इन दलों के अलावा आदिवासी वर्ग के मतदाताओं के बीच गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और जयस के प्रभाव के चलते भी कांग्रेस का मत विभाजन होता रहा है। अगर ऐसा हुआ तो इस बार फिर कांग्रेस के लिए बड़ी ये दल बड़ी चुनौती खड़ी कर  सकते हैं। 


सौदेबाजी से बनी सरकार, आजकल कर रही सौदेबाजी

कमलनाथ का भाजपा सरकार पर हमला

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज फिर शिवराज सरकार पर हमला बोला है। उन्हेंने कहा कि सौदेबाजी से बनी सरकार आजकल हर बात में सौदेबाजी कर रही है। 18 साल तक सरकार में रहे तब बहनों की याद नहीं आई, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे थे तब बहनों की बात नहीं की। अब चुनाव के वक्त सब याद आ रहा है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में बनी सौदेबाजी की सरकार आजकल हर बात में सौदेबाजी कर रही है। 18 साल की सरकार में जिन लोगों को बहनों की याद नहीं आई और प्रदेश महिलाओं पर अत्याचार में बदतर स्थिति में पहुंचता गया, वे लोग आजकल बहनों की बात कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने जब स्पष्ट घोषणा कर दी कि कांग्रेस सरकार बनने पर मध्य प्रदेश की महिलाओं को नारी सम्मान योजना के तहत 15 सौ रूपए प्रति माह और 5 सौ रूपए में गैस सिलेंडर दिया जाएगा तब अपना पाप धोने के लिए यह बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिनकी नियत नारी सम्मान की होती है वह 18 साल तक प्रतीक्षा नहीं करते और ना सम्मान करने में मोलभाव करते हैं। शिवराज जी लाड़ली बहनों के लिए योजनाएं नहीं ला रहे, बल्कि अपने पाप धो रहे हैं। महिलाओं को उनका हक, अधिकार और सम्मान कांग्रेस पार्टी दिलाई थी।

गौरतलब है कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल एक-दूसरे पर हमलावर है।  इस दौरान सत्ता व विपक्ष दोनों एक दूसरे पर जमकर आलोचनाएं कर रहे हैं। चुनाव को लेकर एक तरफ भाजपा की शिवराज सरकार इस विधानसभा चुनाव में इतिहास रचकर, अबकी बार दो सौ पार का नारा दिए जाने का दावा कर रही है। तो वहीं, कांग्रेस का यह दावा है कि, अब प्रदेश में शिवराज सरकार नहीं टिकेंगी, कांग्रेस की सरकार बनेगी।

चुनाव अभियान समिति की घोषणा जल्द

कांग्रेस ने भी प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव अभियान समिति गठित करने की तैयारियां चल रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ खुद समिति के पदाधिकारियों के नाम तय करेंगे। हालांकि इस पर अंतिम मोहर दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं द्वारा लगाई जाएगी। बताया जा रहा है कि समिति में वरिष्ठ नेताओं के अलावा पूर्व मंत्रियों को भी स्थान मिल सकता है।


मध्यप्रदेश में भाजपा के नाराज नेताओं को मना रहे तोमर

मलैया से की बात, जल्द ही मिलेगी जिम्मेदारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के लिए सबसे बड़ी चिंता उसके अपने नेताओं की नाराजगी रही है। नाराज नेताओं को मनाने का काम अब खुद चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपने हाथ लिया है। वे खुद नाराज नेताओं से चर्चा कर उनकी नाराजगी दूर करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि नाराज चल रहे नेताओं को चुनाव कार्य से जोड़ा जाएगा और उन्हें जिम्मेदारी देकर सक्रिय किया जाएगा। 

मध्यप्रदेश भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती नाराज नेताओं की थी। इनकी नाराजगी के चलते कई स्थानों पर भाजपा के समीकरण बिगड़ रहे थे। भाजपा संगठन के कई बार प्रयास किए जाने के बाद भी जब ये नेता नहीं माने तो इस बार इन नेताओं को मनाने की जिम्मेदारी भाजपा हाईकमान ने चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर को दी है। पिछले दिनों जब अमित शाह ने भोपल में नेताओं के साथ बैठक की थी, तब भी यही मुददा मुख्य था। शाह ने सभी नेताओं को यह कहा था कि नाराज नेताओं को मनाने के लिए बड़े नेता सक्रियता दिखाएं। इसके बाद अब तोमर को यह जिम्मेदारी मिली है, वे प्रदेश के सभी नेताओं की नाराजगी को दूर करने के काम में खुद जुटे हैं। बताया जा रहा है कि तोमर लगातार नाराज नेताओं को मनाने का काम कर रहे है। 

मलैया को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी 

पूर्व मंत्री जयंत मलैया की नाराजगी को दूर करने के लिए खुद नरेन्द्र सिंह तोमर ने उन्हें फोन कर भोपाल बुलाया। मलैया और तोमर के बीच राजधानी भोपाल में लंबी बातचीत हुई है। बताया जा रहा है कि तोमर ने मलैया की नाराजगी को दूर करते हुए उन्हें चुनावी कार्य में सक्रियता बढ़ाने को कहा है। माना जा रहा है कि मलैया को चुनाव प्रबंधन जैसे काम के लिए सक्रिय किया जा सकता है। गौरतलब है कि दमोह में हुए उपचुनाव के वक्त से मलैया और उनके पुत्र सिद्धार्थ मलैया खुद को उपेक्षित मान रहे थे। उपचुनाव के दौरान सिद्धार्थ पर निलंबन की कार्रवाई भी की थी, जबकि मलैया को नोटिस तक भेजा गया था। इस कार्यवाही के बाद दमोह में एक कार्यक्रम में भाजपा नेता कैलाश विजयर्गीय ने खुद मंच से मलैया से माफी तक मांगी थी। अब तोमर ने मलैया की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया है। 

दूसरे नेताओं से भी किया जाएगा संपर्क

भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेन्द्र सिह तोमर ने मलैया के अलावा कुछ और नेताओं से संपर्क कर बातचीत की है। वे प्रदेशभर के नाराज पुराने नेताओं से इसी तरह की चर्चा करेंगें। माना जा रहा है कि पुराने नेताओं की नाराजगी को दूर करने के बाद इन नेताओं को चुनाव कार्य के अलावा अन्य चुनाव से संबंधित अह्म कार्यों की जिम्मेदारी संगठन सौंप सकता है। 

अमित शाह आएंगे आज

इधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 26 जुलाई को भोपाल पहुंचेंगे। शाह नई दिल्ली से शाम 7.40 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। रात्रि 8 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद रात 11.35 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय से होटल ताज पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे। अमित शाह 27 जुलाई को सुबह 10.30 बजे होटल ताज से भोपाल एयरपोर्ट पहुंचकर नई दिल्ली रवाना होंगे। बताया जा रहा है कि ष्शाह राजधानी आने के बाद भाजपा के वरिश्ठ नेताओं के साथ एक बार फिर बैठक करेंगे। इस बैठक में वे पिछली बार 11 जुलाई को हुई बैठक में लिए फैसलों की जानकारी भी लेंगे। शाह के आने की तैयारियों में जुटे संगठन पदाधिकारी पिछले बैठक के फैसलों अब तक हुए अमल की जानकारी भी जुटा रहे हैं।  


सोमवार, 24 जुलाई 2023

भोपाल में बनेगा महाराणा प्रताप पर केन्द्रित पार्क और रेजांगला युद्ध स्मारक

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जिला खनिज प्रतिष्ठान में उपलब्ध राशि से जनजातीय मजरों-टोलों के विद्युतीकरण के कार्य प्राथमिकता पर कराए जाएं। मूलभूत आवश्यकताओं और जन-उपयोगी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च महत्व दिया जाए। मुख्यमंत्री ने राजधानी भोपाल में भोपाल में महाराणा प्रताप पर केन्द्रित पार्क और रेजांगला युद्ध स्मारक बनाने की स्वीकृति दी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज जिला खनिज प्रतिष्ठान की राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के विभिन्न कार्यों की स्वीकृति दी गई। इनमें भोपाल में महाराणा प्रताप और उनके सहयोगियों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाते हुए पार्क विकसित करने, शहीदों के सम्मान में रेजांगला युद्ध स्मारक के निर्माण और बंजारी में इनडोर और आउटडोर खेल गतिविधियों के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम के उन्नयन और जगदीशपुर भोपाल में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर केन्द्रित मिनी पार्क निर्माण के कार्यों को स्वीकृति दी गई। इंदौर स्थित नेहरू स्टेडियम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने, इंदौर के निकट जानापाव पहाड़ी पर रोप-वे निर्माण, ग्वालियर जिले में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर पर केन्द्रित अंबेडकर धाम स्थापित करने तथा दतिया में माँ पीतांबरा कॉरिडोर का निर्माण और वहाँ जन-सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
नर्मदापुरम को दिया जाएगा स्मार्ट स्वरूप
नर्मदापुरम को धार्मिक, आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्मार्ट स्वरूप देने, रीवा में कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार, सीहोर जिले के ग्राम पिपलानी में कोरकू समुदाय के राजा  भभूत सिंह के नाम पर पार्क विकसित करने की भी स्वीकृति हुई। सिंगरौली जिले के बरगवां में शासकीय महाविद्यालय भवन निर्माण और बैढ़न में पी.जी. कॉलेज भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई। विभिन्न ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन, रैन-बसेरा, छात्रावास निर्माण, पहुँच मार्ग, पुलिया, तालाबों के जीर्णोद्धार तथा अन्य जन-सुविधाओं से संबंधित कार्यों को भी स्वीकृति दी गई।
लघु उद्यमी, सीखो-कमाओ योजना में युवाओं को जोड़ें
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, युवाओं के कौशल उन्नयन और उन्हें आत्म-निर्भर बनाने की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। लघु उद्योगों में युवाओं के लिए सीखने और रोजगार प्राप्त करने के पर्याप्त अवसर विद्यमान हैं। योजना के अंतर्गत व्यवसायी अपनी इकाइयों में युवाओं को जोड़कर काम सिखाने के लिए आगे आएं।