शनिवार, 2 सितंबर 2023

रथ पर मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के दस चेहरे

जनआशीर्वाद यात्रा में दिखेगा भाजपा का आक्रामक अंदाज

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से निकाली जान रही भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा में इस बार प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित दस चेहरे नजर आ रहे हैं। यात्रा के लिए तैयार किए रथ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राश्टीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के अलावा प्रदेश के दस चेहरों की तस्वीर लगाई है। 

मध्यप्रदेश में भाजपा द्वारा 3 सितंबर से निकाली जा रही रथ यात्रा को लेकर भाजपा में उत्साह है, मगर चर्चा इस बात की है कि रथ पर इस बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित दस चेहरों को दिखाया जा रहा है। रथ पर प्रदेश में दस चेहरों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राश्टीय अध्यक्ष जे पी नड्डा की तस्वीर के साथ प्रदेश के दस चेहरों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय मंत्री ज्योरादित्य सिंधिया, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा,  वीरेन्द्र कुमार, वरिश्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा और कविता पाटीदार के तस्वीरें रथों पर दिखाई देंगी। रथों का अत्याधुनिक साज-सज्जा के साथ सुज्जजित किया गया है। इसमें खान-पान की भी व्यवस्थाएं रखी गई हैं। 

केन्द्रीय नेता करेंगे चुनावी सभाएं

भाजपा की रथ यात्रा के दौरान 210 विधानसभा क्षेत्रों में कई स्थानों पर बड़ी सभाएं होंगी। इन सभाओं को केन्द्रीय नेता संबोधित करेंगे। उत्तर प्रदेश से सटे जिलों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह संबोधित करेंगे। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, अश्विनी वैश्णव, स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर के अलावा प्रदेश के नेता भी सभाओं को संबोधित करेंगे। सभाओं में इन  नेताओं के आक्रामक तेवर दिखाई देंगे। ये नेता पूरी तरह से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस को घेरते हुए नजर आएंगे। वहीं भाजपा की केन्द्र और प्रदेश की सरकारों की उपलब्धियों को गिनाएंगे। 

रथों को किया रवाना

भाजपा द्वारा यात्रा के लिए बनवाए गए पांच रथों को आज प्रदेश भाजपा कार्यालय से रवाना किया गया। रथों को रवाना करने के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्शर्मा ने रथों का विधिवत पूजन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते वक्त कहा कि मैं मध्यप्रदेश की जनता को प्रणाम करता हूं। इस बार भी आपका आशीर्वाद लेने हम आ रहे हैं। जनता ने सदैव भाजपा को आशीर्वाद दिया है, इस बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार में हुए जनकल्याण के कार्यों के कार्यों के आधार पर हम जनता का आशीर्वाद लेने जा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी कल चित्रकूट से पहली यात्रा का शुभारंभ करने आ रहे हैं, और फिर हमारा शीर्ष नेतृत्व इन यात्राओं में सम्मिलित होगा। सभी प्रदेशवासियों के आशीर्वाद की अपेक्षा है। मुझे पूरा विश्वास है कि हर बार की तरह इस बार भी हमें जनता अपार स्नेह और आशीर्वाद मिलेगा।


शुक्रवार, 1 सितंबर 2023

एक मुट्ठी मिट्टी, एक मुट्ठी चावल एकत्रित करेंगे भाजपा कार्यकर्ता

भाजपा ने मेरी माटी-मेरा देश अभियान किया शुरू

भोपाल। जिन क्रांतिकारी शहीदों ने भारत माता के सम्मान के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया, सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, उन्हें सम्मान देने और उनकी स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘मेरी माटी-मेरा देश’ अभियान शुरू किया जा रहा है। आज शहीद कैप्टन देवाशीष शर्मा  के घर से हमने राजधानी भोपाल में इस अभियान की शुरूआत की है। इस अभियान के अंतर्गत पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और एक मुट्ठी मिट्टी और एक मुट्ठी चावल एकत्र करेंगे।

 यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने शहीद कैप्टन देवाशीष शर्मा के घर से मेरी माटी-मेरा देश अभियान का शुभारंभ करते हुए कही। शर्मा आज शुक्रवार को मेरी माटी-मेरा देश अभियान के अंतर्गत शाहपुरा स्थित शहीद कैप्टन देवाशीष शर्मा के निवास पर पहुंचे और उनकी माताजी से भेंट की। कैप्टन देवाशीष शर्मा  की माताजी से कलश में एक मुट्ठी मिट्टी और एक मुट्ठी चावल लेकर प्रदेश अध्यक्ष  शर्मा ने अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के आह्वान पर भाजपा ने देश के अंदर इस अभियान की शुरुआत की है। आज मैं इसी अभियान के तहत शहीद कैप्टन देवाशीष शर्मा जी के घर आया हूं। कलश में देवाशीष शर्माजी की श्रद्धेय माताजी मती निर्मला शर्मा ने एक मुट्ठी मिट्टी और चावल हमें दिया है। घर-घर जाकर इस प्रकार से कलश में एक मुट्ठी मिट्टी और चावल लेकर हम लगातार इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।

