मध्यप्रदेष में उपचुनाव के लिए हुए मतदान के बाद आज भाजपा और कांगे्रेस पार्टी के नेताओं ने मतदान के प्रतिशत के आधार पर विधानसभा क्षेत्रवार आकलन किया। वहीं मतगणना की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाई।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने निवास पर विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी और पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में सभी सीटों के तहत फीडबैक लिया गया, वहीं मतगणना की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कमलनाथ सरकार के जो मंत्री थे, उन्हें विधानसभा वार जिम्मेदारी सौंपी थी। इन सभी मंत्रियों से मिलकर सिलसिलेवार फीडबैक लिया गया और मतगणना को लेकर क्या-क्या सावधानियां बरती जा रही हैं और क्या तैयारियां की जा रही हैं, उस पर चर्चा की गई। कांग्रेस ने भरोसा जताया है कि वह उपचुनाव की मतगणना के बाद फिर सरकार बनाने जा रही है।
वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने संगठन पदाधिकारियों से चर्चा की। प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्षर्मा के अलावा अन्य पदाधिकारियों से चर्चा कर उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी ली। मतगणना के प्रतिषत के आधार पर पार्टी नेताओं ने मंथन किया और मतगणना को लेकर रणनीति बनाई।
जनता का गुस्सा था कांग्रेस के खिलाफ
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ी है। जनता ने 15 महीने में कांग्रेस का भ्रष्टाचार देखा। कांग्रेस ने भाजपा सरकार की सारी योजनाएं बंद कर दी। उन्होंने कहा कि जनता का गुस्सा कांग्रेस के खिलाफ था। वहीं सत्ता में आने के बाद भाजपा ने विकास के सारे काम शुरू कर दिए। लिहाजा जनता भाजपा के साथ खड़ी है। उपचुनाव में प्रचार के दौरान कमलनाथ के अकेले सभाएं करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तो कांग्रेस पार्टी ही जानें। हमें किसी और से क्या लेना-देना है। हम और हमारी जनता काफी है. वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा इस बार दीवाली जनता की अच्छी मनेगी।
मुददा नहीं बचता तो कांग्रेस उठाती है सवाल
कांग्रेस द्वारा प्रशासन और ईवीएम पर सवाल उठाए जाने पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब जब कांग्रेस सवाल उठाती है, तब यह समझ जाइए कि, कांग्रेस हारने वाली है। जब कोई मुद्दा नहीं बचता तब कांग्रेस सवाल उठाना शुरू कर देती है. क्योंकि जब उनकी जीत होती है, तो ईवीएम सही हो जाती है और जब हारते है, तो ईवीएम खराब हो जाती है। उन्होंने कमलनाथ के द्वारा कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में 7 घंटे वोटिंग की मॉनिटरिंग करने पर तंज कसते हुए कहा कि, पहले ही बैठक कर लेते, तो अभी नहीं बैठना पड़ता. उनका कहना है कि मंैने सुना है कार्यालय में मूवर एंड पैकर्स भी आ गया था, सामान पैक करने वाला। इतनी भी जल्दी क्या है, 10 नवंबर तक प्रतिक्षा करें, आराम से 11 नवंबर को घर जाना।
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