भाजपा ने खेला दाव, विवेक तन्खा के मुकाबले मैदान में उतारा विनोद गोटिया को
मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा अपना कब्जा जमाने के लिए तीसरी सीट पर कांग्रेस को चुनौती दे डाली है. भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी विवेक तन्खा के खिलाफ मैदान में भाजपा के प्रदेश महामंत्री विनोद गोटिया को उतारा है. गोटिया ने संगठन के हरी झंडी मिलने के बाद दोपहर को भाजपा के उपाध्यक्ष विजेश लुनावत के साथ विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन भर दिया.
राज्यसभा की प्रदेश में रिक्त हो रही तीन सीटों में से एक सीट पर मतदान की स्थिति भाजपा ने निर्मित कर दी है. कांग्रेस के खाते वाली इस सीट पर कांग्रेस ने विवेक तन्खा को मैदान में उतारा था. तन्खा के मैदान में उतरने के साथ ही भाजपा में यह तैयारी शुरु हो गई थी कि तीसरी सीट पर भी चुनाव लड़ा जाए. वैसे तो तीसरी सीट के लिए भाजपा संगठन ने प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में ही यह फैसला कर लिया था कि प्रत्याशी मैदान में उतारा जाए. इसके चलते राष्ट्रीय नेतृत्व को जानकारी भी दे दी थी. इसके बाद सोमवार शाम से भाजपा संगठन ने इस मामले पर सक्रियता दिखाई और पार्टी के प्रदेश महामंत्री विनोद गोटिया को मैदान में उतारने का फैसला कर लिया था, मगर आज सुबह पूर्व सांसद फूलचंद वर्मा द्वारा चुनाव लड़ने की बात कहते हुए दावेदारी करने पर संगठन के सामने संकट खड़ा हुआ. वर्मा ने दलित कार्ड खेलते हुए अपना दावा पेश किया, इसके बाद वर्मा के दावे करने की बात को राष्ट्रीय नेतृत्व को बताया. करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद यह तय हुआ कि वर्मा नहीं, बल्कि गोटिया ही नामांकन भरेंगे.राष्ट्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलने के बाद गोटिया ने प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुनावत के साथ विधानसभा पहुंचकर दोपहर 2 बजे अपना नामांकन तीसरी सीट के लिए भर दिया. गोटिया के नामांकन फार्म पर दीपक जोशी, सुरेन्द्र नाथ सिंह, विष्णु खत्री, दिव्यराजसिंह, शंकरलाल तिवारी, पुष्पेन्द्र पाठक, केदारनाथ शुक्ला, कैलाश यादव, दिलीपसिंह परिहार प्रस्तावक बने हैं.
गोटिया ने नामांकन भरने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि नामांकन भरना और चुनाव लड़ने का उनका खुद का फैसला है. यह पूछे जाने पर की क्या राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें इस मामले में अनुमति दी है. इस पर उन्होंने कहा कि इस मामले में बाद में बात करेंगे.
बसपा ने बिगड़ा वर्मा का समीकरण
देवास से सांसद रहे फूलचंद वर्मा ने आज सुबह जब संगठन द्वारा तीसरी सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला तय होता देखा तो प्रदेश कार्यालय पहुंचकर दलित कार्ड खेलते हुए अपना दावा इस सीट के लिए ठोक दिया. वर्मा के दावे ने संगठन को उलझा दिया. संगठन ने इस मामले में पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से परामर्श किया, फिर बसपा विधायकों से इस मामले में परामर्श किया गया. इस पर बसपा ने वर्मा के नाम पर असहमति जताई. इसके बाद संगठन ने गोटिया के नाम पर मोहर लगाई और उन्हें तीसरी सीट के लिए प्रत्याशी घोषित कर उनका नामांकन भरा दिया.
दवे, अकबर ने सुबह भरा नामांकन
भाजपा के राज्यसभा के लिए घोषित उम्मीदवार अनिल माधव दवे और एम.जे.अकबर ने आज सुबह मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन भरा. आज सुबह दोनों उम्मीदवार पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय पहंचे और वहां पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सीधे विधानसभा पहुंचे. यहां पर दोनों उम्मीदवारों ने निर्वाचन अधिकारी भगवानदेव इसरानी के कक्ष में जाकर अपना नामांकन भरा. भाजपा के दोनों प्रत्याशी रैली के रुप में विधानसभा पहुंचे थे. अनिल दवे को भाजपा ने मध्यप्रदेश से ही तीसरी बार राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है. वहीं अकबर वरिष्ठ पत्रकार होने केअलावा भाजपा के प्रवक्ता भी हैं. उनके नाम की घोषणा भाजपा ने सोमवार की शाम को की थी. हालांकि उनके नाम की घोषणा पर प्रदेश संगठन खुद चकित रह गया था. पहले यह माना जा रहा था कि संघ की पसंद से दूसरी सीट के लिए प्रत्याशी बनाया जाएगा. अकबर आज सुबह ही विमान से भोपला पहुंचे, जहां उनका कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया.
राजनीतिक अनुभव का मिलेगा फायदा
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने विधानसभा परिसर में दोनों प्रत्याशियों के नामांकन भरे जाने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा के दोनों अधिकृत प्रत्याशी अनिल दवे और एम.जे.अकबर अच्छे व्यक्ति है. दोनों ही ने विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है. उनके राजनीतिक अनुभव का पार्टी और प्रदेश की जनता को लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि दवे पर्यावरण के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं. जबकि अकबर लेखक, चिंतक और पत्रिकारिता से जुड़े हैं. दोनों को प्रत्याशी बनाए जाने पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नेतृत्व का आभार माना.
भाजपा की रणनीति से चिंतित हुए कांग्रेसी
भाजपा द्वारा तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस नेताओं में चिंता होने लगी. सोमवार को ही कांगे्रस के दिग्गज नेताओं के साथ विवेक तन्खा ने अपना नामांकन भरा था. कांग्रेस इस बात से निश्ंिचत थी कि भाजपा पूर्व की भांति उसके लिए मैदान साफ रखेगी, मगर ऐसा नहीं हुआ. आज जब विनोद गोटिया ने तीसरी सीट के लिए अपना नामांकन भरा तो कांग्रेस नेता सक्रिय हो गए. वैसे कांग्रेस ने अपने विधायकों को लेकर तन्खा के नाम की घोषणा होने के साथ ही जमावट शुरु कर दी थी. विधायकों ने फार्म भरवा लिए थे. कांग्रेस के लिए अब तीसरी सीट चुनौति बन गई है. अब कांग्रेस दिग्गज नेताओं को एकजुट होकर इस चुनाव को लड़ने की रणनीति पर काम करेगी. कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के सहारे ही तन्खा की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा द्वारा तीसरी सीट के लिए चुनाव लड़ने का जो फैसला लिया गया, वह उचित नहीं है. चुनाव लड़ना प्रजातंत्र का हिस्सा है, मगर भाजपा जिस नियत के तहत यह कर रही है, उससे साफ है कि वह विधायकों की जोड़-तोड़ करेगी. अगर ऐसा होता है तो गलत है.