शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2020

शराब और शबाब पर केन्द्रित हो गई सरकार, जैकलीन सरकार का जैक

नरोत्तम मिश्रा 
 भाजपा ने बोला सरकार पर हमला, शराब को बढ़ावा दे रही सरकार

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को महिलाओं के लिए शराब के आउटलेट खोले जाने को लेकर भाजपा ने हमला बोला है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आरोप लगाया है कि शराब और शबाब पर राज्य की सरकार केन्द्रित हो गई है. सरकाल सलमान और जैकलीन के आस-पास घूमती नजर आ रही है, जैसे जैकलीन सरकार का जैक हो. वहीं राज्य के वाणिज्य कल मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने इसे लेकर स्पष्ट किया है कि महिलाओं के लिए शराब के आउटलेट के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
महिलाओं के लिए शराब के आउटलेट खोले जाने को लेकर भाजपा, प्रदेश सरकार पर हमलावर हो गई है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है.  मिश्रा ने कहा कि बीते कुछ माहों से सरकार सिर्फ और सिर्फ शराब और शबाब पर केन्द्रित हो गई है. पहले शराब की प्रमुख दुकानों  के साथ उप दुकान खोलने की बात कर रही थी और उसके बाद अब शापिंग मॉल में महिलाओं के लिए शराब के आउटलेट्स खोलने को लेकर भी विचार कर रही है. पूर्व मंत्री ने कहा कि ये सरकार किसानों के लिए नहीं सोच रही, प्रदेश में महिला अपराध बढ़ रहे हैं, युवा बेरोजगार हो रहा है, लेकिन सरकार उनकी नहीं सुन रही और सिर्फ शराब और शबाब में डूब रही है. उन्होंने कहा कि आइफा अवार्ड को लेकर मिश्रा ने कहा कि सरकार इन दिनों सलमान और जैकलीन के आस-पास ही घूमती नजर आ रही है, जैसे की जैकलीन सरकार का जैक हो. मिश्रा ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के सीएए कानून का विरोध किए जाने के बयान को लेकर कहा कि आरिफ मसूद और कांग्रेस विधायकों को केवल चुनाव के वक्त ही मुसलमानों की याद आती है, इसके अलावा कभी भी उन्हें मुसलमान याद नहीं आते हैं. 
शराब को बढ़ावा दे रही सरकार
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि राज्य की कमलनाथ सरकार शराबखोरी को बढ़ावा दे रही है. भागर्व ने कहा कि पूरा देश महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मना रहा है. गांधीजी के विचारों से प्रेरित होकर कार्यक्रम किए जा रहे हैं, लेकिन कमलनाथ सरकार नकली गांधी से प्रेरित होकर राज्य में शराबखोरी को बढ़ावा देने का फैसला ले रही है. यह वक्त है बदलाव का न होकर भटकाव का है. उन्होंने कहा कि सरकारर बड़े शहरों में वाइन फेस्टिवल आयोजित करने की तैयारी भी कर रही है.
एक मंत्री ने कहा प्रस्ताव विचाराधीन नहीं
प्रदेश के वाणिज्यकर मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने भाजपा द्वारा किए जा रहे हमलों के बाद कहा कि प्रदेश में महिलाओं को शराब के नए आउटलेट खोलने की अनुमति दिए जाने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार के पास कोई नीति अथवा प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. 
सभ्रांत परिवारों के लिए खोल रहे आउटलेट
राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि महिलाओं के लिए कोई शराब के आउटलेट नहीं खोले जा रहे हैं. यह भ्रामक जानकारी है, लेकिन प्रदेश के जो सभ्रांत परिवार हैं, जो महंगी शराब का सेवन करते हैं, उनके लिए महानगरों में आउटलेट खोले जा रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा योजनाओं को लेकर दिए बयान पर शर्मा ने कहा कि पहले तो शिवराज सिंह को पूरे 15 साल का हिसाब देना चाहिए. साथ ही यह भी बताना चाहिए कि उनके कार्यकाल में चलाई जा रही योजनाओं पर केन्द्र ने कितनी कटौती की है. केन्द्र ने प्रदेश की हर योजना के मद में कितना पैसा काटा है.

महापंचायत लगाकर किसानों ने सरकार को याद दिलाए वचन


मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ वचनपत्र में किए वादे पूरा न करने के विरोध में आज किसानों ने राजधानी में महापंचायत लगाई. राजधानी के नीलम पार्क में प्रदेश भर से आए किसानों ने सरकार को वचन पत्र में किसानों से किए वादे याद दिलाए और उन्हें जल्द ही पूरा करने की बात कही.
भारतीय किसान यूनियन के  प्रदेश अध्यक्ष नरेश ने नीलम पार्क में धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों की समस्याओं को लेकर वचनपत्र में बिंदु क्रमांक 1 से 16 तक किसानों से कई वादे किए थे. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अनेक राज्यों में किसानों के हित में सरकारें काम  कर रही है, परंतु मध्यप्रदेश सरकार किसान हितेषी कार्य नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि  गेहूं उपार्जन केंद्रों में पंजीयन के गिरदावरी में त्रुटि के कारण किसान पंजीयन नहीं करा पाए हैं. उन्होंने पंजीयन की तारीख बढ़ाने की मांग भी की. किसान आंदोलन के दौरान किसानों की दर्ज प्रकरण को वापस लेने बिजली का बिल आधा करने व आवारा पशुओं के लिए गौशाला का निर्माण एवं कर्ज माफी की प्रक्रिया चालू करने की मांग का ज्ञापन भी किसानों द्वारा  सरकार को सौंपा गया.  
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता चौधरी राजेश टिकैत ने कहा कि हमारी प्रदेश की कमलनाथ सरकार से मांग है कि वह तेलंगाना की तर्ज पर प्रदेश किसानों को आठ हजार रुपए प्रति एकड़  प्रतिवर्ष सब्सिडी दे. उन्होंने कहा कि सरकार को स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित करना चाहिए और उस प्रस्ताव को केन्द्र को भेजना चाहिए. उन्होंने कहा कि बरगी परियोजना को भी पूरा किया जाना चाहिए साथ ही किसानों के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण किया जाना चाहिए ऐसी व्यवस्था सरकार को करना चाहिए. 

मोबाइल एप से होगा युवा कांग्रेस चुनाव में मतदान


युवाकांग्रेस के चुनाव में इस बार मोबाइल एप के जरिए मतदान कराया जाएगा. इस तकनीक के तहत एक मोबाइल से 5 मतदाता मतदान कर सकेंगे.
यह जानकारी आज युवा कांग्रेस के मध्यप्रदेश के नियुक्त चुनाव आयुक्त सुमित खन्ना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी. उन्होंने बताया कि युवा कांग्रेस द्वारा इस तकनीक का उपयोग पहले राजस्थान और केरल में किया जा चुका है. इसके बाद अब मध्यप्रदेश में इस तकनीक के द्वारा मतदान कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि  इस बार युवा कांग्रेस का सदस्य बनने के लिए 75 रुपए शुल्क भी चुकाना होगा.  खन्ना के मुताबिक चुनाव पारदर्शी तरीके से होंगे.मोबाइल एप से इस बार मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के चुनाव कराए जाएंगे. इसके तहत एक मोबाइल से 5 मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर सकेंगे, जो उम्मीदवार होंगे उनके साथ पूरी जानकारी साझा की जाएगी. उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में युवा कांग्रेस का सदस्यता की प्रक्रिया 27 फरवरी से शुरु हो चुकी है. यह प्रक्रिया 3 मार्च तक चलेगी. इसके बाद 3 से 6 मार्च तक मतदाता सूची की स्क्रूटनी होगी और नामांकन 7 मार्च तक भरे जाएंगे. खन्ना ने बताया कि नामांकन के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह का आवंटन 9 मार्च को किया जाएगा. 16 एवं 17 मार्च को मतदान कराया जाएगा. इसके बाद 22 मार्च को मतगणना होगी और इसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे.

गुरुवार, 27 फ़रवरी 2020

हेलीकाप्टर से राम राजा की नगरी की सैर कर सकेंगे पर्यटक


देश में प्रमुख पर्यटन स्थरल के रूप में राज्य  को प्रमोट करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा एतिहासिक पर्यटन नगरी ओरछा में 6 मार्च से तीन दिवसीय सांस्कृनतिक महोत्सव नमस्ते  ओरछा की होगी शुरूवात.  महोत्सव के दौरान ओरछा आने वाले पर्यटकों को मात्र 3 हजार रुपए में हेलिकाप्टर द्वारा आसमान से पूरी ओरछा नगरी की सैर कराई जाएगी. जिससे महोत्सव के दौरान देश विदेश से आने वाले पर्यटक ऐतिहासिक नगरी ओरछा के पुरातत्वीय स्मारकों को आसमान से देख सकेंगे. इसके अलावा मात्र 13,373 रुपए के शुल्क पर हेलिकाप्टर द्वारा ग्वलियर से ओरछा आने या जाने की सुविधा भी पर्यटकों को दी जारही है.
महोत्सव का उद्घाटन  मुख्यमंत्री  कमलनाथ  6 मार्च को करेंगे. कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम के ओरछा आगमन, रानी कुंवर गनेश की कथा के साथ होगा. इस ऐतिहासिक गाथा को थ्री डी मैपिंग से जहांगीर महल की दीवारों पर दिखाया जाएगा. इसके साथ ही शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियों के बीच यहां विदेशी संगीतज्ञों के साथ बुंदेली गायक सुरताल मिलाते दिखाई देंगे.
उद्घाटन समारोह में साध्य ग्रुप द्वारा नृत्य प्रस्तुति, क्लिंटन केरेजो का म्यूयजिकल बैंड  शो, लोक संगीत कलाकार प्रहलाद टिपन्या द्वारा संगीत प्रस्तुति तथा श्रुति अधिकारी द्वारा संतूर वादन प्रस्तुत किया जाएगा. वहीं 7 मार्च की शाम को कंचना घाट पर बेतवा मां की महाआरती होगी और यहां पर प्रख्यात शास्त्री य संगीत गायिका शुभा मुदगल द्वारा गायन प्रस्तुति दी जाएगी. इसके साथ ही क्लासिकल डांसर अदिति मंगलदास नृत्यम प्रस्तुति देंगी. इसके बाद कल्प वृक्ष के पास आयोजित म्यू्जिक शो में इंडियन ओशियन ग्रुप, मृग्या,  किरकिरे एवं बुंदेली आर्टिस्ट कालूराम के गायन के साथ-साथ अन्य कई कलाकारों प्रस्तुतियां दी जाएगी. कार्यक्रम का समापन बुंदेली व्यंजनों के जायके से होगा.
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा न्योता
मध्यप्रदेश के वाणिज्य मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि ओरछा महोत्सव महोत्सव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी आमंत्रण भेजा गया है. इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित अन्य अतिथि भी मौजूद रहेंगे. नमस्ते ओरछा के लिए प्रदेश सरकार ने करीब 50 करोड़ का बजट दिया है. जिससे कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है

आसाराम बापू के आश्रम की लीज निरस्त, जुर्माना भी लगाया

28 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा भी हटाया जाएगा

शासन द्वारा आवंटित भूमि का उपयोग नियत प्रयोजन से अन्य प्रयोजन में करने और उससे लगी हुई शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने के मामले में अनुविभागीय दंडाधिकारी हुजूर ने आशाराम आश्रम योग वेदांत समिति गांधी नगर को आवंटित भूमि की लीज निरस्त कर दी. इसके अलावा समिति पर 10 हजार रुपए जुर्माने और अतिक्रमण की गई भूमि को मुक्त कराने के आदेश दिए हैं.
 अनुविभागीय अधिकारी हुजूर ने अपने जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया है कि आवेदक  शैलेष प्रधान द्वारा शिकायत की गई थी कि  ग्राम गोंदमऊ तहसील हुजूर स्थित भूमि 4.04 एकड़ भूमि प्राथमिक, माध्यमिक तथा महाविद्यालय स्तर और आश्रम के लिए आशाराम आश्रम योग वेदांत समिति गांधी नगर को लीज पर दी गई थी. आवेदक प्रधान द्वारा शिकायत में बताया गया कि उक्त भूमि पर कब्जा कर लीज पर दी गई जमीन के अलावा 28 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा कर समिति द्वारा आश्रम संचालित किया जा रहा है. 
एसडीएम हुजूर द्वारा जांच उपरांत पाया गया कि आशाराम आश्रम योग वेदांत समिति गांधी नगर को लीज पर दी गई भूमि के अलावा 28 एकड़ शासकीय भूमि पर कब्जा कर मंदिर, गौशाला, भूसा कक्ष सहित अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है. शिकायत सही पाए जाने पर एसडीएम द्वारा 4.04 एकड़ का निष्पादित पट्टा तत्काल निरस्त करने और 10 हजार रुपए अर्थदंड अधिरोपित करते हुए भूमि से अवैध निर्माण हटाने के निर्देश भी दिए हैं.

महिलाओं के लिए अलग शराब की दुकान, भाजपा ने जताया विरोध


मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार राज्य के चार शहरों में महिलाओं के लिए अलग से शराब दुकान खोलने की तैयारी कर रही है. इन दुकानों के खोले जाने का भाजपा ने विरोध किया है.
राज्य में शराब की उप दुकानें खोले जाने के फैसले को विरोध के बाद वापस लेने का मुद्दा अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए अलग से शराब दुकानें खोले जाने के फैसला लिया है. सरकार द्वारा राज्य के इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर शहरों में इस तरह की एक-एक दुकान खोले जाने की बात कही जा रही है. सरकार का तर्क है कि इस तरह दुकानें खुलने से महिलाओं को बिना किसी समस्या के शराब मिल सकेगी. इन दुकानों पर वाइन, विहस्की के अलावा ब्रेंड उपलब्ध कराए जाएंगे जो महिलाओं की पसंद होते हैं. महिलाओं के लिए अलग से खोली जाने वाली इन दुकानों पर विदेशी शराब ही बेची जाएगी.  ये दुकानों माल्स और ऐसी जगहों पर खोली जाएंगी, जहां से महिलाएं इन्हें आसानी से खरीद सकें.
उल्लेखनीय है कि प्रदेश  सरकार द्वारा शराब की उप दुकानें खोले जाने का निर्णय हाल ही में लिया गया था. सरकार के इस फैसले पर भाजपा ने विरोध जताया था, इसके साथ ही मंत्रियों ने भी इसे लेकर आपत्ति की थी, तब कहीं जाकर सरकार ने अपना यह फैसला वापस लिया था. इसके बाद अब सरकार महिलाओं के लिए मेट्रो सिटी की तर्ज पर राज्य के चार महानगरों में अलग से शराब दुकान खोलने जा रही है. इसका भी विरोध शुरु हो गया है.
भाजपा ने किया विरोध
मेट्रो सिटी की तर्ज पर महिलाओं के लिए प्रदेश में खोली जाने वाली अलग से शराब दुकानों को लेकर भाजपा ने विरोध जताया है.  भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश द्वारा महिलाओं के लिए इस तरह से अलग से दुकान खोलने का फैसला हमारी संस्कृति के खिलाफ है. भाजपा इसका विरोध करेगी और प्ररेश में कहीं भी इस तरह की दुकान नहीं खुलने देगी. उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में दूध से सस्ती शराब बेचने की तैयारी कर रही है. लोगों को दूध नहीं मिल रहा है, लेकिन शराब आसानी से मिल रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान प्रदेश में शराब परोसने पर है, जबकि होना यह चाहिए कि लोगों को शराब से बचाया जाए.

भाजपा प्रत्याशी का चयन प्रदेश अध्यक्ष के लिए बना चुनौती

 कैसे बचाए एक सीट, रणनीति बनाने जल्द होगी बैठक
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा के लिए प्रत्याशी चयन करना चुनौती बन गया है. नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष वी.डी.शर्मा के लिए उपचुनाव से पहले राज्यसभा के लिए प्रत्याशी चयन करना परीक्षा जैसे हो गया है. भाजपा दोनों की सीटों को बरकरार रखने के लिए प्रत्याशी मैदान में उतारने की रणनीति भी बना सकती है, इसके लिए 6 मार्च के बाद एक वरिष्ठ नेताओं की बैठक में रणनीति बनाई जाएगी. हालांकि प्रत्याशी के नाम पर मोहर राष्ट्रीय नेतृत्व की ही लगना तय माना जा रहा है. 
भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई इन दिनों राज्यसभा सीट को लेकर चिंतित नजर आने लगी है. राज्यसभा के लिए 3 सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें वर्तमान में भाजपा का कब्जा 2 सीटों पर था, जबकि कांग्रेस के खाते में 1 सीट थी. संख्या बल के आधार पर वर्तमान में भाजपा के खाते में 1 सीट और कांग्रेस के खाते में 2 सीटें जाना तय है. हालांकि भाजपा नेतृत्व दोनों सीटों को बरकरार रखना चाहता है, इसके लिए वह चुनाव कराने की रणनीति भी बना सकता है. भाजपा नेतृत्व की निगाह  4 निर्दलीय विधायकों पर टिकी हुई है. इनमें से 3 निर्दलीय विधायक कई बार सरकार के खिलाफ मुखर होते भी नजर आए हैं. इसके चलते कांग्रेस के लिए दूसरी सीट पर संकट खड़ा करने के लिए भाजपा निर्दलीय विधायकों को अपने साथ लेकर दोनों सीटों पर कब्जा बरकार बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही  है. इसके लिए वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक 6 मार्च के बाद होना है. इस बैठक के पहले प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष वी.डी. शर्मा के लिए यह चुनौती भी बन गया है कि वे संघ की पसंद और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सहमति को किस तरह बनाए, ताकि दूसरी सीट का जादुई आंकड़े को भाजपा छू जाए.
कांग्रेस भी ऊहापोह में
भाजपा के अलावा के नेता भी तीसरी सीट को लेकर चिंंतित नजर आ रहे हैं. कांग्रेस का एक खेमा चाह रहा है कि इस सीट पर भी चुनाव हो, वहीं दूसरा खेमा इसे लेकर तैयार नहीं है. हालांकि इसके लिए कांग्रेस हाईकमान ने फिलहाल मुख्यमंत्री कमलनाथ को फ्री हैंड दे दिया है. कुछ कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि राज्यसभा सदस्य चुनाने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 58 विधायकों के मतों की आवश्यकता होगी और वर्तमान में कांग्रेस के पास 121 विधायक हैं. इसके चलते कांग्रेस दो सदस्यों को तो आसानी से राज्यसभा भेज सकती है, मगर तीसरी सीट उसके लिए मुसीबत भी बन सकती है. तीसरी सीट के लिए अगर चुनाव होते हैं तो कांग्रेस के पास मात्र 7 विधायक अपने और 4 निर्दलीय रहेंगे. वहीं 107 सीटों वाली भाजपा के लिए भी दूसरी सीट पाने के लिए  116 सदस्य होना जरुरी है. इस स्थिति में उसे 9 विधायकों को अपने पक्ष में करान होगा. इस पर मंथन करने के लिए भाजपा ने 6 मार्च के लिए बैठक बुलाई है, इस बैठक में भाजपा तय करेगी कि उसे तीसरी सीट के लिए चुनाव कराना है या नहीं.

बुधवार, 26 फ़रवरी 2020

वसूली अभियान बन गया शुद्ध के लिए युद्ध अभियान

नरोत्तम मिश्रा 

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ सरकार का विज्ञापन उनका ही आइना है. अगर रेल के अवैध उत्खनन पर रोक लगी है तो कम्प्यूटर बाबा किस तरह से रेत के अवैध उत्खनन को पकड़ रहे हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान पूरे प्रदेश में वसूली का अभियान बन गया है.
पूर्व मंत्री मिश्रा ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आज सरकार द्वारा प्रकाशित किए गए विज्ञापन देकर सरकार ने यह बताया कि रेत के अवैध उत्खनन को रोका गया है. उन्होंने कमलनाथ सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार का यह विज्ञापन सरकार को ही आइना दिखा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर रेत के अवैध उत्खनन पर रोक लगा दी गई है तो फिर कम्प्यूटर बाबा जगह-जगह जाकर किस तरह से रेत का अवैध उत्खनन रोक रहे हैं. मिश्रा ने कहा कि इनता ही नहीं सरकार के मंत्री ने ही माफी मांगी कि हम रेत का अवैध उत्खनन नहीं रोक पाए. उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया मुक्त करने की बात कमलनाथ कर रहे हैं, जबकि शराब से ही 4 हजार  करोड़ रुपए अतिरिक्त वसूलने के लिए आपने नई आबकारी नीति बनाई है. 
 मिश्रा ने कहा कि सरकार यह दावा करती है कि महिलाएं सुरक्षित हैं जबकि मंत्री ही कह रहे हैं कि बाहर निकलने में डर लगता है, महिलाएं असुरक्षित हैं. शुद्ध के लिए युद्ध अभियान पूरे प्रदेश में वसूली का अभियान बन गया है. भोपाल का बड़ा व्यावसायी तो अपना व्यवसाय बंद करके ही भाग गया. कथनी और करनी का साफ अंतर बताता है यह विज्ञापन.

अस्थायी अध्यक्ष हैं वी.डी.शर्मा


मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के उस बयान जिसमें उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर सरकार बताते हुए, उसके भविष्य पर सवाल उठाए थे पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष खुद ही अस्थायी अध्यक्ष है, उन्हें कांग्रेस सरकार के भविष्य की चिंता की बजाय खुद के भविष्य की चिंता करना चाहिए. 
सलूजा ने कहा कि जौरा और आगर उपचुनाव के परिणाम के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष पद से उनकी विदाई की शुरूआत प्रारंभ हो जाएगी, खुद भाजपा के नेता-कार्यकर्ता ही उनकी विदाई की इबारत लिखेंगे.  सलूजा ने बताया कि कांग्रेस की चिंता छोड़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अपनी पार्टी के अंतर्दंद व गुटबाजी की चिंता करें. कई मठाधीशों में घिरे होने से उनकी वर्तमान स्थिति नुकीले दातों में घिरी जीभ की तरह है. उनको तो खुद अपनी पार्टी के उन मठाधीशों से बचना है, जो आज बढ़-चढ़कर उन्हें गले लगा रहे है, जिन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को प्रदेश में फ्लाप किया. वैसे भी भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष वी.डी.शर्मा प्रदेश के सबसे फ्लाप अध्यक्ष का कीर्तिमान अपने नाम पर बनाएंगे, यह तय है. सलूजा ने कहा कि भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को तो सबसे पहले अपनी पूर्व की प्रदेश सरकार के झूठे वादे, झूठी घोषणाओं व जनविरोधी निर्णयों के लिए प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता से माफी मांगना चाहिए और कमलनाथ सरकार द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष में निरंतर किए गए प्रदेश हित व जन हितेषी कार्यों के लिए उसकी प्रशंसा करनी चाहिए.

