सोमवार, 3 जून 2024

bhopal news: पिता के लिए दो विधायकों ने खूब बहाया पसीना

अब परिणाम तय करेगा राजनीतिक भविष्य


भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के दो विधायकों ने अपने पिता को जिताने के लिए खूब पसीना बहाया अब कल जब मतणगना के बाद परिणाम आएंगे तो उनका राजनीतिक भविश्य भी ये परिणाम तय करेंगे। राजगढ़ और झाबुआ-रतलाम संसदीय सीटों के परिणामों पर कांग्रेस को जीत का भरोसा है, वहीं दोनों ही विधायकों का आत्मविश्वास भी है कि उनके पिता चुनाव जीत रहे हैं। अब देखना होगा कि कल परिणाम क्या और किसके पक्ष में आता है?
प्रदेश कांग्रेस ने कुछ सीटों पर अपने विधायकों पर दांव खेला था तो दो सीटों पर दो विधायकों जयवर्धन सिंह के पिता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को राजगढ़ और विक्रांत भूरिया के पिता पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट से मैदान में उतार था। दोनों ही विधायकों ने अपने-अपने पिता के लिए खूब पसीना बहाया। मैदान में सक्रियता दिखाई ताकि जीत हासिल हो सके। माहौल भी कुछ ऐसा बना कि भाजपा भी इन दोनों सीटों पर टक्कर की स्थिति मानने लगी। भाजपा के ही कुछ नेता अब भी एग्जिट पोल आने के बाद इन सीटों पर परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। दोनों ही सीटों को वे अब भी कड़ा मुकाबला बताते हुए यह स्वीकार कर रहे हैं कि अगर जीत हासिल हुई तो जीत का अंतर काफी कम रहेगा। वहीं दोनों विधायक अपने-अपने पिता की जीत के प्रति आश्वस्त हैं। यह चुनाव दोनों विधायकों के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। दोनों ही इस जीत के साथ अपने राजनीतिक जीवन को आगे बढ़ता भी देख रहे हैं। दोनों विधायकों का कहना है कि यहां पर अगर पार्टी की जीत होती है तो कठिन वक्त में कांग्रेस को दो सीट हासिल होगी और इसका सीधा फायदा उनके राजनीतिक जीवन पर भी पड़ेगा।
छिंदवाड़ा में बेटे के लिए पिता ने बहाया पसीना
छिंदवाड़ा सीट को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ माना जाता है। इस सीट पर उनके बेटे नकुल नाथ चुनाव मैदान में थे। इस बार भाजपा ने यहां पर जीत के लिए खूब पसीना बहाया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी अपने बेटे की जीत के लिए पूरे समय जुटे रहे। उन्हें अपने बेटे नकुलनाथ की जीत पर भरोसा है। वहीं भाजपा एग्जिट पोल के आधार पर इस सीट पर भी अपनी जीत मान रही है। अब कल मंगलवार को परिणाम यह तय कर देगा कि कमलनाथ अपना गढ़ बचाने में कामयाब रहे या फिर भाजपा ने इस गढ़ में सेंधमारी की?
 

रविवार, 2 जून 2024

आदिवासी विकास कार्य की राशि बांट दी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वेतन देने में


बाप विधायक ने वापस मांगी राशि, वित्त मंत्री को लिखा पत्र

भोपाल।  सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार विधायक ने प्रदेश सरकार से आदिवासी बजट के 207 करोड़ रुपए वापस मांगे हैं। डोडियार का कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्य और आदिवासियों के रोजगार पर खर्च किए जाने वाली राशि महिला एवं बाल विकास की योजनाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वेतन देने में खर्च कर दी गई है। विधायक ने इसको लेकर अब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को पत्र लिखा है। 

सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को एक पत्र लिखा है. जिसमें विधायक ने प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग को अंतरित की गई जनजाति उपयोजना की 207 करोड़ रुपए के बजट की राशि की मांग दोहराई है। डोडियार ने पत्र में लिखा है कि भारत के संविधान में अनुच्छेद 275 के तहत आदिवासियों के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार आदि पर खर्च की जाने वाली जनजाति उपयोजना की राशि में से 207 करोड़ रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग को दे दिए गए हैं, जो गैर संवैधानिक होकर आदिवासियों के प्रति दुर्भावना रखने वाले उच्च जाति के अफसरों का षड्यंत्र है। उपयोजना की राशि संविधान प्रावधानित है. जिसका एक रुपया भी किसी दूसरे मद में खर्च नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से पुनः अनुसूचित जनजाति उपयोजना के 207 करोड़ रुपए अंतरित करने की मांग की है।

