राम नाम की चांदी की ईट और 2 किलो का है चांदी का कमंडल
भोपाल संसदीय क्षेत्र से भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की आजीविका भिक्षा और समाज के द्वारा चल रही है. उनके पास 4 लाख से ज्यादा की संपत्ति है, जिसमें राम नाम की चांदी की र्इंट है, जिसका वजन 150 ग्राम है और 2 किलो वजन का चांदी का कमंडल भी उनके पास है. प्रज्ञा के पास किसी तरह का हथियार नहीं है और न ही उनके पास जमीन है.
यह जानकारी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने नामांकन फार्म के साथ दी जानकारी में दी है. उन्होंने नामांकन पत्र के साथ अपनी पूरी जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास 4 लाख 44 हजार 224 रुपए की चल-अचल संपत्ति घोषित की है. राजधानी की बैरागढ़ स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया में 88,824 और दूसरे खाते में 11 हजार रुपए जमा है. जबकि उनके पास नगद 90 हजार रुपए है. प्रज्ञा सिंह ने नामांकन पत्र के साथ दी जानकारी में बताया कि उनके पास 1 लाख 14 हजार रुपए की सोने की चेन, लाकेट, अंगूठी और सप्त धातु का सुमेरनी है. वहीं 1 लाख 40 हजार 400 रुपए के चांदी का कमंडल, कटोरी, प्लेट, लोटा, अंगूठे की रिंग, कड़े और एक राम नाम की ईंट भी है. इस र्इंट का वजन 150 ग्राम बताया है. ईट की कीमत उन्होंने 7 हजार रुपए बताई है. वहीं दो किलो के चांदी के कमंडल की कीमत 81 हजार रुपए है. प्रज्ञा सिंह ने अपने पास किसी तरह को कोई हथियार होने की बात नहीं की है, साथ ही जमीन न होने का उल्लेख भी शपथ पत्र में किया है.
प्रज्ञा सिंह ने अपने शपथ पत्र में शैक्षणिक योग्यता बीए फाइनल 1994 में शासकीय महाविद्यालय लहार जीवाजी यूनिवर्सिटी से करना बताया है. वहीं उन्होंने एमए फाइनल 1996 में शासकीय एमजेएस कालेज भिंड जीवाजी यूनिवर्सिटी से किया है. उन्होंने 1997 में विद्या निकेतन कॉलेज आॅफ फिजिकल एजुकेशन भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से बीपीएड किया है. उन्होंने अपना स्थानीय पता 126 रिवेरा डाउन फेस-2 माता मंदिर भोपाल बताया है.
दर्ज हैं ये मामले
शपथ पत्र में प्रज्ञा सिंह ने बताया है कि उनके ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास और कथित आतंकवादी कृत्य के मामले दर्ज हैं. उनके खिलाफ आजाद नगर पुलिस थाना मालेगांव जिला नासिक में साल 2008 में एफआईआर दर्ज हुई थी. स्पेशल एनआईए न्यायालय मुंबई में यह केस चल रहा है. उन पर धारा 18 अन लॉ फुल एक्टिविटीज एक्ट 1967 एवं सह पठित धारा 120 बी के तहत कथित हत्या, हत्या का प्रयास और आतंकवादी कृत्य के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन किसी भी मामले में उन पर दोष सिद्ध नहीं हुआ है.
उम्र को लेकर छिड़ा विवाद
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के उम्र को लेकर भी नया विवाद छिड़ गया है. साध्वी ने शपथ पत्र में अपनी उम्र 49 साल बताई है, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज में 2016 में मुंबई हाईकोर्ट में दाखिल जमानत अर्जी में उन्होंने अपनी उम्र 44 साल बताई गई है. इस दृष्टि से उनकी उम्र 47 साल होनी चाहिए.
भाजपा ने की चुनाव आयोग से शिकायत
भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार के मंत्री ओमकारसिंह मरकाम द्वारा शहडोल जिले के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को कांग्रेस के पक्ष में काम करने के लिए निर्देशित किए जाने की शिकायत निर्वाचन आयोग से की है. पार्टी का प्रतिनिधि मंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा और लिखित शिकायत सौंपकर मंत्री ओमकारसिंह मरकाम को तुरंत सेंसर किए जाने की मांग की.
