मंगलवार, 6 अगस्त 2019

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा नासूर बने मिलावट को करेंगे नेस्तनाबूद


मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में नासूर बनी मिलावट की समस्या को हर हाल में हम नेस्तनाबूद करके रहेंगे. राज्य सरकार इसके लिए कठोर कदम उठा रही है.
मुख्यमंत्री ने आज ट्वीट कर कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए सरकार कठोर कदम उठा रही है. मिलावट एक नासूर है, इस हर हाल में नेस्तानाबूद करके रहेंगे. उन्होंने कहा कि किस प्रकार थोड़े से स्वार्थ व मुनाफे की खातिर लोगों के स्वास्थ्य के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है.  आश्चर्य इस बात का है कि इस गौरखधंधे को रोकने के लिए कोई ठोस प्रयास पहले नहीं हुए अन्यथा यह मर्ज़ जो आज एक गंभीर बीमारी बन चुका है,बन नहीं पाता. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि दूध व दूध उत्पादक पदार्थों से शुरू हुआ मिलावट के खिलाफ हमारा अभियान सतत जारी है. प्रदेश को मिलावट मुक्त बनाने तक यह अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिलावट के प्रतिदिन के खुलासे से मिलावट की भयावह तस्वीर सामने आती जा रही है.
सूचना देने वाले को 25 हजार ईनाम
स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इसे लेकर आज मंत्रालय में भोपाल कलेक्टर, कमिश्नर और डीआईजी के साथ एक बैठक की.  बैठक में ये तय किया गया है कि भोपाल में भी मिलावटखोरों के यहां छापामार कार्रवाई होगी, इसके लिए संभाग स्तरीय एक टीम बनाई जाएगी. जिसमें प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग के अफसर शामिल होंगे. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात कही. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूध के नाम पर सफेद जहर राज्य में अब नहीं चलेगा. मिलावटखोरों के विरूद्ध कार्रवाई में ढ़िलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगी. मिलावटखोरों की सूचना देने वालों को अब 25 हजार का इनाम और उनकी जानकारी को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा.
ईमानदार व्यापारी का न करें परेशान
स्वास्थ्य मंत्री सिलावट  ने कहा कि कहा कि निर्दोष और ईमानदार व्यापारी परेशान नहीं हों, लेकिन दोषी छूटे भी नहीं. सिलावट ने कहा कि नमूनों की जांच में तेजी लाएं. जांच के लिए जरूरी उपकरण-मशीनें खरीदें, किराए पर लें, जांच जल्दी पूरी करें. उन्होंने कहा कि जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला के अतिरिक्त अन्य प्रयोगशाला से सहयोग लेने की जरूरत है, तो वह भी प्राप्त करें. 
10 वर्षो से जमे अधिकारी-कर्मचारी हटेंगे 
मंत्री  सिलावट ने नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देश दिये कि 10 वर्षो से एक ही जगह पदस्थ विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार करें. ऐसे अधिकारी-कर्मचारी स्थानान्तरित किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि मिलावटखोरों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने और प्रकरणों में ट्रायल जल्दी सुनिश्चित करने के लिए भी राज्य शासन विचार कर रहा है.

गुमशुदा राजू को पाकिस्तान से लाने का करेंगे प्रयास



मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के निवासी राजू लक्ष्मण भील के गुमशुदा होकर पाकिस्तान पहुंचने के मामले पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने प्रशासन के अधिकारियों को पीड़ित परिवार के पास पहुंचकर हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उसे वापस भारत लाने के हर संभव प्रयास करेगी.
कमलनाथ ने आज मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि खंडवा जिले के इंधावडी गाँव के राजू लक्ष्मण भील के गुमशुदा होकर पाकिस्तान पहुंचने की परिवार द्वारा आशंका जताने पर प्रशासन के अधिकारियों को पीड़ित परिवार के पास पहुंचकर हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं.  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आगे कहा कि गुमशुदा के पाकिस्तान में होने की स्थिति पर राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय से संपर्क कर उसे वापस भारत लाने के हर संभव प्रयास करेगी.
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने बीते बुधवार को कथित जासूसी के आरोप में 40 वर्षीय राजू लक्ष्मण भील को गिरफ्तार किया था.  राजू मानसिक रूप से कमजोर है और वह बलूचिस्तान के जरिए डेरा गाजी खान जिले में चला गया था. राजू भील मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की पुनासा तहसील के इंधावाड़ी गांव का रहने वाला है. उसके भाई दिलीप ने उसे पहचाना था.

