रविवार, 4 अगस्त 2019

संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की कार्रवाई में जुटा प्रशासन



राज्य के सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों में मर्जर करने की कार्रवाई शुरू करने के  आदेश शासन ने जारी कर दिए हैं. मुख्यमंत्री कमलनाथ की घोषणा के बाद  सामान्य प्रशासन विभाग भी इसकी तैयारी में जुट गया है.
सामान्य प्रशासन विभाग ने समस्त विभागों को संविदा पर नियुक्त अधिकारियों, कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति के अवसर प्रदान किए जाने के लिए नीति निर्देश जारी किये हैं. इसके अलावा जिन विभागों द्वारा दिशा निर्देशानुसार अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, उनसे जानकारी चाही गई है और देरी का कारण भी पूछा गया है, जो जानकारी मांगी गई है उसके अनुसार संविदा नीति अनुसार विभाग द्वारा भर्ती नियमों में संसोधन के लिए की गई कार्यवाही, संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित पदों के वेतन के न्यूनतम 90 प्रतिशत निर्धारित करने, संविदा कर्मचारियों को वेतनवृद्धि का लाभ दिए जाने, संविदा कर्मचारियों को ईपीएफ, राष्ट्रिय पेंशन योजना का लाभ दिए जाने, सेवा से हटाए गए अधिकारी कर्मचारी की जानकारी मांगी गई है.  
उल्लेखनीय है कि  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पिछले दिनों  संविदा कर्मचारियों  को नौकरी में वापस लेने की घोषणा की थी.  उन्होंने निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के अंदर इसका पूरा मसौदा तैयार किया जाए. ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास सहित अन्य कुछ विभागों में हजारों संविदाकर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया था.  
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए जल्द नियम बनाए जाएंगे और जरूरत पड़ी तो कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा. ऐसे कर्मचारियों की संख्या करीब 5 हजार है. प्रदेश में कुल संविदाकर्मियों की संख्या 72 हजार के करीब है. मुख्यमंत्री ने सभी संविदाकर्मियों को नियमित करने के साथ ही सेवा में नहीं रहने के दौरान का 90 फीसदी वेतन देने के निर्देश दिए हैं. संविदाकर्मियों का नियमित पदों में मर्जर के भी निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा किसी भी संविदाकर्मी को अब निकाला नहीं जाएगा. संबंधित प्रोजेक्ट खत्म होने की सूरत में दूसरे प्रोजेक्ट में इनकी सेवाएं ली जाएंगी.

सरकार ने राजस्व निरीक्षकों से छीने तहसीलदारों के अधिकार


राज्य के कमलनाथ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राजस्व निरीक्षकों से तहसीलदारों के अधिकार वापस ले लिए हैं. अब राजस्व निरीक्षक तहसील कार्यालयों में नायब तहसीलदार की तरह प्रकरणोंं की सुनवाई नहीं कर पाएंगे. 
मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार ने तीन साल पहले अलग-अलग समय में अधिसूचनाएं जारी कर राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के रूप में कार्य संपादन करने के अधिकार सौंपे थे. सरकार की इस आदेश के पीछे सोच राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार और तहसीलदारों की कमी को पूरा करना था. इस वजह से विभाग में लाखों की संख्या में राजस्व प्रकरण लंबित है. सरकार ने शिवराज सरकार के इस फैसले को अब बदल लिया है. सरकार ने आदेश जारी कर पुराने आदेश को निरस्त भी कर दिया है. बताया जाता है कि  राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदारों की तरह सुनवाई के अधिकार देने के बाद भी लंबित प्रकरणों में ज्यादा कमी नहीं आई, बल्कि  सरकार को भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रहीं थी. यही वजह है कि इसके बाद कमलनाथ सरकार ने राजस्व निरीक्षकों से अधिकार वापस ले लिए हैं.

कश्मीर में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती, पुलिस ने किया अलर्ट


कश्मीर में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती के बाद मध्यप्रदेश में भी पुलिस मुख्यालय ने विशेष अलर्ट जारी किया है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तचर कैलाश मकवाना ने जिलों के एसपी को हिदायत दी है कि वे जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में की गई सुरक्षा बलों तैनाती को ध्यान में रखकर अपने जिलों में विशेष एहतियात बरतें. जारी निर्देश में कहा गया है कि माब लिचिंग (भीड़ हिंसा) की घटनाएं कदापि न होने पाएं.
उन्होंने कहा है कि भविष्य में होने वाले निर्णयों की वजह से कुछ संगठनों और तत्वों द्वारा संभावित धरने, रैली व आंदोलनों को लेकर भी पुलिस पूरी तरह सतर्क रहे. इसके साथ ही ऐसी परिस्थितियों में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी पहले से दिए गए निर्देशों का भी कड़ाई से पालन करने के निर्देश जिलों के पुलिस अधिक्षकों को दिए हैं. 
ज्ञात हो बच्चा चोर गैंग व रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचने संबंधी अफवाहों से सावधान रहने की अपील हाल ही में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता द्वारा प्रदेशवासियों से की थी. उन्होंने अपील के जरिए स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया मसलन व्हाट्सएप व फेसबुक इत्यादि पर विभिन्न प्रकार की पुरानी घटनाओं को जोड़कर और फेक मैसेज बनाकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं. इस संबंध में उन्होंने कुछ फेक मैसेज के उदाहरण भी जनता के ध्यान में लाए थे. साथ ही बताया संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक से इसकी क्रॉस चेकिंग कराई गई , जिसमें सोशल मीडिया पर बताईं जा रहीं घटनाएं असत्य पाई गई थीं. 
शरारती तत्वों पर करें कार्रवाई
आने वाले दिनों में पड़ने वाले त्योहारों नागपंचमी, रक्षाबंधन, कावड़ यात्रा एवं ईद के दौरान कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने और एहतियात बतौर सुरक्षा के पुख्?ता इंतजाम करने के निर्देश जारी किए गए हैं. जिलों के एसपी को दिए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि शरारती तत्वों से कड़ाई से निपटा जाए.

संवेदनशील विषयों पर राजनैतिक रोटियां न सेकें कमलनाथ



मध्यप्रदेश में दुधमुंही बच्चियों से लेकर स्कूली छात्राएं तक हैवानियत की शिकार हो रही हैं. बच्चियां न घरों में सुरक्षित हैं, न स्कूल में और न मां के आंचल में. मुख्यमंत्री कमलनाथ को उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को प्रदेश में बसने का आमंत्रण देने से पहले यह बताएं कि मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था आज किस दौर में पहुंच गयी है. मध्यप्रदेश की बेटियों को कितनी सुरक्षा वे दे पा रहें हैं ? 
यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद  राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को दिए गए प्रदेश में बसने के आमंत्रण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह आमंत्रण बताता है कि वे संवेदनशील विषयों पर भी राजनैतिक रोटियां सेंकने से बाज नहीं आते हैं.  सिंह ने कहा कि जब से प्रदेश में कमलनाथ सरकार सत्ता में आई है, बच्चियों और मासूमों पर जुल्म का सिलसिला थम नहीं रहा है. कहीं दुधमुंही बच्ची को मां के आंचल से छीनकर हैवानियत का शिकार बनाया जाता है, तो कहीं किसी मासूम बच्ची की जिंदगी का सौदा टाफी या चाकलेट के बदले में किया जा रहा है. प्रदेश में दिनदहाड़े बच्चों को स्कूलों से उठाया जा रहा है और फिरौती वसूलने के बाद भी उनकी निर्मम हत्या कर दी जाती है. राजधानी भोपाल में ही पुलिस चार दिनों तक एक अगवा बच्चे की खोज का नाटक करती रही और बच्चे को निर्ममतापूर्वक जलाकर मार डाला गया. दूसरी तरफ कमलनाथ की पुलिस एक युवक की पीट-पीटकर जान ले लेती है और सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती. प्रदेश के हालात इतने बदतर होने पर भी मुख्यमंत्री कमलनाथ सारी हदें पार करते हुए उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को मध्यप्रदेश में बसने का आमंत्रण दे रहे हैं.  सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ दुष्कर्म पीड़िता को बेटी की तरह का सुरक्षा देने का वादा कर रहे हैं तो उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या प्रदेश में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हो रही बेटियों को मुख्यमंत्री अपनी बेटियां नहीं मानते ? या फिर वे उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को भी ऐसे ही असुरक्षित माहौल के बीच प्रदेश में बसने का आमंत्रण दे रहे हैं?



गुरुवार, 1 अगस्त 2019

कांग्रेस महामंत्री ने कहा मंत्री सज्जन वर्मा को हटाओ



मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के खिलाफ कांग्रेस महामंत्री ने मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस महामंत्री भरत पोरवाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि मंत्री वर्मा को पद से हटाया जाए,
मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी सतह पर आती दिखाई दे रही है. अलग-अलग गुटों के नेता समय-समय पर एक-दूसरे को घेरते नजर आते रहे हैं. हाल ही में कांग्रेस के महामंत्री भरत पोरवाल ने अब राज्य के लोक निर्माण मंत्री सज्जन वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोला है. इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर मंत्री पद से वर्मा को हटाने की मांग कर दी है. पोरवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र में उल्लेख करते हुए लिखा है कि सज्जन सिंह वर्मा उज्जैन जिले के प्रभारी हैं. उन्होंने उज्जैन शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी के बारे में मीडिया से अपरिपक्व व बच्चा बुद्धि जैसे शब्दों का प्रयोग किया हैं. यह कांग्रेस संगठन का अपमान है. चूंकि अध्यक्ष  कांग्रेस संगठन ने सज्जन वर्मा को विधायक बनाया, मंत्री बनाया, प्रभारी मंत्री बनाया,  इसलिए नहीं कि यह कांग्रेस संगठन का अपमान करें. यह मंत्री के अपरिपक्व होने का सबूत है. इसलिए मंत्री सज्जान वर्मा से इस्तीफा लिया जाए. जिससे कांग्रेस संगठन को मजबूती मिल सके.
गौरतलब है कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी के बारे में प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि बच्चा बुद्धि लोग अपरिपक्व हैं. दरअसल मीडिया ने उनसे पूछा था कि सोनी ने कांग्रेस नेताओं से कहा है कि प्रभारी मंत्री से दूरी बनाकर रखो. इधर सोनी ने कहा वर्मा हमारे नेता हैं. मैंने प्रभारी मंत्री से दूरी रखने की बात कभी नहीं कही. सवारी के दौरान मैं प्रभारी मंत्री के साथ ही था. सवारी की व्यवस्थाओं को लेकर महाकाल मंदिर गया था, इस वजह से सर्किट हाउस पर नहीं जा सका.

निकाले गए संविदाकर्मियों को वापस लेगी सरकार

 मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिए अधिकारियों को निर्देश

मध्यप्रदेश सरकार ने संविदाकर्मियों को बड़ी राहत दी है. निकाले गए सभी संविदाकर्मियों को कमलनाथ सरकार वापस लेगी. इसे लेकर आज संविदाकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ एक बैठक हुई थी. जिसमें ये बड़ा फैसला लिया गया. इस बैठक में महिला बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के अलावा कई अन्य विभाग के अफसर मौजूद थे. 
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभी संविदाकर्मियों को नियमित करने के साथ ही 90 फीसदी वेतन देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने इन संविदाकर्मियों का नियमित पदों में मर्जर के भी निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा किसी भी संविदाकर्मी को अब निकाला नहीं जाएगा. संबंधित प्रोजेक्ट खत्म होने की सूरत में दूसरे प्रोजेक्ट में इनकी सेवाएं ली जाएंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे वक्त तक सेवा देने वाले अधिकारी कर्मचारी को हटाना गलत है. अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत संविदा पर अधिकारी कर्मचारी रखे जाते रहे हैं, लेकिन जब अवधि समाप्त हो जाती है तो फिर भुगतान की समस्या खड़ी हो जाती है. ऐसे में उन्हें बरकरार रखना संभव नहीं हो पाता है. मुख्यमंत्री ने इसका रास्ता निकालने के निर्देश बैठक में दिए. साथ ही कहा कि और भी संविदा कर्मियों से जुड़ी जो भी समस्याएं हैं उन पर विचार करें. इस मामले पर अगले हफ्ते फिर बैठक होगी.

भाजपा के विधायक एकजुट, चट्टान की तरह खड़े हैं पार्टी के साथ

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस दे रही भाजपा विधायकों को प्रलोभन

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा विधायकों को प्रलोभन दे रही है. अपनी गुटबाजी और हताशा को दूर करने के लिए कांग्रेस यह आत्मघाती कदम उठा रही है.उन्होंने दावा किया कि भाजपा के विधायक एकजुट हैं, एकजुट थे और एकजुट रहेंगे. भाजपा के सारे विधायक चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े हुए हैं.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने यह बात आज मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही.सिंह आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित सदस्यता अभियान की बैठक में शामिल होने आए थे. उन्होंने कहा कि कई विधायकों ने संगठन से इस बात की शिकायत की है कि उन्हें कांग्रेस की ओर से प्रलोभन मिल रहा है. सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमारे विधायकों को प्रलोभन देकर अपनी गुटबाजी, और हताशा को दूर करने का प्रयास कर रही है, लेकिन हमारे विधायक एकजुट हैं, एकजुट थे और एकजुट रहेंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा का हर विधायक चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़ा हुआ है. सिंह ने कहा कि बैठक के लिए सभी विधायकों को आमंत्रण दिया गया था. वहीं आज प्रदेश कार्यालय में सदस्यता अभियान को लेकर बैठक शुरू हो गई है.
उल्लेखनीय है कि हाल ही में विधानसभा में हुए मत विभाजन के दौरान दो भाजपा विधायकों ने क्रास वोटिंग की थी, जिसके बाद से भाजपा के अंदर बिखराव नजर आ रहा है. कांग्रेस पार्टी भी कई बार बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने का दावा कर चुकी है. जिससे पार्टी की मुश्किलें और भी बढ़ी हुई है. लिहाजा भाजपा अपने विधायकों पर लगातार नजर रखे हुए हैं, इसके लिए बाकायदा कुछ दिग्गज नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है. ताकि पार्टी के अंदर किसी तरह की सेंधमारी न हो सके.
बैठक छोड़कर दिल्ली चले गए राकेश सिंंह
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज भाजपा सदस्यता अभियान की आयोजित बैठक में बैठक छोड़कर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं.  सिंह ने बैठक से जाने के पीछे लोकसभा चलने का हवाला दिया. इस दौरान सिंह ने कहा है कि सदस्यता अभियान ठीक तरीके से चल रहा है और बैठक में विधायक कई कारणों से अनुपस्थित हैं. उन्होंने कहा है कि कई जिलों ने सदस्यता अभियान पूरा कर लिया गया है, और कई जिलों में अभियान चल रहा है. उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में टारगेट से ज्यादा सदस्य बनाए जाएंगे. इसके साथ ही 9, 10 और 11 अगस्त को विशेष सदस्यता अभियान चलाया जाएगा.
नहीं पहुंचे विधायक नारायण और शरद
भाजपा प्रदेश कार्यालय में सदस्यता अभियान की बैठक बागी विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल पर रही दोनों ही विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए हैं. बैठक में सभी विधायकों, सांसदों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था पर आधे से ज्यादा सांसद और विधायक भी बैठक में नहीं पहुंचे.  बैठक में दोनों विधायकों के शामिल नहीं होने पर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह कहा कि उन्हें कई विधायकों ने नहीं आने की सूचना पहले ही दे दी थी.
बाउंड्री पर खड़े हैं कई विधायक
मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों प्रदेश सरकार और विपक्ष की तरफ से जमकर हलचल मची हुई है. जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा  ने कहा है कि जो भी भाजपा के विधयाक कांग्रेस में आना चाहते हैं, पार्टी में उनका जमकर स्वागत हैं.  तंज कसते हुए मंत्री शर्मा ने कहा है कि कई विधायक बाउंड्री पर हैं, जोकि जो कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं.
जनता के सामने रखें सबूत
कांग्रेस मीडिय सेल की अध्यक्ष  शोभा ओझा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पूरा बहुमत और हमने किसी विधायक को लालच देने की कोशिश नहीं की. शोभा ओझा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बोखला हो गयी है, अब उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि जो विधायक कह रहे हैं कि उन्हें लालच देने की कोशिश की गई है, वो सबूत जनता के सामने रखें.