शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2012
मिट्टी और पानी के लिए नमूने
सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूनियन कार्बाइड कारखाने के समीप बनी बस्तियों में पानी खराब होने के मामले में परीक्षण करने के आदेश देने के बाद आज इंडियन इंस्टीटयूट आफ टाकसिक रिसर्च (आईआईटीआर) लखनऊ की टीम ने मिट्टी और पानी के नमूने एकत्रित किए हैं़ करीब दो दर्जन से ज्यादा नमूने इस चार सदस्यीय दल ने लिए हैं़ दल और संगठन दोनों ने 70 से ज्यादा सेम्पल लिए हैं़
राजधानी के गैस पीड़ितों द्वारा यूनियन कार्बाइड कारखाने के समीप बनी बस्तियों आरिफ नगर और जे़पी़नगर सहित करीब डेढ़Þ दर्जन बस्तियों मेें पीने के पानी की खराबी को लेकर कई मर्तबा मुद्दा उठाया, मगर जब सरकार ने इस मामलें ध्यान नहंी दिया तो संस्थाओं ने सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले को पहुंचाया़ सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करने के बाद यह आदेश दिए थे कि यहां की मिट्टी और पानी की जांच कराई जाए़ स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा लंबे समय से यह बात उठाई जा रही थी कि यूनियन कार्बाइड कारखाने परिसर में जो रसायन कचरे के रुप में पड़ा था उसके जहरीले होने से कारखाने के आस-पास की बस्तियों में पानी का पानी भी जहरीला सा हो गया है, इस पानी के पीने से लोग गंभीर भयावह बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं और कईयों की तो इस मामले में जान तक चली गई है़ संस्थाओं द्वारा मामले को लगातार निचली अदालत से उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के बाद कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और यहां की मिट्टी और पानी के परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे़
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आज इंडियन इंस्टीटयूट आफ टाकसिक रिसर्च (आईआईटीआर) लखनऊ की चार सदस्यीय टीम भोपाल पहुंची़ यह टीम डाक्टर वी़पी़शर्मा और एल़एऩश्रीवास्तव के नेतृत्व में भोपाल पहुंची है़ इस टीम ने सुबह से कारखाने परिसर और आस-पास बनी बस्तियों से मिट्टी और पानी के सैम्पल लेना शुरु किया़ शाम तक टीम द्वारा 30 मिट्टी और 7 सेम्पल पानी के लिए थे़ इतने ही सेम्पल गैस राहत भोपाल गैस पीड़ित संगठन ने लिए हैं़ संगठन इसकी जांच अपनी तरह से कराएगा़ यह टीम आज ही भोपाल से लखनऊ के लिए रवाना हो गई़ इसके बाद दोबारा एक और टीम के 15 अक्तूबर को भोपाल आने की खबर है़ बताते हैं कि आज के जो सेम्पल लिए हैं उनकी जांच के बाद आने वाली टीम जो जांच में सामने आएगा उस पर कार्य करेगी़ इसके बाद अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करके सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी़
गैस पीड़ित संगठन की पदाधिकारी रचना ढ़Þीगरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह दल आया था जिसने आज सेम्पल कलेक्सन का कार्य किया है़ यह दल लखनऊ जाकर सेम्पल की जांच करेगा़ इसके बाद 15 अक्तूबर को लखनऊ से ही एक दल के और आने की संभावना है़ लखनऊ से आए दल ने 30 मिट्टी के और 7 पानी के सेम्पल लिए हैं़ इतने ही सेम्पल हमारे संगठन ने भी लिए हैं़ हम अपने सेम्पलों की जांच अलग से कराएंगे़
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें