राज्य के कमलनाथ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राजस्व निरीक्षकों से तहसीलदारों के अधिकार वापस ले लिए हैं. अब राजस्व निरीक्षक तहसील कार्यालयों में नायब तहसीलदार की तरह प्रकरणोंं की सुनवाई नहीं कर पाएंगे.
मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार ने तीन साल पहले अलग-अलग समय में अधिसूचनाएं जारी कर राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के रूप में कार्य संपादन करने के अधिकार सौंपे थे. सरकार की इस आदेश के पीछे सोच राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार और तहसीलदारों की कमी को पूरा करना था. इस वजह से विभाग में लाखों की संख्या में राजस्व प्रकरण लंबित है. सरकार ने शिवराज सरकार के इस फैसले को अब बदल लिया है. सरकार ने आदेश जारी कर पुराने आदेश को निरस्त भी कर दिया है. बताया जाता है कि राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदारों की तरह सुनवाई के अधिकार देने के बाद भी लंबित प्रकरणों में ज्यादा कमी नहीं आई, बल्कि सरकार को भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रहीं थी. यही वजह है कि इसके बाद कमलनाथ सरकार ने राजस्व निरीक्षकों से अधिकार वापस ले लिए हैं.

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