मंगलवार, 2 जुलाई 2024

कांग्रेस को राहुल के भाषण की चुकानी होगी कीमत

राहुल गांधी के भाषण पर प्रदेश में भाजपा हुई हमलावर


भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी केभाषण   को लेकर अब मध्यप्रदेश में भी तीखी प्रतिक्रिया आई हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, उधर लोकसभा की कार्यवाही से अपने भाषण के अंश हटाये जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि मुझे जो कहना था कह दिया ये सच्चाई है।

राहुल गांधी द्वारा हिन्दुओं को हिंसक कहने पर मध्य प्रदेश में भी हंगामा हुआ, मुख्यमंत्री सहित सरकार के मंत्री और  भाजपा विधायकों ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर पलटवार किया। सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्य की बात है कि राहुल गांधी बहुसंख्यक समाज का अपमान कर रहे हैं और कांग्रेस चुपचाप देख रही है कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह समेत कई कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की बातों से असहमति जताई है। मुझे लगता है कि मल्लिकार्जुन खरगे को इस बारे में विस्तृत जानकारी जुटानी चाहिए और राहुल गांधी से उनके इस्तीफे के बारे में बात करनी चाहिए।

देश और उम्र का ख्याल रखें राहुल गांधी

उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ‘हिंदू या तो हिंसा के शिकार हुए हैं या हिंसा का सामना किया हैं। कल संसद में राहुल गांधी जी का व्यवहार एवं भाषण विपक्ष के नेता की तरह नहीं, किसी कॉलेज के उच्छृंखल छात्र नेता की तरह था। राहुल को याद रखना होगा कि वह दुर्भाग्य से विपक्ष के नेता चुन लिए गए हैं, दूसरा वह अब युवा नहीं है, बल्कि 50 साल से ज्यादा के अधेड़ हैं। राहुल जी अपना पद, अपना देश और अपनी उम्र का कुछ तो ख्याल रखिए, पूरे देशवासियों के साथ मैं भी आपकी भर्त्सना करती हूं। 

दिग्विजय के भाई ने भी दी नसीहत

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई  लक्ष्मण सिंह ने तो हिंदुओं पर की गई राहुल की टिप्पणी को अशोभनीय बताते हुए उन्हें केवल जरूरी मुद्दे उठाने की सलाह तक दे डाली है। इस मामले को लेकर राहुल गांधी के बयान को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि संसद में “हिंदुओं” पर की गई टिप्पणी अशोभनीय है और अनावश्यक भी। केवल और केवल जनता और देश से जुड़े मुद्दे उठाना ही उचित होगा।

लोकसभा अध्यक्ष को कमलनाथ ने लिखा पत्र

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, हमारे नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर परिचर्चा में कल सदन में जो वक्तव्य दिया, उसके कुछ हिस्सों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। राहुल गांधी ने स्पीकर को पत्र लिखकर उनके भाषण के हिस्से हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज की है। अपने लंबे संसदीय अनुभव के आधार पर मैं भी लोक सभा अध्यक्ष से अनुरोध करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष के वक्तव्य के हिस्से इस तरह से हटाना संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। सदन के नेता के पास पर चर्चा के अंत में अपनी बात रखने का पूरा मौका होगा। सत्ता पक्ष के सांसद भी राहुल गांधी की बातों का जवाब दे सकते हैं। नेता प्रतिपक्ष के भाषण के हिस्से हटा देना ना सिर्फ़ अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा हमला है, बल्कि भारत के लोकतंत्र को मूक बना देने की कोशिश भी है।


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