भाजपा और कांग्रेस के बाद अब जनता दल यू की नजरें आदिवासियों पर टिक गई है़ जद यू ने झाबुआ जिले के मामा बालेश्वर की जन्म स्थली तीन राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के आदिवासियों नेताओं का सम्मेलन आयोजित कर आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही है़ मध्यप्रदेश में पार्टी नेताओं ने आदिवासियों की जमीन अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को देने के मामले को मुद्दा बनाने और इस पर सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की रणनीति तय की है़
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को राज्य की आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर दम-खम लगाते देख अब जनता दल यू ने भी अपना ध्यान इस सीटों पर केन्द्रित कर विधानसभा चुनाव 2013 में मैदान में उतरने की रणनीति तय की है़ महाकौशल के बाद अब जनता दल यू प्रदेश में आदिवासी को अपनी ओर आकर्षित करने पर जोर लगाने की तैयारी कर चुकी है़ उसके चल रहे सदस्यता अभियान में भी आदिवासी उसके निशाने पर हैं़ राज्य के 150 विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे पहले चरण के सदस्यता अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं को आदिवासियों को ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने और पार्टी की ओर आकर्षित करने को कहा गया है़ जनता दल यू द्वारा बीते दिनों राज्य के झाबुआ जिले के बामनिया जो मामा बालेश्वर की कर्मभूमि हैं, वहां तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी ने अन्य मुद्दों के अलावा भविष्य रणनीति के तहत आदिवासियों को पार्टी की ओर आकर्षित करने पर जोर दिया़ इस सम्मेलन में मुख्यरुप से अवैध उत्खनन, आदिवासियों की जमीन को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को उद्योग के लिए देने के मुद्दे को लेकर पार्टी द्वारा आंदोलन छेड़ने को कहा गया है़ मध्यप्रदेश में अब जनता दल यू इस मुद्दे को लेकर जल्द ही सक्रिय होगा़
जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद यादव ने सम्मेलन से लौटकर लोकमत समाचार से चर्चा करते हुए कहा कि बामनिया में हुए सम्मेलन में हमने भविष्य की रणनीति तय की है़हम आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों के अलावा महाकौशल पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देंगे़ उन्होंने बताया कि राज्य में अवैध उत्खनन को लेकर पार्टी की सक्रियता है, इसके अलावा हम राज्य सरकार से आदिवासियों की जमीन अधिग्रहीत कर उद्योग के नाम पर पूंजीपतियों को देने के मामले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी कर रहे हैं़ इस मांग को लेकर जल्द ही आंदोलन भी किया जाएगा़ उन्होंने बताया कि प्रदेश की 150 विधानसभा क्षेत्रों में हमारा पहले चरण का सदस्यता अभियान जारी है, इसके बाद दूसरे चरण के सदस्यता अभियान में हम शेष विधानसभा क्षेत्रों को शामिल करेंगे़
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें