मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की तबियत एक बार फिर से बिगड़ गई है. गौर को राजधानी के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है. 90 साल के गौर काफी समय से बीमार चल रहे हैं, डाक्टरों के अनुसार उनके फेंफड़ों में संक्रमण हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को हाल ही में तबियत खराब होने के बाद गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. वहां, एंजियोप्लास्टी होने के बाद गौर 27 जुलाई को भोपाल लौटकर आए थे. भोपाल लौटने के बाद बुधवार की शाम को फिर उनकी तबीयत अचानक खराब हुई, इसके बाद उन्हें राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. डाक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखने का फैसला किया, यहां अगले 48 घंटे तक बाबूलाल गौर आॅब्जर्वेशन पर रहेंगे. इलाज कर रहे डा. राजेश शर्मा ने बताया कि गौर की हालत चिंताजनक है, उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है. एंजियोप्लास्टी के बाद से कमजोरी बढ़ गई है. हृदय भी कमजोर हो गया है. उम्र के कारण रिकवरी धीमी है. गौर के बीमार होने की खबर लगते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा बाबूलाल गौर के देखने अस्पताल पहुंचे. इसके साथ ही मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट किया. चौहान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली. ईश्वर से शीघ्र उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट कर कहा कि बाबूलाल गौर के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली, मैंने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. ईश्वर उन्हें जल्द स्वस्थ करे.
उल्लेखनीय है कि बाबूलाल गौर 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उनके बाद शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. गौर लगातार 10 बार गोविंदपुरा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं. 2018 के चुनाव में पार्टी ने उनकी जगह उनकी बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया था. कृष्णा गौर गोविंदपुरा से पहली बार विधायक बनी हैं.

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा के निधन पर मध्यप्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई. प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने सुषमा स्वराज के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भावुक ट्वीट करते हुए कहा कि दीदी के अब हमारे बीच नहीं हैं, दीदी के बिना अब सब अधूरा लग रहा है. सुषमा स्वराज का मध्यप्रदेश गहरा नाता था, वे राज्य के विदिशा संसदीय क्षेत्र से दो बार सांसद निर्वाचित हुई थी और इसी दौरान वे विदेश मंत्री भी रही थी.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुषमा स्वराज के निधन पर भावुक ट्वीट करते हुए आज दीदी हमारे बीच नहीं हैं तो सब अधूरा सा लग रहा है. उनकी इच्छा के अनुरूप विदिशा समेत मध्यप्रदेश की सेवा ही उनके प्रति हम सबकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने लिखा कि दीदी ने हमेशा मुझे सीख दी. मुझे उनसे सदैव कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता रहा है. अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि वह हम सबको हमेशा के लिए छोड़कर चली गई हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सुषमा दीदी की जिह्वा पर साक्षात सरस्वती विराजती थीं, जो काम वो करती थीं, उस पर प्रतिष्ठा पाती थीं. चौहान ने कहा कि ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं. आप अपने जनसहयोग व राष्ट्र उत्थान के कार्यों के माध्यम से देश व दुनिया के लोगों के दिलों में सदैव जिंदा रहेंगी.
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शोक व्यक्त किया है. कमलनाथ ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि वे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बहन स्वराज के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि वो केवल एक राजनीतिक नहीं, एक समाज सेविका भी थीं. मैं उनके परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करता हूं. ईश्वर उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने कहा कि सुषमा दीदी की वक्तृत्व कला ने उनके राजनीतिक कॅरियर की शुरूआत से ही सभी को आकर्षित करना शुरू कर दिया था. कठिन से कठिन विषय को पूरी सरलता के साथ स्पष्ट करना उनकी विशेषता रही. पार्टी के प्रति उनका समर्पण अद्वितीय था. उन्होंने कहा कि मैं उनकी आत्मिक शांति की कामना करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे उनके परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.
भाजपा के महासचिव कैलाश विजयर्गीय ने कहा कि भाजपा की ओजस्वी नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन देश और पार्टी के अलावा उनकी व्यक्तिगत क्षति है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे. पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर कहा कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन की खबर ने मुझे स्तब्ध कर दिया हैं. ईश्वर उनकी दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस भारी दु:ख को सहन करने की शक्ति दे. वहीं भाजपा के पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने भी सुषमा स्वराज के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि वे एक बड़ी राजनेता के साथ अच्छी इंसान थी और किसी की भी मदद के लिए तैयार रहती थी. पूर्व सांसद आलोक संजर ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.
सदमें में उमा भारती
प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को जब इस बात का पता चला कि सुषमा स्वराज का निधन हो गया, इसके बाद से वे सदमे हैं. यह बात उन्होंने खुद फेसबुक पर लिखी है. उन्होंने लिखा कि मैं सुषमा स्वराज के निधन से स्तब्ध हूं, मैंने अपनी बड़ी बहन को खो दिया. उनका स्थान कोई नहीं ले पाएगा. उन्होंने लिखा कि सुषमा स्वराज के निधन की खबर कल रात 11.30 बजे लग गई थी. तभी मैंने उन्हें ट्वीट के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की, किंतु उसके तुरंत बाद से मैं बहुत सदमें में हूं तथा मैं इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रही हूं कि उनका निधन हो गया है. उनका ऐसे अचानक जाने का दुख मेरे साथ हर देशवासी को है. उन्होंने लिखा कि मैं भोपाल में हूं, सबेरे से ही मीडिया जगत मुझसे संपर्क करने के प्रयास में है. मैं अभी इस सदमे से संभलने में लगी हूं, कुछ बोल नहीं पाऊंगी.
मुख्य सचिव मोहंती ने वीडियो कांफ्रेंस में दिए निर्देश
मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहन्ती ने कहा है कि विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त से आरंभ होने वाले वित्तीय समावेशन एवं साक्षरता अभियान में आदिवासी जिलों के सभी ग्रामों, मजरों, टोलों को जोड़ा जाए. अभियान में आदिवासियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के साथ वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भी टीम भावना से कार्य करें.
मोहंती ने मंत्रालय में आयोजित वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिला कलेक्टरों को यह निर्देश दिए. उन्होंने वन अधिकार अधिनियम से संबंधित वन मित्र साफ्टवेयर के संबंध में भी चर्चा की. मोहंती ने संभागायुक्तों और कलेक्टरों से मिलावट के विरूद्ध जारी अभियान की प्रगति की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिलावट के विरूद्ध हुई कार्रवाई से सकारात्मक माहौल बना है. इसे निरंतर जारी रखना है. दूध और दूध से बनी सामग्री के साथ-साथ तेल और मसालों के सेम्पल का भी परीक्षण किया जाए और फलों को कार्बाइड से पकाने जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाए. उन्होंने कहा कि मिलावट की जघन्यता के अनुपात में ही मिलावट करने वालों पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. मोहंती ने कहा कि प्रदेश में मिलावटी नमूनों की जांच के लिये प्रयोगशालाओं के विस्तार और प्रकरणों में जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रेक कोर्ट स्थापित करने की कार्यवाही जारी है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अपनी सामान्य गतिविधियों के साथ-साथ मिलावट के विरूद्ध अभियान लगातार जारी रखे. वीडियो कांफ्रेंस में इन्दौर, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, रीवा, सागर के संभागायुक्त से उनके क्षेत्र में हुई कार्यवाहियों के संबंध में जानकारी ली गई.
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि हमारी भावी पीढ़ी आज के परिवेश में अपने मूल्यों, सभ्यता और संस्कृति को सुरक्षित रखे. यही वह ताकत है जिसने हमारे देश को पूरे विश्व में महान बनाया है.
नाथ आज विधानसभा में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान कर रहे थे. जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी समारोह में उपस्थित थे. मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि हमारे देश की सेना और धन हमारी असली शक्ति नहीं है, बल्कि अनेकता में एकता हमारी सबसे बड़ी पहचान और ताकत है. पूरे विश्व में कोई भी ऐसा देश नहीं है जहां इतनी विभिन्नता, जातियां, धर्म, भाषाएं, रस्म और त्यौहार हों जितने हमारे देश में है. इसके बाद भी हम एक तिरंगे झंडे के बीच पूरी एकता के साथ खड़े हैं. यही हमारी महानता है जिसे पूरा विश्व स्वीकार्यता है. मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी से कहा कि हमें अपनी इस पहचान को खोने नहीं देना है.
मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि भावी पीढ़ी बेहतर सोच, संस्कार, भारतीय मूल्यों और सभ्यता के साथ आगे बढ़े, शिक्षित हो यह चुनौती हमारी शिक्षण संस्थाओं और शिक्षकों के सामने हैं. हम सभी का प्रयास हो कि हमारे बच्चे जो देश का भविष्य है वे अपने मूल्यों और संस्कृति से जुड़ें. उन्होंने बच्चों से कहा कि स्कूल-कॉलेज से वे शिक्षित तो हो जाएंगे लेकिन ज्ञान उन्हें अपने परिवार, समाज देश से मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित होने की तो एक सीमा है लेकिन ज्ञान की कोई सीमा नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं आज भी रोज कोई न कोई नया ज्ञान प्राप्त करता हूं. यही ज्ञान हमारी शक्ति है. यही हमें अनुभव देता है और सदैव मुश्किल परिस्थितियों में हमारा मार्गदर्शन करता है. उन्होंने कहा कि हमारे पास आज अनेक साधन है इसका उपयोग अपने ज्ञान वृद्धि में करें. मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने की परंपरा शुरू करने पर आयोजकों को बधाई दी. उन्होंन कहा कि इससे जहाँ सफलता प्राप्त विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलता है वहीं दूसरे बच्चों को प्रेरणा प्राप्त होती है.
उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री कमल नाथ की मंशा के अनुसार नई पीढ़ी को आज की नई शिक्षा तकनीक से जोड़ने के लिए अगले एक साल में प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में 350 ई-लायब्रेरी और ई-लेब खोली जाएंगी. सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने 57 छात्राओं और 10 छात्रों को परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया. उन्होंने एवरेस्ट पर फतह करने वाली प्रथम महिला भावना डेहरिया का भी सम्मान किया.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक विश्वास का वातावरण बने, जिससे निवेशकर्ता यहां पर आकर्षित हो सकें. उन्होंने कहा कि हमारे पास हर क्षेत्र में मौके हैं, इसलिए मैं उद्योगपतियों से चर्चा कर उनका विश्वास प्रदेश को कैसे मिले, इस पर चर्चा करुंगा.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज यह बात पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही. मुंबई दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास है कि मध्यप्रदेश में निवेश आये, मध्यप्रदेश में एक विश्वास का वातावरण बने क्योंकि निवेश तभी आता है, जब एक विश्वास का वातावरण पैदा होता है और अपने प्रदेश में विश्वास का वातावरण बने, इसको लेकर मैं प्रयासरत हूं. मध्यप्रदेश के पास बहुत सारे मौके हैं कि निवेश आये. हमारे पास हर क्षेत्र में मौके हैं, इसलिए इस दौरे पर कई उद्योगपतियों से चर्चा कर उनका विश्वास प्रदेश को कैसे मिले, इस पर चर्चा करूंगा क्योंकि निवेश से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि हमारे नौजवानों का भविष्य, इससे आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी, रोजगार के नए मौके बढ़ेंगे. कई उद्योगपतियों से इस दौरान मुलाकात करूंगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनसे से चर्चा कर यह जानूंगा कि उनकी क्या सोच है, हमारी निवेश नीति कैसी हो, इस पर उनसे चर्चा करूंगा. हम नई निवेश नीति बनायेंगे, जो जिले पर आधारित हो, जो रोजगार पर आधारित हो, जो आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हो, रोजगार के साथ आर्थिक गतिविधियां भी बढ़े, यह हमारी सोच है.
लेपटाप के लिए विधायकों को दिए जाएंगे 50 हजार रुपए
मध्यप्रदेश में सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सेवानिवृत्त चिकित्सकों को फिर से सेवा में लेने का फैसला लिया है. इसके अलावा विधायकों को लेपटाप के लिए 50 हजार रुपए की राशि देने का निर्णय भी लिया है.
राज्य मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक के बाद राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मीडिया से चर्चा करते हुए यह जानकारी दी. जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने बताया कि विधायकों को लेपटाप के लिए 35 से 50 हजार रूपए का प्रस्ताव पास किया गया है. उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत विशेषज्ञों की कमी की पूर्ति के लिए मध्यप्रदेश सिविल पदों पर संविदा नियुक्ति नियम अनुसार सेवानिवृत्त विशेषज्ञ एवं स्नातकोत्तर चिकित्सा अधिकारियों की संविदा नियुक्ति के लिए व्यवस्थाओं को विभाग सापेक्ष संशोधित व्यवस्था लागू करते हुए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के अधीन विभागीय छानबीन समिति गठित करने की अनुमति दी. सेवानिवृत्त विशेषज्ञ एवं स्नातकोत्तर चिकित्सा अधिकारियों की संविदा नियुक्ति के लिए अंतिम अनुमोदन का अधिकार प्रशासकीय विभाग को देने की मंजूरी दी गई.
छिंदवाड़ा में उद्यानिकी महाविद्यालय
कैबिनेट बैठक में प्रदेश में जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के अन्तर्गत छिंदवाडा जिले में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया. महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2019-20 से शुरू कर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा.
मिगलानी बने रहेंगे मुख्यमंत्री के सलाहकार
उन्होंने बताया कि बैठक में प्रवीण कक्कर, संजय कुमार, आरके मिगलानी मुख्यमंत्री के सलाहकार बने रहेंगे, जिस पर केबिनेट ने मुहर लगा दी है. इनके अलावा कोटवार जाति को पिछड़ा वर्ग से हटाकर एससी में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.
घोघरी तथा वर्धा समूह जल प्रदाय योजना
मंत्रिमंडल की बैठक में बैतूल जिले में मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जाने के लिए प्रस्तावित घोघरी तथा वर्धा समूह जल प्रदाय योजनाओं लागत क्रमश: 235 करोड़ 87 लाख और 135 करोड़ 39 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया. इन दोनों योजनाओं का कार्य पूर्ण होने पर बैतूल जिले के कुल 255 ग्रामों को घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल व्यवस्था उपलब्ध होगी.
मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है सरकार
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज फिर मुख्यमंत्री कमलनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके पास मेरे खिलाफ सबूत हैं तो कार्रवाई करें. उन्होंने आरोप लगाया कि ईओडब्ल्यू तो कमलनाथ की कपिला गाय बन गई है.
मध्यप्रदेश में ई-टेंडरिंग घोटले को लेकर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर ईओडब्ल्यू का कसता शिकंजे को लेकर आज फिर मिश्रा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैं छात्र जीवन से राजनीति कर रहा हूं और मैं चुनौती देता हूं कि सबूत हो तो मेरे खिलाफ कार्रवाई करें. उन्होंने आरोप लगाया कि ईओडब्ल्यू तो कमलनाथ की कपिला गाय बन गई है. ई-टेंडर के माध्यम से मेरे चरित्र की हत्या की कोशिश की जा रही है. मेरे यहां आज तक कोई छापा नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि सरकार मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के काम कर रही है. ई टेंडर में 7 विभाग भी शामिल हैं, लेकिन उन विभागों के अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है. इसके माध्यम से कमलनाथ सरकार केवल मेरे चरित्र की हत्या करने की कोशिश कर रही है. वहीं इस मामले को लेकर मीडिया से चर्चा करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि राजनीतिक विद्वेष से अगर कमलनाथ, नरोत्तम को डराना चाहते हैं तो किसी मुगालते में ना रहें. नरोत्तम के साथ पूरी पार्टी खड़ी है,वे अकेले नहीं हैं.
उमा, शिवराज का मिला है समर्थन
ई-टेंडरिंग घोटाले को लेकर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर ई ओब्ल्यू द्वारा कसे जा रहे शिकंजे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और शिवराज सिंह चौहान भी मिश्रा के समर्थन में आ चुके हैं. पिछले दिनों उमा भारती ने टष्ट्वीट के जरिए कहा था कि मैं नरोत्तम मिश्रा को 1985 से जानती हूं वह मेरे सशक्त सहयोगी रहे हैं. उन्होंने कहा था कि सरकार द्वारा उनकी छवि को खराब करने का सरकार कुत्सिक प्रयास कर रही है जो निंदनीय है. उन्होंने कहा था कि मध्यप्रदेश में सरकार बने 7 महीने हो चुके हैं, अचानक इस प्रकार की कार्रवाई यह इंगित करती है कि मिश्रा का मनोबल गिराने का प्रयास हैं. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उमा भारती के बाद मिश्रा का समर्थन किया था. उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था कि नरोत्तम मिश्रा पार्टी के वरिष्ठ नेता है, कांग्रेस सरकार उन्हें जबरन फंसाने की कोशिश कर रही हे, जब ई-टेंडर में कुछ काम ही नहीं हुआ तो घोटाला कैसा. उन्होंने कहा कि पूरी पार्टी मिश्रा के साथ खड़ी है, यह सिर्फ दबाव की राजनीति है.