रविवार, 24 मार्च 2013

जिले के रह गए मंत्री

भारतीय जनता पार्टी के महाजनसंपर्क अभियान प्रभारियों के सामने जो बातें सामने आई उनमें मंत्रियों के खिलाफ कार्यकर्ताओं में रोष दिखाई दिया़ मंत्रियों के अलावा जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल का अभाव होना और पार्टी विधायकों एवं संगठन पदाधिकारियों के बीच तालमेल न होने की बातें भी सामने आई हैं़ हालांकि महाजनसंपर्क अभियान केवल नगरीय क्षेत्रों तक ही सिमटकर रह गया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यकर्ता और प्रभारी नहीं पहुंच पाए़ भातीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश में 25 फरवरी से चलाए गए महाजनसंपर्क अभियान का समापन कल 20 मार्च को हो गया़ इस अभियान में जिलों के प्रभारियों के सामने जो बातें आई उसने पार्टी संगठन को चिंता में डाल दिया़ प्रभारियों द्वारा अपने प्रभार वाले जिलों की जनसंपर्क के दौरान मिली शिकायतें और उपलब्धियों के बारे में 23 एवं 24 मार्च को होने वाले समीक्षा बैठक में जानकारी देनी है़ इस बैठक में कई जिलों के जिला अध्यक्ष और संगठन महामंत्री की नाराजगी भी सामने आ सकती है़ महाजनसंपर्क अभियान के लिए जिलो के प्रभारियों के सामने जो बातें आई उसमें सबसे चिंता में डालने वाले बात यह रही कि जनप्रतिनिधि, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंत्रियों की कार्यशैली से खासे खफा नजर आए़ इनका सीधा कहना था कि मंत्रियों द्वारा अपने जिलों और विशेषकर अपने विधानसभा क्षेत्रों की सुध ली जाती है़ इसके अलावा जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ता उपेक्षित ही रहते हैं़ मंत्रियों के अलावा कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों खासकर विधायकों की शिकायतें रही कि अफसर उनकी सुनते ही नहीं हैं़ अफसरों द्वारा कोई कार्यवाही विधायकों के द्वारा की गई अनुशंसा पर नहीं की जाती है़ कुछ जिलों में संगठन पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच गुटबाजी भी सामने आई, जिसके कारण कार्यकर्ता के काम ही नहीं हो पा रहे हैं़ कार्यकर्ता अपने और आम नागरिक के काम के लिए भटकता रहता है, मगर उसकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं होता है़ खासकर प्रशासनिक तंत्र और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल का अभाव इस महाजनसंपर्क अभियान के दौरान प्रभारियों को दिखाई दिया़ इस अभाव ने प्रभारियों को चिंता में डाल दिया है़ अब प्रभारियों ने अपने-अपने प्रभार वाले जिलों की रिपोर्ट तैयार करनी शुरु कर दी है़ यह रिपोर्ट वे समीक्षा बैठक में देंगे़ इस बैठक में जिला अध्यक्ष और संगठन मंत्रियों को भी बुलाया गया है़ इस बैठक में प्रदेश संगठन के सामने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल न होने के कारण कार्यकर्ता और आम नागरिक को जो परेशानी हो रही है सरकार को आने वाले चुनाव में किस तरह की चुनौती मिलेगी इस बात से रुबरु कराया जाएगा़ बालाघाट की प्रभारी और पूर्व राज्यसभा सदस्य अनुसूईया उइके ने बताया कि उन्हें कार्यकर्ता और आम नागरिक से जो भी शिकायतें मिली हैं, वे उसके बारे में संगठन को बताएंगे़ उन्होंने कहा कि आम आदमी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के कामों से तो संतुष्ट नजर आया, मगर योजनाओं के क्रियान्वयन नहीं होने से उसे योजनाओं को लाभ नहीं मिला है़ उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर कार्यकर्ता भी अधिकारियों से खफा नजर आए हैं तो कुछ स्थानों पर पार्टी में उभरे असंतोष को भी देखा गया़ मगर यह तो सभी राजनीतिक दलों में होता है़ इस अभियान के जरिए यह बात जरुर हमारे सामने आई कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कई क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं का सही तरह से क्रियान्वयन नहीं हुआ इसके पीछे क्या कारण है इसके बारे में हम समीक्षा बैठक में बताएंगे़ उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत यह जानकारी एकत्रित करना थी कि लोगों को सरकार की योजनाओं का कितना लाभ मिल रहा है, लोग सरकार के प्रति कैसा रुख रखते हैं़ हमने यह जानकारी ली और संगठन के सामने सारे बात रखेंगे़ बिजली की समस्या भी आई सामने महाजनसंपर्क अभियान के तहत जिला प्रभारियों और संगठन मंत्रियों के सामने बिजली की समस्या भी आई़ किसानों के अलावा आम आदमी ने इसकी शिकायत की़ यह शिकायतें मालवा, महाकौशल, नर्मदांचल, विंध्य, बुंदेलखंड अंचल में सर्वाधिक मिली़ किसानों ने तो बिजली के कारण उनकी फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने तक की बात कही़ किसानों ने बताया कि जब उन्हें बिजली की आवश्यकता होती है तो सरकार बिजली उपलब्ध नहीं कराती है़ कई ग्रामीणों ने तो अनाब-शनाब बिजली के बिल दिए जाने और न भरने पर बिजली काटने की बातें भी बताई़ कई क्षेत्रों में सरपंच और सचिवों की शिकायतें भी की गई़ पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां तक आरोप लगाया कि सरपंच और सचिव मिलकर अपने हिसाब से काम करते हैं, उन्हें सरकार की चिंता नहीं है़ मजदूरों के भुगतान का मामला हो या फिर पंचायतों द्वारा कराए जाने वाले कार्यों का मामला वे अपने हिसाब से काम करते हैं़ सरपंच, सचिव के अलावा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से खफा कार्यकर्ता राज्य के बालाघाट, सिवनी, शिवपुरी, झाबुआ, सागर, दमोह जिलों में दिखाई दिए़ मुख्यमंत्री से संतुष्ट, मगर योजनाओं की जानकारी नहीं महाजनसंपर्क अभियान में जिलो के प्रभारियों के सामने यह बात भी सामने आई कि आम जनता के सामने एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की छवि अच्छी दिखी, मगर उनके द्वारा चलाई गई योजनाओं की जानकारी अब भी ग्रामीण अंचलों में नहीं दिखाई दी़ कई जिलों के ग्रामीणों से जब प्रभारियों ने योजनाओं का नाम लेते हुए यह जानना चाहा कि इस योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं़ इसका जवाब ग्रामीणों द्वारा उन्हें ना में मिला़ विशेषकर अनुसूचित जाति और जनजाति क्षेत्रों में तो ऐसे सरकार की कई योजनाओं की जानकारी का अभाव दिखाई दिया़ कुछ जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन न हो पाने की शिकायतें भी मिली़ वहां पर अफसरों को कार्यकर्ता ने निशाने पर रखा़

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