गौरतलब है कि भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर इससे पूर्व भी विधानसभा में अलग भील प्रदेश बनाने की मांग, संविधान की पांचवी अनुसूची के अनुसार आदिवासियों को अधिकार दिलवाने और आदिवासियों के बजट की राशि आदिवासी क्षेत्र में ही खर्च किए जाने की मांग को उठा चुके हैं।  


जल संरचनाओं के उन्नयन के कार्य कराएं प्राथमिकता से

जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रदेश में 5 जून से चलेगा विशेष अभियान


भोपाल। प्रदेश के सभी जिलों में जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए 5 से 16 जून तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं नगरीय क्षेत्रों में नगरीय विकास एवं आवास विभाग करेगा।

अभियान के सफल व सुचारू संचालन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को संयुक्त दिशा-निर्देशजारी किए गए हैं। निर्देशों में कलेक्टरों से कहा गया है कि अभियान के दौरान जल संरचनाओं के उन्नयन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कराये जाए। जल संरचनाओं से मिलने वाले गंदे पानी के नाले अथवा नालियों को डायवर्सन के उपरांत शोधित कर जल संरचना में छोड़ा जाए। जल संरचनाओं को व्यवसाय व रोजगार मूलक बनाने के उद्देश्य से पर्यटन, मत्स्य पालन, सिंघाड़े का उत्पादन जैसी संभावनाओं का स्पष्टतः निर्धारण कर लिया जाए। 

होंगे जल सम्मेलन, किया जाएगा श्रमदान

निर्देशों में कहा है कि जन-जागरूकता के उद्देश्य से 6 जून को प्रत्येक नगरीय निकाय में जल सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 8 जून को जन भागीदारी से श्रमदान कर जल संरचनाओं की साफ सफाई की जाएगी। 9 जून को जल संरचनाओं के समीप कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा साथ ही 9 जून को ही जल संरक्षण विषय पर निबंध, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय छात्र-छात्राएं सहभागिता करेंगे। 10 से 16 जून तक योजनानुसार जीर्णोद्धार के साथ-साथ जल संरचनाओं की साफ-सफाई भी होगी। 15 व 16 जून को गंगा दशमी के अवसर पर प्रमुख जल स्रोतों के किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत गंगा आरती, भजन समारोह इत्यादि आयोजित किये जाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने किया आह्वान अभियान में ले भाग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण व संवर्धन के संबंध में जागरूकता के लिए 5 जून “पर्यावरण दिवस“ से 16 जून “गंगा दशहरा“ तक चलने वाले ’नमामि गंगे अभियान’ में प्रदेशवासियों से सक्रिय रूप से भाग लेने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि वृक्षों और जल से ही यह वसुधा समृद्ध है, यही जीवन का आधार है, अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण पर केन्द्रित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। जनभागीदारी से नदी, तालाब, कुंए, बावड़ी की साफ-सफाई कर, जनसामान्य में जल के प्रति चेतना बढ़ाने के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी। 

Bhopal news: वास्तु की आड़ में जारी है पटवारी का तुष्टिकरण का एजेंडा


भोपाल। भाजपा प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने आरोप लगाया कि मुस्लिम तुष्टिकरण के कारण कांग्रेस की पराजय के बाद भी पार्टी अपनी नीति में कोई परिवर्तन नहीं कर रही है। अब वास्तु दोष की आड़ में जीतू पटवारी की कांग्रेस का तुष्टिकरण एजेंडा जारी है। उन्होंने कहा कि वास्तु की आड़ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का तुश्टिकरण का एजेंडा जारी है। 

भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वास्तु दोष की आड़ में जीतू पटवारी की कांग्रेस का तुष्टिकरण एजेंडा जारी है।  इसके पहले कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मां दुर्गा, गणेश जी की स्थापना के लिए एक चबूतरे का निर्माण करवाया था, मां दुर्गा व गणेश जी की घट स्थापना भी की थी,  जिसका कांग्रेस के एक वर्ग विशेष के नेताओं ने विरोध करते हुए, बकरे की कुर्बानी की तैयारी तक कर ली थी। बकरा तैयार कर ईद पर उसकी कुर्बानी की अनुमति तक मांग ली थी। अब जीतू पटवारी ने वास्तु दोष दूर करने के लिए चल रहे कामों की आड़ में उस चबूतरे को ही तुड़वा दिया है। वर्ग विशेष के कुछ नेताओं के विरोध के चलते इस काम को अंजाम दिया गया है। यह कांग्रेस का सनातन विरोधी चेहरा है। पटवारी को लगता है कि इस चबूतरे के कारण एक वर्ग विशेष के वोट कांग्रेस को नहीं मिल रहे है। बहाना वास्तु दोष का लिया जाएगा।


Bhopal news: टीवी के एग्जिट पोल में शामिल नहीं है राजगढ़

हम लड़े है और हम जीतेंगेः दिग्विजय 


भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और राजगढ़ से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने एग्जिट पोल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों के एग्जिट पोल में राजगढ़ ष्शामिल नहीं है। मेरी अपने सहयोगियों, समर्थकों से अपील है कि वे मतगणना पर ध्यान दें, ताकि गड़बड़ी ना हो सके। 

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र तीन जिलों राजगढ़, गुना और आगर मालवा में फैला हुआ है। अगर किसी टीवी चैनल को यहां एग्जिट पोल करना था तो उसको इन तीनों जिलों में अपने लोग भेजने थे। क्या उन्होंने भेजे? राघोगढ़ से लेकर सुसनेर तक एक ही दिन में एक साथ वोट डालकर बाहर आ रहे लोगों से पूछना कि किसको वोट दिया और एग्जिट पोल तैयार करना संभव नहीं। इसके लिए कम से कम 100 लोगों से ऊपर की टीम चाहिए।

उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों के एग्जिट पोल में राजगढ़ शामिल नहीं है। मेरी अपने सहयोगियों और समर्थकों से अपील है कि मतगणना पर ध्यान रखें ताकि कोई गड़बड़ी ना होने पाये। राजगढ़ में चुनाव आप सबकी कड़ी मेहनत और जनता के समर्थन से लड़ा गया है। बस एक काउंटिंग वाले दिन की मेहनत बाकी है। हमारे मतगणना एजेंट्स से बस एक अनुरोध और है जब तक नतीजा घोषित ना हो जाए तब तक अपनी टेबल ना छोड़ें। हम लड़े हैं और हम जीतेंगे। 

खोल रहा हूं एग्जिट पोल वाले गुप्ता की पोल

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा को प्रचंड बहुमत देने वाले प्रदीप गुप्ता मध्यप्रदेश के वारासिवनी (बालाघाट) के रहने वाले है अपने आप को भारत के सबसे बड़े चुनावी पंडित बताने वाले गुप्ता 90 के दशक में  मुंबई में छोटी सी एडवरटाइजिंग कंपनी चलाते थे, जिसका चुनाव सर्वेक्षणों से दूर दूर तक कोई रिश्ता नही था। अपने सीवी में इंजीनियरिंग की डिग्री लगाने वाले पहले प्रिंटिंग बिजनेस करते थे, उसमें असफल रहे तो कलेक्शन एजेंसी खोल ली, फिर सर्वे एजेंसियों के लिए डेटा कलेक्शन का काम करने लगे और  फिर खुद की सर्वे एजेंसी खोल ली औऱ अपने “संघी“ साथियों की मदद से थोड़ा बहुत काम भी मिल गया।  2014 से लेकर 2023 तक के उनके सारे एग्जिट पोल देख लीजिए उन्होंने भाजपा के वोट को हमेशा ओवर इस्टीमेट किया है, इसलिए बंगाल, बिहार और कर्नाटक में फेल रहे है, क्योंकि उनका डेटा सोर्स भाजपा का इको सिस्टम ही है इसलिए जहां भाजपा फेल होती है वहां वो भी फेल हो जाते है। उन्होंने कहा कि 2014  से पहले प्रदीप गुप्ता को भारत का कोई सेफाल्जिस्ट नहीं जानता था पर भाजपा के राइस के साथ गुप्ता का भी राइस हो गया है सुना है प्रदीप गुप्ता, भाजपा के लिए बहुत सारे काम करते है यकीन नही आता तो तस्वीर देख लीजिए प्रदीप गुप्ता की कामयाबी का राज पता चल जाएगा।


 

शनिवार, 1 जून 2024

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने किया मतगणना स्थल का निरीक्षण

मतगणना कक्ष में कूलर लगवाने के दिए निर्देश


भोपाल। राजधानी भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन और भोपाल कलेक्टर कौशल विक्रम सिंह ने पुरानी जेल स्थित मतगणना स्थल का निरीक्षण किया। यहां लोकसभा चुनाव के मतदान की मतगणना 4 जून को होनी है। उन्होंने तेज गर्मी के मद्देनजर मतगणना स्थल पर कूलर, पंखे, ठंडा पानी, मेडिकल किट, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने विधानसभावार बनाए गए मतगणना कक्षों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। मतगणना टेबल, मतगणना कार्य में संलग्न अधिकारी, कर्मचारियों की संख्या तथा सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। साथ ही कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। मतगणना स्थल परिसर में रूके हुए निर्वाचन अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि से चर्चा की। प्रतिनिधियों ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। सीसीटीवी से स्ट्रांग रूम की मॉनीटरिंग संबंधी व्यवस्था को देखा। उन्होंने मीडिया सेंटर में टीवी, कम्प्यूटर, इंटरनेट, पानी, कूलर आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
राजन ने बताया कि 4 जून को होने वाली मतगणना के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्य प्रदेश में 116 मतगणना प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। ये प्रेक्षक अन्य राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी हैं। इनकी निगरानी में मतगणना की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी।

bhopal news: चार लाख से ज्यादा किसानों पर डिफाल्टर होने का खतरा

पटवारी ने कहा सरकार ने फैसला नहीं लिया तो सड़क पर उतरेंगे


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश के चार लाख इक्कीस हजार किसानों पर डिफाल्टर होने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि इन किसानों ने उपार्जन केंद्र में गेहूं बेचने के बाद 2.25 लाख किसानों से लोन की रकम तो ले लिया था, लेकिन आखिरी तारीख होने के बावजूद यह राशि लोन अकाउंट में नहीं जुड़ी। इन किसानों को लेकर सरकार ने समय रहते फैसला नहीं लिया तो कांग्रेस विरोध में सड़क पर उतरेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में 4.21 लाख किसानों पर डिफॉल्टर होने का खतरा मंडरा रहा है। इन किसानों ने उपार्जन केंद्र में गेहूं बेचने के बाद 2.25 लाख किसानों से लोन की रकम तो ले ली गई, लेकिन आखिरी तिथि होने के बावजूद यह रकम लोन अकाउंट में नहीं जुड़ी। आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल 15 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। सिर्फ 6.15 लाख ही उपार्जन केंद्रों में गेहूं बेचने पहुंचे। इनमें से भी सिर्फ 1.94 लाख किसानों की ही राशि लोन अकाउंट में जमा हुई है। बड़ा सवाल यह है कि बचे हुए 4.21 लाख किसानों की राशि जमा नहीं हुई या उसको लेकर भी कोई असमंजस है। इस सरकारी अव्यवस्था के बाद अब यदि यह तारीख भी नहीं बढ़ाई गई, तो किसान डिफॉल्टर हो जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स यह भी बता रही हैं कि पिछले साल प्रदेश में डिफॉल्टर किसानों की संख्या 12 लाख थी, जिसमें इस साल 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस चौंकाने वाले आंकड़े पर भाजपा सरकार जवाब देने की स्थिति में नहीं है।
डिफाल्टर घोषित किया तो आंदोलन
पटवारी कहा कि भाजपा सरकार भूले नहीं कि किसानों के लिए अल्पकालीन फसल ऋण की देय तारीख बढ़ाकर 31 मई की थी। तय समय सीमा में कर्ज जमा करने वाले किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज लगेगा।  एक दिन भी ज्यादा होने पर पूरे साल का 14 प्रतिशत ब्याज वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी लापरवाही की कीमत किसान कब तक चुकाएगा? किसानों की यह भी मांग है कि लोन राशि खरीदी के दौरान ही क्यों काटी जा रही है, उसे केसीसी में डाल दिया जाए। किसान खुद कर्ज चुका देगा। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि किसान हित के इस जरूरी फैसले को गंभीरता से लें और तत्काल तिथि फिर से आगे बढ़ाएं। यदि किसानों को जबरन डिफाल्टर घोषित किया गया, तो कांग्रेस को उनके साथ सड़क पर उतरना पड़ेगा।