मंगलवार, 2 जुलाई 2024

मंत्री के संरक्षण के बिना संभव नहीं नर्सिंग घोटाला

नेता प्रतिपक्ष ने कहा आरोप गलत निकले तो दे दूंगा इस्तीफा

भोपाल। राज्य विधानसभा में आज मुख्य विपक्षी दल ने एक बार फिर नर्सिंग घोटाले का मुद्दा उठाया। स्थगन पर चर्चा की मांग को तो सरकार ने नकार दिया, मगर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने इसे ध्यानाकर्शण के जरिए लिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री विश्वास सारंग पर घोटाले को लेकर कई आरोप लगाए और इस्तीफे की मांग कर डाली। इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक तक हुई। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर मेरे द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। 

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से प्रदेश में हुए नर्सिंग घोटाले को लेकर राज्य विधानसभा में आज ध्यानाकर्शण लाया गया। ध्यानाकर्शण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश के हजारों छात्रों को नहीं पता था जिस कॉलेज में एडमिशन ले रहे है वो फर्जी है। नर्सिंग घोटाला के लिए नियम बदले गए। 2020-21 में सबसे ज्यादा नर्सिंग कॉलेज खोले गए। चार अधिकारी और मंत्री नर्सिंग कांउन्सलर चला रहे थे। काउंसिल चलाने का अधिकार नहीं है। काउंसिल का कंट्रोल अवैध तरीके से लिया गया। सिंघार ने आरोप लगाते हुए कहा कि काउंसिल में धारा 31 का दुरुपयोग किया गया। जब नर्सिंग काउंसिल में घोटाला नहीं हुआ था तो धारा 31 के तहत काउंसिल को टेकओवर क्यों किया ? कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई, मंत्री या विभाग की जांच नहीं हो सकती। इंडिया नर्सिंग काउंसिल की एमपी में धज्जियां उड़ा दी गई। मंत्री के संरक्षण के बिना घोटाला संभव नहीं है। आरोप अगर सही नहीं है तो मैं नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दूंगा। नियम कायदे में मत उलझाइये।

तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद हंगामा शुरू हो गया। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे उसके क्या सबूत है ? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारी एक ही मांग है तत्कालीन मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए। वहीं विपक्ष के आरोपों का तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने भी जवाब दिया।

मंत्री सारंग ने रखा अपना पक्ष

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सुबह से शाम तक बस मुझ पर आरोप लगाए जा रहे है। जैसे मैं माफिया हूं। उन्होंने बताया कि 20 मार्च 2020 को 353 कॉलेज को मान्यता दी है। 20 मार्च 2020 को कमलनाथ की सरकार गिरी थी। एक तरफ सरकार गिरी दूसरी तरफ मान्यता दी जा रही थी। मलय कॉलेज की मान्यता कांग्रेस के सरकार के दौरान दी गई थी। 15 माह में कांग्रेस ने दो दो नर्सिंग कॉलेज को मान्यता दी थी। बिना किसी जांच के नर्सिंग कॉलेज को कांग्रेस सरकार में मान्यता दी गई थी। कांग्रेस संबद्धता और मान्यता में अंतर नहीं समझ पा रही। बीजेपी छात्र हित करने वाली सरकार है। सारंग ने कहा कि हमारी सरकार ने किसी छात्र के साथ अन्याय नहीं किया है। मैं तो बोलना भी नहीं चाह रहा था, लेकिन सबसे बड़ा आरोपी मुझे बनाया जा रहा था, इसलिए बोलने की इजाजत मांगी। मैं मानता हूं दिक्कते थी उसे मंत्री बनने के बाद ठीक भी किया। हमने कॉलेज की मान्यता की प्रकिया को ऑनलाइन किया। कांग्रेस की सरकार के समय ऑफ लाइन अप्लाई होता था। कांग्रेस की सरकार में निरीक्षण नहीं होता था नवीनीकरण का निरीक्षण नहीं होता था। भाजपा सरकार ने 480 कॉलेज को आगे बढ़ने से रोका है। जियो टेंगिंग शुरू की थी, ताकि गलत पते पर नर्सिंग कॉलेज न खुल पाएं।

कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाए तो भड़के नेता प्रतिपक्ष

मंत्री सारंग द्वारा कमलनाथ की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने पर उप नेता प्रतिपक्ष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आप जो आरोप लगा रहे है उसकी सीबीआई जांच करवा लेते हैं। मंत्री ने कहा कि सीबीआई की जांच से परहेज नहीं है। 60 अनसूटेबल कॉलेज में 39 कॉलेज कांग्रेस के जमाने में खुले थे। वहीं नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि आरोपों का जवाब नहीं दिया सिर्फ लच्छेदार भाषण दिया गया है। मंत्री इतने पाक साफ है तो इस्तीफा दें और जांच करवाई जाए।


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