शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2012
मिट्टी और पानी के लिए नमूने
सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूनियन कार्बाइड कारखाने के समीप बनी बस्तियों में पानी खराब होने के मामले में परीक्षण करने के आदेश देने के बाद आज इंडियन इंस्टीटयूट आफ टाकसिक रिसर्च (आईआईटीआर) लखनऊ की टीम ने मिट्टी और पानी के नमूने एकत्रित किए हैं़ करीब दो दर्जन से ज्यादा नमूने इस चार सदस्यीय दल ने लिए हैं़ दल और संगठन दोनों ने 70 से ज्यादा सेम्पल लिए हैं़
राजधानी के गैस पीड़ितों द्वारा यूनियन कार्बाइड कारखाने के समीप बनी बस्तियों आरिफ नगर और जे़पी़नगर सहित करीब डेढ़Þ दर्जन बस्तियों मेें पीने के पानी की खराबी को लेकर कई मर्तबा मुद्दा उठाया, मगर जब सरकार ने इस मामलें ध्यान नहंी दिया तो संस्थाओं ने सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले को पहुंचाया़ सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करने के बाद यह आदेश दिए थे कि यहां की मिट्टी और पानी की जांच कराई जाए़ स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा लंबे समय से यह बात उठाई जा रही थी कि यूनियन कार्बाइड कारखाने परिसर में जो रसायन कचरे के रुप में पड़ा था उसके जहरीले होने से कारखाने के आस-पास की बस्तियों में पानी का पानी भी जहरीला सा हो गया है, इस पानी के पीने से लोग गंभीर भयावह बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं और कईयों की तो इस मामले में जान तक चली गई है़ संस्थाओं द्वारा मामले को लगातार निचली अदालत से उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के बाद कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और यहां की मिट्टी और पानी के परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे़
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आज इंडियन इंस्टीटयूट आफ टाकसिक रिसर्च (आईआईटीआर) लखनऊ की चार सदस्यीय टीम भोपाल पहुंची़ यह टीम डाक्टर वी़पी़शर्मा और एल़एऩश्रीवास्तव के नेतृत्व में भोपाल पहुंची है़ इस टीम ने सुबह से कारखाने परिसर और आस-पास बनी बस्तियों से मिट्टी और पानी के सैम्पल लेना शुरु किया़ शाम तक टीम द्वारा 30 मिट्टी और 7 सेम्पल पानी के लिए थे़ इतने ही सेम्पल गैस राहत भोपाल गैस पीड़ित संगठन ने लिए हैं़ संगठन इसकी जांच अपनी तरह से कराएगा़ यह टीम आज ही भोपाल से लखनऊ के लिए रवाना हो गई़ इसके बाद दोबारा एक और टीम के 15 अक्तूबर को भोपाल आने की खबर है़ बताते हैं कि आज के जो सेम्पल लिए हैं उनकी जांच के बाद आने वाली टीम जो जांच में सामने आएगा उस पर कार्य करेगी़ इसके बाद अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करके सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी़
गैस पीड़ित संगठन की पदाधिकारी रचना ढ़Þीगरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह दल आया था जिसने आज सेम्पल कलेक्सन का कार्य किया है़ यह दल लखनऊ जाकर सेम्पल की जांच करेगा़ इसके बाद 15 अक्तूबर को लखनऊ से ही एक दल के और आने की संभावना है़ लखनऊ से आए दल ने 30 मिट्टी के और 7 पानी के सेम्पल लिए हैं़ इतने ही सेम्पल हमारे संगठन ने भी लिए हैं़ हम अपने सेम्पलों की जांच अलग से कराएंगे़
1 नहीं 11 सीटें चाहिए मध्यप्रदेश से
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों से साफ कहा है कि उन्हें विधानसभा चुनाव में सरकार और लोकसभा की 1 नहीं 11 सीटें चाहिए़ मायावती ने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में संगठन के कार्यों की सराहना भी की और अधिक मजबूती के साथ मैदान में डटे रहते हुए भाजपा एवं कांग्रेस को टक्कर देने की बात कही़
बहुजन समाज पार्टी द्वारा मंगलवार को लखनऊ में आयोजित रैली में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से पहुंचे कार्याकर्ताओं की संख्या को देख बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती प्रसन्न तो हुई़साथ ही उन्होंने दोनों ही प्रदेशों में बसपा की सरकारें बनाना की बात पदाधिकारियों से कही़ मायावती ने रैली के दूसरे दिन बुधवार को कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में संगठन के हो रहे कार्यों से खुश तो हैं, मगर जिस तरह से कार्य हो रहे हैं उसी तरह से प्रदेश में बसपा के पक्ष में परिणाम आने चाहिए़ मायावती ने कहा कि जिस तरह से मध्यप्रदेश में संगठन मजबूत हुआ है और बीते विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में जो परिणाम आए हैं वे संतोषजनक तो नहीं, लेकिन फिर भी बसपा के ग्राफ को बढ़Þाने वाले ही साबित हुए हैं़ उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बसपा के वर्तमान में 7 विधायक और 1 सांसद हैं़ वे इससे संतुष्ट नहीं हैं़ अब प्रदेश में बसपा को सरकार बनाने के लिए काम करना चाहिए और लोकसभा में 1 नहीं बल्कि 11 सांसद मध्यप्रदेश से पहुंचना चाहिए़
लखनऊ से मध्यप्रदेश वापस लौटे कार्यकर्ता मायावती द्वारा प्रदेश संगठन के कामों की प्रशंसा करने पर खुश हैं, मगर इस बात को लेकर चिंतित भी है कि प्रदेश में सरकार बनाने के लिए वे अब किस तरह का कार्य करें़ प्रदेश के बसपा नेताओं की जल्द ही इस मामले को लेकर बैठक होनी है, इस बैठक में विधानसभा के 2013 एवं लोकसभा के 2014 के चुनाव के लिए वे रणनीति बनाएंगे़
गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012
संदेश पढ़गे शिक्षक
शिक्षक दिवस पर राज्य की स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस ने जो संदेश पढ़Þा, उसे अब विभाग शिक्षकों को पढ़Þने के लिए हर जिले में भेज रहा है़ इस संदेश को पहले तो हजारों की संख्या में प्रकाशित कराया गया, इसके बाद अब इसे विशेष वाहन और विशेष वाहक के जरिए हर जिले में भेजने की व्यवस्था शिक्षा विभाग ने की है, जिस पर लाखों का खर्च किया जाएगा़
राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों में शिक्षा का स्तर सुधारने से ज्यादा शिक्षकों के लिए काम करता नजर आ रहा है़ कभी विभाग संघ से जुड़ी किताबों को शिक्षकों को पढ़Þने की बात कहकर उन तक किताबें पहुंचाने का कहता है, विभाग कागजों पर निर्देश भी देता है, मगर निर्देशों पर अमल नहीं होते और न ही किताबें शिक्षकों तक पहुंच पाती है़ किताबों तक तो ठीक था अब स्कूल शिक्षा मंत्री ने एक कदम और आगे बढ़Þाकर नया फैसला सुना दिया, जिसके तहत अफसर इस काम में जुट गए़ स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस ने 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर जो संदेश का वाचन किया था वे उसे अब हर शिक्षक तक पहुंचाना चाहती है़ इसके पीछे मकसद क्या है यह तो विभाग के अफसर भी नहीं बता रहे हैं, मगर विभाग मंत्री के निर्देश पर अमल कर रहा है़ विभाग ने इसके लिए पहले तो संदेश को प्रकाशित कराया और अब उसे हर जिले में हर शिक्षक तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है़
सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा इसके यह तय किया गया कि 4 अक्टूबर तक राज्य के हर जिले में मंत्री के संदेश को शिक्षकों तक पहुंचा दिया जाए़ जिलों में पहुंचाने के लिए विभाग ने विशेष वाहन और विशेष वाहक का इंतजाम किया है़ राजधानी भोपाल से पहले यह संदेश संभाग मुख्यालय उज्जैन,इंदौर, भोपाल, होंशगाबाद, सागर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और शहडोल भेजे जाएंगे़ यहां से फिर विशेष वाहन और वाहक के जरिए संदेश को जिलों में और फिर जिलों में पदस्थ अफसर संदेश को शिक्षकों तक पहुंचाने का काम करेंगे़ विभाग द्वारा करीब 5 लाख से अधिक की संख्या में संदेश का प्रकाशन कराया गया है़
‘कक्काजी’ के आंदोलन में दिखेगी गोंगपा !
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अब किसानों के मुद्दों पर भारतीय किसान संघ के पूर्व अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’ के साथ नजर आएगी़ शर्मा ने भी गोंगपा को राज्य में तीसरी ताकत बताते हुए पार्टी से निकटता दिखाई है़
राज्य में जैसे-जैसे विधानसभा के 2013 में होने वाले चुनाव का समय समीप आ रहा है, राजनीति दलों में रणनीति का बदलाव भी तेज दिखाई देने लगा है़ आदिवासियों का नेतृत्व करने वाली पार्टी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अब अपनी विचारधारा में बदलाव लाकर सर्वसमाज का नारा बुलंद करना शुरु कर दिया है़ पार्टी द्वारा आदिवासियों की समस्याओं के अलावा अन्य मुद्दों को लेकर भी सक्रियता दिखाई देने लगी है़ पार्टी ने किसानों की समस्याओं को लेकर अब किसान सम्मेलन आयोजित करना शुरु कर दिया है़ हाल ही में सिवनी जिले के बण्डोल में हुए किसान सम्मेलन में गोंगपा ने किसान नेता और भारतीय किसान संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’ को बुलाकर उन्हें गोंडवाना अस्मिता सम्मान से सम्मानित कर यह जताया है कि किसानों के साथ जो रहेगा पार्टी उसका साथ देगी़ सम्मेलन में ‘कक्काजी’ ने भी खुलकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यों और उद्देश्यों की सराहना कर डाली़ इतना ही नहीं उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को किसान विरोधी बताया और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को राज्य में तीसरी उभरती ताकत बताया़ उन्होंने कहा कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी राज्य में तीसरा विकल्प बनकर उभरेगी़
‘कक्काजी’ का गोंगपा के प्रति यह संबोधन गोंगपा के पदाधिकारियों को तो प्रसन्न कर गया, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों में चिंता खड़ी कर गया़ दोनों ही दल ‘कक्काजी’ के इस सम्मेलन में पहुंचने और लंबा भाषण देने से चिंता में पड़ गए हैं़ दोनों ही दलों के महाकौशल के नेताओें को इस बात की चिंता सताने लगी है कि कहीं कक्काजी गोंगपा का साथ न दे दें़ अगर ऐसा हुआ तो दोनों ही दलों के समीकरण बिगड़ जाएंगे़ हालांकि कक्काजी ने भी इस सम्मेलन में गोंगपा के पदाधिकारियों से चर्चा कर यह तय कर दिया है कि वे अब राज्य में जब भी किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन छेड़ेंगे गोंगपा उनके साथ होगी़ इस बात पर गोंगपा के पदाधिकारी भी सहमत नजर आए़ उन्होंने कक्काजी को यह आश्वासन दिया है कि वे बड़ा आंदोलन खड़ा करें जिसमें गोंगपा उनके साथ दिखाई देगी़ गोंगपा के इस आश्वासन से कक्काजी की सक्रियता भी बढ़Þ रही है़ उन्होंने बण्डोल में ही यह तय कर दिया है कि इसी साल वे फिर से किसानों की मांगों को लेकर एक भोपाल में बड़ा आंदोलन करेंगे़ बण्डोल में हुए किसान सम्मेलन का आयोजन गोंगपा ने किया था़ इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष कमल मरावी सहित सभी प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे़
उठ सकता है प्रदेश कार्यकारिणी का मुद्दा
राज्य में बहुजन समाज पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन का मुद्दा लखनऊ में बसपा की होने वाली संकल्प राष्ट्रीय महारैली के दूसरे दिन होने वाली केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक में उठ सकता है़ हजारों की संख्या में प्रदेश के गए बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में से कुछ नेता इस मुद्दे को उठा सकते हैं़
