मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव 15 दिसंबर के पहले कराने का कार्यक्रम जारी कर दिया है. इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा. पार्टी के केंद्रीय निर्वाचन अधिकारी ने जो चुनाव कार्यक्रम जारी किया है, उसके अनुसार 11 सितंबर से बूथ अध्यक्ष और बूथ समिति सदस्यों के चुनाव शुरू हो जाएंगे.
मध्यप्रदेश भाजपा के निर्वाचन अधिकारी हेमंत खंडेलवाल और सह निर्वाचन अधिकारी विजेश लूणावत ने चुनाव कार्यक्रम के संदर्भ में पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को पत्र भेज दिया है. चार चरणों में बूथ से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं. हर चरण के बीच 10 दिन का अंतराल शिकायतों के निवारण और अगले चरण की तैयारी के लिए रखा गया है.
लूणावत ने बताया कि 11 से 30 सितंबर तक बूथ अध्यक्ष व बूथ समिति सदस्य चुने जाएंगे. 11 से 31 अक्तूबर के बीच मंडल अध्यक्ष और मंडल स्तर पर समितियों का गठन होगा. 11 से 30 नवंबर तक जिलाध्यक्षों और प्रदेश परिषद सदस्यों का निर्वाचन कराया जाएगा. इसके बाद 1 से 15 दिसंबर के बीच प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का चुनाव संपन्न कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि पार्टी के केंद्रीय निर्वाचन अधिकारी राधामोहन सिंह ने समय पर चुनाव संपन्न कराने के सख्त निर्देश दिए हैं.
मंत्री ने कहा जूते पहनकर दौड़ने में आई दिक्कत
महज 11 सेकेंड के अंदर 100 मीटर की रेस पूरी करने वाले शिवपुरी के धावक रामेश्वर गुर्जर आज हुए ट्रायल में उम्मीद पर खरा नहीं उतर पाया. रामेश्वर जूते पहनकर ट्रेक पर दौड़ा, लेकिन उसने आज 100 मीटर की दौड़ पूरी करने में 12.90 सेकेंड का समय लिया. रामेश्वर के इस प्रदर्शन पर राज्य के खेल मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि नंगे पैर दौड़ना और जूते पहनकर दौड़ने में फर्क है, हम अभी उसे ट्रेनिंग देंगे और एक माह बाद फिर ट्रायल लिया जाएगा.
राजधानी के टीटी नगर स्टेडियम में आज 100 मीटर दौड़ के लिए ट्रायल लिया गया. इस ट्रायल में राज्य के सात खिलाड़ियों को शामिल किया गया था. दौड़ में रामेश्वर आखिरी स्थान पर रहा और उसने 100 मीटर की दौड़ भी 12.90 सेकेंड में पूरी की. ट्रायल के लिए सात धावकों में आयूश तिवारी ने सबसे कम 10.85 सेकेंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी की. खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि ग्रामीण परिवेश में पले-बड़े रामेश्वर गुर्जर अच्छे धावक हैं. वे धावकों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और डाइट से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि गांव में नंगे पैर सड़क पर दौड़ना और ट्रैक पर जूते पहनकर दौड़ने में बहुत फर्क होता है.
पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब ऐसी छिपी ग्रामीण प्रतिभाओं को ओपन फोरम उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि रामेश्वर को एक महीने खेल अकादमी में विशेषज्ञों की देखरेख में प्रशिक्षित किया जाएगा. उसकी डाइट और स्पीड पर ध्यान दिया जाएगा. एक महीने बाद रामेश्वर का एक बार फिर ट्रायल होगा. पटवारी ने कहा कि रामेश्वर को मानसिक और शारीरिक तौर पर पूर्ण रूप से तैयार करने की जिम्मेदारी हमारी है.
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के शिवपुरी जिले के निवासी नंगे पैर दौड़ने वाले धावक रामेश्वर गुर्जर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. इस वीडियो ने सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचा है. राज्य के खेल मंत्री जीतू पटवारी ने रामेश्वर को भोपाल में बेहतर प्रशिक्षण देने की बात कही है. रामेश्वर गुर्जर धावक हैं और वह नंगे पांव सड़क पर दौड़ते हैं. उनका यह वीडियो पिछले कुछ दिनों से वायरल हो रहा है. बताया जाता है कि रामेश्वर 100 मीटर की दौड़ 11 सेकेंड में पूरी करते हैं. बाद में मंत्री पटवारी ने रामेश्वर को भोपाल बुलाया अधिकारियों से कहा कि ऐसी प्रतिभा को बेहतर खेल सुविधा, अच्छे शूज और प्रशिक्षण दिया जाए, तो वह 100 मीटर की दूरी नौ सेकेण्ड में ही तय कर सकता है.
कौन है रामेश्वर गुर्जर
रामेश्वर गुर्जर ने 10 वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. उनके परिवार में माता-पिता और पांच भाई-बहन हैं. पूरा परिवार खेती-किसानी करता है. रामेश्वर ने परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आगे पढ़ाई नहीं की. रामेश्वर को इसके बाद भोपाल लाया गया. अब खेल विभाग द्वारा उसे प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों की तरह ही मदरसों के बच्चों को मध्यान्ह भोजन देने का फैसला लिया है. इसके अलावा मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा आदिवासियों पर साहूकारों के कर्ज माफी की घोषणा के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है.
राज्य मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में सरकार ने यह फैसला लिया है. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर छिंदवाड़ा में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आदिवासियों पर साहूकारों के कर्ज को माफ करने की घोषणा की थी. मंत्रिपरिषद की बैठक में इसका प्रस्ताव रखा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई है. उन्होंने बताया कि सरकार ने यह कदम प्रदेश के आदिवासियों को साहूकारों के कर्ज के बोझ से बचाने के लिए उठाया है. जिन आदिवासी परिवारों ने साहूकारों से कर्जा लिया है, उनके सभी कर्ज माफ किए जाएंगे. इसके लिए 15 अगस्त 2019 तक गैर लाइसेंसी साहूकारों ने जो भी कर्ज इन आदिवासियों को दिया है, वो शून्य हो जाएंगे. कैबिनेट की मुहर लगने के बाद यह योजना प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में 89 आदिवासी विकासखंड में लागू होगी.
जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मध्यान्ह भोजन वितरित किया जाता है, इससे प्रदेश के एक लाख 13 हजार स्कूलों के 45 लाख से अधिक बच्चे लाभांवित होते हैं. मंत्रिपरिषद ने इस योजना के विस्तार को मंजूरी दी है. इसके तहत अब मदरसों के बच्चों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा. इसमें साढ़े पांच हजार अनुदान प्राप्त व गैर अनुदान प्राप्त मदरसों को शामिल किया जाएगा. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पेश किए इस प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. मदरसों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई है.
उन्होंने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा 35 से बढ़ाकर 40 साल करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. एमपीपीएससी द्वारा जानी भर्तियों के साथ ही सीधी भर्तियों में भी सरकार ने अधिकतम आयु सीमा 35 साल से बढ़ाकर 40 साल कर दी है. इसी तरह तिलहन संघ के कर्मचारियों के संविलियन की अवधि को 31 दिसम्बर 2019 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद ने मुहर लगाई है. इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने इंदिरा ज्योति योजना में संशोधन के साथ ही 12 से अधिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है.
इन प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति
* राजीव गांधी की जयंती युवा दिवस के रूप में मनाई जाएगी. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75 वीं वर्षगांठ पर कल भोपाल में आयोजन होगा.
* लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 में आवश्यक संशोधन के लिए मंत्री डाक्टर गोविंद सिंह एवं वित्त मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की स्थाई समिति का गठन किया गया.
* तिलहन संघ के कर्मचारियों की अन्य विभागों में संविलियन सीमा की अवधि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2019 कर दिया गया है.
* वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कार्य की सुगमता के लिए महाराष्ट्र में बनाया गया साफ्टवेयर वन मित्र खरीदने की स्वीकृति दी गई.
* मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव सेवानिवृत्त एससी रामसरिया की एक साल के लिए संविदा अवधि में वृद्धि का भी फैसला किया गया है.
कांग्रेस के लिए किया प्रचार, अब लोग उनके प्रवचन नहीं सुनते
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के लिए अब फिर एक बाबा संकट बन गए हैं. इस बार कथा वाचक देव मुरारी बापू ने कमलनाथ सरकार के चेतावनी दी है कि उनका मान-सम्मान नहीं रखा गया तो वे कल सोमवार को मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्महत्या कर लेंगे. बापू की इस चेतावनी के बार सरकार की चिंता बढ़ गई है.
देव मुरारी बापू ने यह चेतावनी आज राजधानी में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को दी है. बापू ने कहा कि कांग्रेस के लिए मैंने चुनाव के दौरान प्रचार किया, उस वक्त नेताओं ने उन्हें आश्वस्त किया था कि वे उनका मान सम्मान रखेंगे, मगर सरकार बनने के बाद अब उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए प्रचार करने के बाद अब उनके प्रवचन सुनने के लिए लोग भी कम आने लगे हैं, इस कारण वे संकट के दौर से गुजर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे पहले भी धर्मस्य मंत्री पी.सी.शर्मा के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं. उन्होंने मुलाकात में 15 अगस्त तक उन्हें मान-सम्मान न दिए जाने पर कुछ भी कदम उठाने की बात मुख्यमंत्री से कही थी. इस दौरान उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया था कि आप इंतजार करें.
बाबा बनना चाहते हैं गौ संवर्धन बोर्ड का अध्यक्ष
कथावाचक देव मुरारी बापू ने गौ संवर्धन बोर्ड का अध्यक्ष बनने की बात कही थी. इस पर धर्मस्य मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि राज्य के गौ संवर्धन बोर्ड अस्तित्व में नहीं है. इस वजह से उन्हें बोर्ड का अध्यक्ष बनाया ही नहीं जा सकता. शर्मा ने कहा कि मैंने बाबा को पत्र लिखकर आश्वस्त किया है कि वे जल्दबाजी न करें उन्हें सरकार में मान-सम्मान दिया जाएगा. मंत्री शर्मा ने यह स्वीकार किया कि वे बाबा को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिले थे. इस मुलाकात में भी बाबा को आश्वस्त किया था कि उन्हें सरकार में एडजस्ट किया जाएगा.
बाबाओं के कारण मुश्किल में कांग्रेस
राज्य में सरकार बनाने के बाद से कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के लिए बाबा परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं. पहले कम्प्यूटर बाबा ने सरकार को परेशानी में डाला था, इसके बाद उन्हें नर्मदा न्यास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया, मगर उनकी हेलीकाप्टर की मांग अब भी सरकार ने पूरी नहीं की है, जिसके चलते वे कई बार अपनी नाराजगी भी जता चुके हैं. इसके अलावा मिर्ची बाबा के नाम से पहचाने जाने वाले वैराग्यनंद स्वामी की जलसमाधी को लेकर भी संकट सरकार पर गहराया था. बाबा ने लोक सभा चुनाव में दिग्विजय सिंह की जीत न होने पर जल समाधी लेने की बात कही थी. सिंह को हार मिली तो उन पर जल समाधी के लिए दबाव बना, इसके चलते वे कुछ दिन अज्ञातवास में रहकर प्रकट हुए और जलसमाधी लेने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी. जैसे-तैसे सरकार ने उन्हें समझाया था, अब कथावाचक देव मुरारी बापू ने कमलनाथ सरकार को संकट में डाला है. वे सोमवार को क्या कदम उठाते हैं, यह तो कहा नहीं जाता, मगर राज्य के धर्मस्य मंत्री पी.सी.शर्मा आज से ही उन्हें समझाने में जुटे हैं, मगर बाबा नहीं मान रहे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने बोला मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हमला
मध्यप्रदेश के सतना जिले में बालक के अपहरण के बाद उसकी हत्या को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मेरा मध्यप्रदेश तो ऐसा नहीं था! आपने प्रदेश को बर्बाद कर दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कहीं भी नहीं है.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रविवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ पर प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर हमला बोला है. उन्होंने प्रदेश में मासूमों के लगातार हो रहे अपहरण और आरोपियों के न पकड़े जाने पर सवाल खड़े किए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने सतना जिले के चोरहटा गांव में बालक विकास प्रजापति पिता अमित प्रजापति के अपहरण के बाद हत्या की घटना को लेकर ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री पर यह हमला बोला है. चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा कि सतना में मासूम की अपहरण बाद हत्या की घटना हृदय विदारक है. आत्मा हिल गई. पहले भी सतना में दो मासूम भाइयों की अपहरण के बाद हत्या हुई थी, लेकिन सरकार उसके बाद भी नहीं चेती. प्रदेश में कानून-व्यवस्था कहीं नहीं है. सरकार अब तो आंखें खोलो. कितने माता-पिता के बच्चे ऐसे छिनते रहेंगे? एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि क्या आमजन, क्या पत्रकार, क्या पुलिस! सब डरे हुए हैं. अपराधी खुलकर खेल रहे हैं. इंदौर में पत्रकार को चाकू के दम पर लूट लिया गया. चारों तरफ हाहाकार मचा है. अपराधियों में कानून का जरा भी भय नहीं रह गया है. कमलनाथ, मेरा मध्यप्रदेश ऐसा तो नहीं था! आपने प्रदेश को बर्बाद कर दिया.
यह है घटना
उल्लेखनीय है कि अपहरणकर्ताओं ने शुक्रवार को बच्चे को स्कूल से लौटते समय अपहरण कर लिया था. उक्त मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के पिता को फोन कर 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी. इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू हुई और एक को गिरफ्तार कर लिया गया, उसकी निशानदेही पर बंशीपुर गांव के एक कुएं से बच्चे का शव बरामद किया गया. एक किडनैपर अब भी फरार है, पुलिस इसकी तलाश कर रही है. चित्रकूट के बाद फिर अपहरण और हत्या की वारदात से क्षेत्र आक्रोश का माहौल है.
आंखों की रोशनी जाने की घटना प्रशासन की बड़ी चूक
इंदौर में आंख के आपरेशन के बाद 11 लोगों की आंखों की रोशनी चले जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 दिनों तक घटना को छुपा कर रखना शासन-प्रशासन की बड़ी चूक है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इंदौर सीएमएचओ ने 5 दिनों तक आला अधिकारियों से इस मामले को छुपा कर रखा! अस्पताल प्रबंधन के साथ ही शासन-प्रशासन की तरफ से भी यह बहुत बड़ी चूक है. राज्य सरकार से अनुरोध है कि सभी पीड़ितों को उचित सहायता राशि व प्रतिमाह रुपए 12 हजार पेंशन दी जाए जिससे उनका जीवन सुखमय व्यतीत हो सके. इंदौर में जिन 11 नागरिकों का जीवन डाक्टर्स की लापरवाही के कारण अंधकारमय हो गया, उन्हें मात्र 50 हजार रुपए की सहायता राशि देकर क्या कमलनाथ सरकार कोई उपकार कर रही है? उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति की मानसिक अवस्था के बारे में तो सोचें जिसके साथ इतनी बड़ी त्रासदी गैर जिÞम्मेदाराना रवैए के चलते हुई!
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर होंगे कई कार्यक्रम
मध्यप्रदेश सरकार पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के 75 वीं जयंती राज्य में युवा संकल्प वर्ष के रुप में मनाई जाएगी. 20 अगस्त से इस वार्षिक उत्सव का आगाज होगा.
