सोमवार, 23 दिसंबर 2019

डान इकबाल मिर्ची की संपत्ति तलाश रहा प्रशासन


अंडरवर्ल्ड डान इकबाल मिर्ची की मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संपत्ति की तलाश जिला प्रशासन ने शुरु की है. मिर्ची और उसके परिचितों के नाम पर दर्ज संपत्ति की जानकारी को जिला प्रशासन द्वारा एकत्रित किया जा रहा है.
मध्यप्रदेश में भू माफिया के खिलाफ चलाए गए अभियान के चलते अब भोपाल जिला प्रशासन ने अंडरवर्ल्ड डान इकबाल मिर्ची की भोपाल में कितनी और कहां-कहां पर संपत्ति है, उसकी जानकारी जुटानी शुरु कर दी है. इकबाल मिर्ची के परिचितों की संपत्ति की जानकारी भी जिला प्रशाासन जुटा रहा है. बताया जा रहा है कि इकबाल और उसके परिचितों के नाम पर 10 स्थानों पर प्रापर्टी होने की जानकारी जिला प्रशासन को मिली है.
उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त 2013 को इकबाल मिर्ची की मौत हो चुकी है, लेकिन माना जा रहा है कि भोपाल के आसपास भी उसके परिचितों की प्रॉपर्टी है. इकबाल मिर्ची की दो मंजिला इमारत राजधानी के सबसे पाश इलाके श्यामला हिल्स में बना है. इकबाल मिर्ची के अलावा जिला प्रशासन ने राजधानी के बैरागढ़ और खजूरी थाने के करीब 20 बदमाशों की सूची भी तैयार की है. इनकी भी संपत्तियों की जानकारी जुटा कर जिला प्रशासन उनके यहां भी कार्यवाही करने की तैयारी कर रहा है.

सिंधिया को हराने वाले सांसद पर दर्ज हुई एफआईआर

डा. के.पी.यादव 

गुना संसदीय क्षेत्र से पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर चर्चा में आए भाजपा सांसद डा. के.पी. यादव की मुसीबत बढ़ सकती है. उनके और उनके बेटे के खिलाफ पुलिस ने गलत जाति प्रमाण पत्र बनवाने का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 420, 120 बी, 181 एवं 182 के तहत मामला दर्ज किया है. 

मध्यप्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद रहे डा. के.पी.यादव और उनके बेटे पर पुलिस ने गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर एफआईआर दर्ज की है. सांसद और उनके बेटे के खिलाफ गुना जिले के अशोक नगर कोतवाली थाने में धारा 420, 120 बी, 181 एवं 182 के तहत मामला दर्ज की है. दर्ज एफआईआर के मुताबिक गिरिराज यादव ने 22 दिसंबर को सांसद के पी यादव एवं उनके बेटे सार्थक यादव के खिलाफ मुंगावली एसडीएम कोर्ट द्वारा जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश पुलिस को दिया था. इस आवेदन के बाद कानूनी सलाह लेने के बाद कोतवाली टी आई पी.पी. मुदगिल की शिकायत में जीरो पर कायमी कर मूल कार्यवाही के लिए मुंगावली थाने के लिए प्रकरण भेजा जायेगा.
यह था मामला
गिरीराज यादव ने नवंबर माह में सांसद डा. के.पी.यादव और उनके बेटे सार्थक यादव की जाति प्रमाण पत्र जांच कराने की मांग करते हुए शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि दोनों ही ने अपने जाति प्रमाण पत्र  बनवाने में आय से संबंधित जो प्रमाण दस्तावेज पेश किए हैं, वह असत्य है. एसडीएम ने जांच में पाया था कि दोनों ने ही क्रीमीलेयर से बाहर के जो प्रमाण पत्र हासिल की है. उसके लिए वास्तविक आय से कम के आय प्रमाण पत्र दिए है. जबकि जांच में पाया गया था कि सांसद के पी यादव तो इनकम टैक्स रिटर्न भरते है. इसके बावजूद उन्होंने क्रीमी लेयर से बाहर के ओबीसी प्रमाण पत्र के लिए अपनी आय 8 लाख रुपए से कम बताई थी, जबकि लोकसभा चुनाव के दौरान शपथ पत्र के माध्यम से जो आय के दस्तावेज प्रस्तुत किये गए थे वह करीब 39 लाख के थे. इसी कारण एसडीएम मुंगावली ने डा. के पी यादव एवं उनके पुत्र सार्थक यादव के प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए थे और इसी कार्रवाई के बाद सांसद एवं उनके बेटे पर आपराधिक मामला दर्ज हो गया है.

रविवार, 22 दिसंबर 2019

कांग्रेस ने बनाई आंदोलन की रणनीति


नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा 25 दिसंबर को किए जाने वाले आंदोलन में डेढ़ किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला जाएगा. कांग्रेस द्वारा आंदोलन शांतिपूर्ण किया जाए, इसके लिए कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आंदोलन के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से बिल का विरोध जताएं. कांग्रेस द्वारा  प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आंदोलन की रणनीति तय की गई.
अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी के निर्देश पर केंद्र सरकार द्वारा लागू नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ 25 दिसंबर को मध्यप्रदेश कांगे्रस द्वारा एक शांतिपूर्ण आंदोलन किए जाने का निर्णय लिया गया है. इस आंदोलन की तैयारी एवं सहभागिता सुनिश्चित करने के संबंध में मध्यप्रदेश कांगे्रस कमेटी कार्यालय के सभाकक्ष में एक अतिआवश्यक बैठक आयोजित की गई. बैठक में बताया गया कि 25 दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  और मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश कांगे्रस द्वारा केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ राजधानी भोपाल में दोपहर 12 बजे शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा, प्रदेश के सभी जिलों से 25 हजार से अधिक कांगे्रसजनों को इस आंदोलन में शामिल होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह आंदोलन रोशनपुरा चैराहे स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा से राजभवन तक अनुशासनात्मक और क्रमबद्ध तरीके से शांति मार्च कर केंद्र सरकार के खिलाफ किया जाएगा.
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ जिन राजनैतिक दलों ने विरोध प्रदर्शित किया है, वे एवं उनके प्रतिनिधि सहित समाज के प्रबुद्ध नागरिक, सभी धर्मों के लोग, वकील, डॉक्टर, व्यापारी भी इस शांति मार्च में शामिल होंगे. बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री पी.सी. शर्मा, प्रभुराम चौधरी और जयवर्धनसिंह, अखिल भारतीय कांगे्रस के सचिव सुधांशु त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि प्रदर्शन एकदम शांतिपूर्ण तरीके से होगा. प्रदेश कांगे्रस के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी और कैलाश मिश्रा, अरूण श्रीवास्तव ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल होने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया जाए, अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं को लाना होगा तथा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होगा. लगभग डेढ़ किलोमीटर का यह प्रदर्शन गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से होगा. उन्होंने कहा कि जहां-जहां हिंसात्मक घटनाएं हुई हैं, वे सभी भाजपा शासित राज्य हैं. एनआरसी और सीएबी का एक ही उद्देश्य है कि एक वर्ग विशेष इससे उद्वेलित हो, जिससे देश में ध्रवीकरण की स्थिति निर्मित हो सके. 

40 मिलावटखोरों पर की रासुका की कार्रवाई

 मिलावटखोरों पर किया 4 करोड़ 56 लाख से अधिक का जुर्माना 

 खाद्य सुरक्षा विभाग का विगत 5 माह की कार्रवाई का विवरण  देते हुए स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि अब तक कि सबसे सटीक और प्रभावी कर्रवाई हुई है. 40 मिलावटी समान बेचने वालों के विरुद्ध रासुका की कार्रवाई की गई है. 100 से अधिक खाद्य पदार्थो में मिलावट करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. प्रदेश में यह अब तक कि सबसे बड़ी कार्रवाई है जो लगातार जारी है. 
स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि जुलाई से आरंभ इस अभियान में 10 हजार 793 से अधिक नमूनें जांच के लिए भेजे गए है. विभिन्न लैब से 3 हजार 800 से अधिक जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई. 1400 से अधिक नमूनें फैल पाए गए है जिनमे 835  प्रकरण संबंधित न्यायालयों में भेजे गए है. 4 करोड़ 56 लाख रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया है.  24 करोड़ रुपए मूल्य की कीमत का दूषित मिलावटी समान की जब्ती की गई है. 25 लाख रुपए के दूषित एवं मिलावटी खाद्य पदार्थोंको नष्ट कराया गया है. प्रदेश में दूध और दूध से बने समान के 25 सौ से अधिक नमूने लिए गए उनकी जांच कराई जा रही है. जिनके नमूनों में मिलावट और अमानक पाए गए है उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है. प्रदेश में आम जनता से मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित करवाई कराई जा रही है. शिकायत के कुछ देर में ही खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी सेम्पलिंग की कर्रवाई कर रहे है. अभी हाल में ही राष्ट्रीय खेल  प्रतियोगिता में आये प्रतिभागियों के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन के द्वारा नाश्ता और भोजन का प्रबंध किया गया था उसकी भी खाद्य सुरक्षा अमले से प्रतिदिन जांच कराई गई है.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की कर्रवाई को और प्रभावी करने के लिए 5 नई प्रयोगशालाएं, इंदौर, जबलपुर, सागर,  उज्जैन और ग्वालियर में 1 साल में शुरू हो जाएगी. जिससे खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट 3 दिनों में ही प्राप्त हो जाया करेंगी. अभी 2 चलित प्रयोगशाला संचालित हो रही है. राज्य सरकार 12 नवीन चलित खाद्य प्रयोगशाला शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है.
किसी भी मिलावटखोर को न छोड़ें
स्वास्थ्य मंत्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि किसी भी स्थिति में मिलावट और दूषित सामग्री बेचने वाले निजी और शासकीय संस्थान, व्यवसायियों में किसी को भी नही छोड़ा जाएं. जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए. हर स्तर पर यह कार्रवाई करें. भोपाल सांची दुग्ध संघ के दूध सप्लाई करने वालें टैंकरों में मिलावट करनें पर टैंकर मालिक और ड्राइवर के विरुद्ध भी रासुका लगाई गई है. भोपाल संभागायुक्त ने सांची दूध संघ के गुणवत्ता प्रबंधक और जीपीएस प्रबंधक को भी तत्काल निलंबित किया है.

लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले पकड़ाए


साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने रेड कार्पेट ऐप के जरिए लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 2 ठकों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने कई लोगों के साथ ठगी करने की बात स्वीकार की है.
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार आरोपी अक्षय सेन एवं सन्नी को गिरफ्तार किया है. इसके पास से  6 मोबाइल व 10 सिम कार्ड भी जब्त किए है.  साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार पुलिस को भोपाल निवासी हरप्रीत सिंह ने उसके साथ ठगी की शिकायत की थी. उन्होंने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत करते हुए बताया था कि अज्ञात आरोपियों ने उन्हें लोन दिलाने का झांसा देकर रुपए एेंठ लिए. हरप्रित ने शिकायत के दौरान दोनों आरोपियों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिए, जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए दो आरोपी अक्षय सेन व सन्नी को हिरासत में लिया. पुलिस के अनुसार अक्षय सेन अपने साथी सन्नी के साथ मिलकर ओएलएक्स के माध्यम से विजय पाल नाम से फर्जी नाम का इस्तेमाल कर रहा था, जिसमें वह लोगों को क्रेडिट कार्ड  बनाने व लोन दिलवाने का झांसा देता था. यही तरीका उसने हरप्रीत पर भी आजमाया. उसने हरप्रीत से उसने 10 हजार रुपए नगद ले लिए थे. आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल पर रेड कार्पेट ऐप डाउनलोड करके एप के जरिए क्रेडिट कार्ड जारी करवाकर उसके क्रेडिट कार्ड की जानकारी धोखाधड़ी से हासिल कर ली. फिर फर्जी ईमेल आईडी  बनाकर क्रेडिट कार्ड का ओटीपी नंबर लेकर आनलाइन 10 हजार रुपए मोवीक्विक वालेट से निकाल लिए.
मामले मे टीम ने अक्षय सेन एवं सन्नी ददगाल के द्वारा उपयोग किए गये मोबाइल नंबर की जांच के आधार पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी सहित आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया. पूछताछ में आरोपियों नें बताया कि उन्होंने भोपाल में कई अन्य लोगों से भी इस तरह की लाखों रुपयों की धोखाधड़ी की है. साइबर टीम ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 6 मोबाइल और 10 सिम जब्त किए हैं. पकड़े गए आरोपियों में अक्षय सेन स्नातक है और फिलहाल प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है.  वहीं दूसरा आरोपी सन्नी भोपाल मे रहता है, जो 12वीं तक पढ़ा हुआ है और वो भी प्राइवेट नौकरी करता है. फिलहाल पुलिस दोनों शातिर ठगों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है.