14 एवं 15 मार्च को होंगे युवक कांग्रेस के चुनाव


मध्यप्रदेश में युवक कांग्रेस के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया. चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 28 फरवरी से शुरु होगी, जो 5 मार्च तक चलेगी. चुनाव दो दिन 14 एवं 15 मार्च को कराए जाएंगे.
राज्य में युवक कांग्रेस के चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार समाप्त हो गया. चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है. इसके तहत 28 फरवरी  से नामांकन प्रक्रिया शुरु होगी, जो 5 मार्च तक चलेगी. 7 मार्च से इनके लिए दावे आपत्ति स्वीकार होंगे. साथ ही चुनावों में चुनाव चिन्ह का आबंटन भी 7 मार्च को किया जाएगा. चुनाव दो दिन 14 व 15 मार्च को होंगे. इसके परिणाम 19 मार्च को आ जाएंगे. इन चुनावों में पूरे प्रदेश के जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष, सचिव, सह सचिव सहित सभी पदों के लिए वोट डाले जाएंगे.
चुनाव की तारीख घोषित होते ही युवक कांग्रेस में दावेदार भी सक्रिय हो रहे हैं. युवक कांग्रेस के इस चुनाव को लेकर वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों ने अभी से सक्रियता भी दिखानी शुरु कर दी है. आधा दर्जन से ज्यादा इस पद के दावेदार हैं, जो अध्यक्ष बनाना चाहते हैं. वर्तमान में इस पद पर विधायक कुणाल चौधरी हैं. चौधरी इस पद पर चार साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, जबकि कार्यकाल दो वर्ष को होता है.
ये हैं दावेदार


युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेड़े भी दावेदारी कर रहे हैं. वे दिग्विजय सिंह खेमे के माने जाते हैं. वानखेड़े के अलावा प्रदेश युवक कांग्रेस के उपाध्यक्ष पिंटू जोशी भी दावेदार है. दिग्विजय सिंह के पारिवारिक रिश्तों के चलते पिंटू जोशी के अध्यक्ष पद की दावेदारी मजबूत होने के बात कही जा रही है. इनके अलावा पशुपालन मंत्री लाखन सिंह के भतीजे और युवक कांग्रेस के महासचिव संजय यादव भी दावेदारी कर रहे हैं.  वे उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के भी करीबी माने जाते हैं, साथ ही पिछड़े वर्ग से आते हैं. छिंदवाड़ा के नितिन भोज को भी कमलनाथ समर्थक माना जाता है, वे भी इस पद के लिए दावेदार हैं. वहीं वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक कृष्णा घाड़के भी युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने की तैयारी कर चुके हैं.

छपाक के बाद तापसी पन्नू की फिल्म थप्पड़ टैक्स फ्री

कमलनाथ

मध्यप्रदेश में दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक के बाद अब अभिनेत्री तापसी पन्नू की फिल्म थप्पड़ को राज्य सरकार ने टैक्स फ्री किया है.  28 फरवरी को यह फिल्म रिलीज हो रही है.  28 फरवरी से 27 मई  तक फिल्म को टैक्स से छूट रहेगी. इस फिल्म में अभिनेत्री तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में हैं.
फिल्म अभिनेत्री तापसी पन्नू की आगामी हिंदी फिल्म थप्पड़ को मध्य प्रदेश सरकार ने टैक्स में छूट देने का की घोषणा की है. सरकार की घोषणा के बाद राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग (एसजीएसटी) ने फिल्म को तीन महीने के लिए एसजीएसटी से छूट देने का आदेश जारी कर दिया है. सरकार के निर्णय और आदेश जारी होने के बाद राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने सभी सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स को निर्देशित किया है कि फिल्म देखने आने वाले दर्शकों से टिकट पर एसजीएसटी (स्टेट जीएसटी) न वसूलें. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार सुबह ट्वीट कर फिल्म थप्पड़ को टैक्स फ्री किए जाने की जानकारी देते हुए लिखा मध्यप्रदेश में 28 फरवरी से रिलीज होने वाली  हिंदी फिल्म  थप्पड़  को जिसकी पटकथा एक सामाजिक संदेश पर आधारित है, को राज्य वस्तु एवं सेवा कर ( एसजीएसटी )की छूट प्रदान की जाती है.
लिंग भेदभाव हिंसा पर आधारित इस फिल्म की पटकथा में एक महिला के बदलाव बराबरी के हक व आत्म सम्मान के लिए किए संघर्ष को प्रमुखता से दिखाया गया है. उल्लेखनीय है कि अनुभव सिन्हा की निर्देशन में बनी फिल्म थप्पड़ में घरेलू हिंसा का मुद्दा उठाया है. इससे पहले प्रदेश सरकार ने दीपिका पादुकोण अभिनित फिल्म छपाक और अक्षय कुमार की पैडमेन को भी मप्र में टैक्स फ्री किया था.

मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

सिर्फ राजनीतिक जिम्मेदारी निभा रही कमलनाथ सरकार : शर्मा

रामेश्वर शर्मा 

मुख्यमंत्री कमलनाथ एक संवैधानिक पद पर पदस्थ हैं. ऐसे में उन्हें प्रदेश के हर नागरिक के साथ न्याय करके अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वाह करना चाहिए. लेकिन राजनीतिक बदले और भेदभाव की भावना से काम कर रही यह सरकार सिर्फ राजनीतिक तकाजों को ही निभा रही है. 
 यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक रामेश्वर शर्मा ने रायसेन में एक कांग्रेस कार्यकर्ता को कथित रूप से थप्पड़ मारने पर बिजली कंपनी के एई को तत्काल निलंबित किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही. शर्मा ने कहा कि रायसेन की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि कमलनाथ सरकार किस हद तक राजनीतिक पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर काम कर रही है. विवाद कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने पर एई को निलंबित करने वाली इस सरकार को राजगढ़ कलेक्टर की बदसलूकी दिखाई नहीं देती. इस सरकार की नजर में कलेक्टर द्वारा शांतिपूर्ण रैली निकाल रहे लोगों के साथ बदसलूकी करना, उनकी बेइज्जती करना अपराध नहीं है. यही नहीं, बल्कि यही सरकार पुलिस के एक एएसआई को थप्पड़ मारने के मामले में दोषी पाई गई राजगढ़ कलेक्टर को क्लीन चिट देने के लिये इतनी आतुर हो जाती है कि पुलिस महानिदेशक की अनुशंसा को भी अनदेखा कर देती है और अनुशंसा करने वाले डीजीपी को ही हटाने की तैयारी शुरू कर देती है. कमलनाथ सरकार उसके इशारों पर काम करने वाली कलेक्टर पर लगे आरोपों पर लीपापोती के लिए दूसरी जांच कमेटी बनाती है, जो आॅडियो, वीडियो हर तरह के साक्ष्यों को नकारकर कलेक्टर को क्लीन चिट देती है. 
 शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को यह याद रखना चाहिए कि वे एक राज्य सरकार के संवैधानिक प्रमुख हैं और विधि सम्मत तरीके से राज्य का प्रशासन चलाना उनकी जिम्मेदारी है. वे किसी कापोर्रेट घराने के सीईओ नहीं हैं, जहां उनकी मर्जी ही कानून बन जाती है. उन्होंने कहा कि यदि वे प्रदेश को अपनी मर्जी से एक कंपनी की तरह चलाना चाहते हैं, तो इस कंपनी की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी को उसकी हैसियत बताने में देरी नहीं करेगी.

होटलों के मेन्यू में शामिल करें कोदो-कुटकी के व्यंजन

कमल नाथ 
 मुख्यमंत्री  कमल नाथ द्वारा मिलेट मिशन की कार्य-योजना की समीक्षा

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कोदो-कुटकी के उत्पादन को दोगुना करने और इसके उपार्जन के साथ ही उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग करने को कहा है. मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के होटलों में कोदो-कुटकी से बने व्यंजनों को मेन्यू में शामिल करने तथा उनके बिक्री केन्द्र भी अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए हैं. कमल नाथ मंत्रालय में मिलेट मिशन की समीक्षा कर रहे थे.
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा एवं मक्का ऐसी फसलें हैं, जो ज्यादातर आदिवासी इलाकों में होती हैं और जिसका जरूरत के मुताबिक आदिवासी उत्पादन करते हैं. उन्होंने कहा कि कोदो-कुटकी के उपार्जन की भी नीति बनाई जाए. मुख्यमंत्री ने मिलेट मिशन के अंतर्गत आने वाली कोदो-कुटकी फसल के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ ही किसानों को इसके लिए प्रेरित करने को कहा. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी प्रीमियम फसल है, जो स्वास्थ्यवर्धक है. इस कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग है.
कोदो-कुटकी की जैविक खेती को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से कोदो-कुटकी के बुवाई क्षेत्र में डेढ़ गुना विस्तार करने के साथ ही आदिवासी किसान 50 प्रतिशत तक इन फसलों की बुवाई करें. इसके लिये कृषि और ग्रामीण विकास विभाग निजी क्षेत्रों के सहयोग से सुनियोजित रणनीति तैयार करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फसलों की जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए. इससे हम किसानों की आय में 20 से 25 प्रतिशत का इजाफा कर सकेंगे.
बैठक में प्रमुख सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास अजीत केसरी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार मिलेट मिशन में कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा की फसलों के जैविक एवं सामान्य उत्पादन को दोगना करने के लिए समयबद्ध कार्य-योजना बनाई गई है. ग्रामीण विकास विभाग के आजीविका मिशन, निजी क्षेत्र के एनजीओ, समितियों और फार्मर प्रोड्यूस कंपनियों के सहयोग से कार्य-योजना को क्रियांवित किया जाएगा. केसरी ने बताया कि मिलेट मिशन के अंतर्गत आने वाली फसलों के प्रमाणित बीजों के अनुसंधान पर भी काम किया जा रहा है.

इमाम का वेतन 5 और मोईज्जन का वेतन साढ़े चार हजार रुपए होगा

मसाजिद कमेटी के नए भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है इसके जरिए हम जरूरतमंद लोगों की मदद करके अपने धर्म-धर्म द्वारा दिए गए संदेश का पालन करते हैं. मुख्यमंत्री आज ताजुल मसाजिद के समीप मध्यप्रदेश मसाजिद कमेटी के नए भवन का लोकार्पण कर रहे थे. मुख्यमंत्री नाथ ने इस मौके पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील द्वारा प्रस्तावित इमाम के वेतन को 2200 से बढ़ाकर 5000 एवं मोईज्जन के वेतन को 1900 से बढाकर 4500 रुपए करने पर सहमति प्रदान की.
मुख्यमंत्री  कमल नाथ ने कहा कि हमारा देश भारत और हमारी संस्कृति इसलिए महान है, क्योंकि इसमें एक-दूसरे के प्रति आदर और सम्मान की भावना के साथ ही एकजुट होकर रहने की विशेषता है. श्री नाथ ने कहा कि हमारी यह अनेकता में एकता की संस्कृति आज तक इसलिए अक्षुण्ण है कि पुरानी पीढ़ी के लोगों ने इसे न केवल निभाया बल्कि सुरक्षित रखने के लिए समर्पित रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हम अपने देश की महान संस्कृति के मूल, सभ्यता और विविधता को युवा पीढ़ी तक पहुंचाए. वे इसे आत्मसात करें जिससे हमारा देश सदैव सुरक्षित और एकजुट रह सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्गजनों का यह दायित्व है कि वह भावी पीढ़ी को सही दिशा और दृष्टि प्रदान करें.
भोपाल जिले के प्रभारी एवं सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने कहा कि मसाजिद कमेटी सेवा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय संस्था है. जो समाज के गरीब वर्गों की मदद और उन्हें संबल प्रदान करती है. अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील ने कहा कि मसाजिद कमेटी के नए भवन बनने से लोगों की मदद करने के काम को व्यवस्थित किया जा सकेगा. उन्होंने इस मुबारक मौके पर उपस्थित होने के लिए मुख्यमंत्री  कमल नाथ को धन्यवाद दिया.्र मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मसाजिद कमेटी द्वारा जरूरतमंद बालिकाओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति का वितरण किया.

राज्यसभा की तारीखें घोषित होते ही कांग्रेस में मचा घमासान

डा. हीरालाल अलावा 
विधायक ने कहा जयस कोटे से आदिवासी का नाम किया जाए तय
राज्यसभा चुनाव के लिए तारीखों के तय होते ही मध्यप्रदेश कांग्रेस मेंं फिर घमासान मचने लगा है. कांग्रेस विधायक और जय युवा आदिवासी संगठन के संरक्षक डा. हीरालाल अलावा ने मांग की है कि जयस कोटे से आदिवासी को राज्यसभा भेजा जाए. विधायक की इस मांग के बाद कांग्रेस में धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है.

राज्यसभा के तारीखों की घोषणा के साथ ही कांग्रेस में फिर घमासान मचता नजर आने लगा है. तारीख तय होने के साथ ही कांग्रेस के विधायक और जयस के संरक्षक डा. हीरालाल अलावा ने आदिवासी नेता को राज्यसभा भेजने की मांग करते हुए मोर्चा खोल दिया है.  उन्होंने कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने का हवाला देते हुए आलाकमान से जयस के लिए राज्यसभा टिकट की मांग की है. डा. अलावा की इस मांग के साथ ही कांग्रेस नेताओं के लिए धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है. कांग्रेस में वैसे ही दो सीटों के लिए नाम तय किए जाने को लेकर पहले से ही घमासान मचा हुआ है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक सिंधिया को राज्यसभा भेजे जाने के लिए लगातार दबाव बनाए हुए हैं. सिंधिया ने खुद भी कमलनाथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. वहीं अब डा. अलावा की इस मांग के बाद संगठन के सामने फिर प्रत्याशी चयन को लेकर परेशानी खड़ी हो रही है. 
कांग्रेस में दो सीटों में से एक सीट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम तय माना जा रहा था, मगर सिंधिया द्वारा दबाव बनाए जाने के बाद कांग्रेस ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं. कांग्र्रेस में वैसे तो मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा से विधायकी छोड़ने वाले दीपक सक्सेना के लिए प्रयास कर रहे हैं. वहीं उनके अलावा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, मीनाक्षी नटराजन और महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अर्चना जायसवाल भी राज्यसभा जाने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं.
भाजपा में भी शुरु हुई जोड़-तोड़
राज्यसभा के लिए खाली हो रही तीन सीटों में से एक सीट भाजपा के पक्ष में जाना है. इस एक सीट पर प्रभात झा फिर से तीसरी पारी खेलने का प्रयास कर रहे हैं. झा के अलावा भी आधा दर्जन नेता राज्यसभा जाने के लिए प्रयासरत हैं. भाजपा में कैलाश विजयवर्गीय के अलावा संघ से जुड़े और पूर्व महाधिवक्ता रविनंदन सिंह, विनोद गोटिया, लाल सिंह आर्य भी अपने दावे राज्यसभा के लिए कर रहे हैं. इसके अलावा भाजपा नेता भी यह मांग उठा रहे हैं कि किसी आदिवासी को राज्यसभा भेजा जाए.
गौरतलब है कि राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव के लिए अधिसूचना 6 मार्च को जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र दाखिले का कार्य शुरू हो जाएगा. चुनाव आयोग की ओर से आज जारी किए गए चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 13 मार्च तक नामांकनपत्र दाखिल किए जा सकेंगे और 16 मार्च को इनकी जांच होगी. 18 मार्च तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं. चुनाव के लिए मतदान 26 मार्च को होगा और इसी दिन मतों की गिनती होगी. पूरी चुनाव प्रक्रिया 30 मार्च तक पूर्ण हो जाएगी.
इन  राज्यसभा सांसदों का पूरा हो रहा कार्यकाल
* दिग्विजय सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 10 अप्रैल 2014 से  9 अप्रैल 2020
* सत्यनारायण जाटिया भारतीय जनता पार्टी 10 अप्रैल 2014 से  9 अप्रैल 2020
* प्रभात झा भारतीय जनता पार्टी 10 अप्रैल 2014 से 9 अप्रैल 2020

उमा ने दिग्विजय पर साधा निशाना, गोविंद सिंह को संघ में जाने की दी सलाह



मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज फिर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर हमला बोला है. उन्होंने दिग्विजय सिंह तो सिर्फ सुर्खियों में रहने के लिए बयान देते हैं, उन पर बोलना मैं जरुरी नहीं समझती. वहीं संघ के खिलाफ लगातार बयानबाजी करने वाले राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह को उमा भारती ने सलाह दी है कि वे संघ में शामिल हो जाएं.
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज भाजपा कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखी चिट्टी को लेकर उमा भारती ने कहा कि दिग्विजय सिंह सिर्फ इसलिए बयान देते हैं ताकि वो सुर्खियों में बने रहें. दिग्विजय सिंह भोपाल में कितने वोटों से हारे हैं ये सब जानते हैं. अब वो सिर्फ सुर्खियों में रहने के लिए बयानबाजी करते हैं. वहीं कमलनाथ सरकार को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं. लोग ठगा सा महसूस करने लगे हैं. हमने बिना लड़े लोगों के हितों में  फैसले करवाए हैं. उस वक्त भी जब हम सत्ता में नहीं थे. आज भले ही हम सत्ता में नहीं है, लेकिन सरकार को मैं घुटने टेकने को विवश कर दूंगी.
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने राममंदिर ट्रस्ट पर एक चिट्ठी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखी है. इसमें उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए नया ट्रस्ट बनाने पर ही ऐतराज जताया है. उन्होंने याद दिलाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के कार्यकाल के दौरान रामालय ट्रस्ट का गठन किया जा चुका है. इसलिए नया ट्रस्ट बनाने का क्या मतलब. ट्रस्ट में किसी प्रमाणित शंकराचार्य को शामिल न करने पर भी सवाल उठाए थे. दिग्विजय सिंह ने ट्रस्ट में वासुदेवानंद को शंकराचार्य के तौर पर शामिल करने का विरोध किया क्योंकि वो बाबरी मस्जिद प्रकरण में अपराधी हैं. दिग्विजय सिंह ने ट्रस्ट में सरकारी अधिकारियों के मनोनयन को भी गलत करार दिया था. 
गोविंद सिंह को संघ में होना चाहिए शामिल
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने राज्य के सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह के बयान भी पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि डा. गोविंद सिंह को संघ (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) में शामिल हो जाना चाहिए. उमा भारती ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है. प्रदेश सरकार ने जो वादे किए थे, वो अब तक अधूरे हैं. कानून व्यवस्था की हालत ये है कि भोपाल में ही थाने के पास में वारदातें हो रही हैं.
भाजपा कार्यालय पहुंची, प्रदेश अध्यक्ष को दिया आशीर्वाद
उमा भारती आज प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंची और नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा को केसर चंदन लगाकर आशीर्वाद दिया. उमा भारती ने कहा कि वी.डी. शर्मा कुशल संगठक और प्रचंड जनाधार वाले नेता रहे हैं और इसके लिए उन्होंने भाजपा को भी बधाई दी कि पार्टी को ऐसा नेता प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मिला है. इस मौके पर उमा भारती ने शर्मा के विवाह से जुड़ा एक राज भी खोला. उन्होंने बताया कि वी.डी.शर्मा की जिससे शादी हुई है, वह उनके परिचित की ही बेटी है. उन्होंने बताया कि जिस स्तुती की शर्मा के साथ शादी हुई है, उसने पहले ही कहा था कि मैं वी.डी.शर्मा से शादी करना चाहती हूं, जिसके बाद उन्होंने वी.डी.शर्मा को शादी के लिए मनाया था.

रविवार, 23 फ़रवरी 2020

दिल्ली जीत से उत्साहित आप प्रदेश में चलाएगी राष्ट्र निर्माण अभियान


पंकज सिंह 
आम आदमी पार्टी को दिल्ली में मिली तीसरी जीत के बाद अब मध्यप्रदेश में आप ने फिर से पार्टी संगठन खड़ा करने की शुरुआत की है. आप ने अब पंकज सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. वे जल्द ही राज्य में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव को लेकर संगठन खड़ा करेंगे. सिंह ने बताया कि पार्टी द्वारा प्र्रदेश में राष्ट्र निर्माण अभियान चलाया जाएगा.
आम आदमी पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि पार्टी प्रदेश में जल्द ही अपना संगठन खड़ा करेगी. संगठन को मजबूत करने का काम किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पार्टी द्वारा प्रदेश में राष्ट्र निर्माण अभियान चलाया जाएगा. यह अभियान 23 मार्च तक चलेगा. इस अभियान के द्वारा लोगों को पोस्टर के द्वारा जोड़ने का काम किया जाएगा. पोस्टर में एक मोबाइल नंबर होगा, जिस पर कोई भी व्यक्ति मिस्ड काल करके पार्टी से जुड़ सकता है. उन्होंने बताया कि राष्ट्र निर्माण अीियान द्वारा हम दिल्ली के मुख्यमंंत्री अरविंद केजरीवाल के विकास माडल को मध्यप्रदेश में घर-घर पहुंचाएंगे. साथ ही जनता से काम की राजनीति से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा.
आप के प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने बताया कि प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी भी प्रत्याशी मैदान में उतारेगी. इसके अलावा पार्टी जल्द ही नई कार्यकारिणी का गठन करेगी. इसके साथ ही नई कार्यसमिति की बैठक भी जल्द होगी, इस बैठक में जनता के मुद्दों पर विचार कर उनकी समस्याओं के निराकरण कराने के लिए हम प्रदेश की सरकार पर दबाव बनाएंगे.

आखिर कुंभकर्णी निद्रा से कब जागेगी सरकार: शिवराज

नई शराब नीति को लेकर प्रदेश सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार नई नीति के जरिए शराब को घर-घर पहुंचाने का कुत्सिक प्रयास कर रही है. सरकार द्वारा लगातार गलत  फैसले लिए जा रहे हैं, आखिर यह सरकार कुंभकर्णी निद्रा से कब जागेगी.
राज्य की नई शराब नीति को लेकर भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शराब से वर्तमान भविष्य दोनों बर्बाद होते हैं. फिर भी प्रदेश सरकार इस विनाश को घर तक पहुंचाने का कुत्सित प्रयास कर रही है.  जिस सरकार पर युवाओं का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी है, वही उनके जीवन में घनघोर अंधेरे का कारण बन रही है. जनता सबक सिखाएगी. वहीं बिजली कंपनियों द्वारा बिजली की दरों में वृद्धि किए जाने की संभावना को लेकर उन्होंने कहा कि यह सरकार की गलत नीतियों और खराब फैसलों का परिणाम है. कांग्रेस सरकार ने क्षणिक लाभ के लिए  कदम उठाने की बजाय दूरगामी परिणामों के बारे में जरा भी सोचा होता, तो बिजली कंपनियों को बर्बादी के ऐसे दिन न देखने पड़ते. आखिर यह सरकार अपनी कुंभकर्णी निद्रा से कब जागेगी.
कांग्रेस ने दिया जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा नई शराब नीति को लेकर उठाए गए सवालों  का जवाब कांग्रेस ने दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर कहा कि  भाजपा शराब को लेकर झूठ परोस रही है. उन्होंने लिखा है कि सच्चाई यह है कि आनलाइन का अर्थ है ट्रांजिट परमिट आनलाइनन जारी होना और बार कोड का अर्थ है फैक्ट्री से वेयर हाउस और डिपो आदि तक परिवहन होने वाली शराब को ट्रैक और ट्रेस करना. जिससे शराब का अवैध परिवहन ना हो. उन्होंने कहा कि जबकि भाजपाई झूठ फैला रहे हैं कि अब आनलाइन शराब घर बुलवा सकेंगे. राज्य सरकार ने नई शराब नीति को कल शनिवार को ही जारी किया है. इसमें राजस्व बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का जिक्र है.

प्रदेश अध्यक्ष का दावा उपचुनाव में जीतेगी भाजपा


मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी.शर्मा ने दावा किया है कि राज्य में दो उपचुनाव होने हैं, जहां पर भाजपा की जीत होगी. साथ ही नगरीय निकाय चुनावों में भी भाजपा, कांग्रेस को शिकस्त देगी.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने यह बात आज प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कही. शर्मा आज रविवार को पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे. उन्होंने अपने कक्ष में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और फिर वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम मन की बात को भी सुना. शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता अपनी लगन और संकल्प के साथ यह चुनाव जीतेगा. उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी रणनीति के साथ उपचुनाव में मैदान में उतरेगी. शर्मा ने कहा कि उपचुनाव के अलावा नगरीय निकाय के चुनाव में भी भाजपा, कांग्रेस को करारी शिकस्त देगी. 
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में सरकार चलाने में असफल साबित हो रही है, लोग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है. कांग्रेस ने सरकार बनाने के पहले लोगों और कर्मचारियों से जो भी वादे किए वे अब तक पूरे नहीं किए हैं. शर्मा ने कहा कि राज्य की कमलनाथ सरकार आज आवश्यक वस्तुओं को घर- घर पहुंचाने के बजाए मदिरा घर-घर पहुंचाने का प्रयास कर रही है.

सिंधिया के कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह से मुलाकात का जिक्र नहीं

ज्योतिरादित्य सिंधिया 
दिग्विजय ने दिया गुना में 45 मिनट की मुलाकात का समय

मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच रहा शीतयुद्ध शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच बयानों को लेकर उठे विवाद के बाद अब सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को बड़ा झटका दिया है. सिंधिया ने अपने कार्यक्रम में सिंह से मुलाकात का कोई कार्यक्रम तय नहीं किया है, जबकि दिग्विजय सिंह ने अपने तय कार्यक्रम में सिंधिया से गुना सर्किट हाउस में 45 मिनट की मुलाकात का कार्यक्रम तय होना बताया है.
दिग्विजय सिंह 
मध्यप्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रहा शीतयुद्ध अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सिंधिया के बीच मुलाकात को लेकर पेंच फंस गया है. दिग्विजय सिंह ने  22 फरवरी को अपने दौरा कार्यक्रम में गुना सर्किट हाउस में दिनांक 24 फरवरी को सिंधिया से 45 मिनट की मुलाकात होने का जिक्र किया है. सिंह द्वारा तय कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई थी और दोनों नेताओं के बीच  राज्यसभा चुनाव सहित मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ सिंधिया के बयानबाजी के बाद उठे विवाद को लेकर चर्चा होने के कयास लगाए जा रहे थे, मगर आज रविवार को सिंधिया ने अपने तय कार्यक्रम में दिग्विजय सिंंह के साथ  किसी तरह की कोई मुलाकात का समय नहीं दिया है. उन्होंने अपने कार्यक्रम में इसका उल्लेख नहीं किया है. हालांकि सिंधिया के तय कार्यक्रम में यह है कि वे 24 फरवरी को गुना सर्किट हाउस में ही दोपहर 1 बजे तक उनका जनसंपर्क कार्यक्रम तय है. वहीं दिग्विजय सिंह भी इस समय गुना सर्किट हाउस में ही रहेंगे, उन्होंने अपने कार्यक्रम में 1.15 मिनट से लेकर 2 बजे तक का कार्यक्रम सिंधिया से मुलाकात का बताया है. वे 2 बजे गुना सर्किट हाउस से रवाना होंगे. वहीं सिंधिया गुना सर्किट हाउस से 3 बजे रवाना होंगे. 1 बजे से 3 बजे तक उनका सर्किट हाउस में ही रुकना तय है, मगर अपने तय कार्यक्रम में उन्होंने इस मुलाकात का न तो जिक्र किया है और न ही दिग्विजय सिंंह से किसी तरह की मुलाकात का उल्लेख किया गया है.
मुलाकात को लेकर लगाए जा रहे कयास
दोनों नेताओं के बीच संभावित मुलाकात को लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि राज्यसभा के लिए होने वाले चुनाव को लेकर ये नेता चर्चा करेंगे. प्रदेश से राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव होना है. इनमें 2 सीटें कांग्रेस के पक्ष में है. इन सीटों के लिए नाम तय किए जाने है, जिसे लेकर दिग्विजय सिंह का दावा एक सीट पर माना जा रहा है, जबकि दूसरी सीट के लिए सिंधिया समर्थक सिंधिया के नाम तय किए जाने को लेकर दबाव बना रहे हैं. वहीं मुलाकात में हाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ हुई बयानबाजी के बाद चल रहे शीतयुद्ध को लेकर भी चर्चा होने की बात कही जा रही थी. दोनों दिग्गजों की यह कवायद विधायकों को एकजुट रखने के साथ गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही थी. मगर आज दोपहर को जब सिंधिया का  तय कार्यक्रम आया तो दोनों नेताओं के बीच किसी तरह की मुलाकात न होने की बात सामने आ रही है. 

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

14 महीने बीत गए, एक भी घोषणा पूरी नहीं की सरकार ने

गोपाल भार्गव 
 नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने ने किया मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हमला

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 14 माह बीत जाने के बाद भी अब तक एक भी घोषणा पूरी नहीं की है, जिसके चलते राज्य में जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ब्लाग लिखने के नाम पर केन्द्र के खिलाफ अनर्गल और तथ्यहीन बयानबाजी कर रहे हैं.
दरअसल मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को ब्लाग पर केन्द्र को लेकर एक आलेख लिखा, जिसे लेकर आज नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने यह हमला किया है. भार्गव ने कहा कि  मुख्यमंत्री ने अपने ब्लाग में जो बातें कही हैं, वे हास्यास्पद तो है हीं, लेकिन उनकी पद की गरिमा के खिलाफ भी हैं.  उन्होंने कहा कि अपने प्रदेश की समस्याओं की ओर न देखकर प्रधानमंत्री और केंद्र पर आक्षेप करके मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को विषयों से भटका रहे हैं. 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता के बढ़ते दबाव से कांग्रेस के बड़े नेता प्रदेश सरकार के खिलाफ बयान बाजी कर रहे हैं. इन सबके कारण मुख्यमंत्री कमलनाथ चिंतित हैं और इसी कारण वह लगातार केंद्र सरकार के विरुद्ध अनर्गल और तथ्यहीन बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन इससे मुख्यमंत्री को कोई लाभ नहीं होने वाला.

विवाद के बाद नसंबदी को लेकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति का फरमान हुआ वापिस

स्वास्थ्य विभाग के फरमान से घिरी सरकार, भाजपा ने किया विरोध
मध्यप्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के उस फरमान को वापस ले लिया है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने एक भी पुरुष नसंबदी न करवाने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति किए जाने की बात कही थी.  स्वास्थ्य विभाग के इस फरमान का भाजपा ने विरोध किया है. भाजपा ने कहा कि कमलनाथ आपातकाल के दिनों में  बने हालातों की मानसिकता से काम करते दिखाई दे रहे हैं, जब अविवाहितों की भी नसबंदी कर दी गई थी. इस विरोध के बाद राज्य सरकार ने आदेश को वापस लिए जाने की बात कही. साथ ही संचालक छवि भारद्वाज को हटाकर मंत्रालय में पदस्थ कर दिया है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आदेश जारी किया है, जिसमें उन्हें कम से कम 1 पुरुष नसबंदी करवाना अनिवार्य किया गया है. ऐसा न होने पर वेतन काटा जाएगा साथ ही उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दी जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के इस आदेश के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है. 11 फरवरी को राज्य के एनएचएम मिशन निदेशक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो एमपीएचडब्ल्यू की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सिफारिश करने वाले प्रस्तावों को जिला कलेक्टरों के माध्यम से भोपाल में एनएचएम मुख्यालय भेजा जाएगा. यहां से इसे आगे की कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य निदेशालय भेजा जाएगा. सर्कुलर में कहा गया है कि सभी एमपीएचडब्ल्यू को जिलों में शिविर आयोजित करने पर कम से कम 5 से 10 इच्छुक लाभार्थियों को जुटाना चाहिए.

गौरतलब है कि वर्ष 2019-20 में पुरुष नसबंदी की असंतोषजनक प्रगति को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश की मिशन संचालक छवि भारद्वाज द्वारा जारी यह आदेश राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला अधिकारियों, सीएमओ और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजा गया है. आदेश में पुरुष नसबंदी की गंभीरता से समीक्षा करने की अपील भी की गई है. 
घट रही है पुरुष नसबंदी की संख्या
प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में नसबंदी कराने वाले पुरुषों की संख्या लगातार घट रही है. 20 फरवरी 2020 तक 2019-20 साल में सिर्फ 3,397 पुरुषों की नसबंदी हुई. वहीं इस दौरान महिलाओं की संख्या 3.34 लाख रही. साल 2015-16 में 9,957 पुरुषों की नसबंदी हुई थी. वहीं इसके बाद 2016-17 में यह संख्या 7270,  2017-18 में 3,719 और 2018-19 में 2925 रही.
कर्मचारियों में नाराजगी
स्वास्थ्य विभाग के इस फरमान को लेकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिखाई देने लगी है. स्वस्थ्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे जिलों में घर-घर जाकर जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को नसबंदी के लिए प्रेरित करने का काम कर सकते हैं, मगर किसी को जबर्दस्ती नसंबदी कराने के लिए मजबूर तो नहीं कर सकते. 
भाजपा ने कहा आपातकाल जैसा होगा हश्र
नसबंदी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर भाजपा ने नाराजगी जताई है. राज्य के पूर्व स्वास्थ्य नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार का यह फैसला आपातकाल के दिनों की याद कराता है. मुझे लगता है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ उसी मानसिकता से काम कर रहे हैं. मिश्रा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में वैसे ही हाल होंगे, जिस तरह से आपातकाल के दौरान उन लोगों की भी नसबंदी करा दी गई, जिनकी शादी भी नहीं हुई थी. वहीं पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भाजपा इस योजना के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार ने लक्ष्य पूरा कराने के लिए जिस तरह का फरमान जारी किया है, ये सरकार की मानसिकता को दिखा रहा है, इसे सरकार की दमनकारी नीति बताते हुए सारंग ने राज्य सरकार पर हिटलर शाही करने का आरोप लगाया है.
 अधिकारियों पर हो कार्रवाई
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग का यह आदेश उनके लिए है जो लक्ष्य अब तक पूरा नहीं कर पाए हैं, ये लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिकारियों का आदेश है. ऐसे अधिकारी जो आखिरी माह में नसबंदी का लक्ष्य पूरा कराने के लिए कर्मचारियों की बलि लेने का काम कर रहे हैं, उन अधिकारियों पर राज्य सरकार को सख्त कार्रवाई करना चाहिए.
शिवराज ने कहा यह तो सरकार की तानाशाही
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वास्थ्य विभाग के इस आदेश का विरोध किया है. उन्होंने आदेश को सरकार की तानाशाही बताया है. शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में अघोषित आपातकाल है. शिवराज ने पूछा है कि क्या यह आदेश कांग्रेस काआपातकाल पार्ट-2 है. उन्होंने कहा कि विभाग के प्रयासों में कमी हो तो सरकार कार्रवाई करे, मगर लक्ष्य पूरे नहीं होने पर वेतन रोकना और अनिवार्य सेवानिवृत्ति करने का निर्णय तानाशाही है.
विवाद के बाद वापस लिया आदेश, संचालक पर गिरी गाज
नसंबदी को लेकर निकाले गए आदेश का जब विरोध तेज हुआ तो राज्य सरकार को यह आदेश पलटना पड़ा. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आदेश के वापस लेने की बात कही. सिलावट ने कहा कि सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया है. साथ ही एनएसएम संचालक छवि भारद्वाज पर गाज गिर गई है. मामले में जब राजनीति गर्माई तो आदेश वापस लेने के साथ ही संचालक छवि भारद्वाज को मंत्रालय में अटैच कर दिया. छवि भारद्वाज को मंत्रालय में ओएसडी पद पर अटैच किया गया है. 

