प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह एक बार फिर यात्राओं को लेकर घिर गए हैं. शिवराजसिंह की विकास यात्रा पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं, वहीं दिग्विजयसिंह की नर्मदा यात्रा को लेकर भाजपा उन्हें घेर रही है. यहां तक की भाजपा ने रणनीति के तहत उनकी इस यात्रा पर निगरानी रखने के लिए टीम बनाई है. वहीं प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबूलाल गौर ने शिवराज की नर्मदा यात्रा को शाही यात्रा बताया है.
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह की नर्मदा यात्रा कल शनिवार 30 सितंबर से शुरु हो रही है. उनकी इस यात्रा को लेकर भाजपा कुछ ज्यादा चिंतित नजर आ रही है. भाजपा का प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व खुद इस यात्रा पर नजर रखे हुए हैं. भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रत्रबुद्धे ने प्रदेश संगठन को निर्देश दिए हैं कि सिंह की इस यात्रा की प्रतिदिन की जानकारी उन्हें दी जाए. इसके अलावा उन्होंने पूरी परिक्रमा यात्रा की जानकारी उन्हें देने को कहा है.भाजपा के प्रदेश संगठन ने जहां-जहां से सिंह नर्मदा यात्रा के लिए गुजरेंगे वहां पर पदाधिकारियों के अलावा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करते हुए जानकारी जुटाने और संगठन को देने को कहा है. पार्टी पदाधिकारियों की माने तो दिग्विजयसिंह कहते कुछ और करते कुछ हैं, इस वजह से भाजपा उनकी इस यात्रा पर पूरी तरह नजर रखेगी. भाजपा नेता यह मानते हैं कि सिंह की यह यात्रा राजनीतिक है, जबकि सिंह इसे धार्मिक यात्रा बता रहे हैं.
शिवराज की शाही यात्रा, दिग्विजय सब छोड़े, चलें नंगे पैर
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने दिग्विजयसिंह की नर्मदा यात्रा पर तो सवाल खड़े किए ही हैं, साथ ही उन्होंने शिवराज की नर्मदा सेवा यात्रा पर भी तंज कसा है. उन्होंने कहा कि शिवराज की नर्मदा यात्रा तो शाही यात्रा थी. दिग्विजयसिंह को यह बताना चाहिए कि वे राजनीतिक यात्रा कर रहे हैं या फिर धार्मिक यात्रा. अगर राजनीतिक यात्रा कर रहे हैं तो उन्हें हेलीकाप्टर, बस या फिर अन्य साधनों से यात्रा करनी चाहिए. इसके लिए उन्हें छह माह नहीं लगाना चाहिए. अगर वे धार्मिक यात्रा कर रहे हैं तो उन्हें नंगे पैर चलकर पूरी यात्रा करनी चाहिए.उन्हें सारी सुविधाओं को त्याग देना चाहिए. यात्रा के दौरान किसी तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए.
प्रायश्चित यात्रा निकाले शिवराज
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा प्रदेश के स्थापना दिवस से प्रदेश में विकास यात्रा निकालने की घोषणा पर तंज कसा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री की इस यात्रा पर कहा कि 14 वर्ष शासन करने के बाद सरकार अब चुनावी वर्ष में विकास का रोडमेप बनाने और विकास यात्राएं निकालने की बात कह रही है, यह हास्यास्पद है. मुख्यमंत्री को किसानों की हुई हत्याएं और किसानों के अलावा आम नागरिक का महंगाई के चलते हो रहे दमन को लेकर प्रायश्चित यात्रा निकालनी चाहिए. सरकार ने विकास के रोडमेप के लिए विभिन्न कमेटिया गठित कर विकास की बात करने को कहा है, मगर ये सब चुनावी वर्ष में केवल शिलान्यास और भूमिपूजन तक ही सीमित रहेगा.
जनता के साथ मजाक कर रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शिवराज सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि 14 साल की भाजपा सरकार को तेरहवें साल में प्रदेश के चहुंमुखी विकास का रोडमैप बनाने की सुध आई. सिंह ने कहा कि इससे शिवराज सिंह चौहान की विकास के उपलब्धियों के दावे झूठे हैं, इसकी पुष्टि खुद सरकार कर रही है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान की इस बात पर कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेश के चहुंमुखी विकास का रोडमैप जनता को सौंपा जाएगा. इससे बड़ा मजाक इस प्रदेश की जनता के साथ हो नहीं सकता. उन्होंने कहा कि विकास यात्राएं करके अब जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं मुख्यमंत्री.
