सहमति से जिला अध्यक्ष निर्वाचन कराना चाहती है भाजपा, दिल्ली तक पहुंच रहे दावेदार
प्रदेश भाजपा में चल रहे संगठनात्मक चुनाव को लेकर अब जिला अध्यक्ष बनने के लिए दावेदारों की सक्रियता तेज हो गई है. इस पद के लिए घमासान को देखते हुए संगठन ने वर्तमान जिला अध्यक्षों और चुनाव अधिकारियों की बैठक बुलाई है. इस बैठक में इस बात पर सहमति बनाने का प्रयास किए जाएंगे कि जिला अध्यक्ष का निर्वाचन सहमति से हो.
भाजपा में संगठनात्मक चुनाव के तहत अब जिला अध्यक्षों के चुनाव प्रक्रिया शुरू होने वाली है. इस प्रक्रिया के शुरू होने के पहले ही पद के लिए दावेदारों का घमासान मच गया है. हर जिले में एक से ज्यादा दावेदार इस पद के लिए सामने आ रहे हैं. इस वजह से संगठन खुद अब चिंतित हो उठा है. जिला अध्यक्ष पद के लिए जब दावेदारों की दावेदारी बढ.ती नजर आईतो संगठन ने अब जिला अध्यक्षों और जिला चुनाव अधिकारियों की बैठक मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुलवाई है. इस बैठक में सभी जिलों की जानकारी मंगवाईगई है. साथ ही इस बैठक में संगठन इस बात की गाइड लाइन तय करना चाहता है कि जिन जिलों में चुनाव की प्रक्रिया होनी है, वहां सहमति से चुनाव कराए जाएं और मतदान की स्थिति निर्मित न हो. प्रदेश चुनाव अधिकारी अजय प्रताप सिंह के मुताबिक जिला अध्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया इसी माह की 27-28 तारीख को कराईजानी है. प्रयास इस बात का है कि सभी जिलों में सहमति से जिला अध्यक्ष का निर्वाचन हो जाए.
दूसरी ओर दावेदारों ने अपने आकाओं पर पद पाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. दावेदार किसी भी रूप से इस पद को पाना चाहते हैं. कुछ दावेदार तो इसके लिए दिल्ली तक पहुंच गए और कुछ ने भोपाल में डेरा डाल रखा है. सबसे ज्यादा संकट भाजपा के लिए भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर शहर जिला अध्यक्ष का पद बन गया है. यहां पर दावेदारों की संख्या काफी है. इन शहरों में वर्तमान जिला अध्यक्ष और स्थानीय विधायक आमने-सामने होते नजर आ रहे हैं. विधायक अपने सर्मथक को जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, तो वर्तमान अध्यक्ष अपने सर्मथकों को आगे बढ.ा रहे हैं. अध्यक्ष पद पाने के लिए दावेदारी कर रहे लोग अपने आकाओं के पास निरंतर पहुंच रहे हैं. जिला अध्यक्षों के निर्वाचन के बाद इस महीने में सांसदों और विधायकों की बैठक भी आयोजित की जा रही है. इस बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को लेकर चर्चा की जाएगी. इसके बाद अगले माह भाजपा को नया अध्यक्ष भी मिल जाएगा. इन जिलों में नए चेहरों की तलाश
भोपाल, सीहोर, राजगढ., विदिशा, छिंदवाड.ा, बैतूल, होशंगाबाद, भिंड, बड.वानी, आगर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, नीमच, रतलाम, अलीराजपुर, गुना, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर नगर, ग्वालियर ग्रामीण, सागर, टीकमगढ., पन्ना, रीवा, सीधी,सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, जबलपुर नगर, जबलपुर ग्रामीण में संगठन नया चेहरा जिला अध्यक्ष के रूप में लाना चाहता है.
वहीं रायसेन, खरगोन, खंडवा, मंदसौर, धार, शिवपुरी,अशोक नगर, अनुपपूर, सिवनी में मौजूदा अध्यक्षों को दोबारा जिम्मेदारी सौंपे जाने का संगठन ने करीब-करीब मन बना लिया है. जबकि सतना में जिला अध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया जा रहा है.इसी तरह की स्थिति सागर की भी है. यहां पर वर्तमान जिला अध्यक्ष के पक्ष में परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह हैं, जो चुनाव नहीं कराना चाहते हैं. मगर अन्य नेता यहां पर चुनाव कराने का मन बना चुके हैं.
प्रदेश भाजपा में चल रहे संगठनात्मक चुनाव को लेकर अब जिला अध्यक्ष बनने के लिए दावेदारों की सक्रियता तेज हो गई है. इस पद के लिए घमासान को देखते हुए संगठन ने वर्तमान जिला अध्यक्षों और चुनाव अधिकारियों की बैठक बुलाई है. इस बैठक में इस बात पर सहमति बनाने का प्रयास किए जाएंगे कि जिला अध्यक्ष का निर्वाचन सहमति से हो.
भाजपा में संगठनात्मक चुनाव के तहत अब जिला अध्यक्षों के चुनाव प्रक्रिया शुरू होने वाली है. इस प्रक्रिया के शुरू होने के पहले ही पद के लिए दावेदारों का घमासान मच गया है. हर जिले में एक से ज्यादा दावेदार इस पद के लिए सामने आ रहे हैं. इस वजह से संगठन खुद अब चिंतित हो उठा है. जिला अध्यक्ष पद के लिए जब दावेदारों की दावेदारी बढ.ती नजर आईतो संगठन ने अब जिला अध्यक्षों और जिला चुनाव अधिकारियों की बैठक मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुलवाई है. इस बैठक में सभी जिलों की जानकारी मंगवाईगई है. साथ ही इस बैठक में संगठन इस बात की गाइड लाइन तय करना चाहता है कि जिन जिलों में चुनाव की प्रक्रिया होनी है, वहां सहमति से चुनाव कराए जाएं और मतदान की स्थिति निर्मित न हो. प्रदेश चुनाव अधिकारी अजय प्रताप सिंह के मुताबिक जिला अध्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया इसी माह की 27-28 तारीख को कराईजानी है. प्रयास इस बात का है कि सभी जिलों में सहमति से जिला अध्यक्ष का निर्वाचन हो जाए.
दूसरी ओर दावेदारों ने अपने आकाओं पर पद पाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. दावेदार किसी भी रूप से इस पद को पाना चाहते हैं. कुछ दावेदार तो इसके लिए दिल्ली तक पहुंच गए और कुछ ने भोपाल में डेरा डाल रखा है. सबसे ज्यादा संकट भाजपा के लिए भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर शहर जिला अध्यक्ष का पद बन गया है. यहां पर दावेदारों की संख्या काफी है. इन शहरों में वर्तमान जिला अध्यक्ष और स्थानीय विधायक आमने-सामने होते नजर आ रहे हैं. विधायक अपने सर्मथक को जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, तो वर्तमान अध्यक्ष अपने सर्मथकों को आगे बढ.ा रहे हैं. अध्यक्ष पद पाने के लिए दावेदारी कर रहे लोग अपने आकाओं के पास निरंतर पहुंच रहे हैं. जिला अध्यक्षों के निर्वाचन के बाद इस महीने में सांसदों और विधायकों की बैठक भी आयोजित की जा रही है. इस बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को लेकर चर्चा की जाएगी. इसके बाद अगले माह भाजपा को नया अध्यक्ष भी मिल जाएगा. इन जिलों में नए चेहरों की तलाश
भोपाल, सीहोर, राजगढ., विदिशा, छिंदवाड.ा, बैतूल, होशंगाबाद, भिंड, बड.वानी, आगर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, नीमच, रतलाम, अलीराजपुर, गुना, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर नगर, ग्वालियर ग्रामीण, सागर, टीकमगढ., पन्ना, रीवा, सीधी,सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, जबलपुर नगर, जबलपुर ग्रामीण में संगठन नया चेहरा जिला अध्यक्ष के रूप में लाना चाहता है.
वहीं रायसेन, खरगोन, खंडवा, मंदसौर, धार, शिवपुरी,अशोक नगर, अनुपपूर, सिवनी में मौजूदा अध्यक्षों को दोबारा जिम्मेदारी सौंपे जाने का संगठन ने करीब-करीब मन बना लिया है. जबकि सतना में जिला अध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया जा रहा है.इसी तरह की स्थिति सागर की भी है. यहां पर वर्तमान जिला अध्यक्ष के पक्ष में परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह हैं, जो चुनाव नहीं कराना चाहते हैं. मगर अन्य नेता यहां पर चुनाव कराने का मन बना चुके हैं.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें