शनिवार, 3 अगस्त 2024

पद और हैसियत से ज्यादा महत्व शिक्षा का : डा यादव

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला का किया शुभारंभ

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदिकाल से भारत का अपना विशेष चरित्र और आदर्श संस्कृति रही है, इसलिए भारत विश्व गुरु कहलाया। जियो और जीने दो के सिद्धांत के साथ सभी के कल्याण की कामना हम करते हैं। हमारी व्यवस्था में गुरु की भूमिका अंधकार से प्रकाश की ओर ले जानी वाली रही है। जीवन में शिक्षा का स्थान सर्वोपरि है। किसी भी पद और हैसियत से अधिक महत्व शिक्षा का है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज भोपाल के आनंद नगर स्थित टीआईटी एक्सीलेंस कॉलेज में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश की धरती पर शिक्षा ग्रहण की और महाभारत के युद्ध के समय वे स्वयं अपनी आत्मा से शास्त्रार्थ करते रहे। गीता के विविध पक्ष हैं। गुरुकुल में प्राप्त शिक्षा से सेनाओं का अपना अनुशासन भी देखने को मिला था। जीवन और मृत्यु अटल है। इसके मध्य का समय मुस्कान और उत्साह के साथ सार्थक जीवन जीने का होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि आयोग द्वारा महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई है। राज्य सरकार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रयासों में पूर्ण सहयोग करेगी। यह प्रयास होगा कि कोई बच्चा स्कूल जाना बंद न करे। किन्हीं परिस्थितियों में ड्राप आउट के लिए विवश का शिकार न बने। शिक्षा ग्रहण करना प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है।
शिक्षा  पूरी पीढ़ी को बदलने का करती है कार्य
अध्यक्ष राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग  प्रियंक कानूनगो ने कहा कि शिक्षा पूरी पीढ़ी को बदलने का कार्य करती है। विपरीत परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाना महत्वपूर्ण है। अभिभावकों द्वारा रोजगार के लिए अन्य राज्यों में जाने पर बच्चों की शिक्षा में बाधा उत्पन्न होती थी। अब अन्य राज्यों में भी हिन्दी में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाती हैं। किसी बच्चे के 30 दिन विद्यालय में अनुपस्थित रहने पर इसका कारण ज्ञात कर समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।  कानूनगो ने कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। अतिथियों को पौधे भेंट किए गये।
प्रदेश में नहीं रहेंगे बाल श्रमिक
श्रम मंत्री  प्रहलाद पटेल ने कहा कि प्रदेश में मजदूरों के हितों का प्राथमिकता के साथ ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश में संचालित आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले वंचित वर्गों के बच्चों को पढ़ाई के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य बनेगा, जहां कोई भी बाल श्रमिक नहीं रहेगा। इसके लिए शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी सभी सरकारी एजेंसी, स्वयंसेवी संगठन और इस विषय के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। श्रम मंत्री पटेल ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि वंचित वर्ग और श्रमिकों के बच्चे जो बीच में शाला जाना बंद कर देते हैं उनको पुनः शाला पहुंचाएँ। इस कार्यशाला के माध्यम से 6 राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दादर नगर हवेली-दमन-दीव, गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के प्रतिभागी शामिल हुए हैं।

शुक्रवार, 2 अगस्त 2024

मंत्री समर्थकों से आहत हैं भाजपा के तीन विधायक

फिर तेज हो सकती है वर्चस्व की लड़ाई, एकजुट होने लगे विधायक समर्थक

भोपाल। इंदौर की राजनीति में एक बार फिर बदलाव नजर आ रहा है। पहले सीधी तौर में ताई-भाई के बीच वर्चस्व की लड़ाई नजर आती थी, मगर अब वर्तमान में भाजपा के ही तीन विधायक इंदौर के कद्दावर नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गुट के नेताओं से आहत नजर आ रहे हैं। इसके चलते वे एकजुट होकर विजयवर्गीय को चुनौती देते नजर आ सकते हैं।
इंदौर में वैसे तो पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमिता महाजन और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समर्थकों के बीच मतभेद और वर्चस्व की लड़ाई होती रही है। मगर इस बार इंदौर में फिर नजारा बदला है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर समर्थक माने जाने वाले नेताओं जिनमें तीन वर्तमान विधायक भी ष्शामिल हैं, अपने को कमजोर मान रहे हैं। इन विधायकों के क्षेत्र में बढ़ते विजयवर्गीय समर्थकों के दखल से ये परेशान हैं। नगर और ग्रामीण इंदौर दोनों ही जगह पर इन दिनों विजयवर्गीय खेमा ज्यादा सक्रिय है, जिसके चलते तीन विधायकों महू से विधायकउषा ठाकुर, इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक चार से विधायक मालिनी गौड़ और देपालपुर से विधायक मनोज पटेल के समर्थक विजयवर्गीय समर्थकों के बढ़ते दखल से खफा हैं। इसके चलते ये तीनों विधायक अब एकजुट होकर कैलाश विजयवर्गीय को चुनौती देने की रणनीति पर काम करने में जुटे हैं। इन तीनों की शिकायत है कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में विजयवर्गीय समर्थकों का अनावश्यक दखल बढ़ता जा रहा है। इनमें मालिनी गौड़ की नाराजगी तो महापौर पुष्यमित्र को लेकर भी है। महापौर को कैलाश का समर्थक माना जाता है। इसी तरह उषा ठाकुर के क्षेत्र महू में अंतर सिंह दरबार और मनोज पटेल के क्षेत्र में ग्रामीण जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा का दखल बढ़ा है। इनके दखल को लेकर वर्तमान विधायक में नाराजगी दिखाई दे रही है। वैसे तीनों को ताई यानि सुमित्रा महाजन के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर का समर्थक माना जाता रहा है। इनके कार्यकाल में ये ताकतवर नेता के रूप में रहे, मगर 2023 के बाद मुख्यमंत्री पद पर हुए बदलाव ने इन तीनों का आहत किया है। साथ ही इंदौर की राजनीति का समीकरण भी बदला है।
सांसद का अपना गुट
इंदौर के सांसद शंकर लालवानी जिन्हें ताई समर्थक माना जाता है। उनका अपना गुट है। वैसे विधायक मालिनी गौड़ और लालवानी के समर्थकों के बीच भी लंबे समय से राजनीतिक मतभेद रहा है। वे भी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम के अप्रत्याशित तरीके से भाजपा में शामिल होने के बाद से आहत हैं। ताई ने तो इस प्रकरण पर खुलकर नाराजगी भी जताई थी। भाजपा नेताओं, वर्तमान विधायकों के बीच बढ़ते मतभेद भाजपा के लिए ठीक नजर नहीं आ रहे हैं और जल्द ही यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इसके पीछे कारण साफ है कि दोनों ही ओर से दिग्गज नेता है। एक ओर विजयवर्गीय हैं, तो दूसरी और दो पूर्व मंत्री और एक वर्तमान विधायक हैं।

गैर हिन्दू महिलाओं को नहीं मिलने चाहिए 250 रूपए

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद की आपत्ति

भोपाल। सरकार ने लाड़ली बहनों को रक्षा बंधन पर 250 रूपए उपहार स्वरूप देने का फैसला किया है। यह राशि लाड़ली बहनों के खाते में 10 अगस्त को जमा कराई जाएगी। इसके पहले राशि को लेकर भाजपा के वरिश्ठ नेता और पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने इसे लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि सरकार को गैर हिन्दू महिलाओं के खाते में यह राशि जमा नहीं करानी चाहिए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने कहा कि जो इस त्यौहार का विरोध करते हैं, जो हिंदू त्योहारों को स्वीकार नहीं करते हैं, जो रक्षाबंधन का पर्व नहीं मानते हैं उन्हें पैसे नहीं देने चाहिए। जिनके जीवन में इस पर्व का कोई मायने नहीं है, ऐसे लोगों को राशि देने का अर्थ है कि हम गलत दे रहे हैं, इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव बड़े उदार व्यक्ति हैं। बहनों को प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के कारण ही रक्षाबंधन के त्योहार पर महिलाओं का जो विशेष खर्च होता है, उसमें वृद्धि की जानी चाहिए। रक्षाबंधन को पर्व के रूप में मानने वालों को ही इसका लाभ मिलना चाहिए। शर्मा ने कहा कि मेरा आग्रह है कि इस पर विचार करना चाहिए, जो इस रक्षाबंधन के पर्व को मानते हैं, उन बहनों को ये राशि दी जानी चाहिए। ऐसी बहनें जो इस त्योहार को नहीं मानती हैं, उन बहनों को इस राशि से मुक्त रखना ज्यादा अच्छा रहेगा, ताकि जिनको लाभ मिलता है, उनको न्याय मिल सके।

