मुख्यमंत्री पर भरोसा है नंदु भैया को, कुलस्ते सहित अन्य दावेदार नहीं खोल रहे पत्ते
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए कल सोमवार को होने वाले चुनाव को लेकर वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान दोबारा ताजपोसी को लेकर आश्वस्त हैं, वहीं अन्य दावेदार इस मामले पर अब मौन साधे हुए हैं. वे कल ही अपने पत्ते खोलेंगे.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए कल होने वाले चुनाव को लेकर वैसे तो गहमागहमी का माहौल शांत नजर आ रहा है. दावेदार भी दो दिनों से मौन रहकर अपनी जमावट में जुटे हैं, मगर इंदौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश संगठन मंत्री अरविंद मेनन के अलावा अन्य पदाधिकारियों की बैठक के बाद करीब-करीब यह तय माना जा रहा है कि चौहान के नाम पर सहमति बनाई गई है. अमित शाह खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष के होने वाले चुनाव को देखते हुए प्रदेशों में फिलहाल किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं. शाह की सहमति के बाद मुख्यमंत्री की ओर से नंदकुमार सिंह चौहान को करीब-करीब यह आश्वासन मिल गया है कि अध्यक्ष पद के लिए उनकी दोबारा ताजपोशी तय है. यही वजह है कि चौहान अपने अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे और समर्थकों के साथ खण्डवा में धुनिवाले दादा के दरबार पहुंचकर मत्था टेका और चादर भी चढ़Þाई. यहां पर उन्होंने अपने समर्थकोें के साथ चर्चा भी की.
दावेदार हुए मौन
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी करने वाले दावेदार अब शांत हो गए हैं. इन दावेदारों ने मौन रहकर अपनी जमावट शुरु की है,अब सोमवार को ही वे अपने पत्ते खोलेंगे. मण्डला से सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते प्रमुख दावेदारों में से थे, मगर आज वे मौन हैं. कुलस्ते ने लोकमत समाचार से चर्चा में कहा कि वे कल भोपाल पहुंचेंगे, इसके बाद क्या स्थिति बनती है, तभी वे कुछ कह पाएंगे. कुलस्ते के अलावा अन्य दावेदारों राकेश सिंह, प्रहलाद पटेल, अरविंद भदोरिया भी मौन है. वहीं परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह और राजस्व मंत्री रामपाल सिंह का नाम भी इस पद के लिए चला है. इसके अलावा पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने भी संकेत दिए हैं कि वे भी इस पद के लिए दावेदार है. भार्गव ने जिला अध्यक्ष चयन प्रक्रिया के दौरान सागर जिला अध्यक्ष को लेकर नाराजगी जताई थी और कहा था कि संगठन चाहे तो वे अध्यक्ष बन जाएंगे.
तोमर हैं नाराज, झा ने किया समर्थन
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नंदकुमार चौहान के नाम पर खुलकर सहमत नजर नहीं आ रहे हैं. वे अरविंद भदोरिया के लिए प्रयासरत थे. मगर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के यह कहने पर की भविष्य की स्थिति को देखते हुए उनकी पसंद का अध्यक्ष वे चाहते हैं. इसके बाद भी उन्होंने अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर की. इस मतदाता सूची से राष्ट्रीय नेताओं के नाम दूर रखे जाने से तोमर खफा है. वहीं झा ने चौहान को अपना समर्थन दिया है, मगर सोमवार को परिस्थिति क्या निर्मित होती है, इसे देखकर झा भी अंमित झणों में अपना फैसला बदल सकते हैं. यहां उल्लेखनीय है कि 2012 में जब झा का नाम भी चौहान की तरह तय माना जा रहा था, तब तोमर का चयन कर सभी को चौंका दिया था. इसके बाद से झा खुद नाराज हैं.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए कल सोमवार को होने वाले चुनाव को लेकर वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान दोबारा ताजपोसी को लेकर आश्वस्त हैं, वहीं अन्य दावेदार इस मामले पर अब मौन साधे हुए हैं. वे कल ही अपने पत्ते खोलेंगे.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए कल होने वाले चुनाव को लेकर वैसे तो गहमागहमी का माहौल शांत नजर आ रहा है. दावेदार भी दो दिनों से मौन रहकर अपनी जमावट में जुटे हैं, मगर इंदौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश संगठन मंत्री अरविंद मेनन के अलावा अन्य पदाधिकारियों की बैठक के बाद करीब-करीब यह तय माना जा रहा है कि चौहान के नाम पर सहमति बनाई गई है. अमित शाह खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष के होने वाले चुनाव को देखते हुए प्रदेशों में फिलहाल किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं. शाह की सहमति के बाद मुख्यमंत्री की ओर से नंदकुमार सिंह चौहान को करीब-करीब यह आश्वासन मिल गया है कि अध्यक्ष पद के लिए उनकी दोबारा ताजपोशी तय है. यही वजह है कि चौहान अपने अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे और समर्थकों के साथ खण्डवा में धुनिवाले दादा के दरबार पहुंचकर मत्था टेका और चादर भी चढ़Þाई. यहां पर उन्होंने अपने समर्थकोें के साथ चर्चा भी की.
दावेदार हुए मौन
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी करने वाले दावेदार अब शांत हो गए हैं. इन दावेदारों ने मौन रहकर अपनी जमावट शुरु की है,अब सोमवार को ही वे अपने पत्ते खोलेंगे. मण्डला से सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते प्रमुख दावेदारों में से थे, मगर आज वे मौन हैं. कुलस्ते ने लोकमत समाचार से चर्चा में कहा कि वे कल भोपाल पहुंचेंगे, इसके बाद क्या स्थिति बनती है, तभी वे कुछ कह पाएंगे. कुलस्ते के अलावा अन्य दावेदारों राकेश सिंह, प्रहलाद पटेल, अरविंद भदोरिया भी मौन है. वहीं परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह और राजस्व मंत्री रामपाल सिंह का नाम भी इस पद के लिए चला है. इसके अलावा पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने भी संकेत दिए हैं कि वे भी इस पद के लिए दावेदार है. भार्गव ने जिला अध्यक्ष चयन प्रक्रिया के दौरान सागर जिला अध्यक्ष को लेकर नाराजगी जताई थी और कहा था कि संगठन चाहे तो वे अध्यक्ष बन जाएंगे.
तोमर हैं नाराज, झा ने किया समर्थन
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नंदकुमार चौहान के नाम पर खुलकर सहमत नजर नहीं आ रहे हैं. वे अरविंद भदोरिया के लिए प्रयासरत थे. मगर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के यह कहने पर की भविष्य की स्थिति को देखते हुए उनकी पसंद का अध्यक्ष वे चाहते हैं. इसके बाद भी उन्होंने अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर की. इस मतदाता सूची से राष्ट्रीय नेताओं के नाम दूर रखे जाने से तोमर खफा है. वहीं झा ने चौहान को अपना समर्थन दिया है, मगर सोमवार को परिस्थिति क्या निर्मित होती है, इसे देखकर झा भी अंमित झणों में अपना फैसला बदल सकते हैं. यहां उल्लेखनीय है कि 2012 में जब झा का नाम भी चौहान की तरह तय माना जा रहा था, तब तोमर का चयन कर सभी को चौंका दिया था. इसके बाद से झा खुद नाराज हैं.
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