मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा कि ‘महाराष्ट्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया है, प्रेस की आजादी छीन ली गई है। महाराष्ट्र में इमरजेंसी से बदतर हालात है। जिन्होंने लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया अंततः वे स्वयं समाप्त हो गए हैं। महाराष्ट्र सरकार के इस लोकतंत्र विरोधी कदम के पीछे पूरी तरह से कांग्रेस है। कांग्रेस ने पहले भी लोकतांत्रिक परंपराओं का तार-तार किया है।’
शिवराज ने अपने दूसरे ट्वीट में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘इमरजेंसी के समय कांग्रेस ने किस प्रकार पत्रकार और पत्रकारिता को कुचला था ये किसी से छुपा नहीं है। आज कांग्रेस के शह पर महाराष्ट्र सरकार ने इमरजेंसी जैसे हालात फिर बना दिये हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा लोकतंत्र विरोधी, पत्रकारिता विरोधी इस कृत्य की मैं घोर निंदा करता हूँ।’ वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि कांग्रेस की आपातकाल वाली मानसिकता अभी तक बरकार है और शिवसेना उनके साथ है। आज अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार करके महाराष्ट्र सरकार ने लोकतंत्र के चैथे स्तंभ को कुचलने का काम किया है। इंतजार कर रहा हूँ कि समय - समय पर प्रेस की आजादी की दुहाई देने वाले कब बाहर निकलेंगे?
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