भारतीय जनता पार्टी में सत्ता और संगठन के बीच उभरे आक्रोश के शिकार ब्राह्मण नेता होते जा रहे हैं़ पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा के बाद पन्ना जिला सहकारी बैंक के जिला अध्यक्ष संजय नगाइच, एनएचडीसी के सदस्य राजेश डोंगरे के बाद अब पार्टी के उपाध्यक्ष रघुनंदन शर्मा को पार्टी उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है़ ब्राह्मण नेताओं पर लगातार हो रही कार्यवाही से अब पार्टी के कुछ नेता इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं ब्राह्मण खफा न हो जाएं़ कुछ ब्राह्मण मंत्री भी दबी जुबान से शर्मा पर हुई कार्यवाही के खिलाफ नजर आ रहे हैं़
भारतीय जनता पार्टी में सत्ता और संगठन के बीच उभरे असंतोष को शांत करने के लिए पार्टी पदाधिकारियों द्वारा जो कार्यवाही की जा रही है, उनमें अधिकतर ब्राह्मण नेता शिकार हो रहे हैं़ लगातार इस तरह की कार्यवाही से पार्टी के ब्राह्मण नेताओं में नाराजगी भी दिखाई देने लगी है़ सरकार में मंत्री पद पर बैठे ब्राह्मण वर्ग के मंत्री से लेकर छोटे स्तर के कार्यकर्ता में अब पार्टी पदाधिकारियों को लेकर नाराजगी दिखाई देने लगी है़ पार्टी द्वारा अब तक किसी भी मुद्दे पर उभरे विवाद के बाद जो कार्यवाही की गई उसमें ब्राह्मण वर्ग के नेता ही शिकार हुए हैं, बाकी मामलों को पार्टी ठंडे बस्ते में डाल देती रही है़ पार्टी पदाधिकारियों द्वारा की गई इस तरह की कार्यवाही से पार्टी के ब्राह्मण नेता और सरकार में इस वर्ग के मंत्री खफा नजर आ रहे हैं़ खुलकर तो कोई सामने नहीं आ रहा है, लेकिन दबी जुबान से सब यही कहते नजर आ रहे हैं कि रघुनंदन शर्मा ने क्या गलत कहा था, जो उन्हें अनुशासन का डंडा दिखाया गया़ शर्मा के बहाने पार्टी अन्य नेताओं को दबाना चाहती है़
भाजपा ने अब तक पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा को सिर्फ आरोप लगते ही मंत्री पद से हटा दिया था़ उनसे पार्टी ने इस्तीफा ले लिया था़ इसके बाद राज्य के सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन द्वारा लगातार ब्राह्मण वर्ग के पार्टी नेतााओं विशेषकर जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष पद पर निर्वाचित नेताओं की उपेक्षा की जाती रही, लेकिन कई शिकायतों के बाद भी उन पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई़ इतना ही नहीं उन्हें हर मामले में संगठन और सरकार दोनों को ही अवगत करा दिया था़ इसके बाद भी हाल ही में पन्ना जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजय नगाइच और बिसेन के बीच नया विवाद उठा, जिसमें बिसेन ने उन्हें चोर तक कह डाला, मगर पार्टी ने जांच के बाद कोई कार्रवाई नहीं की़ इस मामले के बाद उमा भारती के समर्थक माने जाने वाले एनएचडीसी के सदस्य राजेश डोंगरे को पार्टी द्वारा सदस्य पद से हटा दिया गया़ डोंगरे को पार्टी के प्रदेश कार्यालय प्रभारी नंदकुमार सिंह चौहान की राजनीति का भी शिकार होना पड़ा़ श्री डोंगरे उमा भारती के अलावा स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस के समर्थक माने जाते हैं, और नंदकुमारसिंह चौहान एवं अर्चना चिटनिस के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं, इस कारण चौहान ने अपने कद का फायदा उठाते हुए राजेश डोंगरे को तो पद से हटवाया ही साथ ही उनके भाई आशीष डोंगरे जो तकनीकी शिक्षा में डायरेक्टर थे उन्हें भी हटवा कर पॉलीटेक्निक भोपाल का प्राचार्य बनवा दिया़ इसके बाद अब पार्टी पदाधिकारियों को रघुनंदन शर्मा द्वारा उठाए मुद्दे पर उन्हें सीख देते हुए उपाध्यक्ष पद से तो हटाया साथ ही दस दिन में जवाब देने की बात कहकर एक नोटिस भी थमा दिया है़ पार्टी द्वारा की गई इस कार्यवाही से ब्राह्मण नेताओं में खासी नाराजगी दिखाई देने लगी है़
ये भी हैं उपेक्षित
स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस, पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व सांसद डॉ़ राजेन्द्र पांडे, भोपाल के सांसद कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी, रीवा के पूर्व सांसद चंद्रमणि त्रिपाठी, होशंगाबाद के विधायक गिरजाशंकर शर्मा, पूर्व सांसद स्वर्गीय लक्ष्मीनारायण शर्मा के पुत्र शैलेन्द्र शर्मा, लघु उद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष बिपिन दीक्षित,रीवा जिले की देवतालाब विधासभा क्षेत्र के विधायक गिरीश गौतम, सीधी के विधायक केदारनाथ शुक्ल, सतना जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष कमलाकर चतुर्वेदी, पन्ना जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजय नगाइच, हाल में में संगठन मंत्री पद से हटाए गए अजय पांडे, चंद्रमोहन मिश्रा, कांग्रेस से भाजपा में आए बालेन्दु शुक्ल, कांग्रेस से भाजपा में आए नर्मदा प्रसाद शर्मा, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से भाजपा में आए सतेंदु तिवारी, गोंगपा से भाजपा में आए विष्णु शर्मा है़ इन नेताओं को इस बात का मलाल है कि पार्टी जब जातिगत वोट की जरुरत पड़ती है तो उनका उपयोग करती है, बाद में इन नेताओं की उपेक्षा शुरु हो जाती है़
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