यूनिफार्म में नजर आएगा नापतौल विभाग का अमला

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए अधिकारियों को निर्देश

भोपाल।  महाराष्ट्र, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना राज्यों की तरह प्रदेश का नापतौल अमला भी यूनिफार्म में नजर आएगा। इस आशय के निर्देश आज मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि नापतौल विभाग के अमले की यूनिफार्म तय की जाए। अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना आदि में इस संबंध में जारी व्यवस्था के आधार पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने पाइप लाइन द्वारा रसोई गैस उपलब्ध कराने संबंधी गतिविधि के लिए राज्य स्तर पर गैस कारपोरेशन गठित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी गैस उपयोग की संभावना है, अतः इसकी आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। अन्य राज्यों में इस संबंध में लागू व्यवस्था का भी अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जाए। साथ ही भू-जल भंडारण के संरक्षण और बिजली की बचतके दृष्टिगत बिना मौसम की धान व मूंग के उत्पादन को हतोत्साहित किया जाए।
राशन सामग्री में श्रीअन्न भी शामिल किया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वितरित होने वाली राशन सामग्री में प्रदेश में उत्पन्न होने वाले ज्वार, बाजरा, रागी जैसे श्रीअन्न को शामिल किया जाए। इसके लिए स्थानीय किसानों से अनाज लेने और प्रक्रिया में स्व-सहायता समूहों को जोड़ने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जिन्हें पर्ची जारी की गई है। वह योजना के लिए पात्र हैं या नहीं इसका भी सर्वे कराया जाए।
राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का गायन आवश्यक रूप से हो
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक में कहा है कि जिला स्तर पर होने वाले सभी शासकीय कार्यक्रमों में राष्ट्र गीत वंदे-मातरम और राष्ट्रगान जन-गण-मन का आवश्यक रूप से गायन हो। सभी जिलों में पुलिस बैंड उपलब्ध हैं, अतः पुलिस बैंड के साथ गरिमामय रूप से राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान की कार्यक्रमों में प्रस्तुति सुनिश्चित की जाए। 

गुरुवार, 1 अगस्त 2024

कांग्रेस संगठन में ओबीसी नेताओं का दबदबा

उभरने लगा विरोध, कामकाज पर पड़ रहा असर

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठन पर ओबीसी वर्ग के नेताओं का एक तरह से कब्जा सा हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर अन्य पदों पर इसी वर्ग के नेताओं को कमान सौंपी गई है। इसे लेकर उपज रहे असंतोष का असर भी संगठन के कामकाज पर होता नजर आने लगा है।
लंबे समय पर यह देखने में आ रहा है कि कांग्रेस संगठन में करीब-करीब हर महत्वपूर्ण पद पर ओबीसी वर्ग के नेता को कमान सौंपी गई है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद इसी वर्ग से आते हैं। जातिगत समीकरणों के आधार पर  नियुक्तियां करने वाली कांग्रेस में महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, सेवादल और अल्पसंख्यक कांग्रेस तक की कमान ओबीसी के हाथों में सौंप दी गई है।  सामान्य वर्ग के नेताआें को देखें तो केवल एक-दो संगठन के मुखिया का पद ही मिल सका है तो एससी-एसटी अपने वर्ग की कांग्रेस तक ही सिमित कर दिए गए हैं। एससी-एसटी कांग्रेस में तो इन्हीं वर्गों से मुखिया बनाना मजबूरी भी है। इनको छोड़ दें तो पूरी कांग्रेस एक तरफा ओबीसी वर्ग के नेताओं का राज है।
ओबीसी वर्ग के नेताओं को अधिकांश पद दिए जाने के चलते अब विरोध भी उभरने लगा है।  कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तो इसकी शिकायत दिल्ली तक पहुंचा दी है। माना जा रहा है कि अब नई कार्यकारिणी गठन में सभी वर्ग के नेताओं को स्थान दिया जा सकता है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि नई कार्यकारिणी का गठन कब तक होगा। कार्यकारिणी गठन का पेंच पहले से ही नेताओं के विरोध के चलते उलझा हुआ है।
ओबीसी के किस नेता के पास कौन सा पद
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल, युवक कांग्रेस अध्यक्ष मितेंद्र दर्शन सिंह यादव और भाराछासं के अध्यक्ष आशुतोष चौकसे हैं। इसी तरह से सेवादल की कमान योगेश यादव,  किसान कांग्रेस की कमान दिनेश गुर्जर,  पिछड़ा वर्ग कांग्रेस की कमान सिद्धार्थ कुशवाह, मोर्चा प्रकोष्ठ प्रभारी जेपी धनोपिया और अल्पसख्यक कांग्रेस की कमान शेख अलीम के पास है।