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह की नर्मदा यात्रा कल शनिवार 30 सितंबर से शुरु हो रही है. उनकी इस यात्रा को लेकर भाजपा कुछ ज्यादा चिंतित नजर आ रही है. भाजपा का प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व खुद इस यात्रा पर नजर रखे हुए हैं. भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रत्रबुद्धे ने प्रदेश संगठन को निर्देश दिए हैं कि सिंह की इस यात्रा की प्रतिदिन की जानकारी उन्हें दी जाए. इसके अलावा उन्होंने पूरी परिक्रमा यात्रा की जानकारी उन्हें देने को कहा है.भाजपा के प्रदेश संगठन ने जहां-जहां से सिंह नर्मदा यात्रा के लिए गुजरेंगे वहां पर पदाधिकारियों के अलावा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करते हुए जानकारी जुटाने और संगठन को देने को कहा है. पार्टी पदाधिकारियों की माने तो दिग्विजयसिंह कहते कुछ और करते कुछ हैं, इस वजह से भाजपा उनकी इस यात्रा पर पूरी तरह नजर रखेगी. भाजपा नेता यह मानते हैं कि सिंह की यह यात्रा राजनीतिक है, जबकि सिंह इसे धार्मिक यात्रा बता रहे हैं.
शिवराज की शाही यात्रा, दिग्विजय सब छोड़े, चलें नंगे पैर
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने दिग्विजयसिंह की नर्मदा यात्रा पर तो सवाल खड़े किए ही हैं, साथ ही उन्होंने शिवराज की नर्मदा सेवा यात्रा पर भी तंज कसा है. उन्होंने कहा कि शिवराज की नर्मदा यात्रा तो शाही यात्रा थी. दिग्विजयसिंह को यह बताना चाहिए कि वे राजनीतिक यात्रा कर रहे हैं या फिर धार्मिक यात्रा. अगर राजनीतिक यात्रा कर रहे हैं तो उन्हें हेलीकाप्टर, बस या फिर अन्य साधनों से यात्रा करनी चाहिए. इसके लिए उन्हें छह माह नहीं लगाना चाहिए. अगर वे धार्मिक यात्रा कर रहे हैं तो उन्हें नंगे पैर चलकर पूरी यात्रा करनी चाहिए.उन्हें सारी सुविधाओं को त्याग देना चाहिए. यात्रा के दौरान किसी तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए.
प्रायश्चित यात्रा निकाले शिवराज
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा प्रदेश के स्थापना दिवस से प्रदेश में विकास यात्रा निकालने की घोषणा पर तंज कसा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री की इस यात्रा पर कहा कि 14 वर्ष शासन करने के बाद सरकार अब चुनावी वर्ष में विकास का रोडमेप बनाने और विकास यात्राएं निकालने की बात कह रही है, यह हास्यास्पद है. मुख्यमंत्री को किसानों की हुई हत्याएं और किसानों के अलावा आम नागरिक का महंगाई के चलते हो रहे दमन को लेकर प्रायश्चित यात्रा निकालनी चाहिए. सरकार ने विकास के रोडमेप के लिए विभिन्न कमेटिया गठित कर विकास की बात करने को कहा है, मगर ये सब चुनावी वर्ष में केवल शिलान्यास और भूमिपूजन तक ही सीमित रहेगा.
जनता के साथ मजाक कर रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शिवराज सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि 14 साल की भाजपा सरकार को तेरहवें साल में प्रदेश के चहुंमुखी विकास का रोडमैप बनाने की सुध आई. सिंह ने कहा कि इससे शिवराज सिंह चौहान की विकास के उपलब्धियों के दावे झूठे हैं, इसकी पुष्टि खुद सरकार कर रही है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान की इस बात पर कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेश के चहुंमुखी विकास का रोडमैप जनता को सौंपा जाएगा. इससे बड़ा मजाक इस प्रदेश की जनता के साथ हो नहीं सकता. उन्होंने कहा कि विकास यात्राएं करके अब जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं मुख्यमंत्री.


