बुधवार, 3 जुलाई 2024

इवेंटबाज़ी छोड़कर बेरोज़गारी दूर करने का काम करे सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का हमला

भोपाल। प्रदेश में बढ़ रही बेरोजगारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को इवेंटबाज़ी छोड़कर बेरोज़गारी दूर करने की तरफ़ ध्यान दें। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार कर्ज ले रही है, कर्ज की यह राशि बेरोजगारों को नौकरी देने में तो खर्च नहीं की जा रही। आखिर कर्ज किसके लिए ले रही है सरकार।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि लगता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार मिशन बेरोज़गारी पर काम कर रही है। सरकार ने क़सम खाई है कि योग्य से योग्य व्यक्ति को बेरोज़गार रखना उसकी पहली प्राथमिकता है।  इस मिशन की सफलता को इस बात से समझा जा सकता है कि प्रदेश में 1 लाख से अधिक इंजीनियर, 3600 से अधिक एमबीबीएस डॉक्टर और 3400 से अधिक बीडीएस डॉक्टर रजिस्टर्ड बेरोज़गार हैं। उन्होंने कहा कि यही नहीं, पूरे प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 19 लाख से अधिक है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ़ प्रदेश की सरकार कर्ज़ पर कर्ज़ लिए जा रही है और दूसरी तरफ़ बेरोज़गारी का मर्ज़ बढ़ता चला जा रहा है। कर्ज़ की यह रक़म अगर बेरोजगारों को नौकरी देने में उपयोग नहीं की जा रही है तो आखिर यह कर्ज़ किसके लिए लिया जा रहा है? कमलनाथ ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूँ कि इवेंटबाज़ी छोड़कर बेरोज़गारी दूर करने की तरफ़ ध्यान दें।

दूध से ज्यादा मांस-अंडे का होता है प्रदेश में उत्पादन

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुआ खुलासा

भोपाल। प्रदेश में दूध का उत्पादन 5.88 फीसदी बढ़ा है, वहीं मांस और अंडों के उत्पादन में करीबन साढ़े 9 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक सेहत भी सुधरी है।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ गया है। साल 2021-22 में यह 190.02 लाख टन था, जो 2022-23 में 201.22 लाख टन हो गया था. इस तरह इसमें 5.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश में हर व्यक्ति के लिए 644 ग्राम दूध उपलब्ध है। प्रदेश में उत्पादित हो रहे दूध में से 48 प्रतिशत दूध भैंसों से मिल रहा है, जबकि 36 प्रतिशत देशी और अन्य नस्ल की गायों से। उधर प्रदेश में अंडों का उत्पादन इसी वित्तीय वर्ष (2021-22 और 2022-23) में 9.48 प्रतिशत बढ़ा है। प्रदेश में एक साल में एक व्यक्ति के लिए 37 अंडे उपलब्ध हैं।  इसी तरह प्रदेश में मांस का उत्पादन भी 9.37 प्रतिशत बढ़ गया है। प्रदेश में 138.95 हजार टन मांस का उत्पादन हो रहा है।
प्रदेश में प्रमुख फसलों के उत्पादन में 0.20 फीसदी की वृद्धि हुई है। हालांकि अनाज का उत्पादन 1.91 फीसदी कम हुआ है, लेकिन दलहल में 42.62 प्रतिशत की बढोत्तरी हुई है। सब्जियों का उत्पादन 236.41 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2023-24 में 242.62 लाख मीट्रिक हो गया है।
 

मंगलवार, 2 जुलाई 2024

कांग्रेस को राहुल के भाषण की चुकानी होगी कीमत

राहुल गांधी के भाषण पर प्रदेश में भाजपा हुई हमलावर


भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी केभाषण   को लेकर अब मध्यप्रदेश में भी तीखी प्रतिक्रिया आई हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, उधर लोकसभा की कार्यवाही से अपने भाषण के अंश हटाये जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि मुझे जो कहना था कह दिया ये सच्चाई है।

राहुल गांधी द्वारा हिन्दुओं को हिंसक कहने पर मध्य प्रदेश में भी हंगामा हुआ, मुख्यमंत्री सहित सरकार के मंत्री और  भाजपा विधायकों ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर पलटवार किया। सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्य की बात है कि राहुल गांधी बहुसंख्यक समाज का अपमान कर रहे हैं और कांग्रेस चुपचाप देख रही है कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह समेत कई कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की बातों से असहमति जताई है। मुझे लगता है कि मल्लिकार्जुन खरगे को इस बारे में विस्तृत जानकारी जुटानी चाहिए और राहुल गांधी से उनके इस्तीफे के बारे में बात करनी चाहिए।

देश और उम्र का ख्याल रखें राहुल गांधी

उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ‘हिंदू या तो हिंसा के शिकार हुए हैं या हिंसा का सामना किया हैं। कल संसद में राहुल गांधी जी का व्यवहार एवं भाषण विपक्ष के नेता की तरह नहीं, किसी कॉलेज के उच्छृंखल छात्र नेता की तरह था। राहुल को याद रखना होगा कि वह दुर्भाग्य से विपक्ष के नेता चुन लिए गए हैं, दूसरा वह अब युवा नहीं है, बल्कि 50 साल से ज्यादा के अधेड़ हैं। राहुल जी अपना पद, अपना देश और अपनी उम्र का कुछ तो ख्याल रखिए, पूरे देशवासियों के साथ मैं भी आपकी भर्त्सना करती हूं। 

दिग्विजय के भाई ने भी दी नसीहत

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई  लक्ष्मण सिंह ने तो हिंदुओं पर की गई राहुल की टिप्पणी को अशोभनीय बताते हुए उन्हें केवल जरूरी मुद्दे उठाने की सलाह तक दे डाली है। इस मामले को लेकर राहुल गांधी के बयान को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि संसद में “हिंदुओं” पर की गई टिप्पणी अशोभनीय है और अनावश्यक भी। केवल और केवल जनता और देश से जुड़े मुद्दे उठाना ही उचित होगा।

लोकसभा अध्यक्ष को कमलनाथ ने लिखा पत्र

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, हमारे नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर परिचर्चा में कल सदन में जो वक्तव्य दिया, उसके कुछ हिस्सों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। राहुल गांधी ने स्पीकर को पत्र लिखकर उनके भाषण के हिस्से हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज की है। अपने लंबे संसदीय अनुभव के आधार पर मैं भी लोक सभा अध्यक्ष से अनुरोध करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष के वक्तव्य के हिस्से इस तरह से हटाना संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। सदन के नेता के पास पर चर्चा के अंत में अपनी बात रखने का पूरा मौका होगा। सत्ता पक्ष के सांसद भी राहुल गांधी की बातों का जवाब दे सकते हैं। नेता प्रतिपक्ष के भाषण के हिस्से हटा देना ना सिर्फ़ अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा हमला है, बल्कि भारत के लोकतंत्र को मूक बना देने की कोशिश भी है।


मंत्री के संरक्षण के बिना संभव नहीं नर्सिंग घोटाला

नेता प्रतिपक्ष ने कहा आरोप गलत निकले तो दे दूंगा इस्तीफा

भोपाल। राज्य विधानसभा में आज मुख्य विपक्षी दल ने एक बार फिर नर्सिंग घोटाले का मुद्दा उठाया। स्थगन पर चर्चा की मांग को तो सरकार ने नकार दिया, मगर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने इसे ध्यानाकर्शण के जरिए लिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री विश्वास सारंग पर घोटाले को लेकर कई आरोप लगाए और इस्तीफे की मांग कर डाली। इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक तक हुई। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर मेरे द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। 

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से प्रदेश में हुए नर्सिंग घोटाले को लेकर राज्य विधानसभा में आज ध्यानाकर्शण लाया गया। ध्यानाकर्शण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश के हजारों छात्रों को नहीं पता था जिस कॉलेज में एडमिशन ले रहे है वो फर्जी है। नर्सिंग घोटाला के लिए नियम बदले गए। 2020-21 में सबसे ज्यादा नर्सिंग कॉलेज खोले गए। चार अधिकारी और मंत्री नर्सिंग कांउन्सलर चला रहे थे। काउंसिल चलाने का अधिकार नहीं है। काउंसिल का कंट्रोल अवैध तरीके से लिया गया। सिंघार ने आरोप लगाते हुए कहा कि काउंसिल में धारा 31 का दुरुपयोग किया गया। जब नर्सिंग काउंसिल में घोटाला नहीं हुआ था तो धारा 31 के तहत काउंसिल को टेकओवर क्यों किया ? कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई, मंत्री या विभाग की जांच नहीं हो सकती। इंडिया नर्सिंग काउंसिल की एमपी में धज्जियां उड़ा दी गई। मंत्री के संरक्षण के बिना घोटाला संभव नहीं है। आरोप अगर सही नहीं है तो मैं नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दूंगा। नियम कायदे में मत उलझाइये।

तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद हंगामा शुरू हो गया। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे उसके क्या सबूत है ? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारी एक ही मांग है तत्कालीन मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए। वहीं विपक्ष के आरोपों का तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने भी जवाब दिया।

मंत्री सारंग ने रखा अपना पक्ष

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सुबह से शाम तक बस मुझ पर आरोप लगाए जा रहे है। जैसे मैं माफिया हूं। उन्होंने बताया कि 20 मार्च 2020 को 353 कॉलेज को मान्यता दी है। 20 मार्च 2020 को कमलनाथ की सरकार गिरी थी। एक तरफ सरकार गिरी दूसरी तरफ मान्यता दी जा रही थी। मलय कॉलेज की मान्यता कांग्रेस के सरकार के दौरान दी गई थी। 15 माह में कांग्रेस ने दो दो नर्सिंग कॉलेज को मान्यता दी थी। बिना किसी जांच के नर्सिंग कॉलेज को कांग्रेस सरकार में मान्यता दी गई थी। कांग्रेस संबद्धता और मान्यता में अंतर नहीं समझ पा रही। बीजेपी छात्र हित करने वाली सरकार है। सारंग ने कहा कि हमारी सरकार ने किसी छात्र के साथ अन्याय नहीं किया है। मैं तो बोलना भी नहीं चाह रहा था, लेकिन सबसे बड़ा आरोपी मुझे बनाया जा रहा था, इसलिए बोलने की इजाजत मांगी। मैं मानता हूं दिक्कते थी उसे मंत्री बनने के बाद ठीक भी किया। हमने कॉलेज की मान्यता की प्रकिया को ऑनलाइन किया। कांग्रेस की सरकार के समय ऑफ लाइन अप्लाई होता था। कांग्रेस की सरकार में निरीक्षण नहीं होता था नवीनीकरण का निरीक्षण नहीं होता था। भाजपा सरकार ने 480 कॉलेज को आगे बढ़ने से रोका है। जियो टेंगिंग शुरू की थी, ताकि गलत पते पर नर्सिंग कॉलेज न खुल पाएं।

कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाए तो भड़के नेता प्रतिपक्ष

मंत्री सारंग द्वारा कमलनाथ की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने पर उप नेता प्रतिपक्ष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आप जो आरोप लगा रहे है उसकी सीबीआई जांच करवा लेते हैं। मंत्री ने कहा कि सीबीआई की जांच से परहेज नहीं है। 60 अनसूटेबल कॉलेज में 39 कॉलेज कांग्रेस के जमाने में खुले थे। वहीं नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि आरोपों का जवाब नहीं दिया सिर्फ लच्छेदार भाषण दिया गया है। मंत्री इतने पाक साफ है तो इस्तीफा दें और जांच करवाई जाए।


सोमवार, 1 जुलाई 2024

नर्सिंग घोटाले पर हंगामा, कार्यवाही स्थगित

कांग्रेस विधायक एप्रिन पहन पहुंचे सदन, मंत्री के जवाब से रहे असंतुष्ट


भोपाल। राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने नर्सिंग घोटाले पर स्थगन पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया तो विपक्ष असंतुश्ट नजर आया और हंगामा करने लगा। इसके बाद सदन की कार्रवाई दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में जब सदन समवेत हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने पक्ष और विपक्ष की बात सुनकर मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद इस पर चर्चा कराने का समय तय कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन आज जब सदन की कार्यवाही ष्शुरू हुई तो पहले दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद कांग्रेस ने नर्सिंग घोटाले का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मामला न्यायालय में होने की बात कहकर विपक्ष से कहा कि सदन में इस पर चर्चा नहीं हो सकती है। इसके बाद कांग्रेस विधायक हंगामा करने लगे। हंगामा इतना बढ़ा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को सदन की कार्रवाई दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में जब दोबारा सदन समवेत हुआ तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार फिर अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने घोटाले पर स्थगन पर चर्चा कराने की मांग दोहराई। इस पर स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस इस पर राजनीति कर रही है। जबकि नर्सिंग घोटाले की जांच चल रही है। सीबीआई खुद इस मामले में जांच कर रही है। कांग्रेस ऐसे मुद्दे को हवा दे रही है, जिसकी पहले ही सरकार जांच कराने का आदेश दे चुकी है। मंत्री के जवाब के बाद भी विपक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायक एप्रिन पहनकर सदन पहुंचे थे। वे हमकर हंगामा करते नजर आए।
इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि सरकार चर्चा करने को तैयार है, लेकिन सदन की परंपरा के साथ चर्चा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि शालीनता के साथ अपनी बात रखी जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन चर्चा के लिए है सभी लोगों की बात आ गई है। निश्चित रूप से दोनों पक्षों को मैंने सुना। लेकिन सदन नियम परंपरा और प्रक्रियाओं से चलता है। पुरानी भी कई परंपरा है। भावनाओं को भी कमजोर नहीं करना चाहिए। मैंने दोनों पक्षों को सुना है अलग से भी बात की है सदन में भी सुना है। मैं प्रतिपक्ष को कहना चाहता हूं कि आप दोनों लोगों ने मुझ पर छोड़ने के लिए कहा है। मैं कल उचित नियम के तहत इस पर चर्चा कराऊंगा। नेता प्रतिपक्ष ने समय की बात करने पर अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल के बाद नर्सिंग घोटाले पर कल चर्चा होंगी।
विस अध्यक्ष ने कहा मंत्री अपना आयकर जमा करेंगे
विधान सभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्वयं का और मंत्रियों ने भी स्वयं का इनकम टैक्स खुद जमा करने का निर्णय लिया है। वे स्वयं भी अब अपना इनकम टैक्स जमा करेंगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि वे भी अपना आयकर स्वयं जमा करेंगे। सदन में उपस्थित विधानसभा सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इसका स्वागत किया। बता दें कि कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा था कि राज्य सरकार  पुराने नियम में बदलाव करने जा रही है। इसके तहत अब मंत्रियों को अब इनकम टैक्स भरना होगा। वे राज्य सरकार से इसमें वित्तीय मदद नहीं लेंगे।

