बुधवार, 29 मई 2013

चुटका परमाणु बिजली परियोजना का विरोध, गोंगपा के नेतृत्व में होगा बड़ा आंदोलन

नर्मदा पर बने बरगी बांध के किनारे प्रस्तावित ‘चुटका मध्यप्रदेश परमाणु विद्युत परियोजना’ के विरोध में महाकौशल अंचल के आदिवासी अब लामबंद हो रहे हैं़ आदिवासियों ने यह तय कर लिया है कि यह परियोजना को यहां नहीं लगाया जाए़ आदिवासी 2 जून को एक बार फिर एकत्रित होकर विरोध की रणनीति तय करेंगे़ विरोध का नेतृत्व कर रही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और अन्य संगठन इस मुद्दे पर एक बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं़ मध्यप्रदेश के मण्डला जिले के चुटका में प्रस्तावित ‘चुटका मध्यप्रदेश परमाणु विद्युत परियोजना’ का विरोध अब तेज हो गया है़ परियोजना से प्रभावित मंडला जिले के बीजाडांडी , नारायणगंज विकासखंड और सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड के करीब 54 गांव प्रभावित हो रहे हैं़ इन प्रभावित गांवों को बचाने के लिए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, चुटका संघर्ष समिति, बरगी विस्थापित संघ के अलावा दर्जनों संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है़ प्रशासन द्वारा वहां पर प्रस्तावित जनसुनवाई को विरोध को देखते हुए स्थगित कर दिया, मगर आदिवासियों का यह विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है़ आदिवासियों ने इस परियोजना का विरोध करने के लिए अब 2 जून को जबलपुर में एक बैठक आयोजित की है़ इस बैठक में विरोध की रणनीति तय की जाएगी़ इसके बाद अगर प्रशासन ने जनसुनवाई का प्रयास किया तो उसे फिर विफल किया जाएगा़ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश महामंत्री बजारीलाल यादव ने बताया कि 2 जून की बैठक के बाद हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम से चर्चा कर यहां पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं़ राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा के बाद यह तय किया जाएगा कि आंदोलन किस रूप में और किस तरह से किया जाए़ विरोध का कारण * 1400 मेगावाट बिजली बनाने के लिए बरगी जलाशय से पानी लिया जाएगा एवं पुन: उस पानी को जलाशय में छोड़ा जाएगा़ इससे पानी प्रदूषित होगा और मनुष्यों सहित इस पर आश्रित सभी जैवित घटकों का जीवन खतरें में पढ़Þेगा़ * न्यूक्लियर पावर, कॉर्पोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड की गाइड लाइन के अनुसार परमाणु विद्युत परियोजनाओं को भूकंप वाले क्षेत्र में स्थापित नहीं किया जा सकता, किंतु इस महत्वपूर्ण बिन्दु को नजरअंदाज करते हुए हाई रिस्क जोन में यह परियोजना बड़ा खतरा उत्पन्न कर सकती है़ * पूर्व में बरगी बांध के कारण क्षेत्र के लोगों को हुए नुकसान की भरपाई हुई नहीं, अब इस परियोजना के कारण प्रभावित लोग और नुकसान झेलेंगे़ * परियोजना के मसौदे की तैयार 2000 पेज की रिपोर्ट अंग्रेजी में है़ इस रिपोर्ट को हिन्दी में देने की मांग़ मगर प्रशासन ने इस रिपोर्ट को मात्र 65 पन्नों में समेट दिया़ * वन क्षेत्र के दोहन से आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को बाहरी खतरा उत्पन्न होगा़ बरगी बांध की पीड़ा छेलने वाले आदिवासी अब दोबारा इस तरह की पीड़ा नहीं छेलना चाहते हैं़ विरोध में शामिल संगठन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, चुटका संघर्ष समिति, बरगी विस्थापित संघ, सद्भावना विचार मंच, नागरिक अधिकार मंच, अभिनय थियेटर मंच, रंग अभियान, त्रिवेणी परिषद, आदिवासी अधिकार जबलपुर, आजादी बचाओ आंदोलन, हमारा अधिकार अभियान,जनसंघर्ष मोर्चा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लेनिनवादी, पीपल्स इंनिशियेटिव अगेंस्ट न्युक्लियर पावर, आॅल इंडिया स्टूडेंट्स मध्यप्रदेश, क्रांतिकारी नौजवान भारत सभा, अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन मध्यप्रदेश, गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन भोपाल, मध्यप्रदेश महिला मंच, शिक्षा अधिकार मंच भोपाल, वुमेन अगेंस्ट सेक्शुअल वॉयलेंस एंड स्टेट रिप्रेशन मध्यप्रदेश़

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