सोमवार, 5 अगस्त 2019

छत्तीसगढ़ सरकार ने अटकाया मध्यप्रदेश के 4 लाख पेंशनरों का भुगतान


मध्यप्रदेश के 4 लाख पेंशनरों का डीआर राशि का भुगतान अटक गया. परेशान हो रहे पेंशनरों ने अब राज्य के वित्त मंत्री तरुण भनोत से मिलकर समस्या का जल्द निराकरण करने की बात कही है. पेंशनरों का यह भुगतान छत्तीसगढ़ सरकार के कारण अटका है. 
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने जून के महीने में ही कर्मचारियों का डीए और डीआर केंद्र के बराबर 12 फीसदी देने का फैसला लिया था. उधर, छत्तीसगढ़ की सहमति लेने की अनिवार्यता को खत्म करने पर कैबिनेट में सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद भी वित्त विभाग में फाइल तक नहीं बनी है. इस फैसले को जनवरी 2019 से प्रदेश में लागू किया गया है. फैसले के लागू होने के बाद जनवरी से अप्रैल तक की डीए की राशि कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा कराई गई और मई के वेतन से बाकी की रकम का शेष भुगतान कर दिया गया. फैसले के तहत पेंशनर्स का फंड नकद देना था. लेकिन छग से अभी तक सहमति नहीं मिलने के कारण पेंशनर्स का फंड अटक गया है.  इसके कारण प्रदेश के चार लाख से ज्यादा पेंशनर्स को बढ़ाए गए डीआर का फायदा नहीं मिल रहा है. इसके लिए बार-बार स्मरण पत्र भी भेजे जा रहे हैं. सहमति नहीं मिलने से होने वाली परेशानी का मुद्दा कैबिनेट में भी उठा था. राज्य बंटवारा अधिनियम के इस प्रावधान को खत्म करने आम सहमति भी बन गई थी, लेकिन वित्त विभाग ने अभी तक इस मामले की फाइल ही तैयार नहीं की. जबकि इस प्रावधान को खत्म करने दोनों राज्यों के बीच सहमति होना जरूरी है.

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