बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

समग्र विकास से सिद्धी

-अखिलेश जैन, सीए
मोदी जी के 25 वर्षों के शासनकाल की भारत
की यात्रा वास्तव में समग्र विकास से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रयासों की यात्रा है। 

अपरिवर्तनशील वास्तविकता है कि सूर्य पूर्व में ही उगता है उसी तरह शाश्वत सत्य है कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत निराशा, भाई भतीजावाद, जातिवाद, परिवारवाद, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, कालेधन, जमाखोरी, आयात पर निर्भरता, तुष्टीकरण, संस्कृति का अपमान, गुलामी के प्रतीकों जैसी तमाम बेड़ियों को तोड़कर सुन्दर, सुखद, भविष्य के निर्माण हेतु रात-दिन एक करके, बिना रुके-बिना थके, बिना दाँये-बिना बाँये देखे कठिन से कठिन अग्नि परीक्षा जैसी चुनौतियों को पार करके भविष्य निर्माण में जुटा हुआ है। आज भारत का लक्ष्य, ध्येय, सपना, नारा, वचन तथा एक ही दशरथ नन्दन प्रभु श्री रामचन्द्र जी के श्री चरणों में प्रार्थना है- ''विकसित भारत@2047"।

 ''विकसित भारत@2047" लक्ष्य की गहराई को जानने वाले ही, लक्ष्य की गंभीरता को जान सकते हैं। नारा आसान है, लक्ष्य गंभीर है, ''विकसित भारत@2047" के लक्ष्य सिद्धी के लिए उससे भी बड़ा तप करना पड़ेगा जितना तप महाराज भगीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर उतारने के लिए किया था। महाराज भगीरथ के कठोर तप से प्रसन्न होकर ब्रम्हा जी ने गंगा को पृथ्वी पर उतरने का वरदान दिया था, महाराज भगीरथ का तप तो केवल एक सिद्धी गंगा को पृथ्वी पर उतारने के लिए था पर मोदी जी के नेतृत्व में भारत का तप तो ''विकसित भारत@2047" के लिए है, इस सिद्धि को पाने के पहले तमाम सिद्धियां पार करना पड़ेंगी, तमाम बाधाओं को पार पाना पड़ेगा जो मुख्य सिद्धि के मार्ग में बाधा हैं, बाधाओं को दूर करने के साथ-साथ बाधाओं को दूर करने की गति को भी गति देना पड़ेगी।

मोदी जी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ चुका है,12वीं अर्थव्यवस्था से विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था के कदम बढ़ा रहा है। महिलाएं नीति निर्णय में भागीदार बन रही हैं, अर्थव्यवस्था की मजबूती व स्थायित्व में महिलाओं का योगदान लाने में भारत सफल हो रहा है, 2014 से भ्रष्टाचार की खबरों को मसाला न मिलने के कारण जनता में उत्साह का संचार करने में सरकार को बहुत बड़ी सफलता मिली है, इसके सकारात्मक परिणाम बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में हैं, देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं, परिन्दा भी पर नहीं मार पाता क्योंकि सरकार व सेना की कार्यवाहियों का लेखा जोखा नेत्रहीन भी तुरन्त पढ़ लेता है। सरकार का आतंकवाद विरोधी निर्णय देश में स्थिरता, शांति व प्रगति लाने में सहायक हुआ है।

आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों की खोज व विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सनातन संस्कृति की रक्षा व संरक्षण, शिक्षण, प्रशिक्षण व रोजगार की संभावनाएं, करों का सरलीकरण, हर व्यक्ति का बैंक में खाता, गरीब को चिकित्सा सुविधा, आवास, पेयजल, स्वच्छता, स्वच्छ ईंधन, शौचालय, दिल्ली से चली राशि बिना किसी कट के सीधे हितग्राहियों के खाते में बराबर व तुरन्त पहुंचना, 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों ने आर्थिक प्रगति में जो योगदान दिया है उसी कारण विदेशी निवेश भारत के दरवाजे पर लाईन लगा कर खड़ा है, जीडीपी, जीएसटी व आयकर शिखर पर, 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर, अगर सफलता की गति बरकरार रहती है तो 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था व '' विकसित भारत @ 2047" की सिद्धी पाने में भारत शीघ्र सफलता पाएगा।

(लेखक भाजपा मप्र के कोषाध्यक्ष हैं)

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