गुरुवार, 3 नवंबर 2011

भाजपा में उभरे असंतोष के स्वर

भारतीय जनता पार्टी में अब सत्ता और संगठन के बीच असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं़ मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा अफसरों को आड़े हाथ लेने के बाद अब पार्टी के उपाध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने सरकार के मुखिया पर ही सवाल खड़ा कर दिया है़ पार्टी के कुछ विधायक पहले से ही सरकार द्वारा उनकी बात न सुने जाने को लेकर खफा हैं तो कुछ लाल बत्ती की चाहत वाले मुराद पूरी न होने से नाराज हैं़
अनुशासन की दुहाई देने वाली भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है़ सत्ता और संगठन के बीच तकरार साफ दिखाई देने लगी है़ मंत्रियों द्वारा लगातार विवादित बयानों के बाद अब संगठन के पदाधिकारी ही सरकार पर सवाल खड़ा कर रहे हैं़ हाल ही में नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा एक सेमिनार में यह कहकर सरकार और संगठन के सामने चिंता खड़ी कर दी थी कि अफसर किसी की सुनते ही नहीं हैं़ श्री गौर ने सेमिनार में सरकारी व्यवस्था को खूब कोसा़ गौर द्वारा यह कोई पहला अवसर नहीं था जब सरकार को कोसा गया हो़ गौर पहले भी सरकार को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं़ गौर के इस बयान पर सेमिनार में उपस्थित मणिपुर और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल ओ़एऩश्रीवास्तव ने सटीक टिप्पणी कर दी कि अगर अफसर नहीं सुनते तो सत्ताधारी दल क्या कर रहा है़ गौर द्वारा मंगलवार को दिए इस बयान के बाद बुधवार को संगठन चिंतित नजर आया, मगर कोई भी पदाधिकारी इस मामले में कुछ कहने को तैयार नहीं था़ गौर का मामला शांत हुआ ही था कि बुधवार को राज्य के उज्जैन शहर में भाजपा के रघुनंदन शर्मा ने प्रदेश के मुखिया सहित मंत्रियों को यह कहकर आड़े हाथ लिया कि मुखिया सहित मंत्री केवल घोषणा करते हैं, काम नहीं़ शर्मा द्वारा की गई इस टिप्पणी के बाद संगठन की चिंता बढ़Þ गई है़ शर्मा सिंहस्थ के लिए सरकार द्वारा नगर निगम को देने घोषित की गई राशि न देने को लेकर नाराज थे़ शासन ने सिंहस्थ के लिए 2011-12 के बजट में 56 करोड़ रुपए देने का प्रावधान किया है, लेकिन यह राशि विभागों को मिली नहीं है़ उन्होंने अफसरों को भी आड़े हाथ लिया़ शर्मा के इस बयान की जानकारी जब राजधानी भोपाल तक पहुंची तो सरकार और संगठन की चिंता बढ़Þ गई़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा के साथ संगठन महामंत्री अरविंद मेनन और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की बैठक हुई़ इसके बाद विवादित बयान देने वालों की जानकारी दिल्ली तक भेज दी गई़ बताया जाता है कि शर्मा ने जिस कार्यक्रम में यह मुद्दा उठाया उसकी सीडी बुलावकर दिल्ली भेजी है़ वहीं भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल भी आज भोपाल में पदाधिकारियों से चर्चा करते रहे, जबकि रघुनंदन शर्मा दिल्ली पहुंच गए़
भाजपा सरकार को घेरने के लिए पार्टी के ही लोगों द्वारा उठाए गए सवालों का यह कोई पहला अवसर नहीं है़ इसके पूर्व गौर के अलावा मंत्रियों में परिवहन एवं जेल राज्यमंत्री नारायण सिंह कुशवाह उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन,कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया, गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता के अलावा विवादों में रहे लोक निर्माण मंत्री नागेन्द्र सिंह, आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह, पर्यटन मंत्री तुकोजीराव पवार, खाद्य मंत्री पारस जैन के कारण सरकार घिरते नजर आई है़ मंत्रियों के अलावा समय-समय पर विधायकों ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं़ सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वाले विधायकों में सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक जुगलकिशोर बागरी, करेरा विधानसभा क्षेत्र के रमेश चंद्र खटीक, बिजावर की विधायक आशारानी सिंह, कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मोती कश्यप, मुड़वारा के विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार, जबलपुर पश्चिम के विधायक हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू, पूर्व मंत्री एवं हरदा के विधायक कमल पटेल,होशंगाबाद के विधायक गिरजाशंकर शर्मा, धार की विधायक नीना वर्मा हैं़ इनमें कमल पटेल, नीना वर्मा और होशंगाबाद के विधायक गिरजाशंकर शर्मा तो कई मर्तबा विधानसभा में सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं़ सरकार के खिलाफ कई मामले में वे ऐसे सवाल कर चुके हैं जिनके कारण मंत्री सदन में जवाब देने की स्थिति में नहीं रहे हैं़

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