पूर्व विधायक और समर्थकों पर दर्ज की एफएआईआर

सुरेन्द्र नाथ सिंह 

भाजपा के पूर्व विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह और उनके 40 समर्थकों पर पुलिस ने धारा 144 के दौरान प्रदर्शन करने पर एफआईआर दर्ज कर ली है. सांची दूध में मिलावट के विरोध में पूर्व विधायक के नेतृत्व में सांची दुग्ध प्लांट के सामने विरोध प्रदर्शन किया था.
राजधानी भोपाल स्थित सांची दुग्ध संघ के मुख्यालय के सामने पूर्व विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह द्वारा अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया. पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया है. पूर्व विधायक के नेतृत्व में यह प्रदर्शन शुक्रवार को किया गया था.  यहां पर विरोध-प्रदर्शन किया और मिलावटखोरों को फांसी देने की मांग की. पूर्व विधायक सिंह व उनके साथ पहुंचे लोगों को मुख्य गेट पर पुलिस ने रोक दिया.आगे नहीं बढ़ने दिया. कुछ समय बाद प्लांट मैनेजर भरत अरोरा आए और उन्होंने बातचीत की और दूध चोरी होने से इंकार कर दिया. पुलिस ने इस मामले में पूर्व विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह और उनके 40 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.
गौरतलब है कि दूध में मिलावट मामले में भोपाल की संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव लैब इंचार्ज श्याम गुप्ता, जीपीएस मानीटरिंग प्रभारी कमल यादव को निलंबित कर चुकी है. क्राइम ब्रांच टैंकर मालिक योगेंद्र देव पांडे व ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई भी प्रशासन ने की है.

समन्वय बैठक के बाद तय होगा मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष का नाम

दावेदार भी हुए सक्रिय, दिल्ली तक लगा रहे जोर
मध्यप्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का नाम जबलपुर में होने वाली समन्वय बैठक के बाद तय हो सकता है. यह बैठक 24 एवं 25 दिसंबर को होगी. बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों के अलावा संघ के एजेंडे पर भी चर्चा होगी.
मध्यप्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष को लेकर कवायद तेज हो गई है. इसके लिए राजधानी भोपाल से दिल्ली तक दावेदार सक्रिय हो गए हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नाम पर 25 दिसंबर के बाद मोहर लग सकती है. प्रदेश भाजपा ने दो दिवसीय समन्वय बैठक जबलपुर में बुलाई है. 24 दिसबंर से शुरु होने वाली इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ चारों प्रदेश महामंत्रियों सांसद विष्णुदत्त शर्मा, अजय प्रताप सिंह, बंशीलाल गुर्जर और विधायक मनोहर ऊंटवाल को भी उपस्थित रहने को कहा गया है. जबलपुर में होने वाली इस बैठक में वैसे तो संगठन द्वारा नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन करने और प्रदेश सरकार इसे लागू करने के लिए दबाव बनाने पर चर्चा होनी है, इसके अलावा इस बैठक में  राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे मुद्दों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडों पर भी चर्चा होगी. साथ ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर भी बैठक में पदाधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी. 
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह दोबारा पद पर बने रहना चाहते हैं. वे इसके लिए दिल्ली तक सक्रिय हैं. मगर हाल ही में उनकी राह में मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते  भी रोड़ा बन गए हैं. कुलस्ते आदिवासी होने के नाते दावेदारी कर रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में आदिवासियों ने कांग्रेस पर भरोसा जताया, इसलिए उनका तर्क है कि आदिवासियों को अहम पद दिया जाएगा, तो भाजपा का आदिवासियों में जनाधार बढ़ेगा. हालांकि आखिरी फैसला राष्ट्रीय संगठन को लेना है और नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा इस पर फिलहाल अटकलें ही चल रही हैं. कुलस्ते यह भी कह चुके हैं कि राष्ट्रीय संगठन उन्हें जो भी काम सौंपेगा, उसे वे स्वीकार करेंगे. कुलस्ते इसके पहले भी कई बार प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के वक्त इस पद के लिए अपना दावा पेश करते रहे हैं.
भार्गव के कारण मिश्रा पिछड़े
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ब्राह्मण समाज के होने से इस पद के लिए नरोत्तम मिश्रा का नाम अब पिछड़ गया है. मिश्रा को  अमित शाह के निकटता का फायदा मिलने की उम्मीद थी और वे सक्रिय भी थे, मगर भार्गव के कारण उनका नाम अब पिछड़ गया है. बताया जाता है कि इस पद पार्टी आदिवासी नेता को तरजीह दे सकती है, इसके अलावा पिछड़े वर्ग से भी किसी का नाम इस पद के लिए सामने आ सकता है. हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और संघ की ओर से जो भी नाम आएगा, वह नाम सभी को स्वीकार होगा.