सोमवार, 30 मई 2022

भाजपा मैदान में सक्रिय, कांग्रेस बैठकों तक सीमित

शिवराज, वीडी शर्मा कर रहे कसावट, कमलनाथ दे रही नसीहत

प्रदेश में पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा जहां तैयारियों के मामले में कांग्रेस से काफी आगे नजर आ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्शर्मा दोनों ही लगातार रणनीति के साथ सरकार और संगठन में कसावट करते नजर आ रहे हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस अब तक बैठकों तक सिमट कर रही गई है। बैठकों में कमलनाथ नेताओं को नसीहत देकर मैदान में जाने की बात कह रहे हैं। 

प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखें घोशित हो गई है और नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों की घोशणा होने का इंतजार है। चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने सक्रियता दिखानी तेज कर दी है। भाजपा में लगातार बैठकों के बाद अब बूथ स्तर पर कार्यकर्ता को सक्रिय करने मैदान में उतार दिया है। वहीं  सांसदों, मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी देकर सक्रिय कर दिया गया है। संगठन पदाधिकारियों को भी मैदानी सक्रियता दिखाने को कहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा खुद संगठन में कसावट लाने लगातार कार्यकर्ता और पदाधिकारियों से संपर्क कर रहे है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया। बार बार संगठन द्वारा शिकायत मिलने के बाद उन्होंने जिलों में अधिकारियों की सुबह की बैठकें लेने का दौर तेज कर दिया। इन बैठकों में मुख्यमंत्री अधिकारियों पर नाराजगी भी उतार रहे हैं साथ ही भ्रश्टाचार पर लगाम लगाने की बात कहते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की ये बैठकें भी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में अधिकारियों पर कसावट का संदेश दे रही है। 

कांग्रेस से आगे निकली भाजपा

चुनावी तैयारियों में अगर देखा जाए तो भाजपा कांग्रेस से काफी आगे निकल चुकी है। पंचायत चुनाव की घोशणा के पहले से ही जब सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा था, तब से भाजपा में बैठकों का दौर तेज हो चला था। संगठन ने पदाधिकारियों के अलावा कार्यकर्ता को मैदान में सक्रिय कर दिया था। वहीं कांग्रेस अब भी बैठकों में सिमट कर रह गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ बैठकें लेकर नेताओं को मैदान में सक्रिय करने नसीहतें दे रहे हैं। वे बार बार यही बात दोहरा रहे हैं कि अगर अब भी एकजुट होकर चुनाव मैदान में नहीं दिखे तो परिणाम आप खुद जान सकते हैं। 

मुख्यमंत्री के साथ दोनों अध्यक्षों की प्रतिश्ठा दाव पर

पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव को एक तरह से विधानसभा 2023 की तैयारियां से जोड़कर देखा जा रहा है। इस लिहाज से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने कसावट करनी भी ष्शुरू कर दी है। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा की प्रतिश्ठा इन चुनावों में दाव पर है। वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की प्रतिश्ठा लगी हुई है। वे बार बार 2023 में कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं, मगर माना जा रहा है कि इन चुनावों का परिणाम ही दोनों दलों को आईना दिखाएगा। 

रविवार, 6 फ़रवरी 2022

38 साल पहले स्वर कोकिला के नाम स्थापित किया पुरस्कार

अब तक 33 कलाकारों को दिए सम्मान, 2018 के बाद से किसी का नहीं हुआ चयन


मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मी  स्वर कोकिला लता मंगेशर की याद को हमेशा लोगों के दिलों में बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 38 साल पहले उनके नाम पर लता मंगेशकर पुरस्कार देना शुरू किया था। अब तक सरकार 33 कलाकारों को यह सम्मान दे भी चुकी है, मगर 2018 के बाद से इस सम्मान के लिए किसी कलाकार का चयन नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार द्वारा लता मंगेशकर की याद को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए इस सम्मान की स्थापना 1984 में की गई थी। सबसे पहला पुरस्कार संगीतकार नौशाद को दिया था। दूसरा पुस्कार मध्यप्रदेश के खंडवा में जन्मे किशोर कुमार को यह पुरस्कार दिया। इसके बाद लगातार यह पुरस्कार दिया जा रहा है। मगर 2018 के बाद से इस पुरस्कार के लिए अभी तक किसी भी कलाकार का चयन नहीं हुआ है।
संगीत के क्षेत्र में दिया है सम्मान
सुगम संगीत के क्षेत्र में पुरस्कार देने के लिए प्रदेश सरकार ने लता मंगेशकर सम्मान की ष्शुरूआत 1984 में की थी। इस पुरस्कार के तहत 2 लाख रूपए की राशि और प्रशस्ति पटिटका दी जाती है। सुगम संगीत के क्षेत्र में देश की किसी भी भाषा के गायक अथवा संगीतकार को उसके सम्पूर्ण कृतित्व पर दिया जाता है, न कि किसी एक कृति के आधार पर। सम्मान केवल सृजनात्मक कार्य के लिए है। शोध अथवा अकादमिक कार्य के लिए नहीं है। सम्मान के लिए चुने जाने के समय कलाकार का सृजन-सक्रिय होना आवश्यक है।
इन्हें मिला है पुरस्कार
प्रदेश सरकार ने पहला लता मंगेशकर पुरस्कार संगीतकार नौशाद को दिया और उसके बाद किशोर कुमार इस सम्मान से सम्मानित किया गया। फिर जयदेव, मन्ना डे, खय्याम, आशा भोंसले, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, यसुदास, राहुल बर्मन, संध्या मुखर्जी, अनिल विश्वास, तलत मेहमूद, कल्याणजी-आनंदजी, जगजीत सिंह, इलैया राजा, एसपी बालसुब्रह्मयम, भूपेन्द्र हजारिका, महेंद्र कपूर, रवींद्र जैन, सुरेश वाडकर, एआर रहमान, कविता कृष्णमूर्ति, ह््रदयनाथ मंगेशकर, नितिन मुकेश, रवि, अनुराधा पौडवाल, राजेश रोशन, हरिहरन, उषा खन्ना, अलका याज्ञनिक, बप्पी लाहिड़ी, उदित नारायण और अनु मलिक सुमन कल्याणपुरी और कुलदीप सिंह को लता मंगेशकर सम्मान मिल चुका है। हालांकि अलका याज्ञनिक और बप्पी लहरी के नाम की घोशणा पुरस्कार के लिए की गई, मगर इन्हें अभी तक यह पुरस्कार दिया नहीं गया है।

बुधवार, 26 जनवरी 2022

शिवराज का वादा, दो लाख को रोजगार, हिन्दी में इंजीनियरिंग, मेडिकल की पढ़ाई

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वादा किया है कि उनकी सरकार हर महीने दो लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगी। साथ ही इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई भी अब अंग्रेजी के साथ साथ हिन्दी में कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर में प्रदेश के नागरिकों से वादा करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने समृद्ध, विकसित और आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश बनाने का बीड़ा उठाया है, तमाम योजनाओं के जरिए गरीबों और राज्य के जरूरतमंद लोगों के लिए विकास कार्य एवं सौगातें जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले 22 महीने में राज्य की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है, चाहे कोरोना वायरस का मामला हो या विकास योजनाएं चलाने का सभी कार्यों में सरकार द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। मध्यप्रदेश में वैक्सीनेशन का काम तेजी से हो रहा है, अब तक 97 प्रतिशत से अधिक लोगों को प्रथम डोज़ और 93 प्रतिशत से अधिक लोगों को कोविड-19 की दोनो डोज लग चुकी है, इस कार्य में मध्यप्रदेश अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ ही आने वाले समय में 1 लाख नौकरियां सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में देने की नीति पर कर रहे काम।
बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए बना रहे सीएम राइजिंग स्कूल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्टार्टअप के लिए नई नीति लागू होगी और स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जाएगा। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के उपयोग में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है. राज्य में 38 हजार करोड़ का निवेश आ चुका है। हमारी पूरी कोशिश है कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को भी अच्छे स्कूलों में शिक्षा दिला सकें, इसलिए सीएम राइजिंग स्कूल बना रहे हैं। उन्होंने कहा अगले साल से मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की पढ़ाई भी हिंदी में हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के मकान बनाएगी। माफियाओं के नहीं, गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएंगा।
जल्द ही लाएंगे स्टार्टअप नीति
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बेरोजगारों को रोजगार देने की बात की है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में इंदौर के नौजवानों ने अद्भुत रेकॉर्ड बनाया है। हम जल्द ही स्टार्टअप की नई नीति लाने वाले हैं। बेटा-बेटियों अगर तुम्हारे पास इनोवेटिव आइडिया हैं, तो उस आईडिया को इंप्लीमेंट करने के लिए हम ऐसी नीति बनाएंगे कि तुम्हें धन की कमी ना हो। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं, इंदौर देश में स्टार्टअप की राजधानी बने। उन्होंने कहा कि आज कुछ बच्चों से मैं बात भी कर रहा हूं, जिन्होंने स्टार्टअप के क्षेत्र में बेहतर काम किया है।
बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा प्रदेश
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली की पूर्ति के लिए एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट लगभग बनकर तैयार हो चुका है. ओंकारेश्वर बांध पर फ्लोटिंग सोलर प्लांट बनाकर बिजली उत्पन्न की जाएगी ताकि प्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके. इस मौके पर गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री की माफिया को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि माफिया चाहे किसी भी प्रकार का हो, मध्यप्रदेश की धरती पर कुचल दिया जाएगा। इसलिए पिछले दिनों पूरे मध्यप्रदेश में माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया गया है। चाहे वह जमीन हथियाने वाला माफिया हो, गरीबों के प्लॉट हड़पने वाले माफिया हो, चाहे अलग तरह से समाज को विकृति की ओर ले जाने वाले हो। मध्यप्रदेश की धरती पर हमने इनको कुचल कर समाप्त करने का फैसला किया है।
हर शहर, हर गांव मनाए अपना जन्मदिन
इंदौर में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नागरिकों से आग्रह किया कि  सबसे आग्रह है कि हर शहर, हर गांव अपना जन्मदिन साल में एक दिन मनाएं। इंदौर भी अपना जन्मदिन मनाए और जब दुनियाभर में रहने वाले इंदौरी यहां आएं तो इसके विकास का संकल्प लें। सब मिलकर इंदौर को और आगे बढ़ायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी निवासियों से एक अपील करना चाहता हूं कि एक समरस ग्राम का निर्माण करें। हम इसके लिए समरस ग्राम अभियान चलाएंगे। आपस के मतभेद भी मिल-बैठ कर सुलझा लें। कोशिश ये रहनी चाहिए कि गाँव के मसले थाने तक न जाने पाएं। ग्रामसभा गाँव के विकास का माध्यम बने।
बेटियों के साथ भोजन कर बढ़ाया उत्साह
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  इंदौर स्थित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालिका छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री बना तो मैंने देखा कि बेटियां स्कूल नहीं जाती थीं। जानकारी मिली कि मम्मी-पापा बेटियों को दूसरे गांव के स्कूल नहीं भेजना चाहते। तब हमने स्कूलों को अपग्रेड करना प्रारंभ किया। फिर बेटियों के लिए साइकिल योजना प्रारंभ की, ताकि वह दूसरे गांव जाकर भी पढ़ाई कर सकें।  उन्होंने कहा कि बेटियों से कहना चाहता हूं कि शासकीय सेवा में मौका मिल जाए तो उसकी तैयारी करें। पीएससी, यूपीएससी की तैयारी करें, सेना में जाएं।  हमने तय किया है कि पुलिस में भी 30 प्रतिशत भर्तियां बेटियों की होंगी। शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत बेटियों को मौका देने का निर्णय लिया है। समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने सपत्नीक छात्राओं के साथ भोजन भी किया।

बुधवार, 19 जनवरी 2022

धोती-कुर्ता पहन लगाए चौके छक्के

कॉमेंट्री भी संस्कृत में, खिलाड़ी बोले धावनम-धावनम


विश्व स्तर पर जहां कोरोना संक्रमण का भय व्याप्त है, वहीं मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संस्कृत को बचाने के लिए वैदिक ज्ञान अर्जित करने वाले विद्यार्थियों ने अंग्रेजों के खेल क्रिकेट को अपने पुरातन सभ्यता से जोड़कर खेला। क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहने थे, तो संस्कृत में मैंच की कॉमेंट्री भी की जा रही थी। इतना ही नहीं खिलाड़ियों के माथे पर त्रिपुंड था तो गले में रूद्राक्ष की माला थी। खिलाड़ियों के इस मैच को देखते दर्शक भी पहुंचे, जिन्होंने भी खूब आनंद उठाया।
प्राचीन भाषा संस्कृत को  जीवंत करने के लिए मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक विद्यालय ने अनूठा प्रयोग किया। अंग्रेजों के खेल क्रिकेट में पंडिताई का ज्ञान ले रहे विद्यार्थियों को प्राचीन वेशभूशा में मैदान में उतार दिया। खिलाड़ियों ने भी संस्कृति को बचाने के लिए संस्कृत भाशा में खेल खेलते हुए बातचीत की और मैच को लुत्फ उठाकर संदेश दिया कि संस्कृत का त्याग नहीं करें, बल्कि संस्कृत को भी अन्य भाशाओं की तरह अर्जित करें। संस्कृत ही हमारी वह भाषा है कि जिसमें वेद, पुराण लिखे गए हैं।
दरअसल हुआ यह है कि राजधानी भोपाल महर्शि महेश योगी की जयंती पर वैदिक पंडितों ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए इस प्रतियोगिता का आयोजन किया था। प्रतियोगिता में पंडित और पंडिताई का ज्ञान अर्जित कर रहे विद्यार्थियों ने भाग लिया। पारंपरिक धोती कुर्ता पहने दोनों बल्लेबाज तेजी से रन भागने की कोशिश में और नेपथ्य में धाराप्रवाह संस्कृत में कमेंट्री का आनंद अपने आप में अनूठा ही माना जाएगा।  वैदिक मंत्रों के साथ हुई। धोती-कुर्ता पहनकर क्रिकेट के मैदान में सभी खिलाड़ी उतरे। क्रिकेट की पिच पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चित और पट कर टॉस किया गया। । मैच के दौरान शॉट लगाने के बाद बल्लेबाज रन भागते हुए ’धावनम-धावनम’ यानी रन दौड़ो कहते हुए सुनाई दिए। इस मैच की खास बात यह थी कि भले ही  खिलाड़ी आम क्रिकेट खिलाड़ियों से कुछ अलग लग रहे हों, लेकिन उनमें जीत को लेकर जुनून की कोई कमी नहीं थी। वहीं संस्कृत में हो रही कमेंट्री मैच में चार चांद लगा रही थी।
गौरतलब है कि भोपाल में हर वैदिक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हर दो साल में किया जाता है। इसे लोग लुंगी और धोती क्रिकेट भी कहते हैं। खिलाड़ियों का ड्रेस ऐसा ही होता है। खिलाड़ी लुंगी और धोती पहनकर ही मैदान में खेलते हैं।
संस्कृत को बढ़ावा देने खेला ऐसा खेल
मैच के आयोजकों के अनुसार इस तरह की प्रतियोगिता का  उद्देश्य संस्कृत भाषा को बढ़ावा देना है।राजधानी भोपाल में दो साल पहले भीं ऐसा मैच खेला गया था, जिसमें खिलाड़ी धोती कुर्ता पहने नजर आए थे। उनके माथे पर त्रिपुंड, टीका, गले में रुद्राक्ष की माला थी। प्रतियोगिता का यह दूसरा साल था।
 नाम भी संस्कृत में
बल्लेबाज को वल्लक, बॉलर को गेंदक, पिच को क्षिप्या, बाल को कुंदुकम, विकेटकीपर को स्तोभरक्षक, छक्के को षठकम, चौक को चतुष्कम, रन को धावनम और फील्डर को क्षेत्ररक्षक नाम दिए गए। इतना ही नहीं मैच की कॉमेंट्री भी संस्कृत में ही की गई।
पुरस्कार के रूप में वेदों की किताब
दो साल पहले खेले पहले क्रिकेट मैच में प्लेयर ऑफ द मैच को वेद की किताब दी गई थी, जबकि प्लेयर ऑफ द सीरीज को पंचांग दिया गया था। इस बार भी विजेता टीमों को नकद पुरस्कार के साथ खिलाड़ियों को वैदिक पुस्तकें और सौ साल का पंचांग दिया गया।
वेदों के अनुसार अनुष्ठान कराने वाले होते हैं खिलाड़ी
संस्कृति बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस स्पर्धा में वे खिलाड़ी भाग लेंगे जो वेदों के अनुसार अनुष्ठान कराते हैं। उन्होंने बताया कि यह स्पर्धा का दूसरा साल है और सारे प्रतियोगी वैदिक पंडित हैं जो पारंपरिक धोती कुर्ता पहनते हैं। वे एक दूसरे से संस्कृत में बात करते हैं और मैच की कमेंट्री भी संस्कृत में होती है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के आयोजन का उद्देश्य संस्कृत भाषा को बढावा देना और वैदिक परिवार में खेल भावना बढाना है। विजेता टीमों को नकद पुरस्कार के साथ खिलाड़ियों को वैदिक पुस्तकें और सौ साल का पंचांग दिया जाएगा।


बुधवार, 30 जून 2021

खंडवा में स्थानीय उम्मीदवार के पक्ष में नहीं है संघ

 सर्वे के बाद मध्यक्षेत्र इकाई को भेजी रिपोर्ट

मध्यप्रदेश भाजपा के लिए खंडवा संसदीय क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा को दमदारप्रत्याशी की तलाश है। वहीं भाजपा के लिए संघ के सर्वे ने चिंता बढ़ा दी हैं। संघ के सर्वे में स्पष्ट कहा गया है कि स्थानीय दावेदार को अगर यहां पर टिकट दिया गया तो भाजपा के लिए संकट खड़ा हो सकता है। संघ की इस रिपोर्ट के बाद माना जा रहा है कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्षाह भी यहां पर एक सर्वे कराएंगे, इसके बाद ही भाजपा प्रत्याषी का चयन करेगी।
मध्यप्रदेष के खंडवा संसदीय क्षेत्र के लिए भाजपा प्रत्याषी की तलाष में हैं। वहीं भाजपा के अलावा संघ ने भी यहां सक्रियता बढ़ा दी है। संघ ने एक सर्वे किया जिसके बाद इसकी रिपोर्ट मालवा प्रांत के जरिए मध्यप्रांत को भेजी गई है। इस सर्वे में यह बात स्पश्ट कर दी गई है कि स्थानीय नेताओं को अगर यहां पर प्रत्याषी बनाया जाता है और कांग्रेस की ओर से अरूण यादव प्रत्याषी होते है तो वे सभी प्रत्याषी कमजोर साबित होंगे। खासकर  कमजोर प्रत्याषी के रूप में दावेदारी कर रही पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, पूर्व महापौर और वन मंत्री विजय शाह की पत्नी भावना शाह, सुभाष कोठारी के अलावा नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान के नाम माने जा रहे हैं।  संघ की खंडवा इकाई द्वारा कराए गए सर्वे की यह रिपोर्ट  मालवा प्रांत को भेजी गई थी। इसके बाद यह रिपोर्ट  मध्यप्रांत तक पहुंची है। इसके बाद संगठन को इसकी जानकारी भी दी गई है। बताया जाता है कि अब संगठन की ओर से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत खंडवा का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। इसके बाद संघ की रिपोर्ट के साथ केन्द्रीय नेतृत्व को स्थिति से अवगत कराएंगे।
 शाह   भी कराएंगे सर्वे
संघ के सर्वे के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी खंडवा संसदीय क्षेत्र के लिए प्रत्याषी चयन प्रक्रिया के पहले एक सर्वे कराएंगे। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व यहां पर प्रत्याषी के नाम की घोषणा करेगा। सूत्रों की माने तो संघ की रिपोर्ट के आधार पर अगर भाजपा ने प्रत्याषी चयन की प्रक्रिया को अपनाया तो यहां पर  कैलाश विजयवर्गीय, कृष्ण मुरारी मोघे और दीपक जोशी में से किसी एक नाम पर मोहर लग सकती है। 

बुधवार, 12 मई 2021

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार शिवअनुराग पटेरिया का निधन


मध्य प्रदेश के जाने-माने पत्रकार शिव अनुराग पटेरिया का कोरोना संक्रमण की वजह से निधन हो गया। पटेरिया का इलाज इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में चल रहा था और वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। लगातार उनका आक्सीजन लेवल बहुत कम हो गया था, इसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। उनके निधन की खबर आते ही पत्रकारिता जगत में शोक की लहर छा गई है। अस्सी के दशक में हुए छतरपुर कांड में नायक की भूमिका निभाने के साथ  पत्रकारिता के क्षेत्र में वे चार दशकों से कार्यरत थे।

स्वर्गीय शिव अनुराग पटेरिया ने आंचलिक पत्रकार के तौर पर 1978 में छतरपुर से उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत की। तीन दशक से ज्यादा समय से वो मीडिया में सक्रिय थे। न्यूज चैनल के डिबेट्स में भी वो काफी हिस्सा लेते थे। स्वर्गीय पटेरिया पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए लगभग चार दशक से कार्यरत। इस दौरान नईदुनिया (इंदौर), जनसत्ता (मुंबई), चैथा संसार (भोपाल), आई.टी.वी., संडेमेल, जन्मभूमि, दैनिक नईदुनिया (भोपाल), में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य। इतने सालों में वो प्रदेश के हस्ताक्षर बनकर उभरे। 