राज्य में बहुजन समाज पार्टी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने के बाद अब तक प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है़ प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आई़ए़एस़ मौर्य ने इस मामले में गंभीरता तो दिखाई, मगर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें संगठन को मजबूत करने की बात ही कही़ इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष लगातार जिलों को दौरा कर राज्य में बसपा को मजबूत करने के लिए काम करते नजर आए़ श्री मौर्य ने जिलों कार्यकारिणी का गठन तो कर दिया, मगर वे अपनी प्रदेश की कार्यकारिणी नहीं बना पाए हैं़ इस कारण नेताओं में लंबे समय से नाराजगी भी दिखाई दे रही है़ बसपा की मासिक बैठकों में प्रदेश प्रभारी राजाराम के सामने भी यह मुद्दा नेताओं ने उठाया, मगर उनकी बात सुनी नहीं गई़ प्रदेश अध्यक्ष श्री मौर्य ने इस मामले को लेकर अब तक यही बात कही कि वे अपनी कार्यकारिणी बनाकर लखनऊ भेज चुके हैं, मगर उन्हें अनुमति नहीं मिली है़
अब जबकि नेताओं को लखनऊ में कल 9 अक्टूबर को आयोजित बसपा संकल्प राष्ट्रीय महारैली में जाने का मौका मिला है तो वे इस रैली के बहाने राष्ट्रीय नेताओं से प्रदेश कार्यकारिणी के मुद्दे पर भी चर्चा करने का मन बनाकर भोपाल से लखनऊ के लिए रवाना हुए हैं़ बताया जाता है कि प्रदेश भर से इस रैली में भाग लेने के लिए करीब पांच से छह हजार की संख्या में नेता और कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे हैं़
लखनऊ पहुंचे प्रदेश के बसपा नेताओं ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की 10 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली बैठक में इस मुद्दे को उठाने का मन बना लिया है़ करीब एक दर्जन नेता इसी मंशा से लखनऊ गए हैं, और वे दूसरे दिन होने वाली कार्यसमिति की बैठक में भी उपस्थित रहेंगे़ बसपा नेताओं का कहना है कि 2013 में प्रदेश में विधानसभा का चुनाव होना है और अब तक पार्टी द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया है़ इस स्थिति में संगठन को वे कैसे मजबूत करने का काम करें़ उनके पास पद है नहीं और वे किस हैसियत से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और कार्यकर्ताओं को निर्देश दें़ इस बात को वे राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में उठाएंगे़
क्षमता से ज्यादा कैदी
राज्य की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं़ वर्षों से उठ रही कैदियों की संख्या को देखते हुए जेलों सुविधाएं और क्षमता के हिसाब से जेल बनाने की मांग को सरकार द्वारा अब तक हरी झंडी नहीं मिली है़ राज्य की कुल 123 जेलों में 33,132 कैदी बंद हैं, जिनमें 1143 महिला बंदी हैं़
राज्य की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को लेकर वर्षों से मुद्दा उठाया जा रहा है़ विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा समय-समय पर विधानसभा से लेकर अलग-अलग मंचों पर भी यह बात उठाई गई, मगर कैदियों के संख्या को देखते हुए जेलों की संख्या में इजाफा नहीं हो पाया है़ यही वजह है कि कैदियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है़ महिला कैदियों की संख्या तो ठीक है, मगर पुरुष कैदियों की हर तरह की जेलों सेंट्रल जेल, जिला जेल, सब जेल सभी में संख्या क्षमता से ज्यादा है़
राज्य में सेंट्रल जेलों की संख्या 8, जिला जेलों की संख्या 22, सब जेलों की संख्या 92 और ओपन जेल की संख्या 1 है़ इस तरह से कुल 123 जेलें हैं़ इन जेलों में जुलाई 2012 की स्थिति में जेल अधिनियम के तहत सेंट्रल जेल में 11,363 , जिला जेल में 5,984 और सब जेल में 8313 कैदियों की क्षमता है़ जबकि सेंट्रल जेल में 16,292, जिला जेल में 7,976 और सब जेल में 8,840 कैदी बंद थे़ इसके विपरीत राज्य की एक ओपन जेल होशंगाबाद में 25 कैदियों के रखने की क्षमता है, वहां पर 24 कैदी हैं़ इस जेल में 1 कैदी कम हैं़ राज्य की सभी जेलों में नियम के अनुसार पुरुष कैदियों की संख्या 24,065 और महिला कैदियों की संख्या 1620 होनी चाहिए़ जबकि वास्तविकता यह है कि जेलों में 31,989 पुरुष कैदी और 1143 महिला कैदी बंद हैं़ इस तरह से नियम के अनुसार राज्य की सभी 123 जेलों में 25,685 कैदियों की क्षमता है़ इसके विपरीत जुलाई माह में जेल विभाग द्वारा की गणना के अनुसार राज्य की सभी जेलों में 33,132 कैदी बंद थे़
