गुरुवार, 31 जनवरी 2019

मध्यप्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वृत्तीकर के दायरे से बाहर

राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बडी सौगात दी है. सरकार ने प्रोफेशलन टैक्स में राहत दी है जिससे करीब 40 हजार चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी प्रोफेशनल टैक्स के दायरे से मुक्त हो गए हैं. राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों पर लगने वाले प्रोफेशनल टैक्स को लेकर आदेश जारी किया है. इसके तहत 2.25 लाख की सालाना आय पर कर्मचारियों को कोई प्रोफशनल टैक्स नही चुकाना होगा. 2.25 लाख से 3 लाख रूपए की सालाना आय वोले कर्मचिारियों को 1500 रूपए, 3 से 4 लाख रूपए की सालाना आय वाले कर्मचारियों को 2 हजार  रूपए और 4 लाख से उपर की सालाना आय वाले कर्मचारियों को 2500 रूपए प्रोफेशनल टैक्स चुकाना होगा.
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने प्रोफेशनल टैक्स के आदेश जारी करने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रति अभार व्यक्त कर सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है.  शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश ही एक मात्र ऐसा राज्य था जहां चपरासी से लेकर मुख्य सचिव को वृत्ती कर 2500 रूपए देना होता था. संघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस विसंगति की ओर आकृष्ट किया था जिस पर बजट में वृत्तीकर में छूट देने की घोषणा की गई थी परन्तु आदेश जारी न होने के कारण चतुर्थ श्रेणीयों के वेतन से 2500 रुपए वृत्ती कर काटा जा चुका है. आज के आदेश के बाद प्रदेश के 40000 हजार से ज्यादा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को यह राशि सरकार को वापस करनी होगी.

सांसद सिंधिया ने तले समोसे


मध्यप्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर प्रवास के दौरान एक होटल पर रुककर समोसे तले.सिंधिया इन दिनों अशोकनगर प्रवास पर हैं. वे जब कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जा रहे थे, तभी वे रास्ते में एक होटल पर रुके और समोसे कढ़ाई में डालकर तलने लगे. उन्होंने पहले दुकानदार से समोसे बनाने का तरीका पूछा, फिर कढ़ाई में समोसे डालकर सेंकने लगे. इससे पहले वे नवंबर 2016 शहडोल संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव के समय उमरिया जिले के बड़वाही गांव में आदिवासी परिवार के यहां रोटियां सेंकी थी. इसके बाद सिंधिया अप्रैल 2017 में भिंड जिले की अटेर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के समय सिंधिया ने दलित के यहां रोटियां बनाई थीं.

कमलनाथ दिलाएंगे मंत्रियों को प्रशिक्षण

 कमलनाथ
मध्यप्रदेश सरकार सरकार अपने मंत्रियों को प्रशिक्षण दिलाएगी. यह प्रशिक्षण एक दिन को होगा और राजधानी के अटलबिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में दिलाया जाएगा.
सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने स्तर पर इसकी तैयारियों भी शुरू कर दी हैं. हालांकि, इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है. कांग्रेस सरकार के 28 मंत्रियों में सात पहले भी मंत्री रह चुके हैं. जबकि दो मंत्री संसदीय सचिव रहे हैं. इस प्रकार से देखा जाए तो सरकारी कामकाज का अनुभव 21 मंत्रियों को सीधे तौर पर नहीं है. मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा तेजी के साथ काम करने की है. यही वजह है कि वे मंत्रालय में ज्यादा से ज्यादा वक्त दे रहे हैं. यही अपेक्षा उनकी मंत्रियों से भी है. इसको लेकर वे उन्हें ताकीद भी कर चुके हैं कि ज्यादा से ज्यादा वक्त विभाग को दें.
सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है. प्रशिक्षण के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय से तारीख अभी तय नहीं हुई है. बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण नीति सुशासन स्कूल में कराया जा सकता है. स्कूल ने भी अपने स्तर पर तैयारी कर ली है. सामान्य प्रशासन विभाग से बिजनेस रूल्स, कार्य आवंटन नियम, मंत्रालय की कार्यप्रणाली को लेकर जानकारियां बुलवा ली हैं.