सोमवार, 5 अगस्त 2019

किशोर दा के मकान को बनाया जाएगा राष्ट्रीय संग्रहालय


पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने कहा है कि किशोर कुमार के मकान को राष्ट्रीय संग्राहलय बनाया जाएगा, इसके लिए उनके परिजनों से बात करेगें. उन्होंने कहा कि इसके लिए इसी सत्र के बजट में प्रस्ताव रखा है. संग्राहलय के लिए सरकार फंड देगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किशोर कुमार को भारत रत्न के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेंगे.
खंडवा में जन्मे हरफनमौला कलाकार और सुरों के सम्राट किशोर कुमार के पुश्तैनी बंगले को अब सरकार राष्ट्रीय संग्रहालय का रूप देने जा रही है. खंडवा पहुंची प्रदेश की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डाक्टर विजय लक्ष्मी साधो ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम सभी चाहते हैं कि निमाड़ के पावन धरती जहां पर किशोर कुमार ने जन्म लिया है उसको राष्ट्रीय स्मारक का रूप दिया जाए. साधो ने कहा कि इसको लेकर हमने इसी बजट सत्र में किशोर कुमार राष्ट्रीय संग्रहालय के नाम से एक प्रस्ताव पारित किया है. हम किशोर दा के परिजनों से भी चर्चा करेंगे और किशोर कुमार के पुश्तैनी बंगले को राष्ट्रीय स्मारक बनाने का प्रयास करेंगे. डॉक्टर साधौ ने भी किशोर कुमार को भारत रत्न दिए जाने की वकालत करते हुए कहा कि हम सबको खुशी होगी अगर सरकार हमारे इस संगीत रत्न को भारत रत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान से नवाजे तो.

मिलावट करने वालों को रासूका नहीं, फांसी की सजा देनी चाहिए


मध्यप्रदेश में चल रही मिलावट की कार्रवाई को लेकर राज्य सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को धन्यवाद देते हैं जो वो लाखों लोगों की जिंदगी बचा रहे हैं. यह फैसला सराहनीय हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में और कड़ा फैसला लेना चाहिए.
गोविंद सिंह ने कहा कि मिलावट करने वालों को रासूका नहीं, बल्कि फांसी की सजा देना चाहिए. वहीं मिलावट खोरों पर नकेल कसने के लिए उन्होंने कहा कि अपराध चाहे भाजपा में रह कर हो या कांग्रेस में रहकर किसी को बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा मिलावटखोरों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मुनाफे और स्वार्थ के लिए अनैतिक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मिलावट खोरी की सूचना दें सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा.  

छत्तीसगढ़ सरकार ने अटकाया मध्यप्रदेश के 4 लाख पेंशनरों का भुगतान


मध्यप्रदेश के 4 लाख पेंशनरों का डीआर राशि का भुगतान अटक गया. परेशान हो रहे पेंशनरों ने अब राज्य के वित्त मंत्री तरुण भनोत से मिलकर समस्या का जल्द निराकरण करने की बात कही है. पेंशनरों का यह भुगतान छत्तीसगढ़ सरकार के कारण अटका है. 
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने जून के महीने में ही कर्मचारियों का डीए और डीआर केंद्र के बराबर 12 फीसदी देने का फैसला लिया था. उधर, छत्तीसगढ़ की सहमति लेने की अनिवार्यता को खत्म करने पर कैबिनेट में सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद भी वित्त विभाग में फाइल तक नहीं बनी है. इस फैसले को जनवरी 2019 से प्रदेश में लागू किया गया है. फैसले के लागू होने के बाद जनवरी से अप्रैल तक की डीए की राशि कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा कराई गई और मई के वेतन से बाकी की रकम का शेष भुगतान कर दिया गया. फैसले के तहत पेंशनर्स का फंड नकद देना था. लेकिन छग से अभी तक सहमति नहीं मिलने के कारण पेंशनर्स का फंड अटक गया है.  इसके कारण प्रदेश के चार लाख से ज्यादा पेंशनर्स को बढ़ाए गए डीआर का फायदा नहीं मिल रहा है. इसके लिए बार-बार स्मरण पत्र भी भेजे जा रहे हैं. सहमति नहीं मिलने से होने वाली परेशानी का मुद्दा कैबिनेट में भी उठा था. राज्य बंटवारा अधिनियम के इस प्रावधान को खत्म करने आम सहमति भी बन गई थी, लेकिन वित्त विभाग ने अभी तक इस मामले की फाइल ही तैयार नहीं की. जबकि इस प्रावधान को खत्म करने दोनों राज्यों के बीच सहमति होना जरूरी है.