शर्मा ने कहा कि यह अभियान 31 अक्टूबर तक देशभर में चलेगा। देश भर में घूमने के उपरांत ऐसे 75 हजार कलश राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचेंगे।


विरोध से बचने आम सहमति बनाने का प्रयास

कांग्रेस की प्रत्याशी चयन में विरोध से बचने की रणनीति 

भोपाल। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने पहली सूची जारी कर दी है। इसके बाद कांग्रेस में अब प्रत्याशी चयन को लेकर कल शनिवार से मंथन किया जाएगा। कांग्रेस सूची जारी होने के बाद मचने वाले घमासान से बचने के लिए स्थानीय नेताओं के साथ सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए कल से चार दिनों तक बैठकों का दौर चलता रहे। 

प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा द्वारा जारी की 39 प्रत्याशी की सूची के बाद कांग्रेस पर प्रत्याशियों की सूची जारी करने का दबाव बढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ इसे लेकर पहले ही साफ कर चुके हैं कि सूची जारी करने के पहले वे जिताउ दावेदारों को मैदान में सक्रियता बढ़ाने का इशारा कर चुके हैं। फिर भी कांग्रेस संगठन को इस बात का आशंका है कि प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद दावेदारों की नाराजगी सामने आएगी। इसके चलते कांग्रेस नेता हर सीट पर आम सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते कल शनिवार से राजधानी भोपाल में कांग्रेस नेताओं की बैठकों का दौर शुरू होगा। इन बैठकों में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर प्रदेश के पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठकों का दौर चार दिनों तक चलेगा। जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारियों के साथ भी बैठकें होनी है। 2 सितंबर को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक, चुनाव समिति की बैठक और वरिश्ठ नेताओं की बैठक होगी। इसके बाद 3 सितंबर को भी यह बैठक होगी। 4 सितंबर को विधायकों, पूर्व विधायकों, सांसद, पूर्व सांसदों के साथ बैठक होनी है। इसके अलावा जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ भी बैठक होगी। बताया जा रहा है कि हर सीट पर एक या दो नाम तय कर स्क्रीनिंग कमेटी के सामने रखे जाएंगे। दावेदारों को लेकर जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के अलावा चुनाव समिति से भी बंद लिफाफे में नाम मांगे गए हैं।  इसके अलावा स्क्रीनिंग कमेटी के साथ एआईसीसी और प्रदेश कांग्रेस द्वारा कराए गए सर्वे की रिपोर्ट भी रखी जाएगी। 

एक साथ जारी नहीं होगी सूची

कांग्रेस इस बात की तैयारी कर चुकी है कि प्रत्याशियों की सूची एक साथ जारी न करके अलग-अलग टुकड़ों में जारी की जाए। पार्टी आलाकमान की सहमति के बाद ही ये सूचियां जारी की जाएंगी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की पहली सूची में वर्तमान विधायकों के अलावा उन दावेदारों के नाम घोशित हो सकते हैं, जिनकी स्थिति अपने क्षेत्र में मजबूत है और सर्वे एवं सहमति में उनका कहीं विरोध नही है। इसके बाद की सूचियों में नए चेहरों, दूसरे दलों से आए नेताओं को कांग्रेस जहां पर उम्मीदवार बनाना चाह रही है उनके नाम आएंगे। 


तिलकधारियों का खून बहाने वाली ममता दीदी को तिलक से दिक्कत होगी ही


भोपाल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इंडिया गठबंधन की बैठक में तिलक लगवाने से इंकार करने पर  विवाद शुरू हो गया है। भाजपा भी इस मामले को लेकर हमलावर है। प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी  टीएमसी सुप्रीमो पर हमला बोलते हुए कहा है कि ममता दीदी सत्ता का तिलक लगाने के लिए आतुर है, इसलिए वह तुष्टिकरण की राजनीति  के हर दांव पेंच अपना रही है।

डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ममता जी सत्ता का तिलक लगाने को आतुर हैं इसलिए तुष्टीकरण की राजनीति की तरफ हैं। हिंदुत्व का प्रतीक है तिलक। ममता जी हिंदुत्व की भावनाओं को खंडित करने के काम में लगी हैं। डॉ मिश्रा  ने यहां तक कहा कि लाखों तिलकधारियों का खून बहाने वाली ममता जी को स्वाभाविक है कि तिलक लगाने में दिक्कत आएगी। वे उस राज्य की मुख्यमंत्री हैं, जो दुर्गापूजा के नाम पर जाना जाता है। इस पर देश के लोगों को विचार करना चाहिए।

कांग्रेस पर कसा तंज़

कांग्रेस कार्यालय में सुंदरकांड पाठ का आयोजन करने पर भी  डॉ नरोत्तम मिश्रा ने तंज़ कसा है। गृह मंत्री ने कहा कि मोदीजी के सुशासन का ही  एक परिणाम यह भी है कि कभी कांग्रेस कार्यालय जहाँ कभी बकरे बंधा करते थे, आज वहां सुंदरकांड का पाठ हो रहा है। चचाजान दिग्विजय सिंह और चलो-चलो करने वाले कमल नाथ राखी बंधवा रहे हैं।


एक देश, एक चुनाव जनमत के आधार पर हो फैसला

कमलनाथ ने कहा राज्यों की अनुमति जरूरी

भोपाल। प्रदेश में एक देश, एक चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी ष्शर्मा ने इसे लेकर कहा कि इसका फैसला जनमत के आधार पर किया जाना चाहिए। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इसे लेकर कहा कि इसका फैसला राज्यों की अनुमति के बिना नहीं होना चाहिए। 

एक देश, एक चुनाव को लेकर केन्द्र सरकार ने विशेश सत्र बुलाया है। केन्द्र द्वारा बुलाए गए सत्र को लेकर प्रदेश में सियासत भी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने इसे लेकर कहा कि एक देश, एक चुनाव का फैसला जनमत के आधार पर होगा। एक देश, एक चुनाव पर चर्चा हुई हैं। देश में ऐसे कई काम हुए हैं जिसमें एक चुनाव पर चर्चा होती रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनता के बहुमत के आधार पर फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक नहीं, कई ऐतिहासिक काम हुए हैं।  एक देश, एक चुनाव पर भी चर्चाएं समाज के अंदर होती रही हैं और चर्चाएं चल रही हैं। आगे क्या होगा या नहीं होगा, या समाज को जो अभिमत होगा, उसके आधार पर प्रधानमंत्री की जो सोच बनेगी..... उसके आधार पर चीजें तय होंगी। लेकिन आज इस पर कुछ कहा जाए, मैं इसे उचित नहीं मानता।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी के कांग्रेस में जाने को लेकर कहा कि कोई भी पार्टी नहीं छोड़ रहा है। ये चुनाव है अब मेरा क्या होगा, यही सोच रही होगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में यह सब चुनाव के समय होता रहता है। उन्होंने कहा कि किसी के आरोप लगाने से काम नहीं चलता। भाजपा अपनी पद्धति पर काम करती आई है उन्हें अपनी परिस्थितियों दिख रही होंगी, इसलिए अब आरोप लगा रहे हैं। 

राज्यों की अनुमति जरूरी : कमलनाथ


एक देश, एक चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने नीमच में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इसे लेकर राज्यों की अनुमति आवश्यक है। एक देश एक चुनाव यह संविधान संशोधन का विषय है। उन्होंने कहा कि इसमें केवल लोकसभा और राज्यसभा में पास होना पर्याप्त नहीं है, इसमें राज्यों की अनुमति भी आवश्यक होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने एक और बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कई नेता मुझसे संपर्क में है। सिंधिया समर्थक हो या भारतीय जनता पार्टी का कोई अन्य नेता हमारा स्थानीय संगठन अगर राजी होगा तभी हम उसे कांग्रेस में एंट्री देंगे। समंदर पटेल भी आए तब भी हमारे अधिकतर स्थानीय नेताओं की सहमति से ही आए।


भ्रष्टाचार पर एक्शन नहीं करते, हर एक्शन में करते हैं भ्रष्टाचार


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज फिर 50 प्रतिशत कमीशन और भ्रश्टाचार को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  
भ्रष्टाचार पर एक्शन नहीं करते, बल्कि हर एक्शन में भ्रश्टाचार करते हैं। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि शिवराज सिंह चौहान भ्रष्टाचार पर एक्शन नहीं करते, बल्कि हर एक्शन में भ्रष्टाचार करते हैं। मध्यप्रदेश का 50 प्रतिशत कमीशन राज हर रोज नए नजारे पेश कर रहा है। दिल्ली में बना नया मध्यप्रदेश भवन इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने लिखा कि मैंने जब दिल्ली में नए मध्य प्रदेश भवन की आधारशिला रखी थी, तो किसी भी प्रदेश का सबसे सुंदर भवन बनाने का संकल्प लिया था, लेकिन शिवराज जी ने उसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया। सरकारी अधिकारी खुद इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। अभी तो सिर्फ कुछ मदों में भ्रष्टाचार सामने आया है, ईमानदारी से जांच होगी तो यह भ्रष्टाचार का स्मारक साबित होगा। उन्होंने कहा कि इनका कोई काम भ्रष्टाचार के बिना नहीं हो सकता। सचिवालय से लेकर देवालय तक और विद्यालय से लेकर चिकित्सालय तक शिवराज जी का एक ही मंत्र हैः पैसा दो, काम लो।

गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह हमला दिल्ली में बने मध्यप्रदेश भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर आईएएस पंकज राग द्वारा उठाए सवालों को लेकर किया है। हाल ही में आईएएस अधिकारी पकंज राग ने मध्यप्रदेश भवन के सुपरविजन का काम करने वाली एजेंसी एनबीसीसी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एनबीसीसी ने मध्यप्रदेश भवन निर्माण में गड़बड़ी की है। निरीक्षण में कई तरह की गलती सामने आई। निर्धारित मापदंडों में काम नहीं हुआ, भवन निर्माण में क्वालिटी से लेकर कई स्तर पर गड़बड़ी हुई। इस मामले को लेकर राग ने प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की है। 


सिंधिया समर्थकों के बाद बसपा नेताओं पर कांग्रेस की नजर

बाहरी नेताओं के सहारे कमजोर सीटों को मजबूत करने का प्रयास

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा को करारी शिकस्त देने के लिए कांग्रेस ने अब ग्वालियर-चंबल अंचल के बाद बुंदेलखंड और विंध्य अंचल को मजबूत करने की रणनीति पर काम तेज किया है। इन अंचलों में सिंधिया समर्थकों के बाद अब कांग्रेस की नजरें बसपा से जुड़े उन जमीनी नेताओं पर टिकी है, जिनका खासा जनाधार है। इन नेताओं के सहारे कांग्रेस अपनी कमजोर सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। 

प्रदेश में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधया को उनके गढ़ ग्वालियर-चंबल अंचल में कमजोर करने की रणनीति पर काम कर चुकी कांग्रेस अब अपनी कमजोर सीटों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ग्वालियर चंबल अंचल में कांग्रेस ने सिंधिया  को करारा झटका दिया है। इस अंचल में कांग्रेस कई नेताओं को अपनी पार्टी में ष्शामिल कर चुकी है। साथ ही भाजपा के कद्दावर नेताओं को भी अपने साथ लाने में वह सफल रही है। ग्वालियर-चंबल अंचल में सिंधिया समर्थक नेताओं को अपने पाले में लाने के बाद अब कांग्रेस का लक्ष्य बुंदेलखंड और विंध्य अंचल है। इन अंचलों में कांग्रेस नेताओं की नजरें भाजपा नेताओं से ज्यादा बसपा से जुड़े उन नेताओं पर टिकी है, जिनका अपने क्षेत्र में खासा जनाधर है। इन नेताओं को कांग्रेस ने अपने पाले में लाने की रणनीति पर काम करना तेज कर दिया है। इस रणनीति के तहत कल 2 सितंबर को बुंदेलखंड के नेता गुड्डू राजा बुंदेला को पार्टी की सदस्यता दिलाने की तैयारी हो चुकी है। बुंदेला के अलावा कांग्रेस की नजरें अन्य बसपा नेताओं पर भी टिकी हैं। वहीं भाजपा द्वारा घोशित की पहली सूची में बुंदेलखंड की आधा दर्जन सीटों पर जहां पर प्रत्याशियों का खासा विरोध हुआ है, इन सीटों पर कांग्रेस की नजरें भाजपा नेताओं पर भी है। 

विंध्य में भी समीकरण साधने का प्रयास

बुंदेलखंड के अलावा भाजपा कांग्रेस ने विंध्य अंचल में पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को सक्रिय किया हुआ है। इस अंचल में पूर्व मंत्री जुगलकिशोर बागरी के बेटे और बहू देवाराज बागरी और वंदना बागरी को अपने पक्ष में ला चुकी है। इसके अलावा बसपा नेता सईद अहमद की भी कांग्रेस ने बसपा से घर वापसी कराते हुए फिर से कांग्रेस में शामिल कर लिया है। वहीं इस अंचल की उन सीटों पर कांग्रेस की नजर है, जहां पर बसपा का खासा जनाधार है। इन सीटों पर कांग्रेस बसपा नेताओं के सहारे अपने को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।