शिव अनुराग पटैरिया लंबे समय से लोकमत अखबार से जुड़े हुए थे। प्रदेश की नब्ज पर उनकी गहरी पकड़ थी। वे प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित थे। उन्हें राजेन्द्र माथुर फैलोशिप, मेदिनी पुरस्कार, डॉ. शंकरदयाल शर्मा अवार्ड और स्वर्गीय सत्यनारायण तिवारी लाइफ टाइम अचीवमेंट जैसे कई पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 

पटेरिया के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने शोक व्यक्त करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी नेताओं ने  पटेरिया के परिजनों को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की है।

गुरुवार, 14 जनवरी 2021

बयान देकर उलझे पूर्व मंत्री वर्मा, मिला नोटिस


भाजपा हुई आक्रामक, कहा माफी मांगे, नहीं तो कांग्रेस निकाले बाहर

मध्यप्रदेष के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा लड़कियों की ष्षादी की उम्र को लेकर दिए बयान पर घिर गए हैं। उनके बयान पर बाल संरक्षण आयोग ने उन्हें नोटिस दिया हैं। वहीं वर्मा के बयान पर भाजपा आक्रामक हो गई है और कहा है कि वर्मा अपने बयान को लेकर माफी मांगे, नहीं तो कांग्रेस उन्हें पार्टी से बाहर निकाले।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने सज्जन सिंह वर्मा को उनके बयान को लेकर नोटिस जारी कर दो दिनों के अंदर इस पर जवाब देने को कहा है। आयोग ने कहा कि यह बयान बाल संरक्षण और अधिकारों के विरुद्ध हैं। सोशल मीडिया या पब्लिक प्लेटफार्म पर दिए गए ऐसे असंगत और गैरजिम्मेदाराना बयान लड़कियों के प्रति भेदभाव पूर्ण हैं। यह नोटिस  के उस बयान पर आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि डॉक्टर कहते हैं कि 15 साल के बाद ही बच्ची प्रजनन के योग्य हो जाती है. लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल करने की क्या जरूरत है? शिवराज सिंह चैहान बड़े डॉक्टर हो गए हैं क्या? वर्मा के इस बयान की खूब आलोचना हो रही है। इससे पहले मंगलवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने एक कार्यक्रम में कहा था कि जब लड़के के लिए शादी की उम्र 21 साल है, तो फिर लड़की के परिपक्वता की उम्र भी 21 साल होनी चाहिए।  अब समाज को लड़कियों के प्रति अपनी सोच बदलनी चाहिए. लड़कियों की शादी भी 21 साल होनी चाहिए इसलिए इस पर विचार हो, लेकिन इस बीच अब सज्जन सिंह वर्मा के बयान से मामला गर्मा गया है।
 महिलाओं का किया अपमान
भाजपा प्रवक्ता नेहा बग्गा ने इसे महिलाओं का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि सज्जन सिंह वर्मा अपने नाम के विपरीत चले गए. उन्हें तत्काल माफी मांगनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सज्जन सिंह वर्मा ने प्रदेश के नहीं देश की बेटियों का अपमान किया है।  वर्मा शायद भूल गए कि उनकी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद महिला हैं। वर्मा से सार्वजनिक माफी मंगवाना चाहिए। साथ ही पार्टी से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। वर्मा ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है इससे उन्होंने अपनी पार्टी और खुद के संस्कारों को सामने रख दिया है।
सौ साल पुरानी पार्टी की सौ साल पुरानी सोच
कांग्रेस नेता के बयान पर भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि 100 साल पुरानी पार्टी की सोच 100 साल पुरानी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बार -बार महिलाओं के प्रति कांग्रेस नेताओं की ओछी सोच सामने आई है। कभी जन-सभाओं में महिलाओं के लिए अपशब्द का इस्तेमाल, कभी गर्ल चाइल्ड पर अभद्र टिप्पणी, तो अब मीडिया में लड़कियों की शादी की उम्र के विषय में अयोग्य बयान, यह अत्यंत निंदनीय है और मातृशक्ति का घोर अपमान है। ऐसी विकृत मानसिकता शर्मनाक है। 21वीं सदी के भारत में ऐसी पिछड़ी विचारधारा समाज के लिए हानिकारक है। ये दर्शाता है कि 100 साल पुरानी पार्टी की सोच 100 साल पुरानी है।