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को की गई शिकायत में कहा गया है कि प्रदेश सरकार के मंत्री ओमकारसिंह मरकाम 20 अप्रैल को शहडोल के राजनीतिक दौरे पर आए थे. यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार प्रमिला सिंह के साथ कई गांवों का दौरा भी किया. इसके उपरांत रात में उन्होंने स्थानीय सर्किट हाउस में सरकारी अधिकारियों की मीटिंग बुलाई, जिसमें कलेक्टर एवं रिटर्निंग आफिसर तथा पुलिस अधीक्षक भी मौजूद थे. जनचर्चा है कि इस मीटिंग में मंत्री मरकाम ने स्पष्ट रूप से आदेश दिए कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए काम करना है. शिकायत में कहा गया है कि मंत्री ओमकारसिंह मरकाम द्वारा राजनीतिक दौरे के दौरान सरकारी अधिकारियों की मीटिंग बुलाना और कांग्रेस का समर्थन करने के निर्देश देना आचार संहिता का खुला उल्लंघन है, इसलिए उन्हें निर्वाचन प्रकिया जारी रहने तक सेंसर किया जाए.
मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रुप में चुनावी मैदान में उतरी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की मुसीबत बढ़ती जा रही है. उनके खिलाफ चुनाव आयोग के निर्देश पर राजधानी के कमला नगर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है. वहीं मुसिल संगठनों ने बाबरी मस्जिद के खिलाफ प्रज्ञा सिंह द्वारा दिए बयान पर आपत्ति जताई और चुनाव आयोग को शिकायत की है.
बाबरी मस्जिद तोड़ने और राम मंदिर बनाने में सहयोग करने को लेकर दिए बयान भाजपा उम्मीदवार पर यह मामला दर्ज किया गया है. जिला निर्वाचन अधिकारी डा. सुदाम खाड़े द्वारा पहले उन्हें नोटिस दिया गया था. प्रज्ञा सिंह द्वारा दिए गए नोटिस के जवाब से जिला निर्वाचन अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे. इस आदेश के बाद प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर राजधानी के कमला नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. निर्वाचन आयोग ने कमला नगर थाने में साध्वी के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 तहत केस दर्ज कराया है.
उम्मीदवारी निरस्त करने की मांग
आॅल इंडिया उलेमा बोर्ड ने चुनाव आयोग को की गई शिकायत में यह बात कही है. उलेमा बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष काजी सैयद अनस अली ने चुनाव आयुक्त से कहा कि प्रत्याशी घोषित होने के बाद से अब तक साध्वी प्रज्ञा ठाकुर लगातार जहरीले बयान देकर शहर की फिजा खराब करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर दिए गए बयान से मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत किया है. इससे पहले भी वे कई विवादित बयानों के जरिए आचार संहिता का उल्लंघन भी कर चुकी हैं. काजी अनस ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी निरस्त करने की मांग चुनाव आयोग से की है. इस मौके पर हाफिज जुनैद, शोएब कुरैशी, मोहम्मद ओवैस आदि भी मौजूद थे.

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के जनसंपर्क और चुनाव प्रचार की कमान भाजपा संगठन ने अपने हाथ में ले ली है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल सीट की जिम्मेदारी ली और पदाधिकारियों को अलग-अलग दायित्व सौंप दिए हैं. वर्तमान सांसद आलोक संजर को प्रज्ञा के जनसंपर्क का दायित्य सौंपा गया है.
भाजपा कार्यालय में आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पदाधिकारियों की बैठक हुई. बैठक में प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और खुद प्रज्ञा भारती भी उपस्थित रही. बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव प्रचार अभियान को गति देने की बात कही. साथ ही सभी विधानसभा क्षेत्रों में पदाधिकारियों और वर्तमान विधायकों को सक्रिय होकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में काम करने को कहा. चर्चा के दौरान तय हुआ की साध्वी प्रज्ञा के चुनाव की कमान खुद शिवराज सिंह चौहान संभालेंगे. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मंगलवार को भोपाल में अपना नामांकन दाखिल करेंगी. बैठक में तय किया गया कि प्रज्ञा सिंह के नामांकन से पहले पीरगेट से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली जाएगी. इस रैली में भाजपा के तमाम बड़े नेता शिरकत करेंगे.
शिवराज ने कहा सब को करना होगा काम
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज बैठक में सभी विधायकों, पदाधिकारियों को साफ कह दिया कि चुनाव में प्रज्ञा सिंह के पक्ष में सभी को मैदान में उतरना होगा. मैदान में उतरकर सभी को काम करना है और भाजपा की जीत के लिए काम करना है. वहीं भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा भारती ने कहा कि अब सभी को काम में जुटना होगा, बाकी बातें बाद में होंगी. अब केवल भाजपा की जीत के लिए हमें मैदान में उतरना है.