करोड़ो भारतियों का सपना हुआ साकार

शिवराज ने कहा राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का है स्वर्ण पल
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर ट्वीट किया है. शिवराज ने कहा कि राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का ये स्वर्ण पल हमारे मनमस्तिष्क में हमेशा अंकित हो जाएगा. आज जन संघ के समय से संजोया हुआ करोड़ों भारतीयों का सपना साकार हुआ है.  
शिवराज ने ट्वीट किया एक सपना था जो साकार हुआ है, एक संकल्प था जो पूरा हुआ है. एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे. आज श्रद्धेय श्यामाप्रसाद मुखर्जी व दीनदयाल उपाध्याय एवं हजारों और राष्ट्रभक्तों का सपना पूरा हुआ. हम उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे. चौहान ने दूसरे ट्वीट में लिखा 'आॅर्टिकल 370 की समाप्ति देश के लिए गौरव और उल्लास का प्रतिम क्षण है. गर्व के इस अनूठे पल की देश और देशवासियों को बधाई.'
'भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भारत को भगवान का वरदान है. ऐसी दृढ़राजनैतिक इच्छा शक्ति के लिए प्रधानमंत्री का अभिनंदन और गृहमंत्री का वरदान हैं. ऐसी दृढ़राजनैतिक इच्छा शक्ति के लिए प्रधानमंत्री  का अभिनंदन और गृहमंत्री जी को बधाई. पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा की गई जम्मू-कश्मीर की भूल को मोदी ने सुधार दी है.' अगले ट्वीट में लिखा कि 'जम्मू-कश्मीर में अब आतंकवाद नहीं बचेगा. यह भ्रष्टाचार से मुक्त होगा और इसका दसों दिशाओं में विकास होगा. सही अर्थों में आज जम्मू-कश्मीर को आजादी मिली है. वहीं शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद किया है.
एक प्रधानमंत्री की गलती को दूसरे ने सुधारा
जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने पर बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास जताया था. प्रधानमंत्री मोदी का डायनामिक फैसले से पूरे देश में हर्ष की लहर है. उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री की भूल को प्रधानमंत्री मोदी ने सुधार दिया है. उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण के कारण एक प्रधानमंत्री ने गलती की थी. दूसरे प्रधानमंत्री ने सुधारा है. जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को आज आजादी मिली है. विजयवर्गीय ने कहा कि देश की जनता का मनोबल बढ़ा है. वहीं विपक्ष के विरोध को लेकर उन्होने कहा कि ये देश में राजनीति करते हैं. और पाकिस्तान के गीत गाते हैं. उन्होने कहा जिन्होंने आज इस फैसले का विरोध किया उन सभी के चेहरे बेनकाब हो गए है. आगे उन्होने कहा कि इसके बाद अब राममंदिर पर काम होगा.
भाजपा ने मीडिया प्रवक्ताओं पर लगाई रोक
मध्यप्रदेश भाजपा ने मीडिया प्रवक्ताओं पर एक माह तक मीडिया से चर्चा करने और टीवी डिबेट में जाने से रोक लगा दी है. भाजपा  ने अपने नेताओं और प्रवक्ताओं को मीडिया से चर्चा करने के लिए मना कर दिया है. प्रदेश भाजपा ने आदेश जारी कर कहा है कि कोई भी प्रवक्ता, नेता और पैनलिस्ट मीडिया से जम्मू-कश्मीर, आंतकवाद और हिन्दू मुस्लिम संबंधों पर चर्चा ना करे.हालांकि यह प्रतिबंध कब तक है यह स्पष्ट नही है.   भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने बताया कि नेतृत्व का निर्देश है कि भाजपा के किसी भी नेता को फिलहाल जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर ,आतंकवाद के संबंध में अथवा किसी भी प्रकार के हिंदू- मुस्लिम संबंधों को लेकर मीडिया से कोई चर्चा नहीं करनी है. अभी प्रवक्तागण और पैनलिस्ट भी डिबेट में नहीं जाएंगे. नेतृत्व से प्राप्त इस निर्देश का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है.  