गाय आस्था और श्रद्धा का विषय, राजनीति न करें: शिवराज

शिवराज सिंंह चौहान 

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने कहा कि गाय हमारी आस्था और श्रद्धा का विषय है इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए, वहीं उन्होंने खुजनेर में गणतंत्र दिवस पर घटित घटना को लेकर कहा कि इस मामले की जांच कराई जानी चाहिए. यह बहुत चिंता का विषय है.
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार द्वारा 1 हजार गौ-शौलाएं खोले जाने की घोषणा के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद यह कहा था कि गाय की बात करने वाले अपने शासनकाल में एक भी गौशाला नहीं खोल पाए. उनके इस बयान के बाद भाजपा नेता चिंतित हुए थे. भाजपा नेताओं की चिंंता कमलनाथ के लगातार खेले जा रहे हिन्दू कार्ड को लेकर है. इसे देख आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि गाय हमारी आस्था और श्रद्धा का विषय है. इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री कमलनाथ गाय को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं. मैं उनके गौ-शालाएं खोलने के कदम का स्वागत करता हूं, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि गायों के दाने, पानी, भूसे का समुचित इंतजाम हो.
शिवराज सिंह ने अपने एक अन्य ट्वीट में गणतंत्र दिवस पर खुजनेर में घटित घटना पर चिंता भी जताई है. उन्होंने कहा कि खुजनेर की घटना बहुत चिंताजनक है. गणतंत्र दिवस जैसे कार्यक्रम में अराजक तत्व धारदार हथियार लेकर घुस आयें और बेटियों तक की पिटाई कर दें, ऐसा देश में पहली बार हुआ है. मैं चाहता हूं कि इस घटना की गहरी जांच हो और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि ऐसी घटना दोहराई न जा सके.

भाजपा वाले तो महमूद गजनवी के ग्रैंड फादर

डा. गोविंद सिंह 

मध्यप्रदेश के संसदीय और सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने कहा कि भाजपा वाले लुटेरे महमूद गजनवी से भी कम नहीं है. गजनवी तो सोमनाथ मंदिर लूटकर भागा था, भाजपा ने हर क्षेत्र में लूटपाट की. महमूद गजनवी के ग्रैंड फादर है भाजपा.
प्रदेश के मंत्री के इस बयान के बाद राज्य का सियासी पारा और चढ़ गया है. डा. गोविंद सिंंह ने भाजपा के 15 साल की तुलना मोहम्मद गजनवी से कर डाली.  उन्होंने कहा कि गजनवी को सोमनाथ मंदिर लूटकर भागा था, उसने सोचा भी था की कुछ छोड़ दूं, मगर ये तो उसके भी ग्रैंड फादर निकले सब कुछ लूट कर ले गए. उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने शासनकार में हर क्षेत्र में घोटाला किया. मंत्री ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला भाजपा ने किया है. पार्टी फंड में भाजपा नेताओं को लोकसभा चुनाव के लिए पैसे देने की बात पर उन्होंने कहा कि अब जब सरकार में भाजपा नहीं रही तो वे चंदे के नाम पर घोटाला करेंगे.
  उल्लेखनीय है कि डा. गोविंद सिंह ने कुछ दिनों पर आरएसएस पर बम बारुद बनाने और बनाने का प्रशिक्षण देने का आरोप लगाया था. इसे लेकर राजनीति भी गर्माई थी. भाजपा ने इसे लेकर डा. सिंह पर आरोप भी लगाए थे. अब फिर डा. सिंह के निशाने पर भाजपा है.

चुनाव के लिए मैदानी जमावट में जुटे दल

 भाजपा में बदलाव के आसार, कांग्रेस में मंत्री और दिग्गज नेता संभालेंगे कमान



मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव की जमावट में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल जुट गए हैं. दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्षों ने अपने स्तर पर काम शुरु कर दिया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रियों और दिग्गज नेताओं को लोकसभा क्षेत्रों में तैनात करने की कवायद शुरु की है. वहीं  भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को फ्री हेंड दे दिया है. इसके बाद संगठन में बदलाव के आसार नजर आने लगे हैं. यह बदलाव जिला स्तर पर होने की संभावना है.
मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने लोकसभा चुना

