बुधवार, 4 नवंबर 2020

विदेशी पटाखों की बिक्री पर लगी रोक


दीपावली त्यौहार पर पटाखा बाजार इस बार पूरी तरह से स्वदेशी होगी। प्रशासन ने विदेशी पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यदि कोई भी व्यापारी विदेशी पटाखे बेचते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए तत्काल लायसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिए हैं।
दरअसल, भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने राज्य सरकारों को विदेशी पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर निर्देश जारी किए थे। जिसको लेकर प्रदेश का गृह मंत्रालय सख्त है और बाजार में विदेशी पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित कर दिया है। इसके लिए गृह सचिव ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिया है, जिसमें विदेशी पटाखों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए है। प्रशासन को विदेशी पटाखे सहित पोटेशियम नाइट्रेट से बने पटाखों को जब्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ई-कामर्स कंपनियों से विदेशी पटाखे मंगाने वालों पर भी नजर सख्त नजर रहेगी। प्रशासन ने विदेशी पटाखे की बिक्री पर नजर रखने के लिए एक टीम तैयार की है। यह टीम दुकानों पर जाकर पटाखों की जांच करेगी और इसके सैंपल भी लेगी। जांच में विदेशी पटाखा पाए जाने पर दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि दिवाली के समय बाजार में चीनी पटाखों की भरमार रहती थी, लेकिन इस साल चीन के साथ भारत के बिगड़े रिश्ते और आत्मनिर्भर भारत के साथ स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए बाजारों में सिर्फ बाजार में बने पटाखे ही बिकेंगे जो दिवाली की रौनक बढ़ाऐंगे।

अर्नब की गिरफ्तारी , लोकतंत्र विरोधीः शिवराज


 पत्रकार अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने बुधवार सुबह उनके घर पहुंचकर हिरासत में ले लिया और उन्हें वैन में बैठाकर अपने साथ ले गई। इस घटना की प्रदेष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि महाराष्ट्र सरकार का यह कृत्य लोकतंत्र विरोधी एवं पत्रकारिता विरोधी है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा कि  ‘महाराष्ट्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया है, प्रेस की आजादी छीन ली गई है। महाराष्ट्र में इमरजेंसी से बदतर हालात है। जिन्होंने लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया अंततः वे स्वयं समाप्त हो गए हैं। महाराष्ट्र सरकार के इस लोकतंत्र विरोधी कदम के पीछे पूरी तरह से कांग्रेस है। कांग्रेस ने पहले भी लोकतांत्रिक परंपराओं का तार-तार किया है।’
शिवराज ने अपने दूसरे ट्वीट में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘इमरजेंसी के समय कांग्रेस ने किस प्रकार पत्रकार और पत्रकारिता को कुचला था ये किसी से छुपा नहीं है। आज कांग्रेस के शह पर महाराष्ट्र सरकार ने इमरजेंसी जैसे हालात फिर बना दिये हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा लोकतंत्र विरोधी, पत्रकारिता विरोधी इस कृत्य की मैं घोर निंदा करता हूँ।’ वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि कांग्रेस की आपातकाल वाली मानसिकता अभी तक बरकार है और शिवसेना उनके साथ है।  आज अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार करके महाराष्ट्र सरकार ने लोकतंत्र के चैथे स्तंभ को कुचलने का काम किया है। इंतजार कर रहा हूँ कि समय - समय पर प्रेस की आजादी की दुहाई देने वाले कब बाहर निकलेंगे?

क्या संघ विधायकों की खरीद फरोख्त को समर्थन देता है?: दिग्विजय


प्रदेष में 28 सीटों के लिए मतदान हो चुका है, लेकिन नेताओं के आरोप प्रत्यारोप का दौर अब भी जारी है। प्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज संघ प्रमुख मोहन भागवत के भोपाल आगमन पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भागवत का भोपाल आने पर स्वागत करते हुए पूछा कि क्या संघ विधायकों की खरीद फरोख्त को समर्थन देता है?
संघ प्रमुख मोहन भागवत के भोपाल आगमन पर कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर संघ पर निशाना साधा। उन्होंने आज टवीट कर कहा कि मोहन भागवत  का भोपाल में पुनः हार्दिक स्वागत। क्या भाजपा की गिरती साख पर चर्चा करेंगे? क्या खुल कर करोड़ों में बिकने वाले पूर्व विधायकों को संघ के चाल चरित्र व चेहरे से परिचित कराएँगे? या संघ भी विधायकों की खरीद फरोख्त का समर्थन करती है? भागवत को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
गौरतलब है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत आज भोपाल पहुंचे है। वे  संघ के क्षेत्रीय कार्यकारी मंडल की 5-6 नवंबर को होने वाली बैठक में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। मध्य क्षेत्र यानी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के संघ पदाधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। भोपाल के शारदा विहार में आयोजित होने वाली इस बैठक में लगभग 40 लोग शामिल होंगे।

मतदान के बाद परिणाम पर मंथन में जुटे दल


शिवराज सिंह और कमलनाथ ने की पार्टी नेताओं के साथ चर्चा, ली जानकारी
मध्यप्रदेष में उपचुनाव के लिए हुए मतदान के बाद आज भाजपा और कांगे्रेस पार्टी के नेताओं ने मतदान के प्रतिशत के आधार पर विधानसभा क्षेत्रवार आकलन किया। वहीं मतगणना की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाई।
 पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने निवास पर विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी और पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में सभी सीटों के तहत फीडबैक लिया गया, वहीं मतगणना की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कमलनाथ सरकार के जो मंत्री थे, उन्हें विधानसभा वार जिम्मेदारी सौंपी थी। इन सभी मंत्रियों से मिलकर सिलसिलेवार फीडबैक लिया गया और मतगणना को लेकर क्या-क्या सावधानियां बरती जा रही हैं और क्या तैयारियां की जा रही हैं, उस पर चर्चा की गई। कांग्रेस ने भरोसा जताया है कि वह उपचुनाव की मतगणना के बाद फिर सरकार बनाने जा रही है।
वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने संगठन पदाधिकारियों से चर्चा की। प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्षर्मा के अलावा अन्य पदाधिकारियों से चर्चा कर उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी ली। मतगणना के प्रतिषत के आधार पर पार्टी नेताओं ने मंथन किया और मतगणना को लेकर रणनीति बनाई।
जनता का गुस्सा था कांग्रेस के खिलाफ
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  ने कहा कि प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ी है। जनता ने 15 महीने में कांग्रेस का भ्रष्टाचार देखा। कांग्रेस ने भाजपा सरकार की सारी योजनाएं बंद कर दी। उन्होंने कहा कि जनता का गुस्सा कांग्रेस के खिलाफ था। वहीं सत्ता में आने के बाद भाजपा ने विकास के सारे काम शुरू कर दिए। लिहाजा जनता भाजपा के साथ खड़ी है। उपचुनाव में प्रचार के दौरान कमलनाथ के अकेले सभाएं करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तो कांग्रेस पार्टी ही जानें। हमें किसी और से क्या लेना-देना है। हम और हमारी जनता काफी है. वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा इस बार दीवाली जनता की अच्छी मनेगी।
मुददा नहीं बचता तो कांग्रेस उठाती है सवाल
कांग्रेस द्वारा प्रशासन और ईवीएम पर सवाल उठाए जाने पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब जब कांग्रेस सवाल उठाती है, तब यह समझ जाइए कि, कांग्रेस हारने वाली है। जब कोई मुद्दा नहीं बचता तब कांग्रेस सवाल उठाना शुरू कर देती है. क्योंकि जब उनकी जीत होती है, तो ईवीएम सही हो जाती है और जब हारते है, तो ईवीएम खराब हो जाती है। उन्होंने कमलनाथ के द्वारा कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में 7 घंटे वोटिंग की मॉनिटरिंग करने पर तंज कसते हुए कहा कि, पहले ही बैठक कर लेते, तो अभी नहीं बैठना पड़ता. उनका कहना है कि मंैने सुना है कार्यालय में मूवर एंड पैकर्स भी आ गया था, सामान पैक करने वाला। इतनी भी जल्दी क्या है, 10 नवंबर तक प्रतिक्षा करें, आराम से 11 नवंबर को घर जाना।