मंत्रोचार के साथ भरा नामांकन
भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह भारती ने मुहुर्त के अनुसार आज ही अपना नामांकन फार्म भर दिया. आज प्रज्ञा ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पंडितों के साथ मंत्रोचार के बीच अपना नामांकन भरा है. मगर वे कल 23 तारीख को रैली के रुप में जाकर अपना नामांकन विधिवत रुप से भरेंगी. भाजपा कल एक तरह से शक्ति प्रदर्शन करना चाह रही है.
नाराज नेताओं से कहा शाह ने दिया है टिकट
प्रज्ञा सिंह भारती को टिकट दिए जाने को लेकर स्थानीय नेताओं में नाराजगी थी, उसे दूर करना संगठन को मुश्किल हो रहा था. आज बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने सभी को यह संदेश दिया कि अब नाराजगी छोड़कर हमें जीत के लिए काम करना है. प्रज्ञा सिंह को अमित शाह ने उम्मीदवार बनाया है, यह फैसला उनका है.
संघ ने कहा मतदान ज्यादा होना चाहिए
भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञासिंह ठाकुर के पक्ष में संघ भी सक्रिय हो गया है. लगातार बैठकों का दौर जारी है. संघ की बैठक भाजपा संगठन से अलग हो रही है, मगर संघ पदाधिकारियों की नजर भाजपा पदाधिकारियों पर पूरी तरह से है. संगठन किस तरह से काम कर रहा है, यह संघ के पदाधिकारी देख रहे हैं. संघ की बैठक में संघ ने अपने स्वयं सेवकों, अनुषांगिक संगठनों और पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि यह संघ का टिकट है, इस हिसाब से अधिक से अधिक मतदान हो, इस पर ध्यान रखना होगा, इसमें किसी तरह की ढ़िलाई नहीं होनी चाहिए.
इन्हें सौंपी जिम्मेदारी
जसवंत हाड़ा को भोपाल लोकसभा सीट प्रभारी बनाया गया, जबकि पूर्व मंत्री उमांशकर गुप्ता को संयोजक बनाया गया है. वहीं नवल प्रजापति को सह संयोजन की जिम्मेदारी दी गई है. भाजपा के भोपाल जिला अध्यक्ष विकास वीरानी, अरुण उपाध्याय और गोपाल मीणा को विस्तारक बनाया गया है. वहीं गोपाल मीणा, सीताराम यादव को बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वसंत गुप्ता को कार्यालय प्रभारी बनाया गया है. आलोक संजर और राहुल कोठारी को जनसंपर्क का काम सौंपा गया है, जबकि अनिल अग्रवाल को प्रचार-प्रसार और वाहन की जिम्मेदारी दी गई है. सुमित रघुवंशी को प्रज्ञा सिंह के मीडिया की जिम्मेदी दी गई है. वहीं सुरजीत सिंह चौहान को आवास, केवल मिश्रा को भोजन और आलोक शर्मा को सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी दी गई है.
मध्यप्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञा भारती के लगातार विवादित बयानों के बाद भाजपा और संघ ने रणनीति को बदल दिया है. दोनों ने बैठकें कर यह तय किया है कि प्रज्ञा जो भी बोले वह धर्म पर बोले, वह भी सोच समझकर, आतंकवाद पर बोलने से वह परहेज रखे. इसके अलावा उनके साथ संघ और संगठन के पांच स्वयं सेवक और पदाधिकारी प्रचार के दौरान रहें.
भोपाल सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के उम्मीदवार बनाए जाने से पहले जो चिंता भाजपा को थी, उस पर खरी उतर रही हैं. भाजपा संगठन भोपाल से प्रज्ञा सिंह भारती के अलावा ऋतंभरा के नाम पर सहमत नहीं था, भाजपा पदाधिकारी संघ और राष्ट्रीय नेतृत्व को यह बता चुके थे कि इनके बयान भाजपा की मुसीबत खड़ी करेंगे. खुद शिवराज सिंह चौहान यह बात कह चुके थे और उन्होंने इनके स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखा था, मगर वे चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हुई. अब जबकि प्रज्ञा को प्रत्याशी बनाया गया है और वे मैदान में उतरकर हार्ड हिन्दुत्व की बात कर रही है, जो भाजपा के लिए चिंंता बन गई है. उनके बयानों पर आयोग द्वारा दिए नोटिस के बाद संगठन और चिंतित हो गया है. आयोग के नोटिस और प्रज्ञा के बयानों के बाद भाजपा की जो छवि खराब होती गई उसे लेकर भाजपा पदाधिकारी तीन दिनों से लगातार बैठकें कर रहे हैं. अंत में आज इस बात पर सहमति हुई कि उनके चुनाव रणनीति को बदला जाए.
