तीन फिल्मों की शूटिंग ने मध्यप्रदेश को जोड़ा अभिनेता के यादगार सिनेमाई सफर से
राजेन्द्र पाराशर
भोपाल। कुछ कलाकार सिर्फ पर्दे पर नहीं होते, वे उन जगहों की स्मृतियों में भी बस जाते हैं, जहां उन्होंने अपने किरदारों को जिया होता है। नाना पाटेकर भी ऐसे ही अभिनेता थे। उनकी आवाज, संवाद अदायगी और किरदार को भीतर तक पकड़ लेने वाली शैली हिंदी सिनेमा की पहचान बनी। 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर के साथ देशभर में उनकी फिल्मों की यादें ताजा हैं। मध्यप्रदेश के पास भी नाना को याद करने की अपनी कहानी है पचमढ़ी की वादियों से लेकर भोपाल के राजनीतिक मंच तक, तीन फिल्मों की शूटिंग ने उनके सिनेमाई सफर को इस प्रदेश से जोड़ा।
नाना पाटेकर का मध्यप्रदेश से शुरुआती फिल्मी जुड़ाव 1990 की ‘थोड़ा सा रूमानी हो जाएं’ से माना जाता है। अमोल पालेकर निर्देशित इस फिल्म में नाना पाटेकर, अनीता कंवर और विक्रम गोखले प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म की शूटिंग मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में हुई थी। फिल्म में नाना का किरदार नटवरलाल का था। यह उनके करियर के उस दौर की फिल्म थी, जब वे मुख्यधारा की चमक-दमक से अलग अपनी अभिनय क्षमता के कारण पहचान बना रहे थे। पचमढ़ी की प्राकृतिक पृष्ठभूमि में शूट हुई इस फिल्म ने नाना के मध्यप्रदेश कनेक्शन की पहली तस्वीर तैयार की।
‘तर्कीब’ में फिर लौटे पचमढ़ी, पहुंचे भोपाल
‘थोड़ा सा रूमानी हो जाएँ’ की शूटिंग के करीब एक दशक बाद नाना पाटेकर फिर मध्यप्रदेश आए। इस बार फिल्म थी ‘तर्कीब’। फिल्म में उन्होंने सीबीआई इंस्पेक्टर जसराज़ पटेल की भूमिका निभाई थी और उनके साथ तब्बू, शिल्पा शेट्टी, आदित्य पंचोली, मिलिंद सोमन जैसे कलाकार थे। इस फिल्म की शूटिंग का एक अहम हिस्सा ’भोपाल और पचमढ़ी’में हुआ। नाना का पचमढ़ी से बना रिश्ता एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा। कुछ वर्षों के अंतराल के बाद नाना फिर उसी पहाड़ी शहर की लोकेशन पर लौटे और इस बार भोपाल भी उनकी शूटिंग यात्रा का हिस्सा बना।
भोपाल में ‘राजनीति’ और हजारों की भीड़
नाना पाटेकर की मध्यप्रदेश से जुड़ी सबसे चर्चित फिल्म रही प्रकाश झा की ‘राजनीति’। 2009 में भोपाल में फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर के साथ अजय देवगन, रणबीर कपूर, नसीरुद्दीन शाह, अर्जुन रामपाल, मनोज बाजपेयी, कैटरीना कैफ और विवेक ओबेरॉय जैसे कलाकार शहर में मौजूद थे। अपर लेक के किनारे भी फिल्म की शूटिंग हुई थी। ‘राजनीति’ की शूटिंग के दौरान भोपाल सचमुच फिल्मी शहर बन गया था। फिल्म के राजनीतिक दृश्यों के लिए मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों से करीब पांच हजार रंगमंच कलाकारों को जुटाया गया था। जबरदस्त भीड़ के बीच राजनीतिक रैलियों के दृश्य फिल्माए गए और नाना पाटेकर समेत फिल्म के प्रमुख कलाकार इन दृश्यों का हिस्सा बने।
तीन फिल्में, दो शहर और नाना की याद
नाना पाटेकर के मध्यप्रदेश से जुड़े इस फिल्मी सफर को देखें तो तीन अलग-अलग तस्वीरें सामने आती हैं 1990 में पचमढ़ी, 1999 में भोपाल-पचमढ़ी और 2009 में भोपाल। एक फिल्म में पचमढ़ी की वादियां थीं, दूसरी में अपराध की कहानी के बीच भोपाल और पचमढ़ी की लोकेशन और तीसरी में भोपाल की सियासी जमीन। किरदार बदलते रहे, कहानियां बदलती रहीं, लेकिन मध्यप्रदेश उनके अभिनय सफर की पृष्ठभूमि बनता रहा। इसके अलावा नाना की मालवा अंचल और ग्वालियर चंबल अंचल में कुछ फिल्मों की शूूटिंग हुई है।

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