रक्तदान में रेडक्रास ने मनाया विश्व रिकार्ड

 कर्मचारियों ने ढ़ोल नगाड़े बजाकर मनाई खुशी    
भारतीय रेडक्रास सोसायटी शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश रेडक्रास राज्य शाखा द्वारा 24 घंटे रक्तदान शिविर को लेकर रेडक्रास ने विश्व रिकार्ड बनाया है. रेडक्रास के कर्मचारियों और भोपाल वासियों ने देश और दुनिया में लगातार रक्तदान करने में अहम भूमिका निभाकर रेडक्रास को नए कीर्तिमान के साथ दिलाया गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड का यह खिताब दिलाया है. मध्यप्रदेश रेडक्रास सोसायटी के विश्व रिकार्ड बनने पर उत्साही रेडक्रास कर्मचारियों को ने डोल नागड़ों एवं आतिशबाजी कर खुशी मनाई.
पूरे शिविर में आने वाले ब्लड डोनर्स का रिकार्ड और सत्यापन गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई की निगरानी में किया गया और आज 21 फरवरी को प्रात: 6.15 पर गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड का प्रमाण पत्र रेडक्रास राज्य शाखा के चेयरमैन आशुतोष रसिक बिहारी पुरोहित एवं जनरल सेक्रेटरी डा. प्रार्थना जोशी को प्रदान किया गया. इस अवसर पर रेडक्रास राज्य शाखा की प्रबंध समिति के सदस्य दीपक सिंह राजपूत सहित रेडक्रास के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे.
मध्यप्रदेश रेडक्रास सोसायटी के चेयरमेन आशुतोष पुरोहित ने बताया कि गुरूवार सुबह 6.10 पर रक्तदान शिविर का शुभारंभ हुआ था. इसका समापन आज शुक्रवार की सुबह ठीक 6 बजकर 10 मिनट किया गया.  20 फरवरी की प्रात: 6.10 बजे से 21 फरवरी के प्रात: 6.10 तक 288 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर भारतीय रेडक्रास सोसायटी मध्यप्रदेश राज्य शाखा को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड का खिताब दिलाया. इस शिविर में भोपाल शहर के शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न वर्गों द्वारा उत्साहपूर्वक रक्तदान कर रेडक्रास को यह खिताब दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाई गई,जिसके लिए मैं उनका धन्यवाद प्रकट करता हूं. 
पुरोहित ने बताया कि यह वर्ल्ड रिकार्ड की मध्यप्रदेश रेडक्रास राज्य शाखा के टीम की जीत हमारे रेडक्रास राज्य शाखा एवं हास्पिटल के कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है. मैं अपनी रेडक्रास स्टाफ की टीम को रक्तदान शिविर को सफल बनाने के लिए बधाई एवं आभार प्रकट करता हूं. मैं रेडक्रास के स्टाफ के सराहनीय योगदान से कार्यक्रम सफल होने जा रहा है. इस शिविर के लिए राष्ट्रीय मुख्यालय के सेक्रेटरी जनरल आर.के. जैन द्वारा भी दूरभाष पर बधाई दी गई है.

आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर भारत

दुष्प्रचार बंद करे कांग्रेस : विष्णुदत्त शर्मा 

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल देश की अर्थव्यवस्था को लेकर लगातार दुष्प्रचार कर रहे हैं. केंद्र की मोदी सरकार की छवि को खराब करने के लिए मनगढ़ंत तर्क देकर लोगों को भड़का रहे हैं, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है. भारत की अर्थव्यवस्था में विकास जारी है और भारत एक बार फिर दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है. इसलिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को अर्थव्यवस्था के संबंध में अपना प्रलाप बंद कर देना चाहिए.
 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने यह बात अमेरिकी शोध संस्थान वर्ल्ड पाप्युलेशन रिव्यू द्वारा वर्ष 2019 के संबंध में जारी की गई रिपोर्ट पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कही.  शर्मा ने कहा कि अमेरिकी शोध संस्थान द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार भारत फ्रांस और ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में भारत की जीडीपी 2940 अरब डॉलर के पार पहुंच गई है, जो फ्रांस और ब्रिटेन की जीडीपी से अधिक है. इसके साथ ही रिजर्व बैंक आफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 7 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार नया रिकार्ड बनाते हुए 473 अरब डालर पर पहुंच गया है.  शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल प्रधानमंत्री मोदी की छवि को खराब करने के लिए कुछ भी कहते रहें, लेकिन इन दोनों रिपोर्टों से स्पष्ट है कि भारत दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है और भारतमाता के गौरव को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनके सुखद परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं. 
उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों का श्रेय देश के आम लोगों के साथ-साथ प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार को जाता है, जिसने देश को आर्थिक तरक्की की राह पर तेजी से आगे बढ़ाने के लिए घरेलू मोर्चे पर पारदर्शिता और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिये उपाय किए, वहीं विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मेक इन इंडिया जैसी पहल की. उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार द्वारा विदेशी संबंधों को सुधारने के लिए उठाए गए कदमों का ही परिणाम है कि सारी दुनिया की कंपनियां, निवेशक और उद्योगपति भारत की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. 

भार्गव, कांग्रेस को न पढ़ाएं सुशासन का पाठ : शोभा


मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी, मीडिया विभाग की अध्यक्षा शोभा ओझा ने आज जारी अपने बयान में प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने मंत्रालय में कार्यालय खोलकर कांग्रेस पार्टी चलाने की बात कही है. 
ओझा ने कहा कि पोषण आहार वितरण व्यवस्था में पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर जो सवालिया निशान उठे हैं, उससे शिवराज सिंह पर हमला समझा जाना, ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है. अपने बयान में ओझा ने आगे कहा कि वल्लभ भवन में कार्यालय खोलकर कांग्रेस पार्टी को चलाने की सलाह देने वाले नेता प्रतिपक्ष भार्गव की सलाह की आवश्यकता कांग्रेस पार्टी को इसलिए नहीं है, क्योंकि कमलनाथ सरकार में तानाशाही के लिए कोई स्थान नहीं है, अधिकारी भयमुक्त वातावण में योजनाओं को मूर्त रूप देने में प्रण-प्राण से जुटे हैं, जिसकी वजह से ही हमारे वचन-पत्र में वर्णित सैकड़ों वचनों को पूरा कर, इतने कम समय में ही, उन्हें मूर्त-रूप दिया जा चुका है. इसलिए डेढ़ दशकों तक ‘समिधा’ से संचालित होने वाली पिछली सरकार के नुमाइंदे गोपाल भार्गव से, हमें सुशासन का पाठ पढ़ने की आवश्यकता नहीं है.

गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

विधायक ने लगाए नो एनआरसी, नो सीएए के पोस्टर, भाजपा ने किया विरोध



मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एनआरसी और सीएए का विरोध तेज होता जा रहा है. इस विरोध के तहत कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जहांगीराबाद क्षेत्र में घर-घर जाकर नो एनआरसी और नो सीएए के पोस्टर लगाकर लोगों से इसका विरोध करने की अपील की. वहीं विधायक के इस तरह पोस्टर लगाने का भाजपा ने विरोध किया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस विधायक अल्पसंख्यकों को बरगलाने का काम कर रहे हैं, यह उन्हें नहीं करना चाहिए.
सीएए और एनआरसी को लेकर  राजधानी में विरोध जारी ही है. राजधानी सहित पूरे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी और बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय इस कानून को लेकर जमकर विरोध कर रहे हैं. इस विरोध के चलते आज  आज कांग्रेस विधयाक आरिफ मसूद ने भोपाल के जहांगीराबाद में लोगों के घर-घर जाकर नो एनआरसी नो सीएए के पोस्टर लगाए और जनगणना के दौरान कागजात न दिखाने की अपील भी लोगों से की.  विधायक मसूद ने कहा कि यह काला कानून हैं जो देश की जनता के ऊपर थोपे जा रहे हैं. जब तक इन्हें वापस नहीं लिया जाएगा, हमारा विरोध जारी रहेगा. विधयाक आरिफ मसूद ने आगे कहा कि हम बाबा साहब आंबेडकर के संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
विधायक आरिफ मसूद द्वारा किए गए इस तरहके विरोध को लेकर भाजपा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे गलत बताया.  पूर्व मंत्री नरोत्तम ने  कहा कि आरिफ मसूद को ऐसा नही करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक सत्ता के नशे मे चूर हो गए हैं.

झील में पलटी आईपीएस अधिकारियों से भरी नाव



राजधानी में आज आईपीएस अधिकारियों से भरी नाव बड़ी झील में पलट गई. नाव में राज्य के पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह की पत्नी भी सवार थी. नाव के पलटते ही आसपास की नावों में सवारों ने सभी को सुरक्षित निकाल लिया.
राजधानी की बड़ी झील में आज दोपहर को बड़ा हादसा होते-होते टल गया. हुआ यह है कि आईपीएस मीट के दूसरे दिन आज गुरुवार को आईपीएस अधिकारियों का परिवार वाटर स्पोर्टस गतिविधियों में भाग लेने वोट क्लब पहुंचा था. यहां से ड्रेगन वोट में सवार आईपीएस अधिकारी और उनका परिवार रेस में भाग ले रहे थे. तभी रेस के दौरान ड्रेगन वोट पलट गई. जो ड्रेगन वोट पलटी उसमें पुलिस महानिदेशक वीके सिंह और उनकी पत्नी तुहीन सिंह, आईपीएस अधिकारी राजेश चावला और उनकी पत्नी सुनीता चावला, एडीजी विजय कटारिया के बेटे दीपांशु कटारिया, आईपीएस अधिकारी अरजरिया के बेटे अपूर्व अरजरिया के अलावा कुछ अन्य अधिकारी व परिजन मौजूद थे. ड्रेगन वोट के पलटे ही आस-पास मौजूद रही नावों में सवार अधिकारियों और गोताखोरों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. बताया जा रहा है कि जो ड्रेगन वोट पलटी थी, उसमें 4 आईपीएस अधिकारियों से सहित 8 लोग सवार थे. जिन्होंने लाईफ जैकेट पहनी हुई थी. वहीं पुलिस वेलफेयर के एडीजी विजय कटारिया ने बताया कि नाव में मौजूद सभी लोगों ने लाइफ जैकेट्स पहनी थी, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ. हर बार आईएएस और आईपीएस मीट में अधिकारी वाटर स्पोर्ट्स में हिस्सा लेते हैं, जिसमें सुरक्षा के लिहाज से लाइफ जैकेट्स और सेफ्टी बोट तैनात रहती.
गौरतलब है कि दो दिवसीय आईपीएस मीट का आयोजन मिंटो हाल में हुआ था. इसका शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया था. मीट में चार जोन की टीम बनाई गई है. पुलिस अधिकारियों के परिजनों के मनोरंजन के लिए मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में फन गेम का आयोजन किया गया था. मीट का आज अंतिम दिन था. 
भव्य प्रस्तुतियां दी परिवार के सदस्यों ने
 दो दिवसीय सर्विस मीट के शुभारंभ के दिन कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुलिस मुख्यालय के पास आफिसर्स मेस में भी आईपीएस अधिकारियों के परिवार के सदस्यों ने  मंच पर कई तरह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया. देर शाम हुए इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश भर से आए सभी आईपीएस आफिसर्स के द्वारा परिवार के साथ भागीदारी की. सर्विस मीट के लिए चार अलग-अलग जोन की टीमें बनाई गईं. जिसमें लगभग 200 अधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम के अंत में महाकौशल जोन (रीवा, जबलपुर, और सागर) की टीम ने बुंदेलखंड से जुड़ी संस्कृति को लोक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया. कार्यक्रम में पुलिस बैंड की टीम ने भी प्रस्तुति दी, जिसे देखने के बाद पुलिस बैंड की टीम को पुरस्कार से भी नवाजा गया

सिंधिया को मिला बावरिया का साथ, सिंधिया ने गलत नहीं कहा

पुरुष ही नहीं महिला भी हो सकती है प्रदेश अध्यक्ष
मध्यप्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान के  गर्म हुई सियासत के बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने भी सिंधिया का साथ दिया है. उन्होंने कहा कि सिंधिया ने जो कहा उचित कहा, मैं भी होता तो यही कहता. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कहा कि पुरुष ही नहीं, बल्कि महिला को भी प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे विवाद को शांत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बावरिया ने मोर्चा संभाला है. बावरिया भोपाल आए और उन्होंने सिंधिया के बयान को उचित बताया. सिंधिया के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए वचनपत्र महत्वपूर्ण है, सिंधिया ने भी वचनपत्र को पूरा करने की बात कही है, इसमें गलत ही कुछ नहीं है अगर मैं भी होता तो यहीं कहता, सिंधिया ने जो कहा सही कहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए वचन पत्र याने वादा निभाना है, भाजपा की तरह जुमला नहीं है. अभी तक सिंधिया समर्थक ही उनके बयान का समर्थन करते नजर आ रहे थे, मगर अब बावरिया ने खुलकर सिंधिया का समर्थन किया है, जिससे राजनीतिक खेमें हलचल मच गई है.
बावरिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंपी जाएगी जो सभी के बीच तालमेल बैठा सके. उन्होंने कहा कि अभी तक पुरुषों के ही नाम आगे आए हैं, मगर कोई महिला भी प्रदेश अध्यक्ष हो सकती है. गौरतलब है कि बीते दिनों शोभा ओझा समर्थक अर्चना जायसवाल ने दिल्ली जाकर दीपक बावरिया सहित अन्य नेताओं के सामने प्रदेश  अध्यक्ष को लेकर दावेदारी की है.  बाबरिया का इस बयान के बाद कांग्रेस के गलियारे में हलचल मच गई है जहां पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में पुरूष नेताओं के नाम सामने आ रहे थे अब महिला नेत्रियों के नाम भी चर्चा में आने शुरू हुए हैं. इस दौड़ में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और मुख्य प्रवक्ता शोभा ओझा के नाम भी सामने आ रहे है. फिलहाल नाम को लेकर घोषणा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. 
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कमलनाथ को मध्यप्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, उसके बाद उन्हें लोकसभा चुनाव तक पार्टी अध्यक्ष बने रहने के लिए कहा गया था. लोकसभा में कांग्रेस की हार के बाद कमलनाथ ने इस्तीफे की पेशकश की थी. उसके बाद से प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं.
जल्द होगी निगम-मंडलों में नियुक्तियां
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर कहा कि जल्द ही ये नियुक्तियां भी शुरु होंगी. मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी इस संबंध में चर्चा हो चुकी है. उन्होंने बताया कि संभावना यह है कि 15 दिनों में ये नियुक्तियां शुरु हो जाएंगी. बावरिया ने कहा कि जो मापदंड इन नियुक्तियों के लिए संगठन ने तय किए थे उनके मुताबिक की नियुक्तियां होंगी. उन्हीं मापदंडों के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी.

आदिवासियों, युवाओं को फ्री टिकट मिले आइफा का

विश्वास सारंग 

मध्यप्रदेश में आइफा अवार्ड को लेकर सियासत तेज हो गई है. भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि आदिवासियों और युवाओं को आइफा का टिकट फ्री दिया जाना चाहिए.
आइफा की घोषणा के साथ ही प्रदेश भाजपा के निशाने पर कमलनाथ की सरकार आ गई थी. इसका विरोध पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी कर चुके हैं.  सभी ने राजय सरकार पर पैसों की बर्बादी करने का आरोप लगाया था. अब भाजपा के पूर्व मंत्री और विधायक विश्वास सारंग ने विरोध करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे प्रदेश के युवाओं और आदिवासियों को आइफा के टिकट फ्री में उपलब्ध कराएं. सारंग ने इस मांग का पत्र भी मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखा है.  सारंग ने पत्र में लिखा है की मुख्यमंत्री ने आईफा अवार्ड युवाओं और आदिवासियों को समर्पित किया है लिहाजा इस वर्ग को आईफा में फ्री पास दिया जाए. सारंग ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार को ग्लैमर की सरकार बताते हुए कहा कि गरीबों के लिए चलाई जा रही योजना, खाली खजाना कहकर सरकार बंद कर रही है. तीर्थ दर्शन योजना बंद कर दी गई. कफन के लिए दिए जाने वाली राशि बंद कर दी, लेकिन आइफा में करोड़ों रुपए बर्बाद किए जा रहे हैं. 
मंत्री ने कहा नहीं मिलेगा फ्री पास
पूर्व मंत्री विश्वास सारंग द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ का फ्री टिकट की मांग को लेकर लिखे पत्र को लेकर राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने सारंग पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पास या फिर फ्री टिकट तो किसी को भी नहीं मिलेगा. शर्मा ने कहा कि बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्पष्ट कर दिया कि मंत्री हों या अधिकारी या फिर पुलिस वाले सभी को आइफा का टिकट खरीदना होगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि फ्री पास के चक्कर में कोई न रहें. उन्होंने खुद आइफा का टिकट खरीदा है.  साथ ही आइफा के जरिए पैसे की बर्बादी पर शर्मा का कहना है कि सरकार पैसा नहीं लगा रही है, आइफा इंस्पान्सर पैसा लगा रहे है.

आंखे खुली रखिए तो बालाकोट का दिखेगा सच

शिवराज ने कहा सबूत चाहिए तो पाकिस्तान की देखिए बौखलाहट

मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर दिए बयान के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  कमलनाथ पर हमला बोला है. चौहान ने कहा कि आंखे खुली रखिए तो बालाकोट का सच दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि सबूत के लिए पाकिस्तान की बौखलाहट ही काफी है. 
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज गुरुवार को छिंदवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए. इसका जवाब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने ट्वीट के जरिए दिया. चौहान ने ट्वीट कर कहा कि कमलनाथजी आंखे रखिए तो बालाकोट का सच दिखाई देगा. चौहान ने कहा कि अगर आपकों सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत चाहिए तो उसके लिए भारत की कार्रवाई नहीं, पाकिस्तान की बौखलाहट ही सबूत के लिए काफी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान में इमरजेंसी डिक्लेयर की, विदेश मंत्री शाह मसूद कुरैशी ने कहा क भारत ने गंभीर आक्रामकता दिखाई, पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा के लिए जवाब देने का पूरा हक है. शिवराज ने कहा कि पाकिस्तान ने बालाकोट स्ट्राइक के बाद भयभीत होकर अंतरराष्ट्रीय स्त पर अपनी घरेलू उड़ाने तथा एयरस्पेस कई दिनों तक बंद रखे. भारत के लिए अपना एयर स्पेस कई महीनों तक बंद रखा, यह था उनका डर.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तार ने एफ-16 से भारत पर नाकाम जवाबी कार्रवाई की, नापाक आतंकी संगठनों ने भी भारत की एयर स्ट्राइक के बाद बदला लेने का ऐलान किया था. शिवराज ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण हे कि आपकों, आपकी सेना पर विश्वास नहीं है. माना कि आपकी और आपकी पार्टी की कुछ राजनीतिक मजबूरियां हैं, लेकिन अपने क्षुद्र राजनीतिक लाभ के लिए देश और सेना को मनोबल मत गिराइये.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज छिंदवाड़ा में सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी हमला बोला था.  चौहान पर तीखे हमले करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि शिवराज श्रेय की राजनीति करते हैं और उनका मुंह बहुत चलता है.

बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

फिल्मों को 50 फीसदी अनुदान देगी सरकार

 फिल्म में 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा मध्यप्रदेश का दिखाना होगा निर्माता को

मध्यप्रदेश में शूटिंग होने पर सरकार फिल्म को 50 प्रतिशत अनुदान देगी. यह अनुदान तभी दिया जाएगा, जब फिल्म बनने के बाद यह  फिल्म का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा मध्यप्रदेश का फिल्माया गया होगा. 
यह फैसला आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. बैठक के बाद राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि बैठक में पर्यटन नीति पर मोहर लगाई गई, जिसके तहत मध्यप्रदेश में फिल्म की शूटिंग होने पर सरकार की ओर से 50 फीसदी अनुदान देने का फैसला किया गया. उन्होंने बताया कि यह अनुदान फिल्म को तभी दिया जाएगा जब फिल्म में अगर 50 प्रतिशत से ज्यादा लोकेशन मध्यप्रदेश की होगी. उन्होंने बताया कि अगर स्थानीय कलाकारों को फिल्म निर्माता मौका देंगे तो फिल्म को 1 करोड़ तक की सब्सिडी भी दी जाएगी. 
उन्होंने बताया कि बैठक में शराब नीति को लेकर मंत्रियों की आपत्ति के चलते प्रस्ताव नहीं आया. उन्होंने बताया कि बैठक में सूचना आयुक्त कार्यालयों के लिए 59 पद स्वीकृत किए गए. इसके अलावा सहकारिता विभाग द्वारा कृषि पर शून्य प्रतिशत ऋण दिए जाने स्वीकृत किया गया. विनोद मिल की 86 बीघा जमीन की नीलामी किए जाने का फैसला किया गया है. 
बैठक में मध्यप्रदेश समयबद्ध निर्बाधन अधिनियम 2020 को मंजूरी दे दी है. शर्मा ने बताया कि बैठक में औद्योगिक निवेश की स्थिति में 10 विभागों से संबंधित 40 अनुमतियां या लायसेंस एक दिन में, 10 अनुमतियां या लायसेंस 7 दिन में और पांच अनुमतियां या लायसेंस 15 दिनों में आॅनलाइन प्रदान करना होगा, इसके साथ ही इस विधेयक में समय सीमा में काम नहीं होने पर संबंधित विभाग के अधिकारी को दंडित करने का प्रावधान भी किया गया है.

स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की पार्टी को पुनजीर्वित करने की उठी मांग

डा. गोविंद सिंह 
 सिंधिया समर्थकों पर बिगड़े कमलनाथ के मंत्री
मध्यप्रदेश की राजनीति में वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान के गर्माई सियासत थम नहीं रही है. सिंधिया समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर स्वर्गीय माधवराव सिंधिया द्वारा बनाई पार्टी को पुनर्जीवित करने की बात समर्थकों द्वारा कही जा रही है. इसे लेकर कमलनाथ के मंत्री डा. गोविंद सिंह ने आज नाराजगी जताई और कहा कि जो लोग पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं रखते, उन्हें पार्टी में रहने का अधिकार नहीं है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रही बयानबाजी के दौर, मंगलवार को मुख्यमंत्री के बयान के बाद थम जाने के आसार बने थे, मगर सिंधिया समर्थक एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं. सिंधिया समर्थकों द्वारा  सोशल मीडिया पर स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की पार्टी को फिर से पुनर्जीवित करने की मांग की पोस्ट लगातार की जा रही है. समर्थकों की यह पोस्ट काफी चर्चा में आई है. इस पोस्ट पर आज राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने सिंधिया समर्थकों को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने कहा कि  वो पार्टी संगठन से अपील करेंगे कि ऐसे लोगों को पार्टी से निकाल दिया जाए. इतना ही नहीं डा. सिंह ने साफ कहा कि जो लोग पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं रखते, उन्हें पार्टी में रहने का अधिकार  नहीं है. जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, उन्हें तत्काल पार्टी छोड़ देना चाहिए.
गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अतिथि विद्वानों के समर्थन में सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने वाला बयान दिया था. इसके बयान के बाद से सिंधिया समर्थक कार्यकर्ता और मंत्री लगातार पार्टी विरोधी बयान दे रहे हैं, जिससे सिंधिया समर्थक और दूसरे गुट के नेताओं के बीच तनातनी भी देखने को मिल रही है. इस  बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि जब वे शिवराज सिंह चौहान पर नाराज नहीं होते, तो सिंधिया से उनकी कैसी नाराजगी. इस बयान के बाद लगा था कि मामला थम जाएगा, मगर ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है.
नई पार्टी बनाने के लिए चाहिए हिम्मत और कलेजा 
सिंधिया समर्थकों द्वारा स्वर्गीय माधवराव सिंधिया द्वारा बनाई पार्टी को पुनर्जीवित करने की मांग उठाए जाने पर भाजपा के वरिष्ठ मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि नई पार्टी बनाने के लिए हिम्मत और कलेजा चाहिए अगर सिंधिया जलालत से पार्टी में रह रहे हैं तो उन्हें ऐसा करना चाहिए. मिश्रा ने कहा कि हमारी सरकार के समय विपक्ष में जब सिंधिया जैसे कुछ समर्पित कांग्रेसी थे, जिन्होंने दिखावे के लिए सड़कों पर लड़ाई लड़ी, लेकिन वो आज कमलनाथ सरकार के समय भी सड़कों पर है. नरोत्तम ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जो आज सत्ता के शीर्ष पर बैठे हैं, वह कभी भाजपा के राज में सड़क पर आए ही नहीं. कमलनाथ, सिंधिया को सड़कों पर लाकर ही मानेंगे वह खुद कभी सड़क पर नहीं आएंगे.

महिला अतिथि विद्वान ने कराया मुंडन


नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे महिला अतिथि विद्वान ने आज मुंडन कराकर सरकार द्वारा उनकी मांगें नहीं माने जाने को लेकर विरोध जताया.
राजधानी के यादगार ए शाहजहांनी पार्क में अतिथि विद्वानों का आंदोलन जारी रहा. आंदोलन के दौरान आज महिला अतिथि विद्वानों ने मुंडन कराकर विरोध जताया. मुंडन धरने पर बैठी महिला अतिथि विद्वान डा. शाहीन खान ने कराया. डा. शाहीन खान कटनी जिले में अतिथि विद्वान है. उन्होंने कहा कि हम अपनी मांगों को लेकर एक महीने से ज्यादा समय से धरने पर बैठे हुए हैं, मगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पहले कांग्रेस ने वचन पत्र में हमें नियमित करने का वादा किया था, वह वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है. सरकार के मंत्री धरना स्थल पर आते हैं, आश्वासन देकर चले जाते हैं, मगर जब तक हमें लिखित में आदेश नहीं दिया जाएगा, हम इसी तरह धरने पर बैठें रहेंगे. 
मोर्चा के प्रवक्ता डॉ. आशीष पांडे ने बताया कि संगठन द्वारा 2 दिसंबर से छिंदवाड़ा से आंदोलन शुरू किया गया था. इस हिसाब से आंदोलन के 90 दिन बीत चुके हैं. स्वर्गी संजय कुमार की पत्नी लालसा देवी भी 3 दिन से अस्थि कलश लेकर धरने पर बैठी हैं. उन्होंने कहा हमें मुख्यमंत्री के आने का इंतजार है. जब तक वे नहीं आएंगे तब तक हम यहीं डटे रहेंगे.
26 को 4 महिला अतिथि विद्वान कराएंगी मुंडन
अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डा. देवराज सिंह ने बताया कि फिलहाल एक महिला अतिथि विद्वान ने आज 1 बजे मुंडन कराया है.इसके बाद भी अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो  26 फरवरी को 4 महिला अतिथि विद्वान मुंडन कराएंगी. इसके बाद यह क्रम जारी रहेगा. बाद में 4 मार्च को महिला और पुरुष दोनों अतिथि विद्वान मुंडन कराएंगे

अधिकारी कर रहे नेताओं की चाटुकारिता

शिवराज के बाद गोपाल के निशाने पर मुख्य सचिव

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने प्रदेश के मुख्य सचिव एस. आर. मोहंती पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अधिकारी नेताओं की चाटुकारिता कर रहे हैं. शासकीय कार्यालय, कांग्रेस कार्यालय में  बदल गए हैं. भार्गव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर मुख्य सचिव द्वारा की गई टिप्पणी सर्विस मैनुअल के हिसाब से ठीक नहीं है.
नेता प्रतिपक्ष ने यह बात आज मीडिया से करते हुए कही. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में अधिकारियों को खुली छूट मिल रही है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ दिया गया बयान सर्विस मैनुअल के खिलाफ है. अधिकारी अपना आचरण सुधारें. मध्यप्रदेश में इस तरह की संस्कृति नहीं है कि अधिकारी नेताओं के खिलाफ बयान दें. अधिकारी केवल नेताओं की चाटुकारिता करने में लगे हुए हैं, ताकि इन्हें रिटायरमेंट के बाद अच्छे मलाईदार पद मिल सकें और इनका जीवन आसानी से कट सके. 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मंत्रालय को भी घोषित रूप से कांग्रेस कार्यालय बना देना चाहिए क्योंकि अघोषित रूप से तो सरकारी दफ्तर और मंत्रालय कांग्रेस कार्यालय बन ही चुके हैं. प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने एक बयान देते हुए कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पीपीपी मोड की समझ ही नहीं थी. उन्हें मालूम ही नहीं था कि पीपीपी मोड क्या होता है. मुख्य सचिव के इस बयान के बाद ही सियासत गरमा गई है.
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती पर पोषण आहार के मामले में सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था, जिस पर मुख्य सचिव ने भी शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है.
छोटे अधिकारियों का मनोबल गिरा रहे मुख्यमंत्री
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि थप्पड़ कांड की दोषी महिला कलेक्टर को बचाकर सरकार और मुख्यमंत्री कमलनाथ छोटे अधिकारियों का मनोबल गिरा रहे हैं. जब एक बार जांच में आरोप सिद्ध हो गए हैं तो फिर जांच वरिष्ठ अफसरों से क्यों कराई गई? दोषी कलेक्टर को बचाने के लिए ही वरिष्ठ अफसरों को जांच का जिम्मा सौंपा गया था और इन अफसरों ने अपना काम कर दिखाया. भार्गव ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने एक दोषी आईएएस अधिकारी को बचाने के लिए पुलिस द्वारा की गई जांच को ही गलत ठहरा दिया है. ये मामला बेहद गंभीर है और इस मामले को मैं विधानसभा में भी उठाऊंगा.

मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

मैं शिवराज से नाराज नहीं होता तो ज्योतिरादित्य से कैसी नाराजगी

कमलनाथ 
 मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा उन्होंने कहा तो मैंने भी कह दिया

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया से अनबन की खबरों के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मेरी किसी से कोई नाराजगी नहीं है. कमलनाथ ने कहा कि जब मैं शिवराज सिंह चौहान से नाराज नहीं होता तो ज्योतिरादित्य से कैसी नाराजगी.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यहां मिंटो हाल में वैकल्पिक वित्तीय प्रबंधन से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन सत्र के बाद मीडिया के सवालों के जवाब में यह बात कही. उन्होंने कहा कि जब सिंधिया कह रहे हैं, तो मैंने भी कहा कह दिया. उन्होंने कहा कि मैं कभी किसी से नाराज नहीं होता. मुख्यमंत्री ने कहा कि  मैं शिवराज सिंह से नाराज नहीं होता, सिंधिया से क्यों नाराज होउंगा. राज्य में एनपीआर लागू करने संबंधी सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि अभी इसे राज्य में लागू नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि कैसे राज्य में वित्तीय संसाधन बढ़ाए जाएं, इसके लिए यह कार्यशाला आयोजित की गयी है। देश प्रदेश में वित्तीय हालात बदले हैं. इनके मद्देनजर नए विकल्पों पर विचार किया जाना जरुरी है.
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को सिंधिया ने ग्वालियर में कहा था कि मैं जनता का सेवक हूं, जनता के मुद्दों के लिए लड़ना मेरा धर्म है. सिंधिया ने कहा हमें सब्र रखना है और अगर जिन मुद्दों को हमने अपने वचनपत्र में रखा है उनको हमें पूरा करना ही होगा. अगर नहीं होगा तो हमें सड़क पर उतरना होगा.  सिंधिया इसके पूर्व टीकमगढ़ जिले में भी अतिथि विद्वानों से मुलाकात के दौरान सड़क पर उतरने की बात कह चुके हैं. 
कांग्रेस विधायक ने दिया भाजपा विधायक मेंदोला को जवाब
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान के बाद मचे घमासान के बीच भाजपा विधायक रमेश मेंदोला द्वारा सिंधिया को हनुमानजी की शरण में आने को लेकर लिखे पत्र का जवाब ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने दिया है. पाठक ने मेंदोला को पत्र लिखकर सिंधिया को जननायक, जनसेवक, सबसे पुरानी पार्टी के युवा तुर्क और वर्तमान भारतीय राजनीति की तरुणाई जैसे शब्दों से संबोधित किया है.मेंदोला को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि मुझे यह मालूम है कि सिंधिया ने आपके पत्र का जवाब नहीं देंगे. वे हमारी प्रेरणा हैं. ऊर्जा का अक्षत स्रोत हैं, इसलिए हमारे जैसे लाखों कार्यकर्ता उनके साथ हैं.  पाठक ने पत्र में लिखा है कि आप समझ लें, कहीं कोई टकराव नहीं है.  आप मुझसे उम्र और राजनीतिक अनुभव में काफी बड़े हैं, लेकिन सिंधिया को लिखे पत्र को पवनसुत हनुमानजी के माध्यम से अध्यात्मिक कलेवर देने का आपका असफल प्रयास है, जिससे आपकी स्वार्थी राजनीतिक महत्वाकांक्षा की दुर्गंध आती है. पत्र में पाठक ने शिवराज सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों का भी जिक्र किया है.

थप्पड़ मामले में कलेक्टर को मिली क्लीन चिट

निधि निवेदिता 

 राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता को एएसआई नरेश शर्मा को थप्पड़ मारने के मामले में राहत मिल सकती है.घटना की जांच के लिए नियुक्त प्रमुख सचिव संजय दुबे और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन ने अपनी रिपोर्ट में एएसआई की शिकायत की पुष्टि नहीं की है.  थप्पड़ कांड में कलेक्टर निधि निवेदिता और एएसआई के ड्राइवर ने घटना से इंकार किया है. 
जांच के लिए गठित जांच दल  के अधिकारियों ने राजगढ़ जाकर कलेक्टर निधि निवेदिता सहित 20 अधिकारी कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं,  लेकिन कलेक्टर का थप्पड़ प्रमाणित नहीं हो पाया है. कमेटी को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे कलेक्टर द्वारा एएसआई को थप्पड़ मारे जाने की पुष्टि हो पाई हो. बंद कमरे में अलग-अलग दिए गए बयानों में एएसआई के ड्राइवर ने कहा है कि साहब ने बताया कि मैडम ने झकझोरा है. वहीं मौके पर ड्यूटी कर रहे राजस्व पुलिस के अधिकारी व कर्मचारियों ने भी घटना पर साफ-साफ कुछ नहीं कहा है.
जांच दल ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है. इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय के लिए जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव एसआर मोहंती के माध्यम से मुख्यमंत्री कमलनाथ को भेज दी है. जिस पर वह अंतिम निर्णय लेंगे.