मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राज्य सरकार मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम पर अध्ययन के बाद आवश्यक होने पर जनहित में फैसला करेगी.
कमलनाथ ने अपने ट्वीट में कहा कि इस अधिनियम का सरकार पूरा अध्ययन करेगी. सरकार के लिए जनहित प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों का अध्ययन कर इसका प्रस्ताव बनाने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. समझौता शुल्क को लेकर राज्य सरकार को निर्णय का अधिकार है. आवश्यक होने पर सरकार जनहित में निर्णय लेगी.
मुख्यमंत्री से पहले रविवार को मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी अपने ट्वीट में कहा कि कानून लूट का साधन नहीं हो सकता है. कानून सहूलियत और नागरिकों एवं उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते है. केंद्र सरकार का मोटर व्हीकल एक्ट 2019 नोटबंदी की तरह एक तानाशाही फैसला है जिसका मुख्य शिकार गरीब और मध्यम वर्ग ही होगा. वहीं राज्य के कानून मंत्री पी.सी.शर्मा भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य में यह कानून लागू नहीं किया जाएगा. इसका पहले अध्ययन किया जाएगा. सरकार की ओर से इसे लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी भी नहीं किया गया है.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें