मंगलवार, 3 सितंबर 2019

दिग्विजय ब्लैकमेलर, रेत से लेकर शराब धंधे में लिप्त

दिग्विजय सिंह 
भाजपा हुई हमलावर, नरोत्तम ने कहा कांग्रेस सरकार दे रही रेत माफिया को संरक्षण

मध्यप्रदेश कांग्रेस में मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. वन मंत्री उमंग सिंघार ने आज फिर दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि वे रेत और शराब कारोबारी हैं. वे रेत और शराब माफिया को संरक्षण दे रहे हैं और ब्लैकमेल भी करते हैं.  सिंघार के इस बयान के साथ ही भाजपा भी हमलावर हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने रेत माफिया को संरक्षण दे रखा है. वे यह कहने से भी नहीं चूके कि कांग्रेस की सरकार को तो सिर्फ भगवान ही चला रहा है.
वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी को पत्र लिखने के बाद आज मंगलवार को सिंघार ने फिर से दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला. उन्होंने मीडिया से  चर्चा करते हुए कहा कि  सिंह जिस प्रकार सरकार पर दबाव बना रहे हैं, उन्होंने उस दबाव को दूर कराने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है. पर्दे के पीछे सरकार चालने और तबादले कराने के बाद अब उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर रेत और शराब कारोबारी होने का आरोप लगाया है. सिंघार ने कहा कि वे रेत और शराब कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं. उनका होशंगाबाद में रेत का धंधा चल रहा है. सिंघार यही नहीं रुके मीडिया के सामने वे यह भी कह गए कि अब आर-पार की लड़ाई है. दिग्विजयसिंह खुद उल्टे-सीधे धंधे कर रहे हैं. भाजपा के समय से जमे अधिकारियों को अब तक नहीं हटाया गया है. परिवहन आयुक्त पद पर एक ही अधिकारी सात साल से जमा है.  उन्होंने ये भी कहा कि सिंह अपनी बयानबाजी से कांग्रेस का नुकसान कराते हैं. सिंघार के इन बयानों के बाद सियासत में बवाल मच गया है. कांग्रेस
उमंग सिंघार
डैमेज कंट्रोल में जुट गई है.

उल्लेखनीय है कि सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दिग्विजयसिंह को लेकर शिकायत की थी. उन्होंने सोनिया गांधी से आग्रह किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह जिस प्रकार सरकार पर दबाव बनाते हैं, उस दबाव को खत्म कराया जाए.सिंघार का आरोप है किसिंह ब्लैकमेल भी करते हैं.
इन दिनों का आभास पहले हो जाता तो भ्रष्ट विचारधारा के खिलाफ नहीं लड़ता लड़ाई
मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने एक ट्वीट कर मध्यप्रदेश कांग्रेस के अंदर चल रही जंग को और तेज कर दिया है. उनका कहना है कि 15 साल तक हम लड़ते रहे, लेकिन पिछले आठ महीनों में जो हुआ उससे बहुत आहत हूं. अपने ट्वीट में अरुण यादव ने लिखा है कि मध्यप्रदेश में 15 सालों तक ईमानदार पार्टीजनों के साथ किए गए संघर्ष के बाद 8 महीनों में जो स्थितियां सामने आ रही हैं, उसे देखते हुए बहुत व्यथित हूं, यदि इतनी जल्दी इन दिनों का आभास पहले ही हो जाता तो शायद जान हथेली पर रखकर जहरीली और भ्रष्ट विचारधारा के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ता, बहुत आहत हूं.
इस सरकार को तो भगवान ही चला रहा है
नरोत्तम मिश्रा 
कांग्रेस में मचे घमासान को लेकर भाजपा भी हमलावर हो गई है. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान मध्यप्रदेश में बड़ी ही विचित्र स्थिति है. सुपर सीएम पीछे से सरकार को चला रहे हैं. मंत्री बोल रहे है की पर्दे के पीछे से दिग्विजय सिंह सरकार चला रहें हैं. मैं तो कहता हूं कि ये सरकार को तो सिर्फ भगवान चला रहा हैं. मध्यप्रदेश में आज हास्य की स्थिति बनी हुई है. विधायक ही बोल रहे हैं की मंत्री रेत माफिया को संरक्षण दे रहे हैं. विधायकों की बात को मंत्री ही नहीं सुन नहीं हैं. कांग्रेस में इस समय में संवादहीनता है. प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने माइनिंग की लूट मचा के रखी है.  माइनिंग माफियाओं को मंत्रियों और मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है.
प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ से पीछे हुए तो झलका दर्द
दिग्विजय समर्थक और राज्य के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि सिंह पर्देे के पीछे नहीं फ्रंटफुट पर खेलते हैं. वे प्रदेश के दस साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं और जनता के हितों की बात करते हैं. हमें विषय बताते हैं और हम वे काम भी करते हैं. सरकार कमलनाथ ही चला रहे हैं. इसी तरह कुछ अन्य मंत्री दिग्विजय के पत्र लिखकर अपने पत्रों पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगने को जायज ठहरा रहे हैं. शर्मा ने कहा कि उमंग सिंघार भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं.  शर्मा ने ये भी कहा कि बड़े नेताओं के नाम सामने आने पर सिंगार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दौड़ से पीछे हो गए हैं. इसी का दर्द उनके बयानों में झलक रहा है.

