हामीद काजी को उपाध्यक्ष, अनीस को महामंत्री बनाने से खफा है नेता
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी गठित होने के बाद नाराज लोगां की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। अब कार्यकारिणी में उम्रदराज और आधारहीन मुस्लिम नेताओं को स्थान दिए जाने के खिलाफ कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है। साथ ही इन नेताओं ने बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के परिणाम आने के बाद दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस के हालात बताने की तैयारी की है।
कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ करीब-करीब हर वर्ग के नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस की कार्यकारिणी गठन के बाद से तो बड़े नेताओं के साथ अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं की नाराजगी भी खुलकर दिखाई दे रही है। इन नेताओं ने स्थानीय स्तर पर विरोध जताने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्टी के वरिश्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश कांग्रेस की स्थिति से अवगत कराने का फैसला लिया है। सूत्रों की माने तो जिस अंचल से पटवारी आते हैं यानी मालवाअंचल से ही मुस्लिम वर्ग के नेता अब उनके खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। ये नेता निमाड़ अंचल के बुरहानपुर विधानसभा सीट से राकपा के विधायक रहे हमीद काजी को उपाध्यक्ष बनाए जाने से खफा हैं। हमीद काजी के अलावा अनीस मामू को महामंत्री बनाने से भी इनकी नाराजगी दिखाई दे रही है। इसके अलावा शेख अलीम प्रदेश अध्यक्ष के निजी मित्र हैं, इस कारण उन्हें अनुशासन समिति में मौका दिया गया। वहीं सोहराब पटेल राऊ विधानसभा क्षेत्र के समीकरण को प्रभावित करने की ताकत रखते हैं, इस कारण उन्हें पटवारी ने एडजस्ट किया।
उपचुनाव परिणाम के बाद उठाएंगे मामला
मुस्लिम नेताओं का कहना है कि पटवारी ने अपनी कार्यकारिणी में आधारहीन मुस्लिम नेताओं को स्थान दिया है। सूत्रों की माने तो नाराज मुस्लिम नेताओं को कांग्रेस के बड़े नेताओं का भी समर्थन मिला हुआ है। बताया जा रहा है कि नाराज चल रहे नेताओं ने दिल्ली जाकर राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को सारी बातें बताने और आधारहीन मुस्लिम नेताओं को पद देने की शिकायत करने की तैयारी की थी, मगर जिन बड़े नेताओं का उन्हें समर्थन मिल रहा है, उन नेताओं ने इन्हें फिलहाल उपचुनाव के परिणाम आने तक रोक लिया है। इन नेताओं से कहा है कि बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के परिणाम आने के बाद ही वे दिल्ली जाएं तो उनकी बातों को कांग्रेस हाईकमान भी गंभीरता से लेगा।

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