आतंकवाद पर बोलने से बचेंगी साध्वी
संघ और संगठन पदाधिकारियों ने यह तय किया है कि प्रज्ञा सिंह को आतंकवाद पर नहीं बोलना चाहिए. इसके बाद उन्हें यह बात बता भी दी गई. प्रज्ञा को कहा गया है कि वे आतंकवाद के मुद्दे पर नहीं बोले, हिन्दू आतंकवाद दिग्विजय सिंह को घेरने का काम अब भाजपा के नेता करेंगे. वे दिग्विजय सिंह द्वारा पूर्व में दिए बयानों को लेकर सिंह को घेरेंगे. साथ ही साध्वी के साथ स्वयं सेवक और संगठन के पदाधिकारी हमेशा रहेंगे. इनमें संघ के स्वयं सेवकों की संख्या 3 और संगठन पदाधिकारियों की संख्या 2 रहेगी. मीडिया में कोई भी बात रखने से पहले संगठन द्वारा नियुक्त मीडिया समन्वयक उन्हें यह बताएंगे कि क्या बोलना है. विशेषक हिन्दू आतंकवाद को लेकर.
मध्यप्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का समर्थन करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है. भाकपा ने राज्य में चार संसदीय क्षेत्रों में उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव और सचिव मंडल सदस्य शैलेन्द्र कुमार शैली ने कहा है कि भाजपा द्वारा भोपाल संसदीय क्षेत्र से प्रज्ञा ठाकुर को प्रत्याशी बनाने से भाजपा के मूल फासिस्ट चरित्र का पदार्फाश हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर पर मालेगांव बम विस्फोट और सुनील जोशी हत्याकांड जैसी गंभीर वारदातों में प्रकरण दर्ज हैं. वह नौ साल जेल में भी रही हैं और फिलहाल जमानत पर हैं. साम्प्रदायिक, कट्टरपंथी प्रज्ञा ठाकुर का संसद में चुनकर जाना संसदीय गरिमा और भारत के संवैधानिक लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक है. इसलिए भाकपा ने कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह को समर्थन देने की घोषणा की है.
भाकपा ने राज्य के चार संसदीय क्षेत्रों शहडोल, खरगोन, बालाघाट और सीधी से भाकपा प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं, भोपाल संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी को मैदान में न उतारने का फैसला लिया है. भोपाल में 12 मई को मतदान होने वाला है.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने यह सच स्वीकार कर लिया कि केन्द्र में कांग्रेस की सरकार नहीं बन रही है, न ही राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना है.
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज मीडिया से चर्चा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि कमलनाथ की मैं प्रशंसा करता हू, उन्होंने यह सच्चाई स्वीकार कर ली है कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने वाली, न ही राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की कोई संभावना है. हालांकि संकोच में उन्होंने त्रिशंकु सरकार की बात जरूर कही. उन्होंने कहा कि भारत की जनता त्रिशंकु सरकार नहीं चाहती!, देश की जनता कमजोर नहीं एक मजबूत सरकार चाहती है जो सिर्फ नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही बन सकती है! पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने कांग्रेस का कोई भी नेता टिक नहीं सकता इसलिए चुनाव परिणाम आने के पहले ही कांग्रेस ने हार स्वीकार कर ली है. शिवराज ने कहा कि कांग्रेस को पहले से ही इस बात का भरोसा था, इसलिए ही उन्होंने इतनी सीटों पर चुनाव नहीं लड़ा. जब बहुमत वाली सीटें ही नहीं होगी तो सरकार कैसे बनेगी. उन्होंने कहा कि इसलिए कांग्रेस ने गठबंधन का सहारा लिया.
दिग्विजय का विजन बंटाढ़ार प्रदेश
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल लोकसभा के लिए दिग्विजय सिंह के विजन डाक्यूमेंट पर तीखा हमला बोला है. शिवराज सिंह ने कहा है की दिग्विजय सिंह का विजन खराब सड़कें, बीमारू प्रदेश और अंधेर नगरी है, इसके साथ ही कहा कि दिग्विजय का विजन बंटाधार प्रदेश है.