जेल संख्या क्षमता कुल कैदी
पुरुष महिला पुरुष महिला
सेंट्रल जेल 08 10,776 587 15734 558
जिला जेल 22 5550 434 7527 449
सब जेल 92 7714 599 8704 136
ओपन जेल 01 25 00 24 00
कुल 123 24065 1620 31989 1143
18 हजार से अधिक हुए गर्भपात
राज्य के शासकीय और निजी चिकित्सालयों में 4 माह में 18 हजार से ज्यादा गर्भपात हुए हैं़ इनमें राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा 5 हजार से अधिक गर्भपात होना पाया गया है़ जानकारों की माने तो इनमें से अधिक कन्या भू्रण के मामले हैं़ बड़ी संख्या में हो रहे गर्भपातों के कारण बेटी बचाओ अभियान की सफलता पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है़
राज्य सरकार ने एक साल पहले भू्रण हत्या को रोकने के लिए चलाए बेटी बचाओ अभियान का परिणाम कागजों पर ही दिखाई दिया़ सच्चाई यह कुछ और ही बयां करती नजर आ रही है़ राज्य में अब भी भ्रूण हत्या के मामले रुक नहीं रहे हैं़ इसी वर्ष अप्रैल माह से लेकर जुलाई माह के बीच राज्य में 18,358 मामले ऐसे आए हैं जिनमें महिलाआें का शासकीय और निजी चिकित्सालयों में गर्भपात कराया गया है़ इन मामलों में राजधानी भोपाल राज्य में सबसे ऊपर है़ राजधानी में अप्रैल से जुलाई के बीच चार माह में की समयावधि में 5944 गर्भपात होना पाया गया है़ इनमें निजी चिकित्सालयों में हुए गर्भपात की संख्या 1244 थी, जबकि शेष गर्भपात 4700 गर्भपात शासकीय चिकित्सालयों में हुए हैं़ भोपाल के बाद ग्वालियर में 1301, जबलपुर में 872, इंदौर में 858 गर्भपात हुए हैं़
राज्य में दिनों दिन भ्रूण हत्या के मामलों की संख्या बढ़Þती जा रही है़ सरकार बेटी बचाओ अभियान का ढ़िÞढोरा पीटकर बेटी बचाने की बात कही जा रही है, मगर ये आंकड़े सरकार की खुद कमजोरी को बयां कर रहे हैं़ राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में पूरे पचास जिलों का सर्वे कराकर भ्रूण हत्या के मामलों की जानकारी जुटाई थी, जिसमें यह बात सामने आई है कि राज्य में अप्रैल माह से लेकर जुलाई माह के बीच 18,358 गर्भपात हुए हैं़ इनमें 12 सप्ताह के बीच होने वाले गर्भपात की संख्या 6434, 12 सप्ताह से ज्यादा के गर्भपात होने की संख्या 1088 पाई गई है़ इसके अलावा 7759 गर्भपात भी हुए हैं जिनके बारे में विभाग को भी सच्चाई की जानकारी नहीं है़ हालांकि सूत्रों की माने तो ये सभी मामले कन्या भ्रूण हत्या के हैं़ लिंग परीक्षण पर पाबंदी होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में गर्भपात होने की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग खुद सकते में आया है़ महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसर तो इन दिनों इस मामले को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे हैं कि आखिर बेटी बचाओ अभियान में कहां पर कमी रह गई है़ महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों में अब इस अभियान के बारे में पूरा विस्तृत विवरण जिलों में पदस्थ अफसरों से मांगा हैं़
किस जिले में कितने गर्भपात
भोपाल 5944
ग्वालियर 1301
जबलपुर 872
इंदौर 858
होशंगाबाद 505
धार 494
भिण्ड 417
सीधी 380
राजगढ़Þ 379
बड़वानी 365
खरगोन 356
सतना 335
सीहोर 329
मुरैना 325
बैतूल 319
उज्जैन 315
मंडला 309
सागर 272
रीवा 270
झाबुआ 255
