रविवार, 19 मई 2024

अभिनेता धर्मेन्द्र किशोर सम्मान से सम्मानित

संस्कृति विभाग ने मुंबई धर्मेन्द्र के निवास पर जाकर किया सम्मानित


भोपाल। बॉलीवुड फिल्म अभिनेता धर्मेन्द्र को मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग ने वर्ष 2022 का राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान से नवाजा है। अभिनेता धर्मेंद्र के मुंबई स्थित उनके आवास पर पहुंच कर विभाग के अधिकारी ने उन्हें यह सम्मानित आवॉर्ड सौंपा है। 

राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अभिनय के क्षेत्र में सक्रियता उत्कृष्ट सर्जन और श्रेष्ठ प्रतिमानों के लिए दिया जाता है। मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से यह सम्मान कलाकारों को प्रतिवर्ष दिया जाता है। संस्कृति विभाग के संचालक एनपी नागदेव ने अभिनेता धर्मेंद्र से मुलाकात करते हुए इस सम्मान से सम्मानित किया।  मध्य प्रदेश शासन द्वारा राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान मिलने पर अभिनेता धर्मेंद्र ने भी अपनी खुशी जाहिर की है। अभिनेता ने इस आवार्ड को लेकर अपने फैंस का शुक्रिया भी अदा किया है। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की सराहना की है। अधिकारियों से मुलाकात करते हुए धर्मेंद्र कृतज्ञता जाहिर की।

किशोर कुमार की याद में सम्मान  

राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान मध्य प्रदेश शासन के दिया जाता है। यह सम्मान हिन्दी सिनेमा के क्षेत्र में निर्देशन, अभिनय, पटकथा तथा गीत लेखन के लिए दिया जाता है। दिवंगत अभिनेता व गायक किशोर कुमार की याद में मध्य प्रदेश सरकार यह सम्मान देती है। दिवंगत अभिनेता किशोर कुमार मध्य प्रदेश के खण्डवा जिले के रहने वाले थे। सिनेमा के क्षेत्र में काम करते हुए भी किशोर कुमार का मध्य प्रदेश से हमेशा से ही जुड़ाव रहा। 

अब तक इन्हें दिया जा चुका है सम्मान

 हृषिकेश मुखर्जी (1997-98), नसीरुद्दीन शाह (1998-99), गुलजार (1999-00), कैफ़ी आजमी (2000-01), बी.आर. चोपड़ा (2001-02), अमिताभ बच्चन (2002-03), गोविन्द निहलानी (2003-04), जावेद अख्तर (2004-05), श्याम बेनेगल (2005-06), शत्रुघ्न सिन्हा (2006-07), मनोज कुमार (2007-08),  गुलशन बावरा (2008-09), यश चोपड़ा (2009-10), देव आनन्द (2010-11), सलीम खान (2011-12), समीर (2012-13),  सई परांजपे (2013-14), दिलीप कुमार (2014-15), रूमी जाफरी (2015-16), योगेश (2016-17), प्रियदर्शन (2017-18), वहीदा रहमान (2018), अशोक मिश्रा (2019), अमिताभ भट्टाचार्य (2020), विवेक रंजन अग्निहोत्री (2021), धर्मेन्द्र देओल (2022)। 


शनिवार, 18 मई 2024

मंत्री ने बदमाश से कहा, बेटा जेल जाओगे अब तुम


 मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने महिला को परेशान करने वाले एक बदमाश को फोन पर जेल भेजने की चेतावनी दे डाली। दरअसल जबलपुर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली महिला को एक बदमाश लंबे समय से परेशान कर रहा था। महिला मंत्री के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंची थी। महिला ने मंत्री को शिकायत की थी कि उसके मकान पर क बदमाश में कब्जा कर रखा है। बदमाश उन्हें धमका रहा है। इस पर मंत्री ने फोन पर बदमाश से चर्चा करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वह महिला को परेशान ना करे। इतना ही नहीं इस दौरान मंत्री ने बदमाश को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं को परेशान करना बंद करो, किसी के साथ गुंडागर्दी नहीं चलेगी, जेल जाओगे अब, यहां कानून का राज है, गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे।

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने नेताओं पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप

खुदकुशी करने की दी चेतावनी, वायरल हुआ वीडियो


भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा की एक मंडल अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं मंडल अध्यक्ष ने इसे लेकर खुदकुशी करने की चेतावनी भी दी है। मामले को लेकर कांग्रेस भाजपा पर हमलावर हो गई है।

यह मामला भाजपा की मंडल अध्यक्ष दलित महिला नारायणी बरेठा का सामने आया है, जिसमें उन्होंने स्वयं एक वीडियो जारी कर भाजपा के शिवाजी मंडल के अध्यक्ष सहित अन्य लोगों द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा अपशब्दों का उपयोग कर दुर्व्यवहार करने का संगीन आरोप लगाया है। वीडियो में आत्महत्या करने जैसे कदम उठाने और जहरीली गोली खाने की बात की गई है।

वीडियो के वायरल होने के बाद प्रदेश कांग्रेस इसे लेकर भाजपा पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा है कि लगातार दलितों-आदिवासियों को प्रताड़ित करना भाजपा नेताओं की फितरत है। दलित समाज की महिला के साथ अभद्र भाषा में बात करने पर भी एससी-एसटी एक्ट के तहत कोई कार्रवाई नहीं होती। आखिर कहां हैं, भाजपा के नेता जो रोज इधर-उधर की बात करते हैं। परंतु अपनी ही दलित मंडल अध्यक्ष के साथ प्रताड़ना को रोक नहीं पा रहे, अब आत्महत्या की कगार तक बात आ गई है। कहां हैं, प्रदेश के गृह मंत्री बनाम मुख्यमंत्री जी।

उन्होंने कहा कि मैं भाजपा के नेताओं से पूछना चाहता हूं कि जब आपके परिवार के ही यह हालात हैं, परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित होकर, वह भी एक दलित महिला जो आत्महत्या के लिए मजबूर हो रही है, इसको वह पारिवारिक मामला बता रहे हैं। यह कितना दुर्भाग्यजनक है। एक ओर तो दिल्ली के एक मामले को वह राष्ट्रीय मुद्दा बता रहे हैं, और दूसरे तरफ अपने ही मंडल अध्यक्ष को पारिवारिक मामला बता रहे हैं। मैं मध्यप्रदेश के गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी से यह कहना चाहता हूं कि वह इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर गंभीरता से जांच करायें और और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करें

भाजपा को प्रदेश में वोट प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद

2019 में मिले थे 58 फीसदी वोट, अब 62 फीसदी वोट की है उम्मीद


भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद भाजपा में समीक्षाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा पदाधिकारी एक बार फिर बूथ स्तर से फीडबैक ले रहे हैं। भाजपा का दावा है कि इस चुनाव में पार्टी का वोट ष्शेयर बढ़ेगा। भाजपा ने चुनाव के पहले 51 फीसदी वोट हासिल करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि पिछले चुनाव 2019 में उसे 58 फीसदी वोट हासिल हुए थे।

प्रदेश में भाजपा ने लोकसभा चुनाव के पहले ही प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत और वोट प्रतिशत 51 फीसदी पाने का लक्ष्य तय किया था। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के चार चरण पूरे हो जाने के बाद अब भाजपा ने कम मतदान को लेकर बूथ स्तर पर फिर एक बार समीक्षाएं करने का काम तेज किया है। इसके चलते भाजपा का आकलन है कि पार्टी के वोट प्रतिशत में उसे इस बार के चुनाव में भी खासी सफलता हासिल होगी। भाजपा पदाधिकारियों का आकलन है कि पिछले चुनाव 2019 में पार्टी को 58 फीसदी वोट हासिल हुए थे, इस बार यह बढ़कर 62 फीसदी तक पहुंच सकता है।

गौरतलब है कि संगठन ने वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव के पहले से ही बूथ मजबूत करने अभियान चलाया था। इस अभियान में प्रदेश के नेताओं के अलावा राश्टीय नेता भी शामिल हुए थे। इस दौरान बूथ पर तैनात कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपते हुए उसे बताया था कि हर बूथ पर 370 वोट पाने का लक्ष्य पार्टी ने रखा है। इस लक्ष्य की कैसे प्राप्ति की जाए इसकी जानकारी भी कार्यकर्ता को दी थी। पन्ना प्रमुख और अर्द्ध पन्ना प्रमुखों को भी अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। चुनाव के बाद किए जा रहे आकलन के आधार पर भाजपा को उम्मीद है कि उसका कार्यकर्ता मैदान में सक्रिय रहा। भाजपा का अपना वोट बढ़ाने मे ंवह सफल रहा है।

कभी घटा तो कभी बढ़ता रहा वोट प्रतिशत

भाजपा को 1991 के चुनाव के बाद से देखा जाए तो सिर्फ 2009 के चुनाव में वोट प्रतिशत कम हुआ था। देखा जाए तो 1991 के बाद से अब तक उसके वोट प्रतिशत में लगातार इजाफा ही हुआ है। 1991 में भाजपा को 41.88 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे। इसके बाद 1996 में 41.32 प्रतिशत, 1998 में 45.73 प्रतिशत, 1999 में 46.58 प्रतिशत, 2004 में 48.13 प्रतिशत, 2009 में 43.45 प्रतिशत, 2014 में 54.02 प्रतिशत और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अब तक का सबसे ज्यादा 58.00 प्रतिशत वोट हासिल हुआ था।

 


शुक्रवार, 17 मई 2024

भाजपा के आठ, कांग्रेस के दो विधायकों के क्षेत्र में हुआ सबसे कम मतदान

 अजय सिंह, गिरीश गौतम, हेमंत कटारे भी अपने क्षेत्र में नहीं बढ़ा पाए मत प्रतिशत


भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए चार चरणों में हुए मतदान में प्रदेश की दस सीटों पर सबसे कम मतदान हुआ है। जिनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम भी अपने क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत नहीं बढ़ा पाए हैं। कम मतदान वाले क्षेत्रों में आठ भाजपा के और दो कांग्रेस के वर्तमान विधायक हैं।

राज्य में 29 सीटों के लिए हुए मतदान में हर चरण में मतदान का प्रतिशत गिरना भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों के लिए चिंता का कारण भी बना है। दोनों ही दलों के वर्तमान विधायक चाहकर भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत नहीं बढ़वा सके हैं। दो चरणों के मतदान के बाद भाजपा संगठन ने साफ कर दिया था कि विधायकों की परफार्मेंस रिपोर्ट भी मतदान के प्रतिशत के आधार पर ही तय होगी। इसके बाद भी देखने में आाया कि राज्य के दस विधानसभा क्षेत्रों में जहां प्रदेश में सबसे कम मतदान हुआ है, वहां पर भाजपा के आठ विधायक हैं। जबकि कांग्रेस के दो विधायकों पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और विधानसभा में उपनेता हेमंत कटारे भी उन विधायकों में शामिल हैं, जिनके क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत काफी कम रहा है।

किस सीट से कौन है विधायक

चंदला में भाजपा के दिलीप अहिरवार, चुरहट में कांग्रेस अजय सिंह, सीधी से भाजपा की रीति पाठक,  भिंड में भाजपा के नरेन्द्र सिंह कुशवाह, अटेर में कांग्रेस के हेमंत कटारे, सिरमोर में भाजपा के दिव्यराज सिंह, त्योंथर में भाजपा के सिद्धार्थ तिवारी, मऊगंज में भाजपा के प्रदीप पटेल, मनगवां में भाजपा के नरेन्द्र प्रजापति और देवतालाब में भाजपा के गिरीश गौतम विधायक है। अटेर में तो मात्र 47.74 प्रतिशत ही मतदान हुआ, जबकि 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर मतदान का प्रतिशत 64.22 था। वहीं अजय सिंह के चुरहट विधानसभा क्षेत्र में 49.66 फीसदी मतदान हुआ है, वहीं 2023 के विधानसभा चुनाव में उनके क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत 71.07 रहा था।

दस विधानसभा क्षेत्र जहां सबसे कम हुआ मतदान

विस क्षेत्र              2023           2024

चंदला                 67.80            50.15  

चुरहट                 71.07             49.66

सीधी                   69.57             49.55

मऊगंज                67.91              49.25

मनगंवा                62.36              49.04

भिंड                     58.56              48.62

अटेर                     64.22              47.74

सिरमोर                 64.22              47.15

त्यौंथर                   68.66              45.80

देवतालाब               63.20              45.61


कांग्रेस करेगी समीक्षा, प्रत्याशियों से बुलाई रिपोर्ट

  प्रत्याशियों की बैठक 20 जून को, निष्क्रिय कार्यकर्ताओं की मांगी जानकारी


भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के परिणाम 4 जून को आएंगे। परिणामों के आने से पहले प्रदेश कांग्रेस ने 27 लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों को भोपाल बुलाया है। 20 मई को जीतू पटवारी सभी 27 लोकसभा प्रत्याशियों के साथ वन-टू-वन करेंगे। इस दौरान प्रदेश प्रभारी भंवर जितेन्द्र सिंह भी मौजूद रहेंगे।

बताया जा रहा है कि बैठक में पटवारी और जितेन्द्र सिंह लोकसभा प्रत्याशियों से चुनाव के अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा मतगणना के दौरान किस तरीके से सतर्क रहना है, उसके बारे में जानकारी भी दी जाएगी। प्रत्याशियों से चुनाव के दौरान कार्यकर्ता की सक्रियता के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। साथ ही कहां कमजोरी रही और मजबूती किस तरह से उनके क्षेत्र में रहे हैं, इसकी जानकारी भी प्रत्याशियों से बैठक में ली जाएगी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस चुनाव में निष्क्रिय रहे और भितरघात करने वालों के साथ अच्छा काम करने वाले नेता और कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट तैयार करवा रही है।  संगठन स्तर पर तो रिपोर्ट तैयार की ही जा रही है। वहीं समीक्षा के लिए प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  जीतू पटवारी ने 20 जून को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सभी 27 प्रत्याशियों की बैठक भी बुलाई है। बैठक में सभी प्रत्याशियों को रिपोर्ट लाने के लिए कहा गया है।

बदलाव के मिल रहे संकेत

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव किया था और अब लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव के संकेत मिलने लगे है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के कंट्रोल रूम में मिले फीडबैक के मुताबिक प्रदेश के जिलों के अध्यक्ष, जिला पार्टी पदाधिकारी और प्रदेश संगठन नेताओं की समीक्षा की जा रही है। जल्द ही कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन करेगी, इसके लिए पार्टी ने तैयारियां और विचार शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि निष्क्रिय रहे कार्यकर्ताओं पर बैठक के बाद कांग्रेस कार्रवाई कर सकती है।


चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही भाजपा

 पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आरोप


भोपाल। पूर्व कमलनाथ ने आरोप लगाया कि भाजपा की पोल खुल गई है। भाजपा चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर टिकी हुई है। कमलनाथ ने कहा कि देश की जनता को समझ आ गया है कि देश के विकास का मतलब जन-जन का विकास होता है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा के ढोल की पोल खुल गई है। भाजपा शुरू से ही चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने और जनता को बुनियादी मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है लेकिन जनता शिक्षा, रोज़गार, महंगाई और विकास जैसे बुनियादी मुद्दों पर टिकी हुई है. यह चुनाव देश की जनता की जागृति की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने कहा कि अब भारत के 140 करोड़ लोगों को अच्छी तरह समझ आ गया है कि देश के विकास का मतलब जन-जन का विकास होता है और यह विकास तब तक नहीं हो सकता, जब तक नौजवान को रोज़गार, किसानों को फ़सल का उचित मूल्य, महिलाओं को आर्थिक सहायता, व्यापारी को व्यापार करने का अनुकूल माहौल और समाज के वंचित वर्ग को बराबरी की हिस्सेदारी नहीं मिलती।

न्याय पत्र से जनता में जागी नई आशा

कमलनाथ ने दावा किया कि कांग्रेस के न्याय पत्र ने देश के नागरिकों में नई आशा और ऊर्जा का संचार किया है। चुनाव के पहले चार चरणों में मतदाता कांग्रेस के पक्ष में आए हैं और बाक़ी के तीन चरण में उससे भी ज़्यादा समर्थन कांग्रेस पार्टी को देने वाले हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है. मतदान का नतीजा 4 जून को आएगा।