गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012
क्षमता से ज्यादा कैदी
राज्य की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं़ वर्षों से उठ रही कैदियों की संख्या को देखते हुए जेलों सुविधाएं और क्षमता के हिसाब से जेल बनाने की मांग को सरकार द्वारा अब तक हरी झंडी नहीं मिली है़ राज्य की कुल 123 जेलों में 33,132 कैदी बंद हैं, जिनमें 1143 महिला बंदी हैं़
राज्य की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को लेकर वर्षों से मुद्दा उठाया जा रहा है़ विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा समय-समय पर विधानसभा से लेकर अलग-अलग मंचों पर भी यह बात उठाई गई, मगर कैदियों के संख्या को देखते हुए जेलों की संख्या में इजाफा नहीं हो पाया है़ यही वजह है कि कैदियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है़ महिला कैदियों की संख्या तो ठीक है, मगर पुरुष कैदियों की हर तरह की जेलों सेंट्रल जेल, जिला जेल, सब जेल सभी में संख्या क्षमता से ज्यादा है़
राज्य में सेंट्रल जेलों की संख्या 8, जिला जेलों की संख्या 22, सब जेलों की संख्या 92 और ओपन जेल की संख्या 1 है़ इस तरह से कुल 123 जेलें हैं़ इन जेलों में जुलाई 2012 की स्थिति में जेल अधिनियम के तहत सेंट्रल जेल में 11,363 , जिला जेल में 5,984 और सब जेल में 8313 कैदियों की क्षमता है़ जबकि सेंट्रल जेल में 16,292, जिला जेल में 7,976 और सब जेल में 8,840 कैदी बंद थे़ इसके विपरीत राज्य की एक ओपन जेल होशंगाबाद में 25 कैदियों के रखने की क्षमता है, वहां पर 24 कैदी हैं़ इस जेल में 1 कैदी कम हैं़ राज्य की सभी जेलों में नियम के अनुसार पुरुष कैदियों की संख्या 24,065 और महिला कैदियों की संख्या 1620 होनी चाहिए़ जबकि वास्तविकता यह है कि जेलों में 31,989 पुरुष कैदी और 1143 महिला कैदी बंद हैं़ इस तरह से नियम के अनुसार राज्य की सभी 123 जेलों में 25,685 कैदियों की क्षमता है़ इसके विपरीत जुलाई माह में जेल विभाग द्वारा की गणना के अनुसार राज्य की सभी जेलों में 33,132 कैदी बंद थे़
जेल संख्या क्षमता कुल कैदी
पुरुष महिला पुरुष महिला
सेंट्रल जेल 08 10,776 587 15734 558
जिला जेल 22 5550 434 7527 449
सब जेल 92 7714 599 8704 136
ओपन जेल 01 25 00 24 00
कुल 123 24065 1620 31989 1143
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