चीन की प्रतिबंधित लहसुन की तस्करी रोके सरकार

भारतीय किसान यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी


भोपाल। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि चीन की प्रतिबंधित लहसुन की तस्करी पर रोक लगाई जाए, नहीं तो किसान आंदोलन किया जाएगा। पत्र में कहा कि अगर रोक नहीं लगी तो किसान सड़कों पर उतरेंगे।भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने पत्र में लिखा कि तस्कर बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश व अन्य राज्यों में विरोधी देश चीन से लहसुन की तस्करी कर रहे है। जो लहसुन 2014 में आमजन के स्वास्थ्य की हानि को देखते हुए प्रतिबंधित कर दिया गया था। तस्कर आमजन के स्वास्थ्य को नजर अंदाज कर बेच रहे हैं, जो की दंडनीय अपराध है। चीन की लहसुन केमिकल युक्त जहरीले होती है यह बात अमेरिका रिसर्च में भी पाई गई है। देश के किसानों को देसी अच्छी किस्म के लहसुन कम भाव में बेचकर बड़ा घाटा उठाना पड़ रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी शिकायत की गई है। तीन दिवस के बाद ज्ञापन देकर पूरे प्रदेश में एक दिन के लिए मंडी बंद कर धरना प्रदर्शन और चक्काजाम किया जाएगा।


कमजोर हुआ कांग्रेस का क्षेत्रीय नेतृत्व, खिसक रहा जनाधार

नेताओं का अपने ही क्षेत्र में घट रहा प्रभाव


भोपाल। कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के कारणों में एक बड़ी जानकारी निकलकर सामने आई है। कांग्रेस ने माना है कि उसका क्षेत्रीय नेतृत्व लगातार कमजोर हुआ है, जिसके चलते पार्टी का जनाधार खिसक रहा है। अब कांग्रेस फिर से क्षेत्रीय नेतृत्व को मजबूत करने की कवायद करेगी।
प्रदेश में कांग्रेस को विधानसभा 2023 और फिर इस साल हुए लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के कारणों को जानने आई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक में प्रत्याशियों ने हार के कई कारण गिनाए, मगर इन्हीं कारणों में से एक कारण यह भी सामने आया कि कांग्रेस का जो क्षेत्रीय नेतृत्व कभी मजबूत हुआ करता था, वह लगातार कमजोर हो रहा है। क्षेत्रीय नेताओं का प्रभाव अब अपने क्षेत्रों में भी मजबूत नहीं है।  क्षेत्रीय नेतृत्व करने वाले कई नेताओं ने राष्ट्रीय राजनीति की तरफ रुख कर लिया। इसका असर यह हुआ कि इन नेताओं का अपने-अपने क्षेत्र में प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा।
कांग्रेस नेताओं के दो दिन चले मंथन के बाद यह बात जब सामने आई तो एक बार फिर पार्टी में क्षेत्रीय नेतृत्व को मजबूत करने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही कांग्रेस एक बार फिर क्षेत्रीय नेताओं को जिम्मेदारी देकर पार्टी को मजबूत करने की कवायद करेगी। ताकि एक बार फिर खोए जनाधार को पाया जा सके। नेताओं की माने तो प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन में क्षेत्रीय नेताओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
पहले जैसा नहीं रहा नेताओं का जनाधार
गौरतलब है कि कांग्रेस में कभी ग्वालियर-चंबल इलाके में सिंधिया परिवार, इसी क्षेत्र में दिग्विजय सिंह परिवार का खासा प्रभाव था। मगर सिंधिया के भाजपा में जाने और दिग्विजय के राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहने से यहां पर प्रभाव कमजोर हुआ है। इसी तरह मालवा निमाड़ में अरुण यादव का खासा दबदबा नजर आता था, मगर उनका प्रभाव भी अब पहले जैसा नहीं रहा।  महाकौशल में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का भी प्रभाव कम हो चला है। बुंदेलखंड के नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी राजनीति से संन्यास ले चुके है। विंध्य में अजय सिंह सक्रिय हैं, मगर जिम्मेदारी के अभाव में वे भी कार्यकर्ता की बीच उतनी सक्रियता नहीं दिखा रहे।