मंगलवार, 26 सितंबर 2017

तीन दिन तक राष्ट्रीय मुद्दों पर होगा चिंतन

राजधानी में संघ और अनुषांगिक संगठनों की अक्तूबर में होगी बैठक

राजधानी में संघ और अनुषांगिक संगठनों की बैठक अगले माह अक्तूबर में होगी. तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में राष्ट्रीय मुद्दों पर चिंतन होगा. साथ ही राजनीतिक और सामाजिक हालातों पर भी मंथन किया जाएगा.
संघ और अनुषांगिक संगठनों की बैठक, जिसे दीपावली बैठक कहा जा रहा है, यह बैठक राजधानी में 12 अक्तूबर से शुरु होगी. 14 अक्तूबर तक चलने वाली इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रांत प्रचारकों के अलावा संघ के अलग-अलग अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे. बैठक में भाजपा से जुड़े नेता भी शामिल होंगे. इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के उपस्थित रहने की भी संभावना जताई जा रही है. शाह के अलावा बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल और राममाधव भी उपस्थित रहेंगे. संघ और अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी बैठक में संघ और अनुषांगिक संगठनों के कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे, इसके अलावा आने वाले साल के लिए कार्यक्रमों की रणनीति तय करेंगे. बैठक को देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार और कई राज्यों में होने वाले चुनावों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बैठक में राजनीतिक और सामाजिक हालातों पर भी मंथन किया जाएगा. बैठक के भोपाल में होने को लेकर यह माना जा रहा है कि प्रदेश में 2018 में विधानसभा चुनाव होना है, इस लिहाज बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बैठक में प्रदेश सरकार के कामकाजों को लेकर सरकार और संगठन को सक्रिय करना एवं स्थिति से अवगत कराते हुए चुनावी रणनीति भी बनाई जाएगी. इसके अलावा बैठक में आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक मसलों पर भी चिंतन होने की बात कही जा रही है. इसके अलावा राष्ट्रीय परिदृश्य के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होना है. वहीं कुछ अनुषांगिक संगठनों की केन्द्र एवं राज्य सरकारों से नाराजगी को दूर करने पर भी चर्चा की जाना है. सूत्रों की माने तो भारतीय किसान संघ, मजदूर संघ केन्द्र सरकार की कार्यप्रणाली से लंबे समय से नाराज है, जिसे लेकर संघ प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा कर उनकी नाराजगी को दूर करेंगे. बताया जा रहा है कि किसानों को लेकर केन्द्र के अलावा राज्य सरकारों के खिलाफ भी जो नाराजगी है, उसे लेकर संघ प्रमुख अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे और कोई रास्ता निकालने का काम करेंगे जिससे उनकी नाराजगी दूर हो सके.

बर्खास्त आईएएस शशि कर्णावत मिलेंगी भागवत से

बर्खास्त आईएएस शशि कर्णावत ने कहा कि वे संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलकर प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोलेंगी. कर्णावत ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वे हाल ही में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिल चुकी हैं. इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनके खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया था. उनका कहना है कि अगले माह वे संघ प्रमुख मोहन भागवत से भी मिलेंगी. उन्होंने कहा कि उनके पास प्रदेश के तमाम भ्रष्टाचारी अधिकारियों का ब्योरा है. इसे वो अगले महीने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह डा. मोहन भागवत से मुलाकात के दौरान उजागर करेंगी. उन्होंने कहा कि वे सरकार के मंत्रियों एवं अधिकारियों की बेनामी संपत्तियों का खुलासा भी करेंगी.

बुधवार, 13 सितंबर 2017

यस सर, यस मैडम नहीं जय हिन्द बोलकर हाजिरी लगवाएंगे विद्यार्थी


शिक्षा मंत्री विजय शाह का फरमान, सतना जिले के बाद जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा

राज्य के शिक्षा मंत्री विजय शाह ने यह फरमान जारी किए हैं. शाह ने फिलहाल सतना जिले के स्कूलों में इसकी शुुरुआत करने को कहा है. इसके बाद वे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से चर्चा कर पूरे प्रदेश के स्कूलों में इसे जरुरी करने जा रहे हैं.
बयानों को लेकर सदैव विवादों से घिरे रहने वाले स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह इस बार फिर विवाद से घिर गए हैं. उन्होंने  सतना जिले में विभागीय समीक्षा के दौरान सतना जिले में यह फरमान दे डाला कि अब जिले के सभी शैक्षणिक संस्थाओं में 1 अक्तूबर से विद्यार्थी अपनी हाजिरी के दौरान यस सर, यस मैडम नहीं कहेंगे. विद्यार्थियों को जय हिन्द बोलना होगा. शाह ने कहा कि यह निर्णय फिलहाल सतना जिले के लिए है, वे जल्द ही इसे पूरे प्रदेश में लागू कराएंगे. इतना ही नहीं उन्होंने कहा अधिकारियों को निर्देशित किया कि नौजवान पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का जज्बा बढ़ाने के लिए सभी शासकीय स्कूलों में प्रारंभ में ही प्रतिदिन ध्वजारोहण, झंडावन एवं राष्ट्रगान किए जाएं. मंत्री ने ध्वजारोहण, झंडावंदन की परंपरा को प्रतिदिन सभी प्राइवेट स्कूलों में भी लागू करने के निर्देश दिए.  माना जा रहा है कि मंत्री शाह का यह फरमान देशभक्ति का भावना जगाने को लेकर है. हालांकि, कुछ लोग इसे मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देख रहे हैं. 
शहीद सैनिकों के नाम पर नामकरण
विजय शाह ने कहा कि देश की खातिर बलिदान देने वाले सैनिकों के नाम पर हम स्कूलों के नामकरण करने की योजना भी बना रहे हैं. शाह ने कहा कि शहीद सैनिकों  के ग्राम की प्राथमिक या माध्यमिक शाला का नामकरण किए जाने के प्रस्ताव को प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से शिक्षकों में एकरुपता लाने के लिए ड्रेस कोड यूनिफार्म एप्रिन या नेमप्लेट लगाने पर भी विभाग विचार कर रहा है. 
जनशिक्षक मंत्री को भी दें निरीक्षण रिपोर्ट
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने कहा कि जनशिक्षक प्रत्येक माह की निरीक्षण प्रतिवेदन रिपोर्ट केवल बीआरसी को ही नहीं, बल्कि उन्हें (मंत्री को) भी भेजेंगे. हर माह की रिपोर्ट के आधार पर सेम्पल बतौर कुुछ रिपोर्ट के आधार पर दूरभाष पर चर्चा कर वे आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे. शाह ने कहाा कि उनके दूरभाष पर प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कोई भी जनशिक्षक सपंर्क कर सकता है. 

सोमवार, 29 मई 2017

नाथ की राह रोकने बट्टी का सहारा ले रही सरकार

राजधानी में कार्यालय के लिए दिया शासकीय आवास, लोनिवि करा रहा रंग रोगन


प्रदेश में कमलनाथ की बढ़ती सक्रियता को देख अब भाजपा और सरकार दोनों ही उनकी राह दिक्कतें खड़ी करने के लिए सरकार और भाजपा भी सक्रिय हो गई है. सरकार ने इसके लिए छिंदवाड़ा के आदिवासी नेता और कमलनाथ विरोधी मनमोहन शाह बट्टी को मोहरा बनाना शुरु कर दिया है. गोंडवाना गणतंत्र पाार्टी से अलग होकर अपनी स्वयं की पार्टी बनाने वाले बट्टी को सरकार के मुखिया शिवराजसिंंह चौहान ने भोपाल बुलाकर पार्टी के लिए कार्यालय खोलने शासकीय आवास आवंटित कर दिया है. अब इस आवास का रंग रोगन का काम भी लोक निर्माण विभाग करा रहा है.
प्रदेश कांग्रेस में बदलाव को लेकर चल रही कवायद के चलते वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ का नाम बार-बार सामने आने से भाजपा और सरकार चिंतित होती नजर आ रही है. खासकर भाजपा संगठन कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम को लेकर चिंतित हैं. इन दोनों की राह को रोकने के लिए जमावट शुरु कर दी है. जमीनी स्तर पर दोनों नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति के तहत भाजपा काम कर रही है. इस रणनीति के तहत सिंधिया के खिलाफ राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने तो खुलकर बयानबाजी भी शुरु कर दी है, वहीं सरकार के माध्यम से कमलनाथ को उन्हीं के घर याने छिंदवाड़ा में मात देने की रणनीति सरकार ने बनाई है. इस रणनीति के तहत आदिवासी नेता एवं पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी को मोहरा बनाया है. बट्टी, कमलनाथ के घोर विरोधी माने जाते हैं, वे पूर्व में गोंगपा के प्रत्याशी के रुप में कमलनाथ के खिलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. अब सरकार ने बट्टी को नाथ के खिलाफ मोहरा बनाते हुए महाकौशल खासकर आदिवासी अंचल में सक्रिय करने की रणनीति तय की है. इस रणनीति के तहत बट्टी को एक सप्ताह पूर्व खुद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने निवास पर बुलाया और  तुलसीनगर क्षेत्र में कार्यालय के लिए आवास आवंटित कर दिया. बट्टी को आवंटित किए आवास एफ-91/33  आवंटित कर दिया. आवंटन की फाइल भी इस गति से दौड़ी की खुद मनमोहन शाह आश्यचर्यचकित हैं कि एक सप्ताह में उनके दल भारतीय गोंडवाना पार्टी को आवास मिल गया.
सूत्रों की माने तो बट्टी को इस तरह से आवास चुनाव के एक साल पूर्व आवास आवंटन करने के पीछे भाजपा का मुख्य मकसद महाकौशल में आदिवासी वोट बैंक पर सेंध लगाना है. नर्मदा यात्रा के दौरान और पूर्व में संघ के सर्वे के बाद यह बात सामने आई थी कि आदिवासी वोट बैंक भाजपा से दूर जाता जा रहा है.
लोनिवि करा रहा रंगरोगन
मनमोहन शाह बट्टी को शासन द्वारा जो आवास तुलसी नगर में आवंटित किया गया, उसके रंगरोगन के लिए भी काम शुरु हो गया है. सूत्रों की माने तो लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने रंग रोगन के लिए 7 लाख रुपए खर्च करने की मंजूरी दी है. बताया जाता है कि विभाग ने इसके लिए दो स्टीमेट (प्राक्कलन) बनाए हैं, इसके पहले चरण में 5 लाख रुपए एवं दूसरे चरण में 2 लाख रुपए का काम इस आवास पर किया जाना है.