विदिशा 239
रतलाम 224
रायसेन 220
छिंदवाड़ा 215
छतरपुर 212
सिवनी 185
दमोह 176
अशोकनगर 174
शाजापुर 155
उमरिया 136
डिंडोरी 127
गुना 125
शिवपुरी 124
पन्ना 124
नरसिंहपुर 118
अलीराजपुर 105
सिंगरौली 104
मंदसौर 104
खण्डवा 101
टीकमगढ़Þ 99
बालाघाट 98
शहडोल 94
अनूपपुर 93
दतिया 93
हरदा 76
श्योपुर 65
कटनी 61
देवास 60
बुरहानपुर 46
नीमच 5
किसान को मुद्दा बनाएगी गोंगपा
आदिवासियों के पार्टी के रुप में पहचान बना चुकी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अब किसानों को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है़ पार्टी द्वारा महाकौशल अंचल के अलग-अलग स्थानों पर किसान सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है़ सम्मेलनों में पार्टी किसानों के लिए चलाई गई योजनाओं की विफलताओं को गिनाने का काम कर रही है़
गोंणवाना गणतंत्र पार्टी ने हाल ही में सभी वर्ग को साथ लेकर 2013 के विधानसभा चुनाव लड़ने के निर्णय लेने के बाद अब आदिवासियों के अलावा अन्य वर्ग के मुद्दों को भी उठाना शुरु कर दिया है़ पार्टी ने अपने गढ़Þ महाकौशल में किसानों की समस्याओं को लेकर सम्मेलनों को आयोजन कर किसानों को पार्टी की ओर आकर्षित करना शुरु कर दिया है़ पार्टी द्वारा इस तरह के सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में किसानों को जोड़ा जा रहा है़ गोंगपा द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर फिलहाल सिवनी जिले में इस तरह के सम्मेलनों की शुरुआत की गई है़ जिले के ग्राम कढ़Þी में बीते दिनों पार्टी को सम्मेलन की अनुमति न दिए जाने के बाद ग्राम कोटवार को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा़ यहां पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से अब किसी भी मांग या शिकायत न करने का भी पार्टी ने फैसला किया़ इसके बाद अब पार्टी किसान सम्मेलनों के लिए सक्रिय हो गई है़
गोंगपा ने अब 7 अक्टूबर को सिवनी जिले के बण्डोल में किसान सम्मेलन का आयोजन किया है़ इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसानों को लाने का प्रयास पार्टी द्वारा किया जा रहा है़ पार्टी का लक्ष्य है कि किसानों की समस्याओं को सम्मेलनों के जरिए किसानों को अवगत कराया जाए़ पार्टी सम्मेलनों में सरकार द्वारा किसानों के लिए जो घोषणाएं कि विशेषकर 50,000 तक के ऋण की माफी व अन्य को लेकर किसानों को सक्रिय कर उन्हें सरकार से घोषणा पर अमल कराने के लिए दबाव बनाने की बात कही जाए़ इस तरह से गोंगपा द्वारा किसानों को साथ में लेकर सरकार के खिलाफ माहौल खड़ा करना भी है़
कक्काजी का करेंगे सम्मान ?
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने किसानों के सम्मेलनों में भारतीय किसान संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी का सम्मान करने का भी निर्णय लिया है़ हालांकि अभी कक्काजी ने इस मामले में अनुमति नहीं दी है़ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के सिवनी जिला इकाई के प्रवक्ता विवेक डेहरिया ने इस बात की पुष्टि की है़ उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर कक्काजी ने संघर्ष किया और लड़ाई लड़ी, मगर वे भाजपा में चली गुटबाजी के शिकार हो गए़ उन्होंने बताया कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने यह फैसला किया है कि कक्काजी को हम किसान सम्मेलनों में साथ में रखकर किसानों के बीच उन्हीं से सच कहलवाएं कि सरकार किसानों के लिए क्या कर रही है़ श्री डेहरिया ने बताया कि कक्काजी से अभी चर्चा हुई है, उन्होंने अपना फैसला नहीं सुनाया है़ जल्द ही वे हमें उन्हें सम्मानित करने के हमारे निर्णय पर मान जाएंगे़
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