शनिवार, 14 नवंबर 2015

अब गरमाएगा चुनावी माहौल

प्रदेश में 21 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए मतदान के पूर्व चुनावी माहौल में अब शनिवार से गर्माहट नजर आएगी. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के दिग्गज कल से चुनाव अभियान में पूरी ताकत के साथ जुटेंगे. कांग्रेस की ओर से जहां दिग्विजयसिंह, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथ में चुनाव प्रचार की कमान रहेगी, वहीं भाजपा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के हाथ में चुनाव प्रचार की कमान सौंपी है. राज्य के रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र और देवास विधानसभा क्षेत्र के लिए हो रहे उपचुनाव में अब दिग्गज नेता अपनी ताकत झोंकने की तैयारी कर चुके हैं. कांग्रेस का पूरा जोर रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र पर है, तो भाजपा भी इसी क्षेत्र मे अपनी पूरी ताकत लगा रही है. कांग्रेस के दिग्गजों के दौरों को लेकर लगाए जा रहे कयासों का दौर अब शांत हो गया है. कल शनिवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव प्रचार की शुरुआत करने रतलाम पहुंच रहे हैं. उनके बाद कांग्रेस नेता संजय निरुपम 15 नवंबर को पहुंचेंगे और वहीं पर डेरा जमाए रहेंगे. इसके बाद 16 नवंबर को कमलानाथ का रतलाम के अलावा देवास दौरा तय है. वहीं, दिग्विजयसिंह के 18 एवं 19 दो दिन तक इन दोनों क्षेत्रों में सभाएं लेने की बात कही जा रही है. इसके अलावा राजस्थान की सीमा से सटे इस संसदीय क्षेत्र में सचिन पायलेट सभाएं लेंगे. कांग्रेस पूरी ताकत यहां पर राहुल गांधी की सभा के लिए लगा रही है. हालांकि राहुल गांधी की सभा होगी या नहीं इस बारे में कांग्रेस नेता मौन हैं. कांग्रेस नेताओं को कहना है कि जल्द ही दिल्ली से इसकी जानकारी मिल जाएगी. दूसरी ओर, भाजपा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पर भरोसा जताया है. भाजपा संगठन पूरे संसदीय क्षेत्र के अलावा देवास विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री की 50 से ज्यादा सभाएं कराने की तैयारी कर चुका है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान की सभाएं लगातार हो रही हैं. उधर, संगठन के नेता लगातार कार्यकर्तासम्मेलन कर कार्यकर्ताओं को संगठित करते हुए भाजपा के पक्ष में घर-घर पहुंचकर माहौल बनाने की बात कह रहे हैं. भाजपा का पूरा संगठन देवास के बजाए रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में अपनी ताकत लगा रहा है. भाजपा किसी भी तरह से इस सीट पर फतह चाहती है. यही वजह है कि रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में संगठन ने भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में मुख्यमंत्री पर ही भरोसा जताया है.
 चिंता बने पंचायत प्रतिनिधि 
भाजपा के लिए रतलाम-झाबुआ संसदीय में कार्यकर्ताओं की गुटबाजी के बाद अब पंचायत प्रतिनिधियों की एकजुटता और उनके द्वारा गांव-गांव पहुंचकर भाजपा के खिलाफ काम करने की बात चिंता बन गई है. पंचायत प्रतिनिधि भी इस क्षेत्र में कल 14 नवंबर से सक्रिय हो रहे हैं. इसके लिए आज से ही वहां पर पंचायत प्रतिनिधियों पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. पंचायत प्रतिनिधियों के नेता डी.पी.धाकड. और अभय मिश्रा दोनों ही आज रतलाम में रहे. उन्होंने भविष्य की रणनीति बनाने के लिए कल से सक्रियता दिखाने की बात कही. धाकड. का कहना है कि कल से पंचायत प्रतिनिधि पूरे संसदीय क्षेत्र में सक्रिय होकर भाजपा के खिलाफ प्रचार का काम करेंगे. उन्होंने बताया कि कल से गांव-गांव में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा नुक्कड. सभाएं ली जाएंगी. इन सभाओं में यह बताया जाएगा कि भोपाल में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा जब अपने अधिकार की मांग की जा रही थी तब यह सरकार उन पर किस तरह लाठियां भांज रही थी. भोपाल में आंदोलन को कुचलने वाली तस्वीरों को पंचायत प्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचकर बताएंगे.

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