सिंधिया ने सरकार पर बोला हमला


पूर्व केन्द्रीय मंत्री और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य की कमलनाथ सरकार पर अवैध उत्खनन को लेकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध उत्खनन नहीं रुकना दुर्भाग्यपूर्ण है. अगर अवैध उत्खनन नहीं रोका गया तो मैं खुद इसके खिलाफ झंडा उठाऊंगा. सिंधिया ने प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कहा कि हाईकमान जो भी फैसला लेंगी, वह उन्हें स्वीकार है.
दो दिवसीय मध्यप्रदेश दौरे पर आज ग्वालियर पहुंचे सिंधिया ने यह बात कही. अवैध उत्खनन को लेकर उन्होंने कहा  कि मध्यप्रदेश में आज भी अवैध उत्खनन चल रहा है, ये शर्म की बात है. मध्यप्रदेश सरकार को उत्खनन पर रोक लगानी होगी. अगर अवैध उत्खनन नहीं रोका गया तो में खुद इसके खिलाफ झंडा उठाऊंगा. सिंधिया ने कहा कि हालात यह बन गए हैं कि एक-एक थाने से 50-60 लाख रुपए तक लिए जा रहे हैं. ये रुपए ऊपर तक जाते हैं. उन्होंने कहा कि मुझे दुख इस बात का है कि विधानसभा चुनाव के वक्त हमने जनता के बीच जाकर इसी मुद्दे को उठाया था और आज हम इसे खत्म नहीं कर पाए.  इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार को घोषणा पत्र याद दिलाते हुए कहा कि किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था. अब किसानों की भी कर्जमाफी भी ठीक तरह से होनी चाहिए. 
सिंधिया ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा से मध्यप्रदेश का बजट कम करती रही है. यूपीए सरकार और अब के सरकार की तुलना करके देख लिजिए. कितना फंड प्रदेश को दिया गया है. पहले शिवराज सिंह की सरकार थी तो जरा-जरा सी बात पर केंद्र पहुंच जाते थे.
हाईकमान का फैसला होगा सर्वमान्य
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान को लेकर सिंधिया ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जो निर्णय हाईकमान सोनिया गांधी लेंगी, वह सर्वमान्य होगा. सिंधिया समर्थक लगातार सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग कर रहे हैं. आज भी सिंधिया के ग्वालियर प्रवास के दौरान श्योपुर से आए एक सिंधिया समर्थक ने सिंधिया को अध्यक्ष न बनाए जाने पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल के सामने आत्मदाह तक की चेतावनी दे डाली.

गोपाल भार्गव ने उमंग को बताया शेर

गोपाल भार्गव 

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने वन मंत्री उमंग सिंघार को शेर बताया. उन्होंने कहा कि सिंघार साफ और बिना राजनीतिक नफा-नुकसान के बोलते हैं.
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री के अलावा सब की चल रही है. मुख्यमंत्री कौन है, समझ नहीं आता. अब तो हालात ये हैं कि अधिकारी कलम बंद कर बैठे हुए हैं. भार्गव ने कहा है कि वो सोनिया गांधी से मांग करते हैं कि प्रदेश दिवालिया की कगार पर है, सोनिया गांधी इस ओर ध्यान दें. साथ ही उन्होंने उमंग सिंघार का समर्थन करते हुए कहा है कि वह तो शेर हैं, साफ कहते हैं जो भी बोलते हैं बिना राजनीतिक नफा नुकसान के बोलते हैं. उन्होंने जो कुछ  भी कहा है उनकी बात में दम है.
सिंधिया हैं जननेता
 भार्गव ने कहा कि अब तो प्रदेश में हालात ऐसे हैं कि कलेक्टर अधिकारी कलम बंद करके बैठे हैं, इंतजार करते हैं कब मुख्यमंत्री का आदेश आएगा और वो कुछ लिखेंगे. वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के शिवपुरी में होने वाले शक्ति प्रदर्शन को लेकर गोपाल भार्गव ने कहा सिंधिया जन नेता हैं. उनका परिवार रसूखदार परिवार रहा है. कार्यकर्ताओं का उनके लिए शक्ति प्रदर्शन करना स्वाभाविक है. वहीं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि सिंधिया तो शिवपुरी में ही अपनी शक्ति खो चुके हैं.

सोमवार, 2 सितंबर 2019

डूब प्रभावितों के पूर्ण पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिलाया विश्वास, कहा सभी दावों का किया जाएगा निराकरण

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज लिखित वक्तव्य में नर्मदा आंदोलन की मेधा पाटकर को विश्वास दिलाया कि डूब प्रभावितों के पूर्ण पुनर्वास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. डूब प्रभावितों के सभी दावों का निराकरण किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा है कि मैं मेधा पाटकर और सभी नर्मदा बचाओ आंदोलन के साथियों को आश्वस्त करता हूं कि मेरी सरकार डूब प्रभावितों के पूर्ण पुनर्वास के लिए  प्रतिबद्ध है. डूब प्रभावितों के सभी दावों और मुद्दों का संपूर्ण निराकरण नर्मदा घाटी के गांव-गांव में शिविर लगाकर किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने वक्तव्य में कहा है कि मैं मेधा पाटकर से आग्रह करता हूं कि वे अपना अनशन समाप्त करें और डूब प्रभावितों के मुद्दों के त्वरित निराकरण में हमारा सहयोग दें. उन्होंने आश्वस्त किया है कि हमारा पूरा प्रयास होगा कि बांध के गेट खोले जाएं एवं पूर्ण स्तर तक जल भराव वर्तमान में स्थगित रखा जाए.
इसके पूर्व रविवार को बड़वानी जिले की प्रभारी मंत्री विजयालक्ष्मी साधौ मेघा पाटकर को अनशन तोड़ने के लिए मनाने के लिए पहुंची थी. इस दौरान डा. विजयलक्ष्मी साधों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मेघा पाटकर की फोन पर बातचीत कराई थी. मुख्यमंत्रीसे बातचीत करते हुए मेघा पाटकर ने कहा कि अधिकारियों ने जो जवाब दिया है वो पिछली सरकार का ही है उसमें नया नहीं है,  साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने इतने सालों तक झूठे शपथ पत्र कैसे दिए मगर इस बातचीत के बाद भी मेघा ने अनशन खत्म करने से इंकार कर दिया. हालांकि प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी साधौ का कहना है कि 15 साल पहले जब वो नर्मदा घाटी विकास मंत्री थी तब उन्होंने पीड़ितों के हक के लिए काम किया.
अनशन स्थल तक पहुंचा नर्मदा का पानी, चिंतित हुई सरकार
बड़वानी जिले के छोटा बड़ोद में चल रहा नर्मदा चुनौती सत्याग्रह के तहत मेधा पाटकर का अनशन आज नौवें दिन भी जारी रहा. मेधा के अलावा अनशन पर बैठे 10 प्रभावितों के अनशन का आज 5 वां दिन था. 
नर्मदा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते अनशन स्थल के आसपास भी रविवार की रात से पानी भरने लगा है, इसके बाद भी अनशन स्थल पर डूब प्रभावित बड़ी संख्या में डटे हुए हैं.   मेधा पाटकर के इस अनशन को देशभर से समर्थन भी मिल रहा है. अनशन स्थल पर पानी भरने के कारण मेधा पाटकर के साथ बैठे चार गांवों के प्रभावितों को लेकर प्रदेश सरकार की चिंता बढ़ी है, जिसके कारण सरकार की ओर से आज फिर मेधा पाटकर से अनशन समाप्त करने की अपील की गई है.


उमंग के बयान के बाद उठने लगे सवाल, कौन चला रहा सरकार

अपनों के ही निशाने पर दिग्विजय सिंह, मंत्रियों को पत्र लिखना पड़ा भारी

मध्यप्रदेश में कांग्रेस में चल रही उठापटक थमने का नाम नहीं ले रही है. प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही सियासत अभी थमी भी नहीं थी कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मंत्रियों को पत्र लिखना भारी पड़ गया. वन मंत्री उमंग सिंघार ने तो दिग्विजय सिंह पर सरकार को अस्थिर करने का आरोप तक लगा दिया. यहां तक की सिंघार ने कह दिया कि पर्दे के पीछे दिग्विजय सिंह ही सरकार चला रहे हैं. सिंघार के इस बयान के बाद भाजपा ने भी सिंह के खिलाफ बयानबाजी तेज कर दी और कांग्रेस नेताओं से यह पूछ लिया कि आखिर प्रदेश में सरकार कौन चला रहा है ?
मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता भले ही कहें कि  वरिष्ठ नेताओं के बीच गुटबाजी नहीं है, मगर आए दिन गुटबाजी के उदाहरण सामने आते जा रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर तीन गुटों कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया गुटों के दावेदार और उनके समर्थकों ने जिस तरह से मोर्चा खोला, उसके बाद प्रदेश की राजनीति गर्मा गई जो अब तक थमने का नाम नहीं ले रही है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंंह ने मंत्रियों को एक पत्र लिखकर यह जानकारी मांगी कि उन्हें जो काम उन्होंने (दिग्जिवयसिंह ने) बताए थे, उनका क्या हुआ. सिंह के इस पत्र के बाद प्रदेश में राजनीति गर्मा गई. कुछ मंत्रियों ने तो दिग्विजय सिंह को जवाब दे दिया और बताया कि उन्होंने अब तक क्या काम किया. मंत्रियों द्वारा कुछ ने तो पत्र का जवाब पत्र से दिया तो कुछ दिग्विजयसिंह के निवास पर पहुंचे और अपना पक्ष रखा. इस बीच यह मामला तब गर्माया जब रविवार को वन मंत्री उमंग सिंघार ने सिंह के इस पत्र पर सवाल उठा दिए.

वन मंत्री सिंघार ने धार में आयोजित एक कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा है कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं, प्रदेश की जनता को मालूम है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों को मालूम है सरकार कौन चला रहा है. दिग्विजय सिंह को पत्र लिखने की क्या जरूरत है. वन मंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से दिग्विजय सिंह द्वारा सरकार चलाने की बात कह रहे हैं. इतना ही नहीं वन मंत्री यहां तक कह गए कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे सरकार चलाते हुए कमलनाथ सरकार को अस्थिर कर रहे हैं. उन्होंने सिंह पर कटाक्ष भी किया कि उन्हें पत्र लिखने का शौक है और उनके पत्र सरकार को अस्थिर करने का ही प्रयास कर रहे हैं. 
अब तो मंत्री स्वीकारने लगे दिग्विजय चला रहे सरकार
वन मंत्री उमंग सिंघार के इस बयान के बाद एक बार फिर राजनीति गर्मा गई और भाजपा को मुद्दा मिल गया. भाजपा के प्रवक्ता डा. हितेश वाजपेयी ने कहा कि वन मंत्री का बयान सरकार की बदहाल स्थिति की ओर इशारा कर रहा है. उन्होंने कहा कि अब तो कमलनाथ के मंत्री भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि सरकार को दिग्विजय सिंह चला रहे हैं. वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि दिग्विजय सिंह के पत्र की भाषा से पता चलता है कि वे (दिग्विजय सिंह) चाहते हैं कि मंत्री उनके प्रति जिम्मेदार हों, न कि सरकार चला रहे कांग्रेस नेताओं के प्रति. उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग और अधिकारी  इस बात को लेकर भी उलझन में हैं कि प्रदेश में वास्तविक मुख्यमंत्री कौन है. इससे पता चलता है पार्टी के एक नेता द्वारा मंत्रियों को उनके प्रति जवाबदेह होने के लिए कहा जा रहा है. पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दिग्विजय सिंह पहले से ही सुपर सीएम है. सारंग ने कहा कि वन मंत्री के आरोप गंभीर हैं. कमलनाथ सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर सरकार कौन चला रहा है. 
सोनिया गांधी बताए कौन है असली मुख्यमंत्री 
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व संवैधानिक संकट पैदा हो गया है, मुख्यमंत्री कमलनाथ है, लेकिन कैबिनेट मंत्री कह रहे हैं असली सरकार तो दिग्विजय सिंह चला रहे हैं. दिग्विजय सिंह की चिठ्ठी जा रही है, कौन-कौन से काम हुए बताओ. क्या मंत्री को धमकाने का अधिकार उनको है.  शिवराज ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी  से अपील करता हूं कि वे हस्तक्षेप करें और बताएं कि मध्यप्रदेश का असली मुख्यमंत्री कौन है? हाईकमान तय करे कि सरकार कौन चलाए, अफसरों में  भी कंफ्यूजन है कि किसकी सुने, किसकी ना सुने.  पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये गंभीर बात है, क्योंकि ये हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि सरकार के मंत्री बयान दे रहे हैं कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं. अब सरकार को ये स्पष्ट कर देना चाहिए कि सरकार कौन चला रहा है.
दिग्विजय सिंह की है उपयोगिता
वन मंत्री उमंग सिंघार के बयान के बाद जब राजनीति गर्माई तो कांग्रेस नेता भी पार्टी के पक्ष में सफाई देने मैदान में उतरे. प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश के 10 साल मुख्यमंत्री रहे हैं. इसलिए उनकी उपयोगिता है और उनकी उपयोगिता का लाभ सरकार लेती है. जैसे उमंग का मंत्री बनाकर.  
कमलनाथ का सार्वजनिक जीवन है पारदर्शी
कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के सार्वजनिक जीव में किसी के पर्दे के पीछे खड़े होने का सवाल नहीं उठता, क्योंकि कमलनाथ की सरकार पारदर्शी सरकार है. उन्होंने कहाकि उनका जीवन पारदर्शी रहा है. उनके लंबे और उपलब्धियों से भरे सावर्जनिक जीव में किसी के पर्दे के पीछे खड़े होने का सवाल नहीं उठाता, क्योंकि सब जानते हैं कि वे पर्दादारी पसंद नहीं करते हैं, वे अपने सिद्धांतों के पक्के हैं.

भाजयुमो करेगा प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन


मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश की जनता के साथ लगातार हो रहे धोखे और की जा रही वादा खिलाफी के विरुद्ध युवा मोर्चा मध्यप्रदेश के कार्यकर्ता व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगा. आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए मोर्चा ने प्रदेश की आंदोलन समिति का गठन  किया है.
भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डा. अभिलाष पांडेय ने बताया कि मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार जो लगातार मध्यप्रदेश में रहने वाली आम जनता के साथ धोखा धड़ी कर रही है और लगातार अपने वादों से मुकर रही है. मध्यप्रदेश में रहने वाले युवा हो, चाहे किसान हो, चाहे महिलाएं हो सभी के हितों के साथ कांग्रेस की वर्तमान सरकार खिलवाड़ कर रही है.  
उन्होंने बताया कि युवा मोर्चा युवाओं के हितों की लड़ाई और आम जनता के हित की लड़ाई लड़ने के लिए मध्यप्रदेश में आंदोलन की एक चरणबद्ध श्रृंखला खड़ा कर रहा है. जिस हेतु प्रदेश स्तरीय आंदोलन समिति बनाई गई है इस आंदोलन को सुचारू रूप से चलाए जाने के लिए प्रदेश स्तर के बाद संभाग तथा जिला स्तर पर आंदोलन समितियों का गठन किया जाएगा, जो अपने- अपने क्षेत्रों पर लगातार कांग्रेस की सरकार के खिलाफ और जनता के हितों के लिए आंदोलन संचालित करेगी.  पांडेय ने कहा कि ऐसे आंदोलनों के माध्यम से युवा मोर्चा कार्यकर्ता प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाएंगे कि हर स्थिति में हम उनके साथ खड़े हैं .

बचेंगे नहीं विदेशों में काला धन रखने वाले: सिंह


प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में विदेशों में जमा भारतीय लोगों का काला धन भारत लाने की बात कही थी, जिसका विपक्षी दलों ने काफी मजाक उड़ाया था, लेकिन प्रधानंत्री मोदी की वह बात अब सही साबित हो रही है. निश्चित तौर पर विदेशों में अपना काला धन रखने वाला कोई भी व्यक्ति अब कानून के दायरे में आने से बच नहीं सकेगा. 
यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व सांसद अजय प्रताप सिंह ने स्विस बैंक द्वारा काला धन रखने वाले भारतीयों की सूची भारत सरकार को सौंपने संबंधी निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही. सिंह ने कहा कि स्विक बैंक ने जो सूची भारत सरकार को सौंपने की बात कही है. सूत्रों के अनुसार उसमें चैतीस लाख करोड़ रुपए के काले धन और उसके मालिकों से संबंधित जानकारी है. उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की दृढ इच्छाशक्ति, निरंतर प्रयास और सार्थक विदेश नीति का ही परिणाम है कि स्विस बैंक अपने ग्राहकों की सूची किसी देश को सौंपने को तैयार हुआ है. उन्होंने कहा कि सूची मिलने के बाद इस धन के मालिकों को भारतीय कानून के दायरे में लाना संभव होगा, वहीं इनसे नियानुसार आयकर आदि की वसूली भी की जा सकेगी.  स्विस बैंक के इस निर्णय को मील का पत्थर बताते हुए सिंह ने कहा कि इस फैसले के बाद अब काला धन रखने वाले भारतीयों के लिए इसे छुपाना मुश्किल हो जाएगा, जिसके परिणास्वरूप अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने में मदद मिलेगी.