स्कूली पाठ्यक्रम में ‘भगवत गीता’ को शामिल किया जाना अब तय हो गया है़ पाठ्यचर्चा समिति की हुई माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड में बैठक में इसे हरी झंडी दे दी गई है़ समिति की द्वारा मिली हरी झंडी के बाद अब शासन के पास इसे अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा़ शासन की अनुमति के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र में छात्र ‘भागवत गीता’ को भी पढ़Þेंगे़
‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा, वहीं शासन इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय रहा़ शासन को गुरुवार को उस वक्त सफलता मिल गई जब माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड में पाठ्यचर्चा समिति की बैठक में समिति के सदस्यों ने इस मामले में अपनी सहमति जताई और ‘गीता’ को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की हरी झंडी दे दी़ पाठ्यचर्चा समिति की सहमति के बाद अब यह मसला एक बार फिर सरकार के पाले में चला गया है़ सरकार के पास यह अनुमोदन के लिए भेजा जा रहा है़ शासन इन पर अपनी अंतिम सहमति देकर अगले शैक्षणिक सत्र याने वर्ष 2012-2013 से ‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश देगा़ बताया जाता है कि पाठ्यक्रम में गीता को जीवन मूल्यों पर आधारित विषय को जोड़कर बनाया जाएगा़ कक्षा 1 से लेकर 12 वीं तक चित्रकथा, कहानी, आत्मकथा और निंबध के माध्यम से गीता का पाठ स्कूलों में पढ़Þाया जाएगा़
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इंदौर में करीब एक साल पहले एक समारोह में खुलकर इसकी घोषणा करते हुए यह भी कहा था कि अगर इसके लेकर विरोध हो भी तो उसकी उन्हें परवाह नहीं है, हम गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे़ उन्होंने कहा था कि अगर हम शिक्षा में बच्चों के लिए संस्कार हेतु सुधार की कोशिश करते है तो हम पर शिक्षा के भगवाकरण के आरोप तक लगाए जाते हैं़ उन्होंने कहा था कि गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़Þेगा और कर्म की शिक्षा देने के लिए यह जरुरी भी हैं़ इसके बाद कांग्रेस और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार इसे लेकर आरोप लगते रहे, लेकिन सरकार अपना काम करती रही़ यही वजह है कि अब इसे पाठ्यचर्चा समिति में भी अनुमति मिल गई और सिर्फ अब शासन की मंंजूरी का इसे इंतजार है़
‘गीता’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए करीब आधा दर्जन बैठकें हुई और राज्य शिक्षा केन्द्र की भी सहमति ली गई थी़ विभिन्न धर्मों के धर्माचार्यों और संगठनों एवं राजनीतिक दलों के विरोध को समिति ने यह कहकर नकार दिया कि पाठ्यक्रम में ‘भागवत गीता’ के शिक्षा दर्शन को ही कोर्स में शामिल किया जा रहा है, न कि ग्रंथ को़
रविवार, 8 जनवरी 2012
शनिवार, 7 जनवरी 2012
टू जी मामले में स्वामी ने कोर्ट को सौंपे सबूत

नई दिल्ली। टूजी घोटाले में गृहमंत्री पी. चिदंबरम की भूमिका को लेकर जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को सबूत कोर्ट को सौंप दिए। हालांकि अदालत ने मामले की सुनवाई 21 जनवरी तक के लिए टाल दी है। गौरतलब है कि स्वामी ने इस घोटाला मामले में चिदंबरम को आरोपी बनाने की मांग की है। इसके लिए कोर्ट ने स्वामी के आवेदन को स्वीकार कर लिया है।
स्वामी द्वारा मामले में सबूत सौंपे जाने के बाद विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने मामले की सुनवाई 21 जनवरी तक के लिए टाल दी। कोर्ट में सबूत पेश करते हुए स्वामी ने कहा कि इस मामले में राजा ने जो फैसले लिए उसमें उस समय के तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम की पूरी सहमति थी।
मंगलवार, 3 जनवरी 2012
सक्रिय हुई भाजपा, कांग्रेस
राजधानी में आज भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने एक-दूसरे को मैदान में घेरने की रणनीति तय की़ दोनों ही दलों ने आज कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारियों की बैठकें ली और मिशन 2013 के लिए मैदान में किसे क्या करना है यह तय किया़ भाजपा ने जहां कांग्रेस को घेरने और अपने को जनता के बीच भाजपा की सरकार को अच्छी सरकार होने की बात पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया़ वहीं कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भाजपा की सरकार के खिलाफ मैदान स्तर पर जंग छेड़ने की बात कही़ कांग्रेस ने किसानों की मांगों को लेकर जेल भरो आंदोलन की रणनीति तय की है़
मिशन 2013 के लिए राज्य के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी सक्रियता बढ़Þा दी है़ आज राजधानी में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने-अपने स्तर पर नीति तय की और बैठकें ली़ भाजपा ने जहां सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए किसान मोर्चा को सौंपी जिम्मेदारी के तहत किसान यात्रियों को प्रशिक्षण देना शुरु किया़ करीब दो सौ चुने हुए किसान यात्रियों को आज प्रदेश मुख्यालय दीनदयाल परिसर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा और संगठन महामंत्री अरविंद मेनन की उपस्थिति में यह प्रशिक्षण शुरु किया गया़ भाजपा ने यह प्रशिक्षण 16 जनवरी से शुरु हो रही बलराम यात्रा के लिए दिया है़ पार्टी द्वारा दो चरणों में यह प्रशिक्षण 10 जनवरी तक समाप्त हो जाएगा़ इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी बलराम यात्रा का शुभारंभ करेंगे़ इस यात्रा में राष्ट्रीय नेताओं भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनंत कुमार और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमति सुषमा स्वराज दोनों ही का रहना राजनीतिक दृष्टि से इस बात का संकेत देता है कि भाजपा प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए सक्रिय हो गई है़ गांव-गांव जनता के बीच पहुंचकर वह कांग्रेस को घेरने की तैयारी कर रही है,वहीं सरकार की योजनाओं का बखान भी वह इन यात्राओं के जरिए करेगी़
दूसरी ओर आज भोपाल में मानस भवन में कांग्रेस ने एक बैठक आयोजित की़ इस बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था़ बैठक का मुख्य लक्ष्य मिशन भाजपा हटाओ था़ बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीक़े़हरीप्रसाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह उपस्थित थे़ बैठक में कांग्रेस को प्रदेश स्तर पर सक्रिय करने के लिए नौ जनवरी को जेल भरो आंदोलन करने की तैयारी की गई़ वहीं किसानों की समस्याओं को लेकर जगह-जगह धरने प्रदर्शन करने एवं सरकार को घेरने की बात कही गई़ बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को साफतौर पर कहा गया कि वे पहले तो नौ जनवरी को आयोजित जेल भरो आंदोलन को सफल बनाएं और भाजपा की सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ें़ इसके अलावा अलग-अलग तरीके से आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई़ कांग्रेस ने आज की इस बैठक में इस बात का खुलासा किया कि वह किसी भी तरह से भाजपा को अब तीसरी मर्तबा सरकार बनाने का मौका नहीं देगी़
मकान, दुकान,खदान की जानकारी जुटाएं
कांग्रेस की आज हुई बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को कहा कि वे भाजपा के कार्यकर्ताओं,नेताओं,मंत्रियों के मकान, दुकान और खदानों की जानकारी जुटाएं़ कांग्रेस द्वारा सभी जिला अध्यक्षों को एक फार्म वितरित किया गया है, जिसमें अलग-अलग कालमों में उन्हें भाजपा नेताओं के बारे में जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को देनी है़ यह जानकारी 31 मार्च तक देने को कहा गया है़ जिलाअध्यक्षों से मांगी गई जानकारी के तहत भाजपा नेता का नाम, उसका वर्तमान पद, वर्ष 2003 में वह किस स्थिति में था, आज उसकी संपत्ति कितनी है़ वर्ष 2003 में भाजपा का कार्यकर्ता किस तरह के अपराध में लिप्त था और वर्तमान में उस पर कौन-कौन से अपराध दर्ज हैं़ इसके अलावा उस कार्यकर्ता की फोटो भी जानकारी के साथ देनी होगी़ कांग्रेस इस तरह की जानकारी एकत्रित कर बजट सत्र में भाजपा का कच्चा चिट्ठा खोलने की तैयारी के तहत तैयार करा रही है़
52 हजार गांव, 20 हजार मोटर साईकिल
भाजपा ने 16 जनवरी से शुरु हो रही बलराम यात्रा को 52 हजार गांवों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है़ इसके लिए उसने 20 हजार मोटर साईकिलों का इंतजाम करने की तैयारी भी की है़ इस यात्रा के माध्यम से किसान प्रहरी प्रदेश के 52 हजार गावों में पहुंचेंगे़ प्रत्येक मतदान केन्द्र से एक मोटर साइकल पर दो किसान कार्यकर्ता सवार होकर 5 दिन, 5 गांवों में पहुंचकर किसानों से रुबरु होंगे और गांव के किसानों तक मध्यप्रदेश सरकार का योजना संदश पहुंचाएंगे़ जो समस्याएंं हैं उनका अध्ययन कर राज्य सरकार से उनके समाधान की पहल करेंगे़ यात्रा में पहुंचे किसान प्रहरी किसानों और सरकार तथा पार्टी के बीच में सेतु बनेंगे़
मिशन 2013 के लिए राज्य के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी सक्रियता बढ़Þा दी है़ आज राजधानी में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने-अपने स्तर पर नीति तय की और बैठकें ली़ भाजपा ने जहां सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए किसान मोर्चा को सौंपी जिम्मेदारी के तहत किसान यात्रियों को प्रशिक्षण देना शुरु किया़ करीब दो सौ चुने हुए किसान यात्रियों को आज प्रदेश मुख्यालय दीनदयाल परिसर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा और संगठन महामंत्री अरविंद मेनन की उपस्थिति में यह प्रशिक्षण शुरु किया गया़ भाजपा ने यह प्रशिक्षण 16 जनवरी से शुरु हो रही बलराम यात्रा के लिए दिया है़ पार्टी द्वारा दो चरणों में यह प्रशिक्षण 10 जनवरी तक समाप्त हो जाएगा़ इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी बलराम यात्रा का शुभारंभ करेंगे़ इस यात्रा में राष्ट्रीय नेताओं भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनंत कुमार और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमति सुषमा स्वराज दोनों ही का रहना राजनीतिक दृष्टि से इस बात का संकेत देता है कि भाजपा प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए सक्रिय हो गई है़ गांव-गांव जनता के बीच पहुंचकर वह कांग्रेस को घेरने की तैयारी कर रही है,वहीं सरकार की योजनाओं का बखान भी वह इन यात्राओं के जरिए करेगी़
दूसरी ओर आज भोपाल में मानस भवन में कांग्रेस ने एक बैठक आयोजित की़ इस बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था़ बैठक का मुख्य लक्ष्य मिशन भाजपा हटाओ था़ बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीक़े़हरीप्रसाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह उपस्थित थे़ बैठक में कांग्रेस को प्रदेश स्तर पर सक्रिय करने के लिए नौ जनवरी को जेल भरो आंदोलन करने की तैयारी की गई़ वहीं किसानों की समस्याओं को लेकर जगह-जगह धरने प्रदर्शन करने एवं सरकार को घेरने की बात कही गई़ बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को साफतौर पर कहा गया कि वे पहले तो नौ जनवरी को आयोजित जेल भरो आंदोलन को सफल बनाएं और भाजपा की सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ें़ इसके अलावा अलग-अलग तरीके से आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई़ कांग्रेस ने आज की इस बैठक में इस बात का खुलासा किया कि वह किसी भी तरह से भाजपा को अब तीसरी मर्तबा सरकार बनाने का मौका नहीं देगी़
मकान, दुकान,खदान की जानकारी जुटाएं
कांग्रेस की आज हुई बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को कहा कि वे भाजपा के कार्यकर्ताओं,नेताओं,मंत्रियों के मकान, दुकान और खदानों की जानकारी जुटाएं़ कांग्रेस द्वारा सभी जिला अध्यक्षों को एक फार्म वितरित किया गया है, जिसमें अलग-अलग कालमों में उन्हें भाजपा नेताओं के बारे में जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को देनी है़ यह जानकारी 31 मार्च तक देने को कहा गया है़ जिलाअध्यक्षों से मांगी गई जानकारी के तहत भाजपा नेता का नाम, उसका वर्तमान पद, वर्ष 2003 में वह किस स्थिति में था, आज उसकी संपत्ति कितनी है़ वर्ष 2003 में भाजपा का कार्यकर्ता किस तरह के अपराध में लिप्त था और वर्तमान में उस पर कौन-कौन से अपराध दर्ज हैं़ इसके अलावा उस कार्यकर्ता की फोटो भी जानकारी के साथ देनी होगी़ कांग्रेस इस तरह की जानकारी एकत्रित कर बजट सत्र में भाजपा का कच्चा चिट्ठा खोलने की तैयारी के तहत तैयार करा रही है़
52 हजार गांव, 20 हजार मोटर साईकिल
भाजपा ने 16 जनवरी से शुरु हो रही बलराम यात्रा को 52 हजार गांवों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है़ इसके लिए उसने 20 हजार मोटर साईकिलों का इंतजाम करने की तैयारी भी की है़ इस यात्रा के माध्यम से किसान प्रहरी प्रदेश के 52 हजार गावों में पहुंचेंगे़ प्रत्येक मतदान केन्द्र से एक मोटर साइकल पर दो किसान कार्यकर्ता सवार होकर 5 दिन, 5 गांवों में पहुंचकर किसानों से रुबरु होंगे और गांव के किसानों तक मध्यप्रदेश सरकार का योजना संदश पहुंचाएंगे़ जो समस्याएंं हैं उनका अध्ययन कर राज्य सरकार से उनके समाधान की पहल करेंगे़ यात्रा में पहुंचे किसान प्रहरी किसानों और सरकार तथा पार्टी के बीच में सेतु बनेंगे़
डीजी लोकायुक्त के लिए बना पैनल
लोकायुक्त में रिक्त हुए पुलिस महानिदेशक पद के लिए सक्रियता बढ़Þ गई है़ लोकायुक्त पी़पी़नावलेकर ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक एसक़े़राउत से मुलाकात की़ दोनों की बीच हुई चर्चा के बाद चार अफसरों को एक पैनल बनाया गया है, जिसके मुताबिक यह माना जा रहा है कि इस पद पर अब एडीजी स्तर के पुलिस अधिकारी की पदस्थापना होगी़
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त डी़जीक़ापदेव के सेवानिवृत्त और लोकायुक्त पी़पी़नावलेकर के नया साल मनाकर वापस आने के बाद अब कापदेव के उत्तराधिकारी के लिए सक्रियता बढ़Þ गई है़ सोमवार को लोकायुक्त श्री नावलेकर और पुलिस महानिदेशक एसक़े़राउत के बीच इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई़ श्री कापदेव के स्थान पर जो नाम अब तक चल रहे थे, उन नामों को लेकर लोकायुक्त की रुचि कम नजर आई़ उनकी रुचि को देखते हुए श्री राउत ने पांच अफसरों का एक पैनल उन्हें दिया है़ बताया जाता है कि जो पैनल लोकायुक्त को दिया गया है उसमें सभी अफसर एडीजी स्तर के हैं़ श्री राउत द्वारा जो पैनल बनाया गया उसके मुताबिक सुरेन्द्र सिंह, स्वर्णसिंह, वीक़े़सिंह, संजय राणा और राजेन्द्र कुमार के नाम हैं़ ये पांचों अफसर एडीजी स्तर के हैं़
सूत्रों की माने तो सुरेन्द्र सिंह और संजय राणा के नाम पर लोकायुक्त की असहमति बताई जा रही है़ शेष तीन नामों में से किसी एक की नियुक्ति होना तय बताया जा रहा है़ लोकायुक्त में पुलिस महानिदेशक बनने के लिए पुलिस के डीजी स्तर के अफसरों की रुचि नहीं दिखाई दे रही है़ डीजी स्तर के कुछ अफसरों की सेवानिवृति का कम समय है इस कारण वे फरवरी में सेवानिवृत्त हो रहे राउत के स्थान पर अपनी पदस्थापना चाहते हैं़ बताया जाता है कि श्री राउत भी इस मामले में गंभीर हैं वे अपने स्थान पर अपने ही घेमे के किसी अफसर को बैठाना चाहते हैं़ फिलहाल इस मामले में सबसे आगे नंदन दुबे का नाम चल रहा है़ इसके बाद यशोधवर्धन आजाद के नाम के भी कयास लगाए जा रहे हैं़ वहीं अन्य अफसर भी जो डीजी स्तर के हैं वे राउत का स्थान लेना चाहते हैं, इस कारण वे लोकायुक्त में जाने से बच रहे हैं़
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त डी़जीक़ापदेव के सेवानिवृत्त और लोकायुक्त पी़पी़नावलेकर के नया साल मनाकर वापस आने के बाद अब कापदेव के उत्तराधिकारी के लिए सक्रियता बढ़Þ गई है़ सोमवार को लोकायुक्त श्री नावलेकर और पुलिस महानिदेशक एसक़े़राउत के बीच इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई़ श्री कापदेव के स्थान पर जो नाम अब तक चल रहे थे, उन नामों को लेकर लोकायुक्त की रुचि कम नजर आई़ उनकी रुचि को देखते हुए श्री राउत ने पांच अफसरों का एक पैनल उन्हें दिया है़ बताया जाता है कि जो पैनल लोकायुक्त को दिया गया है उसमें सभी अफसर एडीजी स्तर के हैं़ श्री राउत द्वारा जो पैनल बनाया गया उसके मुताबिक सुरेन्द्र सिंह, स्वर्णसिंह, वीक़े़सिंह, संजय राणा और राजेन्द्र कुमार के नाम हैं़ ये पांचों अफसर एडीजी स्तर के हैं़
सूत्रों की माने तो सुरेन्द्र सिंह और संजय राणा के नाम पर लोकायुक्त की असहमति बताई जा रही है़ शेष तीन नामों में से किसी एक की नियुक्ति होना तय बताया जा रहा है़ लोकायुक्त में पुलिस महानिदेशक बनने के लिए पुलिस के डीजी स्तर के अफसरों की रुचि नहीं दिखाई दे रही है़ डीजी स्तर के कुछ अफसरों की सेवानिवृति का कम समय है इस कारण वे फरवरी में सेवानिवृत्त हो रहे राउत के स्थान पर अपनी पदस्थापना चाहते हैं़ बताया जाता है कि श्री राउत भी इस मामले में गंभीर हैं वे अपने स्थान पर अपने ही घेमे के किसी अफसर को बैठाना चाहते हैं़ फिलहाल इस मामले में सबसे आगे नंदन दुबे का नाम चल रहा है़ इसके बाद यशोधवर्धन आजाद के नाम के भी कयास लगाए जा रहे हैं़ वहीं अन्य अफसर भी जो डीजी स्तर के हैं वे राउत का स्थान लेना चाहते हैं, इस कारण वे लोकायुक्त में जाने से बच रहे हैं़
प्रशिक्षित को ही काम
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अपनी पुरानी गलतियों को दूर करने के लिए संगठन स्तर पर फेरबदल के बाद अब कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार बनाना शुरु कर दिया है़ गोंगपा ने साफ संकेत दिया है कि जो कार्यकर्ता उसके प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होकर प्रशिक्षण लेगा उसे ही पार्टी काम देगी़ गोंगपा का प्रशिक्षण वर्ग मण्डला जिले के नामनगर में हो चुका है़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 2008 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद उसने अब मिशन 2013 के लिए अपनी तैयारी कुछ इस तर शुरु की है कि पिछली गलतियों जैसा कोई कदम इस बार न उठे़ पूर्व में गोंगपा द्वारा अपने से दूर हुए लोगों को वापस अपने दल में लाने का काम किया गया, उसमें उसे पूरी सफलता तो हासिल नहीं हुई,मगर कुछ लोगों को वह वापस लाने में सफल हो गई है़ इसके बाद संगठन में फेरबदल कर अब कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम शुरु कर दिया है़ गोंगपा ने इस बार कार्यकर्ताओं को साफ कह दिया है कि जो संगठन की सुनेगा उसे ही काम मिलेगा़ गोंगपा ने पहले तो अपना प्रदेश अध्यक्ष बदलकर कमल मरावी को जिम्मेदारी सौंपी और उसके बाद कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना शुरु किया़ हाल ही में मण्डला जिले में पार्टी ने एक प्रशिक्षण वर्ग लगाकर कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करना शुरु कर दिया़ इस प्रशिक्षण वर्ग में जोन स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया और उन्हें चुनाव के दौरान किस तरह के कार्य करने हैं इसके गुर सिखाए गए़ इन कार्यकर्ताओं को मतदान केन्द्र से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक में उन्हें क्या करना है इसकी जिम्मेदारी किस तरह निभानी है उसके बारे में बताया गया़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा इस तरह के अभ्यास वर्ग फिलहाल महाकौशल में ही लगेंगे इसके बाद अन्य अंचलों में अभ्यास वर्ग की शुरुआत होगी़ गोंगपा का लक्ष्य है कि इस तरह के अभ्यास वर्ग में हर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल हों और उन्हें उनके विधानसभा क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी देकर यह बताया जाए कि उन्हें चुनाव के दौरान किस तरह से काम करना है़ पार्टी का यह कदम भविष्य की रणनीति के तहत है़ गोंगपा के पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव के वक्त कार्यकर्ता को प्रशिक्षित करने के बजाय अगर अभी से उन्हें प्रशिक्षण देकर जिम्मेदारी तय कर दी जाए तो पार्टी के हित में होगा़ पार्टी को चुनाव के वक्त अपने प्रत्याशी और चुनाव प्रचार के बारे में ही सोचना पड़ेगा़ इस प्रकार के प्रशिक्षण को पार्टी पदाधिकारी यह मानते हैं कि चुनाव के वक्त ऐसे अवसर भी आते हैं जब मतदान केन्द्र पर बैठने के लिए उन्हें कार्यकर्ता ही नहीं मिलते हैं, इस कारण हमें जहां पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ना है वहां के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से तैयार कर जिम्मेदारी सौंपनी होगी़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 2008 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद उसने अब मिशन 2013 के लिए अपनी तैयारी कुछ इस तर शुरु की है कि पिछली गलतियों जैसा कोई कदम इस बार न उठे़ पूर्व में गोंगपा द्वारा अपने से दूर हुए लोगों को वापस अपने दल में लाने का काम किया गया, उसमें उसे पूरी सफलता तो हासिल नहीं हुई,मगर कुछ लोगों को वह वापस लाने में सफल हो गई है़ इसके बाद संगठन में फेरबदल कर अब कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम शुरु कर दिया है़ गोंगपा ने इस बार कार्यकर्ताओं को साफ कह दिया है कि जो संगठन की सुनेगा उसे ही काम मिलेगा़ गोंगपा ने पहले तो अपना प्रदेश अध्यक्ष बदलकर कमल मरावी को जिम्मेदारी सौंपी और उसके बाद कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना शुरु किया़ हाल ही में मण्डला जिले में पार्टी ने एक प्रशिक्षण वर्ग लगाकर कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करना शुरु कर दिया़ इस प्रशिक्षण वर्ग में जोन स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया और उन्हें चुनाव के दौरान किस तरह के कार्य करने हैं इसके गुर सिखाए गए़ इन कार्यकर्ताओं को मतदान केन्द्र से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक में उन्हें क्या करना है इसकी जिम्मेदारी किस तरह निभानी है उसके बारे में बताया गया़
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा इस तरह के अभ्यास वर्ग फिलहाल महाकौशल में ही लगेंगे इसके बाद अन्य अंचलों में अभ्यास वर्ग की शुरुआत होगी़ गोंगपा का लक्ष्य है कि इस तरह के अभ्यास वर्ग में हर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल हों और उन्हें उनके विधानसभा क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी देकर यह बताया जाए कि उन्हें चुनाव के दौरान किस तरह से काम करना है़ पार्टी का यह कदम भविष्य की रणनीति के तहत है़ गोंगपा के पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव के वक्त कार्यकर्ता को प्रशिक्षित करने के बजाय अगर अभी से उन्हें प्रशिक्षण देकर जिम्मेदारी तय कर दी जाए तो पार्टी के हित में होगा़ पार्टी को चुनाव के वक्त अपने प्रत्याशी और चुनाव प्रचार के बारे में ही सोचना पड़ेगा़ इस प्रकार के प्रशिक्षण को पार्टी पदाधिकारी यह मानते हैं कि चुनाव के वक्त ऐसे अवसर भी आते हैं जब मतदान केन्द्र पर बैठने के लिए उन्हें कार्यकर्ता ही नहीं मिलते हैं, इस कारण हमें जहां पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ना है वहां के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से तैयार कर जिम्मेदारी सौंपनी होगी़
रविवार, 1 जनवरी 2012
आक्रामक होंगे दल
नये साल के शुरु होते ही मध्यप्रदेश के राजनीतिक दलों ने अपने तीखे तेवर दिखाने और एक-दूसरे को घेरने की रणनीति तय करनी शुरु कर दी है़ मुख्य राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस दोनों ही ने आदिवासी अंचलों में अपनी सक्रियता साल के पहले ही दिन से बढ़Þा दी है और पार्टी पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए वे अब जल्द ही रणनीति तय करने की तैयारी कर रहे हैं़
बीता साल वर्ष 2011 मध्यप्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के लिए चिंता और चिंतत में बीत गया, मगर अब 2012 के शुरु होते ही इन दलों ने अपनी सक्रियता बढ़Þानी शुरु कर दी है़ नये साल के पहले दिन दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्षों की नजरें आदिवासी मतदाताआें पर टिकी रही़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया दोनों ही आज झाबुआ जिले के अलीराजपुर और अन्य आदिवासी अंचलों में आदिवासियों के बीच रहे और अपने-अपने तरीके से उन्होंने आदिवासियों को आकर्षित करने का काम किया़ झा और भूरिया दोनों ही ने पूर्व से ही तय किया था कि वे आदिवासी अंचलों में रहकर नया साल मनाएंगे, उसके पीछे मिशन-2013 की तैयारी साफ नजर आ रही थी़ हालांकि झाबुआ जिला भूरिया का अपना गृह जिला है, फिर वे वहां पर बीते अन्य सालों की अपेक्षा इस बार कुछ ज्यादा सक्रिय नजर आए़
नये साल के शुरु होते ही प्रदेश में भाजपा तीसरी बात सत्ता पाने के लिए मशक्कत करने की रणनीति बनाने की बात कहने लगी है़ वर्ष 2011 के अंतिम माह दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर में हुई कार्यसमिति की बैठक में भाजपा ने इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह वर्ष भर अब कांग्रेस को निशाने पर रखेगी़ इसके लिए उसने पहले तो सरकार की योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाने के लिए अपने मोर्चा-प्रकोष्ठों को सक्रिय कर दिया है़ भाजयुमो, महिला मोर्चा सहित अन्य मोर्चा पदाधिकारी अब इसी माह से संगठन के निर्देशों को पालन करते हुए सक्रियता बढ़Þाने की बात कहने लगे हैं़ वहीं पदाधिकारी सत्ता बचाने के लिए ताने-बाने बुनने लगे हैं़ पदाधिकारियों की सक्रियता इस बात को लेकर है कि कार्यकर्ता दुखी न हो और वह सक्रिय होकर संगठन की कार्ययोजना पर काम करता रहे़
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी साल के शुरुआत में ही तीखे तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं़ कांग्रेस द्वारा तीन जनवरी को राजधानी भोपाल में होने वाली बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा पदाधिकारियों और क्षेत्रीय नेताओं को भी बुलाया गया है़ कांग्रेस इस बैठक में भाजपा को घेरने की तैयारी कुछ इस तरह करना चाहती है कि ब्लाक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक को उसका कोई भी कार्यक्रम असफल न हो़ सभी तय कार्यक्रमों में कांग्रेस ऐसा आंदोलन छेड़े जिससे भाजपा की सरकार को वह घेर सके़ वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अच्छा तालमेल बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने जनवरी माह के पहले ही सप्ताह में बैठक बुलाकर कांग्रेस को सक्रिय करते हुए प्रदेश सरकार पर हमले करने की तैयारी कर दी है़ इस बैठक में भाजपा के खिलाफ किस तरह के आंदोलन की रणनीति तय की जाए, जिला स्तर पर कैसे आंदोलन हों और प्रदेश स्तर पर किस तरह का प्रदर्शन आंदोलन किया जाए इन सब बातों के अलावा अन्य रणनीति तय की जाएगी जिससे भाजपा के मंत्रियों और सरकार को घेरने का प्रयास किया जा सके़
भूरिया के अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह इसी माह से आम जनता से संपर्क करने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे़ वे कांग्रेस कार्यकर्ता को कांग्रेस नवंबर 2013 में होने वाले विधानसभा चुनाव कैसे जीते इसके लिए सक्रिय करेंगे़ श्री सिंह का प्रयास यह भी रहेगा कि प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता एक ओर भाजपा के खिलाफ आंदोलित हों़ अजयसिंह अपने दौरों में वहां के क्षेत्रीय नेताओं को साथ रखकर उन्हें संगठित होकर भाजपा के खिलाफ आंदोलन के लिए प्रेरित करेंगे़ कांग्रेस की इस कवायद से साफ नजर आता है कि पार्टी आठ साल से सत्ता से बाहर रहने के बाद अब पुन: सत्ता पाने को बेताब है और उसे पाने के लिए वह पूरी तरह रणनीति के साथ मैदान में आना चाहती है, इसके वह कार्यकर्ता से लेकर वरिष्ठत नेता और पदाधिाकारियों को एक करने में जुट गई है़
संगठन मजबूत करेगी सपा
राज्य में वैसे तो तीसरा मोर्चा बिखरा हुआ है, फिर भी छोटे दल भाजपा की सरकार को घेरने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं़ समाजवादी पार्टी का वैसे तो विधानसभा में वर्तमान में एक ही विधायक है और संगठन भी बिखरा हुआ है़ इस बात को स्वयं प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव मानते हैं़ श्री यादव का कहना है कि वे इस बार और अधिक मेहनत के साथ दौरे करेंगे और पूरे वर्ष भर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते रहेंगे़ श्री यादव ने बताया कि उनका पहला लक्ष्य संगठन को इतना मजबूत करना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही को इस बात का अहसास हो की कुछ सीटों पर सपा के उम्मीदवार उसे करारी शिकस्त दे सकतें हैं़
बसपा बढ़Þाएगी ताकत
बहुजन समाज पार्टी ने भी इस भी यह तय किया है कि वह वर्ष भर अपनी ताकत को बढ़Þाने और संगठन को मजबूत करने में लगाएगी़ बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आईएस मौर्य का कहना है कि हम इस वर्ष पूर्व ताकत से अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में काम करेंगे़ इसके अलावा जिन क्षेत्रों में हम कमजोर हैं वहां पर अपनी कमजोरी का पता लगाएंगे और उसे दूर करेंगे़ उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम संगठन को ब्लाक स्तर से जिला, जोन और प्रदेश स्तर तक सक्रिय कर प्रदेश सरकार के खिलाफ बढ़Þे-बढ़Þे आंदोलन करने की रणनीति तय करेंगे़ उन्होंने बताया कि जनवरी माह में ही हमारी नयी कार्यकारिणी का गठन हो जाएगा और इसके गठन के बाद जोन स्तर पर नेताओं को कार्यकर्ताओं को संगठित करते हुए आंदोलनों की रणनीति तय कर दी जाएगी़ श्री मौर्य ने कहा कि हमारा लक्ष्य मिशन-2013 में अधिक से अधिक सीटें पाना है़
आदिवासियों की बीच पैठ जमाएंगे
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल मरावी का कहना है कि हमारी प्राथमिकता एक बार फिर हमारी ताकत है़ हमारी ताकत से उनका आशय है कि आदिवासियों के दल के रुप में जिस तरह गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को पहचान मिली है हम फिर से संगठित होकर भाजपा को करारी शिकस्त देने की तैयारी करेंगे़ मरावी ने बताया कि नये साल के शुरु से ही आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर वे लगातार काम करेंगे इसके अलावा संगठन को एकता के सूत्र में बांधने का काम करेंगे़ युवाओं की टीम को जिम्मेदारी सौंप कर आदिवासियों के बीच हम पैठ जमाने का काम करेंंगे़ फिलहाल हमारा लक्ष्य महाकौशल है इसके बाद हम अन्य अंचलों में अपनी ताकत को बढ़Þाएंगे़ उन्होंने बताया कि 2013 के चुनाव में गोंगपा के अधिक से अधिक विधायक विधानसभा पहुंचे यह हमारा लक्ष्य है़
बीता साल वर्ष 2011 मध्यप्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के लिए चिंता और चिंतत में बीत गया, मगर अब 2012 के शुरु होते ही इन दलों ने अपनी सक्रियता बढ़Þानी शुरु कर दी है़ नये साल के पहले दिन दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्षों की नजरें आदिवासी मतदाताआें पर टिकी रही़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया दोनों ही आज झाबुआ जिले के अलीराजपुर और अन्य आदिवासी अंचलों में आदिवासियों के बीच रहे और अपने-अपने तरीके से उन्होंने आदिवासियों को आकर्षित करने का काम किया़ झा और भूरिया दोनों ही ने पूर्व से ही तय किया था कि वे आदिवासी अंचलों में रहकर नया साल मनाएंगे, उसके पीछे मिशन-2013 की तैयारी साफ नजर आ रही थी़ हालांकि झाबुआ जिला भूरिया का अपना गृह जिला है, फिर वे वहां पर बीते अन्य सालों की अपेक्षा इस बार कुछ ज्यादा सक्रिय नजर आए़
नये साल के शुरु होते ही प्रदेश में भाजपा तीसरी बात सत्ता पाने के लिए मशक्कत करने की रणनीति बनाने की बात कहने लगी है़ वर्ष 2011 के अंतिम माह दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर में हुई कार्यसमिति की बैठक में भाजपा ने इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह वर्ष भर अब कांग्रेस को निशाने पर रखेगी़ इसके लिए उसने पहले तो सरकार की योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाने के लिए अपने मोर्चा-प्रकोष्ठों को सक्रिय कर दिया है़ भाजयुमो, महिला मोर्चा सहित अन्य मोर्चा पदाधिकारी अब इसी माह से संगठन के निर्देशों को पालन करते हुए सक्रियता बढ़Þाने की बात कहने लगे हैं़ वहीं पदाधिकारी सत्ता बचाने के लिए ताने-बाने बुनने लगे हैं़ पदाधिकारियों की सक्रियता इस बात को लेकर है कि कार्यकर्ता दुखी न हो और वह सक्रिय होकर संगठन की कार्ययोजना पर काम करता रहे़
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी साल के शुरुआत में ही तीखे तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं़ कांग्रेस द्वारा तीन जनवरी को राजधानी भोपाल में होने वाली बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा पदाधिकारियों और क्षेत्रीय नेताओं को भी बुलाया गया है़ कांग्रेस इस बैठक में भाजपा को घेरने की तैयारी कुछ इस तरह करना चाहती है कि ब्लाक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक को उसका कोई भी कार्यक्रम असफल न हो़ सभी तय कार्यक्रमों में कांग्रेस ऐसा आंदोलन छेड़े जिससे भाजपा की सरकार को वह घेर सके़ वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अच्छा तालमेल बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने जनवरी माह के पहले ही सप्ताह में बैठक बुलाकर कांग्रेस को सक्रिय करते हुए प्रदेश सरकार पर हमले करने की तैयारी कर दी है़ इस बैठक में भाजपा के खिलाफ किस तरह के आंदोलन की रणनीति तय की जाए, जिला स्तर पर कैसे आंदोलन हों और प्रदेश स्तर पर किस तरह का प्रदर्शन आंदोलन किया जाए इन सब बातों के अलावा अन्य रणनीति तय की जाएगी जिससे भाजपा के मंत्रियों और सरकार को घेरने का प्रयास किया जा सके़
भूरिया के अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह इसी माह से आम जनता से संपर्क करने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे़ वे कांग्रेस कार्यकर्ता को कांग्रेस नवंबर 2013 में होने वाले विधानसभा चुनाव कैसे जीते इसके लिए सक्रिय करेंगे़ श्री सिंह का प्रयास यह भी रहेगा कि प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता एक ओर भाजपा के खिलाफ आंदोलित हों़ अजयसिंह अपने दौरों में वहां के क्षेत्रीय नेताओं को साथ रखकर उन्हें संगठित होकर भाजपा के खिलाफ आंदोलन के लिए प्रेरित करेंगे़ कांग्रेस की इस कवायद से साफ नजर आता है कि पार्टी आठ साल से सत्ता से बाहर रहने के बाद अब पुन: सत्ता पाने को बेताब है और उसे पाने के लिए वह पूरी तरह रणनीति के साथ मैदान में आना चाहती है, इसके वह कार्यकर्ता से लेकर वरिष्ठत नेता और पदाधिाकारियों को एक करने में जुट गई है़
संगठन मजबूत करेगी सपा
राज्य में वैसे तो तीसरा मोर्चा बिखरा हुआ है, फिर भी छोटे दल भाजपा की सरकार को घेरने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं़ समाजवादी पार्टी का वैसे तो विधानसभा में वर्तमान में एक ही विधायक है और संगठन भी बिखरा हुआ है़ इस बात को स्वयं प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव मानते हैं़ श्री यादव का कहना है कि वे इस बार और अधिक मेहनत के साथ दौरे करेंगे और पूरे वर्ष भर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते रहेंगे़ श्री यादव ने बताया कि उनका पहला लक्ष्य संगठन को इतना मजबूत करना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही को इस बात का अहसास हो की कुछ सीटों पर सपा के उम्मीदवार उसे करारी शिकस्त दे सकतें हैं़
बसपा बढ़Þाएगी ताकत
बहुजन समाज पार्टी ने भी इस भी यह तय किया है कि वह वर्ष भर अपनी ताकत को बढ़Þाने और संगठन को मजबूत करने में लगाएगी़ बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आईएस मौर्य का कहना है कि हम इस वर्ष पूर्व ताकत से अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में काम करेंगे़ इसके अलावा जिन क्षेत्रों में हम कमजोर हैं वहां पर अपनी कमजोरी का पता लगाएंगे और उसे दूर करेंगे़ उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम संगठन को ब्लाक स्तर से जिला, जोन और प्रदेश स्तर तक सक्रिय कर प्रदेश सरकार के खिलाफ बढ़Þे-बढ़Þे आंदोलन करने की रणनीति तय करेंगे़ उन्होंने बताया कि जनवरी माह में ही हमारी नयी कार्यकारिणी का गठन हो जाएगा और इसके गठन के बाद जोन स्तर पर नेताओं को कार्यकर्ताओं को संगठित करते हुए आंदोलनों की रणनीति तय कर दी जाएगी़ श्री मौर्य ने कहा कि हमारा लक्ष्य मिशन-2013 में अधिक से अधिक सीटें पाना है़
आदिवासियों की बीच पैठ जमाएंगे
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल मरावी का कहना है कि हमारी प्राथमिकता एक बार फिर हमारी ताकत है़ हमारी ताकत से उनका आशय है कि आदिवासियों के दल के रुप में जिस तरह गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को पहचान मिली है हम फिर से संगठित होकर भाजपा को करारी शिकस्त देने की तैयारी करेंगे़ मरावी ने बताया कि नये साल के शुरु से ही आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर वे लगातार काम करेंगे इसके अलावा संगठन को एकता के सूत्र में बांधने का काम करेंगे़ युवाओं की टीम को जिम्मेदारी सौंप कर आदिवासियों के बीच हम पैठ जमाने का काम करेंंगे़ फिलहाल हमारा लक्ष्य महाकौशल है इसके बाद हम अन्य अंचलों में अपनी ताकत को बढ़Þाएंगे़ उन्होंने बताया कि 2013 के चुनाव में गोंगपा के अधिक से अधिक विधायक विधानसभा पहुंचे यह हमारा लक्ष्य है़
जद यू को भाए आदिवासी
भाजपा और कांग्रेस के बाद अब जनता दल यू की नजरें आदिवासियों पर टिक गई है़ जद यू ने झाबुआ जिले के मामा बालेश्वर की जन्म स्थली तीन राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के आदिवासियों नेताओं का सम्मेलन आयोजित कर आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही है़ मध्यप्रदेश में पार्टी नेताओं ने आदिवासियों की जमीन अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को देने के मामले को मुद्दा बनाने और इस पर सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की रणनीति तय की है़
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को राज्य की आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर दम-खम लगाते देख अब जनता दल यू ने भी अपना ध्यान इस सीटों पर केन्द्रित कर विधानसभा चुनाव 2013 में मैदान में उतरने की रणनीति तय की है़ महाकौशल के बाद अब जनता दल यू प्रदेश में आदिवासी को अपनी ओर आकर्षित करने पर जोर लगाने की तैयारी कर चुकी है़ उसके चल रहे सदस्यता अभियान में भी आदिवासी उसके निशाने पर हैं़ राज्य के 150 विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे पहले चरण के सदस्यता अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं को आदिवासियों को ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने और पार्टी की ओर आकर्षित करने को कहा गया है़ जनता दल यू द्वारा बीते दिनों राज्य के झाबुआ जिले के बामनिया जो मामा बालेश्वर की कर्मभूमि हैं, वहां तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी ने अन्य मुद्दों के अलावा भविष्य रणनीति के तहत आदिवासियों को पार्टी की ओर आकर्षित करने पर जोर दिया़ इस सम्मेलन में मुख्यरुप से अवैध उत्खनन, आदिवासियों की जमीन को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को उद्योग के लिए देने के मुद्दे को लेकर पार्टी द्वारा आंदोलन छेड़ने को कहा गया है़ मध्यप्रदेश में अब जनता दल यू इस मुद्दे को लेकर जल्द ही सक्रिय होगा़
जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद यादव ने सम्मेलन से लौटकर लोकमत समाचार से चर्चा करते हुए कहा कि बामनिया में हुए सम्मेलन में हमने भविष्य की रणनीति तय की है़हम आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों के अलावा महाकौशल पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देंगे़ उन्होंने बताया कि राज्य में अवैध उत्खनन को लेकर पार्टी की सक्रियता है, इसके अलावा हम राज्य सरकार से आदिवासियों की जमीन अधिग्रहीत कर उद्योग के नाम पर पूंजीपतियों को देने के मामले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी कर रहे हैं़ इस मांग को लेकर जल्द ही आंदोलन भी किया जाएगा़ उन्होंने बताया कि प्रदेश की 150 विधानसभा क्षेत्रों में हमारा पहले चरण का सदस्यता अभियान जारी है, इसके बाद दूसरे चरण के सदस्यता अभियान में हम शेष विधानसभा क्षेत्रों को शामिल करेंगे़
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को राज्य की आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर दम-खम लगाते देख अब जनता दल यू ने भी अपना ध्यान इस सीटों पर केन्द्रित कर विधानसभा चुनाव 2013 में मैदान में उतरने की रणनीति तय की है़ महाकौशल के बाद अब जनता दल यू प्रदेश में आदिवासी को अपनी ओर आकर्षित करने पर जोर लगाने की तैयारी कर चुकी है़ उसके चल रहे सदस्यता अभियान में भी आदिवासी उसके निशाने पर हैं़ राज्य के 150 विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे पहले चरण के सदस्यता अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं को आदिवासियों को ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने और पार्टी की ओर आकर्षित करने को कहा गया है़ जनता दल यू द्वारा बीते दिनों राज्य के झाबुआ जिले के बामनिया जो मामा बालेश्वर की कर्मभूमि हैं, वहां तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी ने अन्य मुद्दों के अलावा भविष्य रणनीति के तहत आदिवासियों को पार्टी की ओर आकर्षित करने पर जोर दिया़ इस सम्मेलन में मुख्यरुप से अवैध उत्खनन, आदिवासियों की जमीन को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को उद्योग के लिए देने के मुद्दे को लेकर पार्टी द्वारा आंदोलन छेड़ने को कहा गया है़ मध्यप्रदेश में अब जनता दल यू इस मुद्दे को लेकर जल्द ही सक्रिय होगा़
जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद यादव ने सम्मेलन से लौटकर लोकमत समाचार से चर्चा करते हुए कहा कि बामनिया में हुए सम्मेलन में हमने भविष्य की रणनीति तय की है़हम आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों के अलावा महाकौशल पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देंगे़ उन्होंने बताया कि राज्य में अवैध उत्खनन को लेकर पार्टी की सक्रियता है, इसके अलावा हम राज्य सरकार से आदिवासियों की जमीन अधिग्रहीत कर उद्योग के नाम पर पूंजीपतियों को देने के मामले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी कर रहे हैं़ इस मांग को लेकर जल्द ही आंदोलन भी किया जाएगा़ उन्होंने बताया कि प्रदेश की 150 विधानसभा क्षेत्रों में हमारा पहले चरण का सदस्यता अभियान जारी है, इसके बाद दूसरे चरण के सदस्यता अभियान में हम शेष विधानसभा क्षेत्रों को शामिल करेंगे़
सदस्यता लें
संदेश (Atom)