जबलपुर, सतना, मंडीदीप में खुलेंगे श्रमिकों के उपचार के लिए अस्पताल

पंचायत एवं श्रम मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश


भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल सतना, मंडीदीप एवं जबलपुर में अस्पताल निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व से जो अस्पताल एवं डिस्पेंसरियां संचालित है उन्हें अपग्रेड किया जाए। अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाए जिससे कि मरीजों को रेफर नहीं करना पडे़। उन्होंने कहा कि यह बैठक श्रमिक और कर्मचारियों के हित के लिए बहुत सकारात्मक है।

पंचायत एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने यह निर्देश आज इंदौर में आयोजित भारत सरकार क्षेत्रीय परिषद कर्मचारी राज्य बीमा निगम म.प्र. की 90वीं क्षेत्रीय परिषद की बैठक में दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व से जो अस्पताल एवं डिस्पेंसरियां संचालित है उन्हें अपग्रेड किया जाए। अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाए जिससे कि मरीजों को रेफर नहीं करना पडे़। उन्होंने कहा कि यह बैठक श्रमिक और कर्मचारियों के हित के लिए बहुत सकारात्मक है। उन्होंने निर्देश दिए कि निगम के पास उपलब्ध अपनी रिक्त पड़ी जमीन पर अस्पताल और डिस्पेंसरी निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को प्रस्तुत करें।
पीथमपुर अस्पताल निर्माण कार्य एक माह में पूरा हो
पटेल ने इंडस्ट्रियल कोरिडोर के मद्देनजर रतलाम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान किये जाने हेतु 50 बिस्तर के अस्पताल निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नवीन अस्पताल एवं डिस्पेंसरी चिन्हांकन में इस बात का विशेष ध्यान दिया जाए कि स्थल शहर से नजदीक हो ताकि इलाज कराने वालों को परेशानी नहीं हो। उन्होंने पीथमपुर में अस्पताल निर्माण एवं संचालन प्रारंभ करने की प्रक्रिया को समय सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए।
आदत सुधार लो, ज्ञान मत बताओ
मंत्री पटेल ने अधिकारियों से जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मांगी तो वह कागज दिखाने लगे। दस्तावेज भी सही क्रम में नहीं लगे थे, जिस पर मंत्री नाराज हुए और बोले-यह क्या मज़ाक लगा रखा है। मैं भारत सरकार का मंत्री रहा हूं। मुझे आपसे ज्यादा कॉगज देखने की आदत है। आप लोग भी आदत सुधार लो,  ज्ञान मत बताओ।

तुम्हारी पार्टी बंद हो जाएगी, हमारी योजना नहीं होगी बंद

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में आभार सह उपहार कार्यक्रम का किया शुभारंभ

भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुत लोग सरकार बनने के बाद से यह कह रहे हैं योजना बंद हो जाएगी। तुम्हारी पार्टी बंद हो जाएगी, मगर हमारी योजना बंद नहीं होगी, यह भाई और बहन के बीच का रिश्ता है।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने यह बात आज सतना जिले के चित्रकूट में प्रदेश स्तरीय आभार सह-उपहार कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी दौरान उन्होंने लाड़ली बहनों के साथ  गाना भी गाया और बहनों को झूला भी झूलाया। साथ ही घोषणा की है कि 10 तारीख से पहले सभी बहनों के खाते में 1250 रुपए की जगह 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 1250 रुपए लाड़ली बहना योजना की राशि है, जबकि 250 रुपए बहनों को रक्षाबंधन की राखी और मिठाई खरीदने के लिए उपहार स्वरूप प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाएंगे। सरकार ने गैस रीफिल के लिए 450 रुपए देने का भी निर्णय किया है। वह भी हम प्रदेश की बहनों को दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेले सतना जिले में 3 लाख 84 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनें हैं और अब तक योजना के अंर्तगत 674 करोड़ रुपए हम दे चुके हैं और 250 रुपए के हिसाब से 10 करोड़ रुपए अकेले सतना जिले में देंगे।
निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण, शिलान्यास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट पहुंचकर “एक पेड मां के नाम“ अभियान के तहत दीनदयाल शोध संस्थान के उद्यमिता परिसर में फलदार पौधे रोपित किये। साथ ही 131 करोड़ रूपये की लागत के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। समारोह में मुख्यमंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने कन्या-पूजन कर बेटियों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल में लगाई गई आजीविका परियोजना की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
भगवान राम और नानाजी की तपोभूमि है चित्रकूट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट भगवान राम और नानाजी देशमुख की तपोभूमि है। भगवान राम और परम भक्त भरत जी के पवित्र मिलन से उपजें प्रेम के आशुओं से चित्रकूट की धरा अभिसिंचित है। चित्रकूट के चहुँमुखी विकास के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। नानाजी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों के अनुरूप वंचितों और विकास की कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।