औरंगाबाद में मुठभेड. में मारे गए अजहर उर्फ खलील कुरैशी ने मध्य प्रदेश पुलिस की परेशानी बढ.ा दी है. पुलिस में उसके खिलाफ मामला दर्ज नहीं है, जबकि महाराष्ट्र एटीएस उसे खंडवा का वांटेड बता रही है. खंडवा पुलिस का दावा है कि अजहर कुरैशी पर कोई मामला दर्ज नहीं है, जबकि उसके दो भाइयों पर ट्रेन में लूट के मामले दर्ज हैं.
औरंगाबाद में महाराष्ट्र एटीएस द्वारा एनकाउंटर में मारे गए अजहर उर्फ खलील कुरैशी पर खंडवा पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं है. यह खुद पुलिस का कहना है. खंडवा पुलिस का कहना है कि अजहर के दो भाइयों तौसीफ और रकीब पर बीड. शटल ट्रेन में लूट का मामला दर्ज है. दोनों भाइयों पर धारा 319 के तहत मामले दर्ज हैं. इसके अलावा अजहर पर कोई मामला दर्ज नहीं है.
खंडवा पुलिस का दल औरंगाबाद गया है, जहां से वह पकडे. गए अन्य आरोपियों को भी प्रोटेक्शन
वारंट पर खंडवा लाएगा. पकडे. गए आरोपियों में खलील खिलजी के पिता अकील खिलजी का नाम बताया जा रहा है. अकील का एक लड.का जलील भी सिमी का कार्यकर्ता है. अकील से खंडवा पुलिस को और भी जानकारी हासिल होने की संभावना है. महाराष्ट्र एटीएस जो दावा कर रही थी कि अजहर खंडवा पुलिस का वांटेड है, वह खंडवा पुलिस ही झुठला रही है.
खंडवा के पुलिस अधीक्षक हरिकृष्ण मिश्रचारी का कहना है कि अजहर कुरैशी पर कोई मामला दर्ज नहीं है. पुलिस की टीम औरंगाबाद गई है, जो अन्य पकडे. गए आरोपियों को खंडवा लेकर आएगी. वहीं सीएसपी मुकेश मिश्र का कहना है कि अजहर पर कोई मामला दर्ज नहीं है. उसके दो भाइयों पर ट्रेन में लूट का मामला दर्ज है.
गुरुवार, 29 मार्च 2012
बुधवार, 28 मार्च 2012
शुक्रवार, 20 जनवरी 2012
‘काली कमाई के किंग ’बने सरकारी कारिंदे
मध्यप्रदेश में हो रही छापों की कार्यवाही ने राज्य के कर्मचारियों और अफसरों के यहां मिल रही संपत्ति से इस बात का खुलासा हो रहा है कि ये ‘काली कमाई के किंग’बनते जा रहे हैं़ हर छापे में चाहे वह कर्मचारी के यहां हो या फिर अफसर के यहां करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हो रहा है़ वर्ष के शुरुआती 19 दिनों में अब तक हुई छापे की इस कार्यवाही में लोकायुक्त संगठन ने पचास करोड़ से ज्यादा की बेनामी संपत्ति इन कर्मचारियों और अफसरों के यहां होने का खुलासा किया है़
राज्य में इन दिनों लोकायुक्त संगठन द्वारा कर्मचारी से लेकर आला अफसर के यहां की जा रही छापे की कार्यवाही में इनके यहां से जो संपत्ति मिल रही है, वह चौंकाने वाली है़ करोड़ों की अवैध संपत्तियों का खुलासा हर छापे में हुआ है, इससे यह साबित होता जा रहा है कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों द्वारा बार-बार अफसरों पर भ्रष्टाचार को लेकर जो बातें उठाई जा रही है उनमें सत्यता नजर आती है़ वर्ष 2010 के शुरुआती माह याने जनवरी में आईएएस दंपत्ति टीनू जोशी, अरविंद जोशी के यहां आयकर के छापे के बाद मध्यप्रदेश में लगातार कभी आयकर के तो कभी ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के छापे सरकारी कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां डलते रहे हैं़ इन दो वर्षों में अब तक कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है़ इस संपत्ति के बारे में आज तक किसी कर्मचारी या अफसर ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसके पास इतनी संपत्ति आई कहां से है़ छापे के दौरान मिली यह संपत्ति इस बात का संकेत है कि राज्य के सरकारी कारिंदे इन दिनों काली कमाई के किंग बनते जा रहे हैं़ इन पर किसी का कोई अकूंश नहीं रहा है़
राज्य में चल रही छापे की कार्यवाही में बीते साल याने 2011 में 140 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था़ इसके बाद हाल ही में वर्ष 2012 के शुरुआती माह जनवरी में हुई छापे की कार्यवाही में अब तक पचास करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हो चुका है़ दर्जनभर छापे की कार्यवाही में अब तक जो बेनामी संपत्ति उजागर हुई है उससे यह भी पता चलता है कि राज्य के अफसर और कर्मचारी जमीन खरीदी के अलावा अन्य धंधों में खूब पैसा लगा रहे हैं़ गुरुवार को छापे की कार्यवाही के दौरान आबकारी विभाग के अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के यहां तो सामान और संपत्ति मिली है उसने एक बार फिर आईएएस अरविंद जोशी के यहां हुई छापे की कार्यवाही को याद दिलाया है़ भारके के यहां पर छापे के दौरान नगदी, जमीन जायदाद के दस्तावेजों के अलावा दो लाइसेंसी रायफल 51 बाटल देशी विदेशी शराब जिसकी कीमत 28 हजार रुपए आंकी गई है, मिली हैं़
* खण्डवा में आबकारी अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के खंडवा स्थित शासकीय निवास, होशंगाबाद स्थित पैतृक निवास और इंदौर स्थित निवास से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* मंडला में सिंचाई विभाग के सब इंजीनियर शारदा प्रसाद सोनी के निवास पर मारे गए छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा़
* लोकायुक्त पुलिस ने श्रम विभाग के उद्योग विभाग में पदस्थ निरीक्षक ब्रजेश शर्मा के इंदौर सिथत सुखलिया के पास परागनगर में छापा मारकार तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा किया़
* उज्जैन में पदस्थ पीएचई विभाग के सब इंजीनियर आऱ के़द्विवेदी के उज्जैन स्थित निवास पर छापे के दौरान 15 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* रतलाम में पदस्थ सहकारिता निरीक्षक आनंद पाठक के इंदौर स्थित मकान पर छापे में दो करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला़
* नीमच में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर एस़पी़ पटेल के मंदसौर स्थित निवास पर लोकायुक्त के छापे में छह करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* आदिवासी विभाग के भोपाल में पदस्थ उपायुक्त देवीसिंह परमार के राजधानी स्थित शिवाजी नगर और रजत विहार होशंगाबाद रोड स्थित निवास पर लोकायुक्त ने छापा मारा़
* उज्जैन नगर निगम में राजस्व निरीक्षक पद पर पदस्थ कैलाश सांगते के निवास पर छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* जबलपुर नगर निगम के सब इंजीनियर रामलखन के इंदौर और छिंदवाड़ा स्थित आवासों पर छापे में करीब 10 करोड़ की संपत्ति मिलने की बात सामने आई़
राज्य में इन दिनों लोकायुक्त संगठन द्वारा कर्मचारी से लेकर आला अफसर के यहां की जा रही छापे की कार्यवाही में इनके यहां से जो संपत्ति मिल रही है, वह चौंकाने वाली है़ करोड़ों की अवैध संपत्तियों का खुलासा हर छापे में हुआ है, इससे यह साबित होता जा रहा है कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों द्वारा बार-बार अफसरों पर भ्रष्टाचार को लेकर जो बातें उठाई जा रही है उनमें सत्यता नजर आती है़ वर्ष 2010 के शुरुआती माह याने जनवरी में आईएएस दंपत्ति टीनू जोशी, अरविंद जोशी के यहां आयकर के छापे के बाद मध्यप्रदेश में लगातार कभी आयकर के तो कभी ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के छापे सरकारी कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां डलते रहे हैं़ इन दो वर्षों में अब तक कर्मचारियों एवं अफसरों के यहां पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है़ इस संपत्ति के बारे में आज तक किसी कर्मचारी या अफसर ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसके पास इतनी संपत्ति आई कहां से है़ छापे के दौरान मिली यह संपत्ति इस बात का संकेत है कि राज्य के सरकारी कारिंदे इन दिनों काली कमाई के किंग बनते जा रहे हैं़ इन पर किसी का कोई अकूंश नहीं रहा है़
राज्य में चल रही छापे की कार्यवाही में बीते साल याने 2011 में 140 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था़ इसके बाद हाल ही में वर्ष 2012 के शुरुआती माह जनवरी में हुई छापे की कार्यवाही में अब तक पचास करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हो चुका है़ दर्जनभर छापे की कार्यवाही में अब तक जो बेनामी संपत्ति उजागर हुई है उससे यह भी पता चलता है कि राज्य के अफसर और कर्मचारी जमीन खरीदी के अलावा अन्य धंधों में खूब पैसा लगा रहे हैं़ गुरुवार को छापे की कार्यवाही के दौरान आबकारी विभाग के अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के यहां तो सामान और संपत्ति मिली है उसने एक बार फिर आईएएस अरविंद जोशी के यहां हुई छापे की कार्यवाही को याद दिलाया है़ भारके के यहां पर छापे के दौरान नगदी, जमीन जायदाद के दस्तावेजों के अलावा दो लाइसेंसी रायफल 51 बाटल देशी विदेशी शराब जिसकी कीमत 28 हजार रुपए आंकी गई है, मिली हैं़
* खण्डवा में आबकारी अधिकारी भवानी प्रसाद भारके के खंडवा स्थित शासकीय निवास, होशंगाबाद स्थित पैतृक निवास और इंदौर स्थित निवास से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* मंडला में सिंचाई विभाग के सब इंजीनियर शारदा प्रसाद सोनी के निवास पर मारे गए छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा़
* लोकायुक्त पुलिस ने श्रम विभाग के उद्योग विभाग में पदस्थ निरीक्षक ब्रजेश शर्मा के इंदौर सिथत सुखलिया के पास परागनगर में छापा मारकार तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा किया़
* उज्जैन में पदस्थ पीएचई विभाग के सब इंजीनियर आऱ के़द्विवेदी के उज्जैन स्थित निवास पर छापे के दौरान 15 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* रतलाम में पदस्थ सहकारिता निरीक्षक आनंद पाठक के इंदौर स्थित मकान पर छापे में दो करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला़
* नीमच में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर एस़पी़ पटेल के मंदसौर स्थित निवास पर लोकायुक्त के छापे में छह करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* आदिवासी विभाग के भोपाल में पदस्थ उपायुक्त देवीसिंह परमार के राजधानी स्थित शिवाजी नगर और रजत विहार होशंगाबाद रोड स्थित निवास पर लोकायुक्त ने छापा मारा़
* उज्जैन नगर निगम में राजस्व निरीक्षक पद पर पदस्थ कैलाश सांगते के निवास पर छापे में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ़
* जबलपुर नगर निगम के सब इंजीनियर रामलखन के इंदौर और छिंदवाड़ा स्थित आवासों पर छापे में करीब 10 करोड़ की संपत्ति मिलने की बात सामने आई़
काम लिया, भुला दिया
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी ने आमिर अली खान के सौ साला समारोह के लिए एक लेखक और चित्रकार से काम तो लिया, मगर दाम देने के बजाय उन्हें समारोह में बुलाना तक उचित नहीं समझा़ इन कलाकारों ने सरकार पर कलाकारों के साथ उपेक्षित व्यवहार करने का अरोप लगाया है़ समारोह में आमिर अली पर मोनोग्राफ और उनके पोर्टेट बनाने वाले लेखक और कलाकर दोनों ही अपने को उपेक्षित मान रहे हैं़ इन दोनों से लंबे समय तक मेहनत कराकर काम तो करा लिया, मगर उसके बाद अकादमी ने दोनों को भुला दिया़
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा इंदौर में कल 20 जनवरी से तीन दिनों तक मनाया जाने वाला आमिर अली खां का शताब्दी समारोह की प्रशंसा हो, उसके पहले ही यह समारोह विवादों में आ गया है़ विवाद इस बात को लेकर हुआ है कि समरोह के लिए अकादमी ने इंदौर के लेखक प्रभु जोशी से आमिर अली के जीवन पर केन्द्रित एक मोनोग्राफ तैयार कराया़ जोशी से इसके लिए विभाग ने बकायदा आग्रह किया था, इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत कर इस काम को पूरा कर विभाग को दे दिया़ उन्हें यह आश्वासन दिया था कि इसका बाकायदा किताब के रुप में प्रकाशन कराकर लोगों तक उस किताब को पहुंचाया जाएगा़ इसी तरह पोट्रेट बनाने वाले इंदौर निवासी कलाकार जो वर्तमान में मुुंबई में रहे रहे हैं सफदर शामी से उस्ताद अलाउद्दीन अकादमी की ओर से कहा था कि वे आमिर साहब पर केन्द्रित चित्र बना दें़ अकादमी की ओर से जब उन्हें यह कहा गया तो उन्होंने आमिर साहब के पड़ौसी रहने एवं संगीतकार की दृष्टि से उन्हें याद करने का मौका मिलता, हां कह दिया़ इसके बाद उन्होंने आमिर अली के 13 पोर्ट्रेट बनाकर भेज दिया़
अकादमी ने मोनोग्राफ और चित्र बनवाने के बाद दोनों ही कलाकारों को भुला दिया़ इसके बाद न तो उनसे संपर्क किया और न ही कल से शुरु हो रहे कार्यक्रम में उन्हें बुलाया ही़ यहां तक की जो आमंत्रण पत्र छपवाया है उसमें सफदर शामी के बनाए चित्र को तो प्रकाशित किया है, मगर उनका नाम तक नहीं दिया है़ इसके अलावा शामी को कल के कार्यक्रम में पहुंचने के लिए निमंत्रण तक नहीं दिया है़ दोनों ही कलाकार इसे अपनी उपेक्षा मान रहे हैं और विभाग की इस कार्यशैली को लेकर आहत भी हैं़ विभाग द्वारा कोलकाता से बुलाए गए फोटोग्राफर प्रशांत अरोरा को लेकर भी दोनों कलाकार आहत हैं़ उनका कहना है कि फोटोग्राफर को वायुमार्ग से बुलवाया गया है, जबकि उन्हें आमंत्रित ही नहीं किया गया है़
यह तो श्राद्धकर्म करने जैसा हुआ: जोशी
प्रख्यात लेखक प्रभु जोशी का कहना है कि प्रदेश का संस्कृति विभाग और सरकार दोनों ही एक पद्मभूषण से नवाजे कलाकार आमिर अली खान का शताब्दी समारोह मनाने के बात कहकर खुश हो रहे हैं, मगर कला से जुड़े लोग इसे शास्त्रीय गायन के ख्यात गायक का श्राद्धकर्म करना मान रहे हैं़ सरकार खुले में मंच बनवाकर लाखों रुपए खर्च कर यह आयोजन कर रही है, मगर उनके लिए किताब प्रकाशित करने का कहकर भी किताब का प्रकाशन नहंी कर रही है़ श्री जोशी का कहना है कि उन्हें दिए आश्वासन के अनुसार अगर किताब प्रकाशित होती तो नई पीढ़Þी भी आमिर अली साहब को अच्छे से जान सकती थी़ वे इस बात को लेकर दुखी हैं कि उनसे मोनोग्राफ तैयार करा लिया गया, मगर उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है़ श्री जोशी ने बताया कि उन्होंने खूब मेहनत कर आमिर अली साहब पर मोनोग्राफ तैयार किया था, अब दुख होता है कि हमारी सरकार हमारे प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के कलाकारों के साथ किस तरह का व्यवहार करती है़
चित्र बनवा कर भुला दिया
आमिर अली खां के पोर्ट्रेट बनाने वाले मुुंबई निवासी कलाकार सफदर शामी का कहना है कि उन्हें अकादमी ने जब यह कहा कि आमिर अली खां पर पोर्ट्रेट उन्हें बनाने हैं, तो काफी खुशी हुई थी़ आमिर साहब का पड़ौसी होने पर फर्क हुआ़ मैंने खूब मेहनत कर 13 पोर्ट्रेट बनाकर भिजवा दिए़ अब मुझे पता चला कि जो आमंत्रण छपवाए गए हैं उसमें उनका नाम तक नहीं है़ इतना ही नहीं उनके चित्र का उपयोग किया गया है, मगर उनका नाम कहीं भी नहीं है़ उन्होंने कहा कि मेरे चित्रों का वे क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी तो मुझे नहीं है, मगर इस बात का दुख जरुर है कि आमिर अली खां साहब के साथ प्रदेश सरकार मजाक कर रही है़
अब जरुर छपेगा मोनोग्राफ
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी के कार्यकारी निदेशक गणेश भालचंद्र वाकदरे का कहना है कि यह सच है कि कुछ तकनीकी कारणों से पूर्व में हम मोनोग्राफ का प्रकाशन नहीं कर रहे थे़ हमारा विचार था कि हम तीन दिनों के पूरे कार्यक्रम को मोनोग्राफ प्रकाशित करेंगे़ मगर अब हमने यह तय किया है कि उसे कल तक प्रकाशित करा दिया जाएगा़ सफदर शामि को आमंत्रित करने की बात मुझे नहीं मालूम है, मैं पता करता हूं़ वागदरे ने कहा कि मुझे 12 जनवरी को ही यहां का कार्यभार मिला है इस कारण भी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, मगर अब मैं सबकुछ ठीक ढंग से करुंगा़ हम एक बड़े कलाकार का शताब्दी समारोह मना रहे हैं उन्हें उपेक्षित करने की सोच हमारी नहीं है़
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा इंदौर में कल 20 जनवरी से तीन दिनों तक मनाया जाने वाला आमिर अली खां का शताब्दी समारोह की प्रशंसा हो, उसके पहले ही यह समारोह विवादों में आ गया है़ विवाद इस बात को लेकर हुआ है कि समरोह के लिए अकादमी ने इंदौर के लेखक प्रभु जोशी से आमिर अली के जीवन पर केन्द्रित एक मोनोग्राफ तैयार कराया़ जोशी से इसके लिए विभाग ने बकायदा आग्रह किया था, इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत कर इस काम को पूरा कर विभाग को दे दिया़ उन्हें यह आश्वासन दिया था कि इसका बाकायदा किताब के रुप में प्रकाशन कराकर लोगों तक उस किताब को पहुंचाया जाएगा़ इसी तरह पोट्रेट बनाने वाले इंदौर निवासी कलाकार जो वर्तमान में मुुंबई में रहे रहे हैं सफदर शामी से उस्ताद अलाउद्दीन अकादमी की ओर से कहा था कि वे आमिर साहब पर केन्द्रित चित्र बना दें़ अकादमी की ओर से जब उन्हें यह कहा गया तो उन्होंने आमिर साहब के पड़ौसी रहने एवं संगीतकार की दृष्टि से उन्हें याद करने का मौका मिलता, हां कह दिया़ इसके बाद उन्होंने आमिर अली के 13 पोर्ट्रेट बनाकर भेज दिया़
अकादमी ने मोनोग्राफ और चित्र बनवाने के बाद दोनों ही कलाकारों को भुला दिया़ इसके बाद न तो उनसे संपर्क किया और न ही कल से शुरु हो रहे कार्यक्रम में उन्हें बुलाया ही़ यहां तक की जो आमंत्रण पत्र छपवाया है उसमें सफदर शामी के बनाए चित्र को तो प्रकाशित किया है, मगर उनका नाम तक नहीं दिया है़ इसके अलावा शामी को कल के कार्यक्रम में पहुंचने के लिए निमंत्रण तक नहीं दिया है़ दोनों ही कलाकार इसे अपनी उपेक्षा मान रहे हैं और विभाग की इस कार्यशैली को लेकर आहत भी हैं़ विभाग द्वारा कोलकाता से बुलाए गए फोटोग्राफर प्रशांत अरोरा को लेकर भी दोनों कलाकार आहत हैं़ उनका कहना है कि फोटोग्राफर को वायुमार्ग से बुलवाया गया है, जबकि उन्हें आमंत्रित ही नहीं किया गया है़
यह तो श्राद्धकर्म करने जैसा हुआ: जोशी
प्रख्यात लेखक प्रभु जोशी का कहना है कि प्रदेश का संस्कृति विभाग और सरकार दोनों ही एक पद्मभूषण से नवाजे कलाकार आमिर अली खान का शताब्दी समारोह मनाने के बात कहकर खुश हो रहे हैं, मगर कला से जुड़े लोग इसे शास्त्रीय गायन के ख्यात गायक का श्राद्धकर्म करना मान रहे हैं़ सरकार खुले में मंच बनवाकर लाखों रुपए खर्च कर यह आयोजन कर रही है, मगर उनके लिए किताब प्रकाशित करने का कहकर भी किताब का प्रकाशन नहंी कर रही है़ श्री जोशी का कहना है कि उन्हें दिए आश्वासन के अनुसार अगर किताब प्रकाशित होती तो नई पीढ़Þी भी आमिर अली साहब को अच्छे से जान सकती थी़ वे इस बात को लेकर दुखी हैं कि उनसे मोनोग्राफ तैयार करा लिया गया, मगर उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है़ श्री जोशी ने बताया कि उन्होंने खूब मेहनत कर आमिर अली साहब पर मोनोग्राफ तैयार किया था, अब दुख होता है कि हमारी सरकार हमारे प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के कलाकारों के साथ किस तरह का व्यवहार करती है़
चित्र बनवा कर भुला दिया
आमिर अली खां के पोर्ट्रेट बनाने वाले मुुंबई निवासी कलाकार सफदर शामी का कहना है कि उन्हें अकादमी ने जब यह कहा कि आमिर अली खां पर पोर्ट्रेट उन्हें बनाने हैं, तो काफी खुशी हुई थी़ आमिर साहब का पड़ौसी होने पर फर्क हुआ़ मैंने खूब मेहनत कर 13 पोर्ट्रेट बनाकर भिजवा दिए़ अब मुझे पता चला कि जो आमंत्रण छपवाए गए हैं उसमें उनका नाम तक नहीं है़ इतना ही नहीं उनके चित्र का उपयोग किया गया है, मगर उनका नाम कहीं भी नहीं है़ उन्होंने कहा कि मेरे चित्रों का वे क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी तो मुझे नहीं है, मगर इस बात का दुख जरुर है कि आमिर अली खां साहब के साथ प्रदेश सरकार मजाक कर रही है़
अब जरुर छपेगा मोनोग्राफ
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी के कार्यकारी निदेशक गणेश भालचंद्र वाकदरे का कहना है कि यह सच है कि कुछ तकनीकी कारणों से पूर्व में हम मोनोग्राफ का प्रकाशन नहीं कर रहे थे़ हमारा विचार था कि हम तीन दिनों के पूरे कार्यक्रम को मोनोग्राफ प्रकाशित करेंगे़ मगर अब हमने यह तय किया है कि उसे कल तक प्रकाशित करा दिया जाएगा़ सफदर शामि को आमंत्रित करने की बात मुझे नहीं मालूम है, मैं पता करता हूं़ वागदरे ने कहा कि मुझे 12 जनवरी को ही यहां का कार्यभार मिला है इस कारण भी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, मगर अब मैं सबकुछ ठीक ढंग से करुंगा़ हम एक बड़े कलाकार का शताब्दी समारोह मना रहे हैं उन्हें उपेक्षित करने की सोच हमारी नहीं है़
उप्र चुनाव में सक्रिय हुए मप्र के नेता
उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनावों को लेकर मध्यप्रदेश के भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उत्तरप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है़़ तीनों ही दलों के नेताओं ने अपने को सौंपी जिम्मेदारियां संभालकर चुनाव प्रचार में सक्रियता बढ़Þा दी है़
उत्तरप्रदेश में शुरु हुए चुनावी महासंग्राम में वैसे तो मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेताओं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुरैना के सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजसिंह चुनाव की घोषणा होने के पहले से ही सक्रिय रहे हैं़ इन वरिष्ठ नेताओं के अलावा अब पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ जिला पदाधिकारियों और संगठन के नेताओं ने उत्तरप्रदेश चुनाव में सक्रियता बढ़Þा दी है़ भाजपा द्वारा विधायक अरविंद भदौरिया और खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा को अलग-अलग टीमें बनाकर विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है़ दोनों ही नेताओं के अधिनस्थ अस्सी-अस्सी विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़ ये नेताओं ने अपने करीबी और सक्रिय नेताओं को तो उत्तरप्रदेश बुला लिया है, वहीं संगठन और राष्ट्रीय नेताओं द्वारा जिन पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश चुनाव प्रचार के लिए बुलवाया था उन्हें भी जिम्मेदारी सौंप दी है़ मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं को उत्तरप्रदेश में महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़
खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने लोकमत समाचार से चर्चा में बताया कि वे लखनऊ के आसपास के विधानसभा क्षेत्रों की कमान संभाले हुए हैं़ उन्हें पार्टी ने 81 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है, उनके साथ मध्यप्रदेश के 131 पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की टीम लगी हुई है़ विधायक अरविंद भदौरिया ने बताया कि उन्हें संगठन ने जो काम सौंपा है उसके तहत मध्यप्रदेश के नेता उनका साथ दे रहे हैं और चुनाव प्र्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं़
भाजपा के अलावा कांग्रेस के नेताओं को भी उत्तरप्रदेश में जमावड़ा लगने लगा है़ कांग्रेस में भाजपा से अलग तरीके से नेताआें को बुलवाया जा रहा है़ कांग्रेस पार्टी द्वारा अब तक जिन नेताओं को बुलवाया गया है उनकी जानकारी प्रदेश संगठन को नहीं है़ कांग्रेस नेताओं को सीधे दिल्ली से निर्देश दिए जा रहे हैं कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर जिम्मेदारी निभानी है़ प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस के कुछ प्रदेश पदाधिकारी, विधायक और युवा नेता उत्तरप्रदेश पहुंचे हैं़ इन नेताओं को पार्टी के महासचिव राहुल गांधी के यहां से बुलावा आया था इस वजह से ये सीधे पहुंचे हैं़ श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश संगठन के पास यह जानकारी तो नहीं है कि प्रदेश से कितने नेता उत्तरप्रदेश चुनाव में प्रचार के लिए बुलवाए गए हैं़
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने उन्हें मध्यप्रदेश की सीमा से लगे उत्तरप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश के सपा नेताओं को भेजने को कहा है़ इस निर्देश के बाद उन्होंने प्रदेश के जिला पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश जाने को कह दिया है़ इनमें से कुछ नेता तो चले गए हैं, कुछ पदाधिकारी जल्द ही उत्तरप्रदेश के लिए रवाना होंगे़
बाक्स
बसपा नेताओं को इंतजार
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के लिए जाने हेतु राष्ट्रीय नेताओं के बुलावे का इंतजार है़ बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी मध्यप्रदेश से किसी नेता को उत्तरप्रदेश आकर चुनाव प्रचार में मदद करने के लिए नहीं बुलाया है़ मध्यप्रदेश के कुछ बसपा नेता तो इस तैयारी में बैठे हैं कि उन्हें निर्देश मिले और वे उत्तरप्रदेश की ओर कूच कर जाएं, मगर अब तक किसी नेता को भेजने के लिए प्रदेश संगठन को नहीं कहा गया है़ दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष आईईएस मौर्य का कहना है कि उत्तरप्रदेश में पार्टी के पास नेता और कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है इस कारण प्रदेश के नेताओं को वहां नहीं बुलाया गया है़
उत्तरप्रदेश में शुरु हुए चुनावी महासंग्राम में वैसे तो मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेताओं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुरैना के सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजसिंह चुनाव की घोषणा होने के पहले से ही सक्रिय रहे हैं़ इन वरिष्ठ नेताओं के अलावा अब पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ जिला पदाधिकारियों और संगठन के नेताओं ने उत्तरप्रदेश चुनाव में सक्रियता बढ़Þा दी है़ भाजपा द्वारा विधायक अरविंद भदौरिया और खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा को अलग-अलग टीमें बनाकर विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है़ दोनों ही नेताओं के अधिनस्थ अस्सी-अस्सी विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़ ये नेताओं ने अपने करीबी और सक्रिय नेताओं को तो उत्तरप्रदेश बुला लिया है, वहीं संगठन और राष्ट्रीय नेताओं द्वारा जिन पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश चुनाव प्रचार के लिए बुलवाया था उन्हें भी जिम्मेदारी सौंप दी है़ मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं को उत्तरप्रदेश में महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है़
खनिज निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने लोकमत समाचार से चर्चा में बताया कि वे लखनऊ के आसपास के विधानसभा क्षेत्रों की कमान संभाले हुए हैं़ उन्हें पार्टी ने 81 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है, उनके साथ मध्यप्रदेश के 131 पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की टीम लगी हुई है़ विधायक अरविंद भदौरिया ने बताया कि उन्हें संगठन ने जो काम सौंपा है उसके तहत मध्यप्रदेश के नेता उनका साथ दे रहे हैं और चुनाव प्र्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं़
भाजपा के अलावा कांग्रेस के नेताओं को भी उत्तरप्रदेश में जमावड़ा लगने लगा है़ कांग्रेस में भाजपा से अलग तरीके से नेताआें को बुलवाया जा रहा है़ कांग्रेस पार्टी द्वारा अब तक जिन नेताओं को बुलवाया गया है उनकी जानकारी प्रदेश संगठन को नहीं है़ कांग्रेस नेताओं को सीधे दिल्ली से निर्देश दिए जा रहे हैं कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर जिम्मेदारी निभानी है़ प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस के कुछ प्रदेश पदाधिकारी, विधायक और युवा नेता उत्तरप्रदेश पहुंचे हैं़ इन नेताओं को पार्टी के महासचिव राहुल गांधी के यहां से बुलावा आया था इस वजह से ये सीधे पहुंचे हैं़ श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश संगठन के पास यह जानकारी तो नहीं है कि प्रदेश से कितने नेता उत्तरप्रदेश चुनाव में प्रचार के लिए बुलवाए गए हैं़
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने उन्हें मध्यप्रदेश की सीमा से लगे उत्तरप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश के सपा नेताओं को भेजने को कहा है़ इस निर्देश के बाद उन्होंने प्रदेश के जिला पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश जाने को कह दिया है़ इनमें से कुछ नेता तो चले गए हैं, कुछ पदाधिकारी जल्द ही उत्तरप्रदेश के लिए रवाना होंगे़
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बसपा नेताओं को इंतजार
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों को उत्तरप्रदेश में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के लिए जाने हेतु राष्ट्रीय नेताओं के बुलावे का इंतजार है़ बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी मध्यप्रदेश से किसी नेता को उत्तरप्रदेश आकर चुनाव प्रचार में मदद करने के लिए नहीं बुलाया है़ मध्यप्रदेश के कुछ बसपा नेता तो इस तैयारी में बैठे हैं कि उन्हें निर्देश मिले और वे उत्तरप्रदेश की ओर कूच कर जाएं, मगर अब तक किसी नेता को भेजने के लिए प्रदेश संगठन को नहीं कहा गया है़ दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष आईईएस मौर्य का कहना है कि उत्तरप्रदेश में पार्टी के पास नेता और कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है इस कारण प्रदेश के नेताओं को वहां नहीं बुलाया गया है़
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