युवा संकल्प वर्ष के अंतर्गत राज्य स्तरीय सद्भावना दिवस एवं सद्भावना मार्च का आयोजन 20 अगस्त को राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल में रवीन्द्र भवन में किया गया है. इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री कमलनाथ करेंगे. इस दिन राज्य के सभी जिलों में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया है. इस आयोजन में प्रदेश के 150 से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे. इसके साथ ही राज्य स्तरीय आयोजन के उद्घाटन के अवसर पर भोपाल संभाग के सभी महाविद्यालयों से विद्यार्थी तथा प्राध्यापक आमंत्रित किए गए हैं.राज्य में यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा. इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों के कुल सचिवों और सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं.
युवा संकल्प वर्ष के अंतर्गत तीन राज्य स्तरीय आयोजनों, प्रतियोगिताओं की रुपरेखा निर्धारित की गई है, इसमें महाविद्यालय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक आयोजन किए जाएंगे. समस्त आयोजनों में राजीव गांधी के जीवन वृत्त तथा उनके राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवदान पर स्थानीय विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनके संस्मरणों एवं विचारों से छात्र-छात्राओं को लाभांवित और उत्प्रेरित किया जाएगा.
खेल एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए निर्देशों में बताया गया है कि युवा संकल्प वर्ष का शुभारंभ सद्भावना दिवस 20 अगस्त 2019 से आरंभ होकर 21 मई 2020 तक संचालित रहेगा. इस समारोह में सदभावना दौड़ के अलावा सांस्कृति कार्यक्रम और सद्भावना गीत भी होंगे. इसके अलावा 24 सितंबर को विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भाषण प्रतियोगिताएं, 1 अक्तूबर को पोस्टर प्रतियोगिता, 11 नवबंर को परिचर्चा का आयोजन, 10 दिनसंबर को प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. इसके बाद 15 जनवरी 2020 को निबंध प्रतियोगिता, 28 फरवरी 2020 को काव्य प्रतियोगिता, 27 मार्च 2020 को लोकनृत्य प्रतियोगिता, 7 अपै्रल 2020 को समूह गान प्रतियोगिता और 21 मई 2020 को राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया है.
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी द्वारा 10 करोड़ रुपए के विज्ञापन आफर को ठुकराए जाने को अच्छी पहल बताते हुए उनकी तारीफ की है. उन्होंने कहा कि सभी सेलीब्रेटी इस तरह का फैसला लें तो समाज में जागरुता आएगी और समाज का भला होगा.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी की तारीफ इसलिए की कि उनके द्वारा 10 करोड़ के विज्ञापन को इस लिए ठुकरा दिया. शिल्पा को विज्ञापन करने वाली कंपनी की दवा पर विश्वास नहीं था. विज्ञापन कंपनी ने शिल्पा को विज्ञापन के लिए 10 करोड़ रुपए का आफर किया था. अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी द्वारा ठुकराए गए इस आफर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि मैं देश और प्रदेश के अन्य सभी सेलिब्रिटी से आग्रह करता हूं कि वह भी ऐसे उत्पाद का विज्ञापन न करें, जिनके परिणाम पर उनको भरोसा नहीं है. प्रोडक्ट के दावे सही नहीं हैं, तो केवल बिक्री बढ़वाने के लिए भ्रामक विज्ञापन न करें. इस तरह का फैसला सभी सेलिब्रिटी करेंगे, तो समाज का भला होगा. चौहान ने दूसरे ट्वीट में कहा कि समाज के प्रति सेलिब्रिटी की भी जिम्मेदारी होती है, जिसे अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने बखूबी निभाया. उन्होंने स्लिम पिल्स के विज्ञापन के 10 करोड़ के आफर को केवल इसलिए मना कर दिया, क्योंकि उन्हें प्रोडक्ट के परिणाम पर भरोसा नहीं था. यह उनका प्रशंसनीय कदम है. मैं अभिनंदन करता हूं.