व के लिए सक्रियता दिखाते हुए अब मैदानी जमावट पर जोर देना शुरु कर दिया है. भाजपा जहां विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद लोकसभा चुनाव में पिछले चुनाव की तरह परिणाम चाह रही है. भाजपा ने अब 29 सीटों का लक्ष्य तय कर दिया है. इस लक्ष्य को पाने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह को फ्री हेंड देकर संगठन में कसावट लाने की बात कही है. राकेश सिंह अब जिला स्तर पर बदलाव की तैयारी कर रहे हैं. माना जा रहा है कि भाजपा का नेतृत्व नई जिम्मेदारियों के साथ मैदान में उतरेगा. इसके तहत 25 से ज्यादा जिला अध्यक्षों को बदला जाएगा. इसके अलावा खराब परफार्मेंस वाले पदाधिकारियों को भी हटाया जाएगा. मतलब साफ है कि भाजपा इस बार पूरी तरह से राकेश सिंह की टीम के सहारे लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरेगी. 
मंत्रियों, दिग्गजों को कांग्रेस सौंपेगी जिम्मेदारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव के लिए मंत्रियों और दिग्गज नेताओं को लोकसभा क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपना तय किया है. कमलनाथ ने साफ कर दिया है कि चुनाव सत्ता और संगठन मिलकर लड़ेगा. इसके लए सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाए जाने की रणनीति तय की गई है. इसके अलावा उन विधानसभा सीटों पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की बात कही है, जहां पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को निराशाजनक परिणाम मिले थे. मंत्रियों से कहा गया है  कि वे गांवों में रात बिताएं और कार्यकर्ता को संगठन मजबूत करने के लिए प्रेरित करें साथ ही जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के बारे में बताएं. इसके अलावा दिग्गज नेताओं को को भी उनके लोकसभा क्षेत्रों में सक्रिय होकर चुनाव जीताने की जिम्मेदारी सौंपी है.

भाजपा में हार पर तकरार, शिवराज ने काटी गोपाल की बात

 शिवराज ने कहा कि कार्यकर्ता में हार को लेकर निराशा नहीं



शिवराज सिंह चौहान 
मध्यप्रदेश भाजपा में विधानसभा चुनाव में मिली हार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के लिए तकरार हो गई. शिवराज ने गोपाल की बात को काटते हुए कहा कि हार के कारण निराश नहीं है कार्यकर्ता.
गोपाल भार्गव 
मध्यप्रदेश भाजपा में विधानसभा चुनाव के बाद से हासिए पर आए शिवराज ने पदाधिकारियों की बैठक में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की बात को काटते हुए कार्यकर्ताओं की निराशा को लेकर हार का कारण न होना बताया. लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में हुई बैठक में दोनों नेताओं के बयान में  साफ तौर पर तकरार देखी गई. बैठक को संबोधित करने हुए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि विधानसभा चुनाव की हार से कार्यकर्ता हताश हैं और उनमें अवसाद की स्थिति है. इसके बाद जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठक को संबोधित करने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने गोपाल भार्गव की बात को काटते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं में हार से कोई हताशा नहीं है. कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में हुई हार का बदला लेने के लिए तैयार हैं. इस मामले को लेकर गोपाल भार्गव ने कहा कि हम मात्र चार-पांच सीटों के अंतर से हार गए है, इसलि कार्यकर्ताओं में अवसाद की स्थिति बन गई है. अगर हार का अंतर अधिक होता तो शायद कार्यकर्ता निराश  नहीं होता.
फातिमा ने मंडल अध्यक्ष को मारा धप्पड़
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए  उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों की बैठक में भाजपा प्रत्याशी फातिमा रसूल ने मंडल अध्यक्ष रुकमणी को धप्पड़ मार दिया. बैठक महापौर आलोक शर्मा के निवास पर हुई थी. बैठक में  भोपाल उत्तर से भाजपा की उम्मीदवार बनाई गई फातिमा रसूल सिद्दकी और मंडल अध्यक्ष रुक्मिणी के बीच जमकर हाथापाई हो गई. फातिमा ने मंडल अध्यक्ष रूक्मिणी को थप्पड़ मारे और पति ने भी चाकू निकालकर सभी को डराया बैठक लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी. 
फंड की चिंता सताने लगी रामलाल को
पदाधिकारियों की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल फंड को लेकर भी चिंतित नजर आए. रामलाल ने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लोकसभा चुनाव को लेकर दिए कार्यक्रमों की जानकारी संगठन पदाधिकारियों को दी और कहा कि चुनाव के पहले कार्यक्रमों के जरिए जनता के बीच जाना है साथ ही जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी देनी है. इन कार्यक्रमों को लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए फंड की व्यवस्था जिला स्तर पर की जानी होगी. अब हम सरकार में नहीं है, इसलिए जिला स्तर पर पदाधिकारी फंड की व्यवस्था करें और कार्यक्रमों आयोजित कराएं.