देश में तानाशाही की है आहट
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  ने कहा कि  जम्मू कश्मीर के लोगों और कश्मीरियत के साथ हम उसी दृढ़ता से खड़े हैं, जितनी दृढ़ता से हम राष्ट्रीय एकता और लोकतंत्र के पक्ष में हैं.  देश में तानाशाही की आहट है. खुद सरकार ने भ्रम और आशंका का माहौल बनाया है। दिग्विजय सिंह ने इससे पहले कहा था कि आखिर ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ा कि सरकार को सेना भेजना पड़ा.  सिंह ने ये कहा था कि कश्मीर में क्या होगा इसकी जानकारी केवल तीन लोगों को थी. प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और अजीत डोभाल.
अघोषित इमरजेंसी जैसा है फैसला
जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को हटाए जाने को लेकर मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बड़ा बयान दिया है. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में भय का महौल बना हुआ है. बहुमत की सरकार है कुछ भी कर सकती है. हम उनका क्या बिगाड़ लेंगे. डर के साए में धारा 370 को हटाने का फैसला लिया गया है. पहले लोकसभा में चर्चा होनी थी, फिर राज्यसभा में प्रस्तुत किया जाना था. नियमानुसार नहीं लिया गया धारा 370 को हटाने का फैसला. देश में भय का माहौल बनाकर जनता पर निर्णय थोपना अघोषित इमरजेंसी के बराबर है.
   भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
भाजपा कार्यकर्ताटों ने राजधानी में जश्न मनाया है. पूर्व विधायक सुरेन्द्रनाथ सिंह और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और मिठाई बंटवाई. पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि अब भोपाल के गुमटी वालों को कश्मीर लेकर जाएंगे. पहले कश्मीर में जगह देखने जाऊंगा. भोपाल में भी इस फैसले को लेकर लोग खुश हैं. न्यू मार्केट टॉप इन टाउन पर संस्कृति बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं ने ढ़ोल नगाड़ों की थाप पर जमकर जश्न मनाया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे थे. राजधानी के अलावा राज्य के दूसरे शहरों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया.
धारा 370 हटने के बाद अलर्ट पर प्रदेश
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्य में पुलिस ने अलर्ट किया है. इंटेलिजेंस ने पहले ही सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देकर अलर्ट किया था, मगर आज जब धारा 370 हटाई गई तो पुलिस को शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए. जिला प्रशासन स्तर पर भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है. वहीं केन्द्र सरकार ने भी प्रदेश सरकार को एडवाइजरी जारी की है.अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता कैलाश मकवाना ने पुलिस अधीक्षकों को हिदायत दी है कि हाल ही में जम्मू कश्मीर धारा 370 के हटाए जाने को ध्यान में रखकर पूरी तरह से सतर्कता बरती जाए.

रविवार, 4 अगस्त 2019

संघ की बैठकें शुरु भाजपा पर मंथन, चिंतित हुए पदाधिकारी

दो विधायकों को लेकर नाराज हैं संघ पदाधिकारी, मॉब लिंचिंग पर भी होगी चर्चा

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तीन दिवसीय बैठकों का दौर आज रविवार से शुरु हो गया. बैठकों में संघ पदाधिकारी प्रदेश में राजनीतिक हालातों और संगठन की गतिविधियों को लेकर चर्चा कर रहा है. खासकर भाजपा के दो विधायकों के अचानक कांग्रेस के समर्थन में जाने से संघ चिंतित है. कुछ संघ पदाधिकारी भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा संगठन से नाराज हैं. तीन दिनों तक मंथन के बाद भाजपा के पदाधिकारियों से संघ पदाधिकारी इस मामले को लेकर चर्चा करेंगे और सख्त निर्देश दे सकते हैं.
मध्यप्रदेश की राजधानी में आज रविवार से संघ की तीन दिवसीय बैठकों का दौर शुरु हो गया. वर्ग बैठकों में वैसे तो संघ पदाधिकारियों द्वारा संघ की शाखाओं के विस्तार और सरस्वती स्कूलों में वृद्धि जैसे मुद्दों पर मंथन होगा, मगर मध्यप्रदेश के वर्तमान राजनीतिक हालातों को लेकर संघ पदाधिकारी भाजपा पर भी मंथन करेंगे. बैठक में शामिल होने संघ के सह सरकार्यवाह डा. गोपाल कृष्ण और सुरेश सोनी भोपाल पहुंचे हैं. आज बैठक की शुरुआत राजधानी के प्रज्ञादीप में शुरु हुई. तीन दिनों तक चलने वाली संघ की इन बैठकों का स्थान पर अलग-अलग रखा गया है. आज की बैठक में अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था, इन पदाधिकारियों को डा. गोपाल कृष्ण ने संबोधित किया और उनसे अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की. इसके अलावा संघ पदाधिकारियों को कल 5 अगस्त की बैठक में सुरेश सोनी संबोधित करेंगे. इसके अलावा बैठक में संघ के सर कार्यवाही भैय्याजी जोशी के आने की भी संभावना है. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राजधानी में यह संघ की पहली बड़ी बैठक है. संघ के मध्य क्षेत्र के प्रभारी दीपक बिस्पुते ने बताया कि समिधा में संघ नेताओं की बैठक 6 अगस्त तक चलेगी.
सूत्रों के अनुसार प्रदेश में राजनीतिक हालात और संगठन की गतिविधियों को लेकर यह बैठक की जा रही है.  विधानसभा में हार के बाद पहली बार संघ के पदाधिकारियों के साथ इस तरह की बैठक आयोजित की जा रही है. जानकारी के मुताबिक सोमवार को भाजपा के साथ संघ की समन्वय बैठक है, जिसमें राजनीतिक विषयों पर बात होगी. संघ की इन बैठकों में  कुछ प्रचारकों को संगठन में शामिल किया जा सकता है. इसके साथ ही संघ के अनुशांगिक संगठन और शाखा विस्तार को लेकर भी चर्चा की जा सकती हैं. 
भाजपा संगठन से नाराज हैं संघ पदाधिकारी
विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन भाजपा के दो विधायकों द्वारा कांग्रेस का समर्थन करने से संघ के पदाधिकारी भाजपा संगठन से खफा बताए जा रहे हैं. संघ े वरिष्ठ पदाधिकारी और भाजपा के नए राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष भी प्रदेश संगठन से इस घटना को लेकर नाराजगी जता चुके हैं.  संघ की इन बैठकों में भाजपा के अंदर चल रही गुटबाजी का मुद्दा भी उठ सकता है. इसके अलावा प्रदेश में बढ़ रही माब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर भी संघ रणनीति बनाएगा और कांग्रेस की प्रदेश सरकार को घेरने के लिए भाजपा संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा करेगा.
संभागीय संगठन महामंत्रियों में हो सकता है बदलाव
संघ उज्जैन के संभागीय संगठन मंत्री प्रदीप जोशी कांड से भी नाराज है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बैठकों में कुछ संभागीय संगठन मंत्रियों को बदलने और उनके स्थान पर नए संगठन मंत्रियों के नामों पर चर्चा होगी. प्रदेश में वर्तमान में 6 संभागीय संगठन मंत्री काम कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि रीवा के संभागीय संगठन मंत्री जितेंद्र लिटोरिया को हटाया जा सकता है. साथ ही शैलेंद्र बरुआ को नई जिम्मेदारी दी जा सकती है.