सोमवार, 2 सितंबर 2019

जब शिवराज ने ट्रेन में गाया भजन


मामा के नाम से पहचान बनाने वाले मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सत्ता में तो नहीं हैं, मगर आज भी उनका लोगों के बीच अंदाज वहीं है. इसका उदाहरण  रेल में सफर करते समय  तब दिखा जब रविवार की शाम को उन्होंने अपने सहयात्रियों के साथ भजन की महफिल जमा डाली. शिवराज ने जब ट्रेन में भजन गाना शुरु किया तो युवतियां और युवक दोनों ही जमकर थिरके और ताली बजाते हुए उनके साथ सुर-सुर में मिलाते नजर आए.
दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा जिले के गंजबासौदा से ट्रेन में सवार होकर विदिशा लौट रहे थे. इस दौरान उनके साथ विदिशा संसदीय क्षेत्र के सांसद रमाकांत भार्गव और कार्यकर्ता भी थे. ट्रेन में सफर के दौरान शिवराज सिंह द्वारा भजन गाने का वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने उसे पसंद भी खूब किया. भजन के इस वीडियो से पूर्व जब शिवराज ट्रेन में सवार हुए तो पहले तो उन्होंने यात्रियों से मुलाकात की और फिर उनके बीच बैठकर चर्चा करने लगे. 
इस दौरान शिवराज मामा ने यात्रियों के बीच भजन की शुरुआत कर दी. फिर क्या था यात्री भी उनके साथ सुर में सुर मिलने लगे और माहौल भक्तिनुमा हुआ गया. ट्रेन में सफर कर रहे युवतियां और युवकों सभी ने शिवराज के साथ तालियां बजाकर भजन गाना शुरु कर दिया और सभी ट्रेन के कोच में जमकर थिरके भी. इस दौरान किसे ने  मोबाईल से फोटो खींचे तो किसी ने मौके का फायदा उठाकर वीडियो बना लिय,, जो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है. वायर हुए इस वीडियो में शिवराज सिंह चौहान यात्रियों के साथ ‘मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है...’ भजन यात्रियों के साथ गाते नजर आ रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब शिवराज सिंह इस तरह लोगों के बीच जाकर आम आदमी की तरह उनसे मिल रहे है. इसके पहले भी वे चाहे सड़क मार्ग से गुजरे या फिर ट्रेन में सफर करें लोगों के बीच पहुंचकर चर्चा करते रहे हैं. 
वीडियो वायरल होने के बाद अपने इस यादगार सफर को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लोगों के साथ साझा किया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि भारत में रेलवे हमारे जीवन से कितनी जुड़ी हुई है, यह इसका प्रमाण है. सफर के दौरान यात्रियों का आपस में मेल-जोल भले ही क्षणिक होता है लेकिन काफी लंबे समय तक याद रह जाता है. धन्य है भारत की संस्कृति, ऐसा एकात्म का भाव सिर्फ हमारे देश में ही आ सकता है.

अध्ययन के बाद जरुरी हुआ तो जनहित में लेंगे फैसला


मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राज्य सरकार मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम पर अध्ययन के बाद आवश्यक होने पर जनहित में फैसला करेगी.
 कमलनाथ ने अपने ट्वीट में कहा कि इस अधिनियम का सरकार पूरा अध्ययन करेगी. सरकार के लिए जनहित प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों का अध्ययन कर इसका प्रस्ताव बनाने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. समझौता शुल्क को लेकर राज्य सरकार को निर्णय का अधिकार है. आवश्यक होने पर सरकार जनहित में निर्णय लेगी. 
मुख्यमंत्री से पहले रविवार को मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी अपने ट्वीट में कहा कि कानून लूट का साधन नहीं हो सकता है. कानून सहूलियत और नागरिकों एवं उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते है. केंद्र सरकार का मोटर व्हीकल एक्ट 2019 नोटबंदी की तरह एक तानाशाही फैसला है जिसका मुख्य शिकार गरीब और मध्यम वर्ग ही होगा. वहीं राज्य के कानून मंत्री पी.सी.शर्मा भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य में यह कानून लागू नहीं किया जाएगा. इसका पहले अध्ययन किया जाएगा. सरकार की ओर से इसे लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी भी नहीं किया गया है.

भजन, यज्ञ के बाद अब लगाए पोस्टर

सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने समर्थकों का जारी है दबाव

मध्यप्रदेश कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर दबाव की राजनीति थम नहीं रही है. ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग को लेकर उनके समर्थक लगातार कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बनाए हुए हैं. इसके चलते प्रदर्शन के अलावा कभी वे भजन करते हैं तो कभी यज्ञ का सहारा भी ले रहे हैं. आज सिंधिया समर्थकों ने एक पोस्टर के जरिए सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए कांग्रेस हाईकमान पर दबाव डाला है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों द्वारा सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के लिए लगातार कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बनाया जा रहा है. इसके चलते बीते दिनों सीहोर जिले में सिंधिया समर्थकों ने 24 घंटे तक भजन किए और इसके अलावा उज्जैन में सिंधिया फेंस क्लब के सदस्यों ने भगवान महाकाल की सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के लिए पूजा-अर्चना की. वहीं भिंड में सिंधिया समर्थकों ने सिंधिया के यज्ञ कर भगवान से प्रार्थना की कि सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए. आज सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर ग्वालियर में उनके समर्थकों ने एक पोस्टर लगा दिया है. समर्थकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बड़े -बड़े पोस्टर लगाए हैं. शहर में कई स्थानों में पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर में बिना दबाब में आए सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की गई है. 
दरअसल जब से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की कवायद शुरू हुई है तभी से उनके समर्थक उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार बता रहे है.  सिंधिया समर्थक मान रहे है कि महाराष्ट्र स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सिंधिया को मध्यप्रदेश से बाहर का रास्ता दिखा दिया है ऐसा ही कुछ मध्यप्रदेश में सरकार बनने के बाद हुआ था और उन्हें उत्तरप्रदेश का महासचिव बना दिया था. हालांकि प्रदेश अध्यक्ष की कवायद को लेकर चल रही उठापटक को लेकर मध्यप्रदेश में कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि जल्द ही सब कुछ ठीक होगा मगर वो ये भी कह रहे है कि कोई दबाव काम नहीं आएगा. 
दूसरी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंंह के समर्थक माने जाने वाले मंत्री डा. गोविंद सिंह की रविवार को दिल्ली में हुई सिंधिया से मुलाकात को लेकर भी चर्चा का दौर तेज हो गया है. हालांकि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है. गोविंद सिंह भी ग्वालियर चंबल अंचल से आते है, जहां सबसे ज्यादा मांग उठ रही है.

रविवार, 1 सितंबर 2019

नेता प्रतिपक्ष की सलाह दिग्विजय सिंंह पाकिस्तान जाकर रहने लगें


मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने किया पटलवार भार्गव ने कहा दिग्विजय सिंह का बयान उनके दिमागी दिवालियापन की निशानी है. भार्गव ने कहा कि दिग्विजय सिंह को अगर पाकिस्तान से प्रेम है तो वे पाकिस्तान चले जाएं और वहीं पर मकान बनाकर रहने लगे.
 नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने कहा कि जिस तरह की दिग्विजय सिंंह  बयानबाजी कर रहे है ठीक उसी तरह की भाषा पाकिस्तानी परस्त लोग भी बोलते हैं. भार्गव ने दिग्विजय सिंह को सलाह देते कहा कि अगर उन्हें पाकिस्तान से इतना ही प्रेम है, तो वह पाकिस्तान चले जाएं और वहीं मकान बनाकर रहे. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दिग्विजय सिंह कभी शहीदों की शहादत का अपमान तो कभी सैन्य कार्रवाई पर उंगली उठाकर सिर्फ लाइम लाइट में बने रहने के लिए बयानबाजी करते हैं. मुझे लगता है कि जिस तरह वे बयानबाजी करते है उससे  54 पर अटकी कांग्रेस सिर्फ 4 पर आकर ही लटक जाएगी. कांग्रेस की दयनीय हालत का जिम्मेदार है तो वह दिग्विजय सिंह की बयानबाजी ही है.

विकास के नाम पर राजनीतिक एजेंडा लागू कर रही सरकार

महाकाल मंदिर विकास का मुद्दा, भाजपा ने सौंपा राज्यपाल को ज्ञापन

प्रदेश सरकार उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर के विकास के नाम पर अपना राजनीतिक एजेंडा लागू कर रही है. इसके लिए न क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की राय ली जा रही है, न उनकी बात सुनी जा रही है. सरकार द्वारा बनाई गई मंत्रियों की समिति ऐसे निर्णय ले रही हैं, जिनसे स्मार्ट सिटी के प्रावधानों को उल्लंघन होता है.
 यह शिकायत उज्जैन से भाजपा सांसद  अनिल फिरोजिया, पूर्व मंत्री  पारस जैन, महापौर मीना जोनवाल, विधायक मोहन यादव एवं नगरपालिक निगम अध्यक्ष सोनू गहलोत ने प्रदेश के राज्यपाल  से ज्ञापन के माध्यम से की. जनप्रतिनिधियों ने महाकाल मंदिर क्षेत्र में प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मनमानी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की. बाद में जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश कार्यालय पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष व सांसद  राकेश सिंह को भी प्रदेश सरकार की मनमानी से अवगत कराया.
भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार और उसके द्वारा बनाई गई मंत्रियों की समिति ऐसा प्रचारित कर रही है, जैसे मंदिर क्षेत्र में वह भारी विकास करने जा रही है. जबकि फिलहाल इस क्षेत्र में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं, वे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा ही शुरू कराए गए थे, या स्वीकृत किए गए थे. ज्ञापन में कहा गया है कि नंदीहाल का विस्तार, महाकाल टनल, निकास द्वार, कोटितीर्थ कुण्ड तीर्थ एवं कार्तिकेय मंडप आदि के कार्य भाजपा सरकार द्वारा ही शुरू कराए गए थे. इस क्षेत्र में या मंदिर परिसर के बाहर भी जो काम चल रहे हैं, उनमें वर्तमान प्रदेश सरकार की कोई भूमिका नहीं है. ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के कामों के लिए 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार दे रही है, जबकि 50 प्रतिशत राशि नगरनिगम एवं प्रदेश शासन को देना था. लेकिन प्रदेश सरकार ने इस मद में अभी तक फूटी कौड़ी भी नहीं दी है.
राजनीतिक श्रेय लेने भाजपा कर रही विरोध
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि जिन लोगों ने अपनी 15 वर्ष की सरकार में करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक महाकाल मंदिर के विकास व विस्तार को लेकर कोई कार्य नहीं किया, जो लोग खुद को सबसे बड़ा धार्मिक बताते हैं वे आज कमलनाथ सरकार की भगवान महाकाल मंदिर के विकास, विस्तार व व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर बनाई गई 300 करोड़ की महत्वपूर्ण योजना का सिर्फ राजनीतिक श्रेय के लिए विरोध कर रहे हैं. सलूजा ने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने महाकाल मंदिर की सुध लेकर, उसके विकास, विस्तार व व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मंत्रालय में बैठक की है. बैठक में लिए  निर्णय का भाजपा सिर्फ इसलिए विरोध कर रही है कि उसमें उसको अपनी राजनीति खोती दिखाई दे रही है.

दिग्विजय और उनके नेता बोलते हैं पाकिस्तान की भाषा

दिग्विजय सिंह 
 संघ को लेकर दिए बयान पर भाजपा के निशाने पर आए पूर्व मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह संघ और भाजपा को लेकर दिए बयान पर भाजपा के निशाने पर आ गए हैं. भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो उनके बयान पर कहा कि दिग्विजय सिंंह खबरों में रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं. वे और उनके नेता पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं. मैं उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेता हूं और न ही देश लेता है.
पूर्व मुख्यमंत्री नेता दिग्विजय सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खबरों में बने रहने के लिए दिग्विजय सिंह इस तरह के बयान देते रहते हैं. शिवराज ने कहा कि वह और उनके नेता पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं, मैं उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेता हूं और न ही देश लेता है.
शिवराज सिंह चौहान 

चौहान ने ट्वीट कर कहा कि दिग्विजय सिंह जानबूझकर ऐसी बयानबाजी करते हैं, उनकी विश्वसनीयता नहीं बची है.  चौहान ने कहा कि वे उनके बयान को इसलिए गंभीरता से नहीं लेते हैं, क्योंकि सारा देश संघ और भाजपा की देशभक्ति से परिचित है और हमें उनके (दिग्विजय सिंह) प्रमाण की जरुरत नहीं है. चौहान ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह और उनके नेता जो पाकिस्तान चाहता है, वो बोलते हैं. ऐसे नेता को मैं भी गंभीरता से नहीं लेता हूं और न ही देश लेता है. उन्होंने कहा कि  पाकिस्तान अपने पत्र में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को 'कोट' करता है. 
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सिंह का यह बयान बेहद आपत्तिजनक है और कांग्रेस को इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सिंह पहले भी भाजपा और संघ को लेकर आधारहीन बयान देते आए हैं.
अप्रासंगिक व्यक्ति हो गए दिग्विजय: राकेश सिंह
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री  दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि सिंह जैसे अप्रासंगिक व्यक्ति के बयान पर भी उन्हें प्रतिक्रिया देनी पड़ती है. सिंह ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि कांग्रेस के लोग उस भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं, जिसके लिए राष्ट्रहित ही सर्वोपरि है. सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह और कांग्रेस, वे ही लोग हैं, जो अनुच्छेद 370 के समर्थन में छाती पीटते रहे और आज किस प्रकार की बातें करते हैं. नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व वाली पार्टी और सरकार की देशभक्ति और प्रतिबद्धता पूरा देश ही नहीं, विश्व भी जानता है.
यह कहा था दिग्विजय सिंह ने
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक विवादित बयान दिया है. दिग्विजय सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए मुस्लिमों से अधिक से गैर मुसलमान जासूसी कर रहे हैं. जम्मू कश्मीर पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि शेख अब्दुल्ला नेहरू पर भरोसा नहीं करते तो कश्मीर हमारे साथ नहीं होता. उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि, कश्मीर का हल जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत है. मेरा मानना है कि इसी से समस्या का निराकरण भी होगा.
खंडन कर बयान को बताया गलत
दिग्विजय सिंह ने भाजपा और बजरंग दल पर दिए अपने बयान का खंडन किया है. दिग्विजय सिंह ने दोनों पर दिए बयान को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि कुछ चैनल चला रहे हैं कि 'मैंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि आईएसआई से पैसा लेकर पाकिस्तान की जासूसी करते हैं. दिग्विजय ने इसका खंडन कर इसे पूरी तरह गलत बताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बजरंग दल व भाजपा के आईटी सेल के पदाधिकारी द्वारा आईएसआई से पैसे लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस ने पकड़ा है. मैंने यह आरोप  लगाया है, जिस पर मैं आज भी कायम हूं. चैनल वाले ये सवाल भाजपा से क्यों नहीं पूछते.
एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी 
 भाजपा और बजरंग दल पर दिग्विजय के बयानबाजी के बाद बजरंग दल दिग्जिवय सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है. बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी दिग्विजय सिंह के खिलाफ कोर्ट जाकर एफआईआर दर्ज कराएंगे. सोहन सोलंकी ने कांग्रेस को नसीहत दी है कि वो दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं को पार्टी से बाहर नहीं करेगी तो भारत से वो पूरी तरह बाहर हो जाएगी. सोलंकी ने दिग्विजय सिंह को नसीहत दी है कि वो अगर उन्हें ऐसे स्टेटमेंट देना है तो पाकिस्तान जाएं और पाकिस्तानियों के साथ जाकर रहे.

मध्यप्रदेश में लागू नहीं होगा नया मोटर वाहन एक्ट


केंद्र सरकार का नया मोटर वाहन एक्ट नियम मध्यप्रदेश में प्रभावशील नहीं होगा. कानून मंत्री पी.सी. शर्मा ने नए नियमों का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि नए नियम में जुर्माने की दरें काफी ज्यादा है, इससे लोगों को भारी परेशानी होगी. 
केंद्र सरकार की ओर से 1 सितंबर को जारी किए गए मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों को मध्यप्रदेश में लागू किए जाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है. दरअसल, राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस एक्ट को लेकर कोई भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. बताया जा रहा है कि इस एक्ट में संशोधन की संभावनाओं की तलाश की जा रही है. प्रदेश के विधि मंत्री पी.सी. शर्मा ने बताया कि इतना भारी जुर्माना बिना आम आदमी के बस की बात नहीं है. ऐसे में बीच का रास्ता निकाल ले जाने की कवायद की जा रही है. बता दे कि मध्य प्रदेश के अलावा देश के कई राज्यों में भी इस एक्ट का विरोध शुरू हो गया है. शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि अभी 250-250 रुपए का जुर्माना लगाने पर 20-25 फोन आते हैं, अगर इतना भारी जुर्माना लगेगा तो फोन ही बंद करना पड़ेगा साथ ही इससे आम आदमी का जीवन भी प्रभावित होगा हम इसे लागू नहीं होने देंगे और इसके लिए संशोधन की संभावना को तलाश कर सुधार किया जाएगा. 
विधि मंत्री का कहना है कि बिना प्रचार प्रसार के इतना भारी जुर्माना लगाना आम आदमी के हित में नहीं है. प्रधानमंत्री को संशोधन की संभावनाएं तलाशने के लिए भी कहा गया है इसके अलावा जरूरत हुई तो केंद्र सरकार से भी इस मसले पर विचार के लिए आग्रह किया जाएगा ताकि लोगों को कोई दिक्कत ना हो. वहीं मध्यप्रदेश के परिवहन आयुक्त शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने पड़ोसी राज्यों में लागू कंपाउंड फीस  का अध्ययन करने के बाद इस एक्ट को लेकर नोटिफिकेशन जारी करेगा.