रविवार, 1 सितंबर 2019

विकास के नाम पर राजनीतिक एजेंडा लागू कर रही सरकार

महाकाल मंदिर विकास का मुद्दा, भाजपा ने सौंपा राज्यपाल को ज्ञापन

प्रदेश सरकार उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर के विकास के नाम पर अपना राजनीतिक एजेंडा लागू कर रही है. इसके लिए न क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की राय ली जा रही है, न उनकी बात सुनी जा रही है. सरकार द्वारा बनाई गई मंत्रियों की समिति ऐसे निर्णय ले रही हैं, जिनसे स्मार्ट सिटी के प्रावधानों को उल्लंघन होता है.
 यह शिकायत उज्जैन से भाजपा सांसद  अनिल फिरोजिया, पूर्व मंत्री  पारस जैन, महापौर मीना जोनवाल, विधायक मोहन यादव एवं नगरपालिक निगम अध्यक्ष सोनू गहलोत ने प्रदेश के राज्यपाल  से ज्ञापन के माध्यम से की. जनप्रतिनिधियों ने महाकाल मंदिर क्षेत्र में प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मनमानी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की. बाद में जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश कार्यालय पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष व सांसद  राकेश सिंह को भी प्रदेश सरकार की मनमानी से अवगत कराया.
भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार और उसके द्वारा बनाई गई मंत्रियों की समिति ऐसा प्रचारित कर रही है, जैसे मंदिर क्षेत्र में वह भारी विकास करने जा रही है. जबकि फिलहाल इस क्षेत्र में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं, वे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा ही शुरू कराए गए थे, या स्वीकृत किए गए थे. ज्ञापन में कहा गया है कि नंदीहाल का विस्तार, महाकाल टनल, निकास द्वार, कोटितीर्थ कुण्ड तीर्थ एवं कार्तिकेय मंडप आदि के कार्य भाजपा सरकार द्वारा ही शुरू कराए गए थे. इस क्षेत्र में या मंदिर परिसर के बाहर भी जो काम चल रहे हैं, उनमें वर्तमान प्रदेश सरकार की कोई भूमिका नहीं है. ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के कामों के लिए 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार दे रही है, जबकि 50 प्रतिशत राशि नगरनिगम एवं प्रदेश शासन को देना था. लेकिन प्रदेश सरकार ने इस मद में अभी तक फूटी कौड़ी भी नहीं दी है.
राजनीतिक श्रेय लेने भाजपा कर रही विरोध
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि जिन लोगों ने अपनी 15 वर्ष की सरकार में करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक महाकाल मंदिर के विकास व विस्तार को लेकर कोई कार्य नहीं किया, जो लोग खुद को सबसे बड़ा धार्मिक बताते हैं वे आज कमलनाथ सरकार की भगवान महाकाल मंदिर के विकास, विस्तार व व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर बनाई गई 300 करोड़ की महत्वपूर्ण योजना का सिर्फ राजनीतिक श्रेय के लिए विरोध कर रहे हैं. सलूजा ने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने महाकाल मंदिर की सुध लेकर, उसके विकास, विस्तार व व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मंत्रालय में बैठक की है. बैठक में लिए  निर्णय का भाजपा सिर्फ इसलिए विरोध कर रही है कि उसमें उसको अपनी राजनीति खोती दिखाई दे रही है.

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