मंगलवार, 6 अगस्त 2019

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा नासूर बने मिलावट को करेंगे नेस्तनाबूद


मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में नासूर बनी मिलावट की समस्या को हर हाल में हम नेस्तनाबूद करके रहेंगे. राज्य सरकार इसके लिए कठोर कदम उठा रही है.
मुख्यमंत्री ने आज ट्वीट कर कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए सरकार कठोर कदम उठा रही है. मिलावट एक नासूर है, इस हर हाल में नेस्तानाबूद करके रहेंगे. उन्होंने कहा कि किस प्रकार थोड़े से स्वार्थ व मुनाफे की खातिर लोगों के स्वास्थ्य के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है.  आश्चर्य इस बात का है कि इस गौरखधंधे को रोकने के लिए कोई ठोस प्रयास पहले नहीं हुए अन्यथा यह मर्ज़ जो आज एक गंभीर बीमारी बन चुका है,बन नहीं पाता. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि दूध व दूध उत्पादक पदार्थों से शुरू हुआ मिलावट के खिलाफ हमारा अभियान सतत जारी है. प्रदेश को मिलावट मुक्त बनाने तक यह अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिलावट के प्रतिदिन के खुलासे से मिलावट की भयावह तस्वीर सामने आती जा रही है.
सूचना देने वाले को 25 हजार ईनाम
स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इसे लेकर आज मंत्रालय में भोपाल कलेक्टर, कमिश्नर और डीआईजी के साथ एक बैठक की.  बैठक में ये तय किया गया है कि भोपाल में भी मिलावटखोरों के यहां छापामार कार्रवाई होगी, इसके लिए संभाग स्तरीय एक टीम बनाई जाएगी. जिसमें प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग के अफसर शामिल होंगे. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात कही. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूध के नाम पर सफेद जहर राज्य में अब नहीं चलेगा. मिलावटखोरों के विरूद्ध कार्रवाई में ढ़िलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगी. मिलावटखोरों की सूचना देने वालों को अब 25 हजार का इनाम और उनकी जानकारी को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा.
ईमानदार व्यापारी का न करें परेशान
स्वास्थ्य मंत्री सिलावट  ने कहा कि कहा कि निर्दोष और ईमानदार व्यापारी परेशान नहीं हों, लेकिन दोषी छूटे भी नहीं. सिलावट ने कहा कि नमूनों की जांच में तेजी लाएं. जांच के लिए जरूरी उपकरण-मशीनें खरीदें, किराए पर लें, जांच जल्दी पूरी करें. उन्होंने कहा कि जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला के अतिरिक्त अन्य प्रयोगशाला से सहयोग लेने की जरूरत है, तो वह भी प्राप्त करें. 
10 वर्षो से जमे अधिकारी-कर्मचारी हटेंगे 
मंत्री  सिलावट ने नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देश दिये कि 10 वर्षो से एक ही जगह पदस्थ विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार करें. ऐसे अधिकारी-कर्मचारी स्थानान्तरित किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि मिलावटखोरों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने और प्रकरणों में ट्रायल जल्दी सुनिश्चित करने के लिए भी राज्य शासन विचार कर रहा है.

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