बुधवार, 23 दिसंबर 2015

लामबंद हो रहे पांच दल

गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाईदल प्रदेश में एक साथ करेंगे हर जिले में संघर्ष
प्रदेश में हाल ही में हुए लोकसभा के उपचुनाव में एक होकर ताकत दिखाने का प्रयास कर चुके पांच राजनीतिक दलों ने अब एक और साझा कार्यक्रम बनाया है. ये दल अब एक साथ 2018 को लक्ष्य बनाकर प्रदेश के हर जिले में संघर्षकरेंगे. इन दलों के प्रदेश प्रमुखों ने तय किया है कि इस दौरान वे जनता के बीच पहुंचकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने अब तक प्रदेशहित के लिए क्या किया इसकी जानकारी देंगे. 
रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में हाल में हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर एक दूसरे से दूरी बनाकर चलने वाले पांच राजनीतिक दल एक हुए और उपचुनाव लड.ा. इसके बाद उनका हौसला कुछ ज्यादा बढ.ता नजर आने लगा है. अब इन पांच दलों जनता दल यू, माकपा, भाकपा, राष्ट्रीय समानता दल और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने यह तय किया कि वे प्रदेश में अब अपनी नींव को मजबूत करेंगे. अलग-अलग होकर चुनाव लड.ने के बजाय संगठित होकर वे चुनाव लडे.ंगे. इन दलों के प्रदेश प्रमुखों ने राजधानी में हाल ही में एक बैठक की और बैठक में रतलाम-झाबुआ उपचुनाव की समीक्षा की. समीक्षा के बाद यह तय किया गया कि चुनाव लड.ने के साथ-साथ वे अब संगठित होकर जनता के साथ मिलकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंकेंगे. इसके लिए वे जल्द ही रणनीति तय करने जा रहे हैं.
बैठक में यह तो तय हो गया कि अब वर्ष2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से रणनीति बनाकर काम किया जाए. इसके लिए तय यह किया गया कि हर जिले में एक मंच पर ये दल एक साथ बैठकर संघर्षकरेंगे. हर जिले में भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ बिगुल फूंकेंगे. जनता के बीच जाकर उन्हें यह बताने का प्रयास करेंगे. कि भाजपा और कांग्रेस ने अब तक प्रदेश हित में कितना और कैसे काम किया. इसके अलावा निम्न और मध्यमवर्गीय तबके लिए ये दल कितने काम करने में सफल रहे हैं. 
राष्ट्रीय स्तर पर भले ही ये दल बिखरे नजर आ रहे हों, मगर मध्यप्रदेश में इन दलों ने एकजुटता दिखाने का जो प्रयास किया है वह भविष्य में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को चिंता में डालने का काम करेंगे. इन दलों ने जनता के बीच जाकर दलित व पिछड.ों पर हो रहे अत्याचारों के मामले पर मुहिम छेड.ने की रणनीति बनाई है और अब जल, जंगल और जमीन की लड.ाईको ये जनता के बीच ले जाकर तेज करेंगे. विशेष कर इन दलों की रणनीति आदिवासी और पिछडे. वर्ग बाहुल्य वाले जिलों में संघर्ष तेज करने की है. 
जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद यादव का कहना है कि हमने सबसे पहले गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ मिलकर पिछला विधानसभा चुनाव लड.ा. हालांकि परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहा, लेकिन हम मजबूत होकर उभरे. जहां भी हमारे प्रत्याशी मैदान में थे, हमें पूर्व की अपेक्षा ज्यादा मत मिले. यादव ने कहा कि अब हम प्रदेश में गठबंधन कर अपना प्रभाव प्रदेश में दिखाएंगे. जिस दल का जिस क्षेत्र में प्रभाव है, हम उस क्षेत्र में उस दल की ताकत हो और बढ.ाएंगे. इसके लिए एक एजेंडा जल्द ही तैयार किया जाएगा.
 माकपा के प्रदेश सचिव बादल सरोज का कहना है कि प्रदेश की जनता में भाजपा और कांग्रेस को लेकर लगातार नाराजगी बढ. रही है. प्रदेश का मतदाता अब मजबूत विकल्प की तलाश कर रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में हम अब संगठित होकर चुनाव लड.ने की तैयारी कर चुके हैं. रतलाम-झाबुआ में हमने पहला चुनाव लड.ा. अब मैहर में होने वाले उपचुनाव में हम मजबूती के साथजनता के बीच पहुंचेंगे. हमे विश्‍वास है यहां पर नतीजा चौंकाने वाला होगा. इसके साथ ही प्रदेश भर में हम एक साथ संघर्ष करेंगे.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें