गुरुवार, 18 जुलाई 2024

गुटबाजी में उलझी कांग्रेस, बढ़ रही अंतर्कलह

नेतृत्व पर उठने लगे सवाल


भोपाल। लोकसभा चुनाव और हाल ही में हुए अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस में अब गुटबाजी सतह पर आ गई है। नेताओं के बीच अंतर्कलह इस कदर होने लगी है कि युवा नेतृत्व पर सवाल उठाए जा रहे हैं। असंतोशश अब गुस्से के रूप में सामने आ रहा है। संगठन मजबूत करने की नसीहत देने वाले नेता भी मौन नजर आ रहे हैं।
प्रदेश में कांग्रेस को मिल रही लगातार हार के बाद नेताओं के बीच अंतर्कलह तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में अमरवाड़ा में मिली हार के बाद तो यह गुस्से के रूप में भी नजर आया। लगातार नेताओं की नाराजगी प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ उभर कर सामने आ रही है। पार्टी में अनुशासन के बजाय अनुशासनहीनता ज्यादा बढ़ती नजर आ रही है। इसका उदाहरण लगातार आए दिन नेताओं की बयानबाजी से देखने को मिल रहे हैं। कांग्रेस और फिर महिला कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ उठे विरोध के स्वर साफ संकेत दे रहे हैं कि पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है। फिर भी नेतृत्व कर रहे नेता अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा करने के बजाय उन्हें लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे पार्टी में अंतर्कलह और तेज होता नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता खुलकर बोलते नजर आ रहे हैं।
अमरवाड़ा उपचुनाव में चुनाव प्रचार के दौरान भी पार्टी नेताओं के बीच अंदरूनी गुटबाजी दिखाई दे रही थी। पहले दो वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला। एक ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिखा तो दूसरे ने मीडिया के सामने बयानबाजी कर युवा नेतृत्व को घेरा। इसके बाद अब हाल में महिला कांग्रेस की हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और महामंत्री मधु शर्मा के बीच तीखी नोंक-झोंक की खबरें सामने आई। यह नोंक-झोंक इतनी बढ़ गई थी कि बैठक में मधु शर्मा जूते मारने तक की बात कहने तक जा पहुंची।  अलका लांबा के साथ तीखी नोंक-झोंक को लेकर पार्टी ने मधु शर्मा को ही नोटिस जारी किया है। कांग्रेस से जुड़े लोगों का कहना है कि पार्टी के भीतर अब भी गुटबाजी खत्म नहीं हुई है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश कार्यकारिणी तक नहीं बन पा रही है।
नेता नहीं सुन रहे कार्यकर्ता की बात
अब कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ अमीनुल सूरी ने भी पार्टी में गुटबाजी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेता वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं की बात सुनने को तैयार नहीं हैं और आने वाले समय में कोई बड़ा विस्फोट हो जाए तो आश्चर्य नहीं होगा। माना जा रहा है कि बड़े नेताओं की ही कार्यशैली ही वह वजह है कि बड़ी तादाद में जन आधार वाले नेता कांग्रेस छोड़कर रहे हैं। वहीं कई नेता प्रदेश में अलग-अलग तरीके से प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ बयान बाजी करते नजर आ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में कितना बदलाव और कितना नयापन लाएगी। फिलहाल तो सभी को नई कार्यकारिणी के गठन का इंतजार है।
 

बुधवार, 17 जुलाई 2024

राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में किया जाए निराकरण


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सुविधा और लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिए 18 जुलाई से 31 अगस्त तक राजस्व महा अभियान -2 संचालित किया जा रहा है। किसानों और आमजन की सहुलियत के लिये पटवारी और मैदानी अमला मुख्यालय पर रह कर दायित्वों का निर्वहन करेंगे। अभियान्तर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों का गंभीरता के साथ समय-सीमा में निराकरण किया जाये।

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 30 दिन में, विवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 150 दिन में किया जायेगा। बंटवारा प्रकरणों के निराकरण की समय-सीमा 90 दिन है और सीमांकन प्रकरणों को 45 दिन में निराकृत करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही नक्शे में तरमीम का कार्य सतत जारी रहेगा। राजस्व मंत्री ने कहा है कि राजस्व महा अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। राजस्व महा अभियान 2 में 30 जून  की स्थिति में लंबित नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरूस्ती और सीमांकन के प्रकरणों में निरराकरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें नामांतरण के 75 हजार 964, बंटवारा के 9 हजार 897, अभिलेख दुरूस्ती के 9 हजार 889 और सीमांकन के 25 हजार 423 प्रकरण शामिल हैं। इसके साथ ही 30 जून  की स्थिति में एक करोड़ 95 लाख 45 हजार नक्शे पर तरमीम के लंबित मामलों को भी दर्ज किया जाएगा।
डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण
राजस्व महा अभियान में एक अगस्त से 15 सितंबर  तक फसल डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण किया जायेगा। किसानों के खेत पर जाकर फसल का फोटो खीचकर जानकारी अद्यतन करने के लिये युवाओं का चयन किया जाएगा। युवाओं का चयन कर उनको 25 जुलाई तक प्रशिक्षित किया जायेगा। राजस्व महा अभियान में आरसीएमएस पर प्रकरण दर्ज करने और पूर्व आदेशों का खसरों और नक्शे में अमल सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्व महा अभियान में निःशुल्क समग्र ईकेवायसी और समग्र से खसरे की लिंकिंग की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही स्वामित्म योजना में आबादी भूमि के सर्वेक्षण की कार्रवाई पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

रावत की बढ़ने लगी मुश्किलें, आदिवासी ने दिखाए बगावती तेवर


भाजपा से मांगा विजयपुर से टिकट, टिकट नहीं मिला तो करूंगा बगावत

भोपाल। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए रामनिवास रावत के मंत्री बनने के बाद भाजपा के कई दिग्गज नेता खफा नजर आ रहे हैं, वहीं अब उपचुनाव की स्थिति निर्मित होने पर भाजपा के पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आदिवासी ने पार्टी से उपचुनाव में टिकट की मांग कर दी है, साथ ही कहा है कि अगर टिकट नहीं मिली तो वे बगावत कर देंगे।
मुरैना जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे रामनिवास रावत के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में ष्शामिल होने के बाद उनका विरोध अब खुलकर सामने आ रहा है। पहले उन्हें मंत्री बनाया गया तो पूर्व मंत्री गोपाल  भार्गव ने खुलकर इसका विरोध किया। भार्गव के अलावा अन्य भाजपा के वरिश्ठ विधायक और नेता भी पार्टी के इस कदम से नाराज नजर आ रहे हैं। अब जबकि रावत ने मंत्री बनने के बाद विधायक से इस्तीफा देकर उपचुनाव का रास्ता साफ कर दिया उस स्थिति में उनके लिए यहां पर संकट खड़ा हो गया है। पहले रावत ने सोचा था कि मंत्री बनने के बाद उपचुनाव में वे नाराज लोगों को मना लेंगे, मगर अब नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। रावत के खिलाफ भाजपा से चुनाव लड़े पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने रावत के भाजपा में आने को लेकर अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह स्पश्ट कर दिया कि भाजपा उपचुनाव में उन्हें टिकट दे। उनका तर्क है कि सहारिया समाज से आते हैं। लंबे समय से भाजपा में हैं और कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा का झंडा बुलंद करते आए हैं। उन्होंने कहा कि रावत के आने से विजयपुर के भाजपा कार्यकर्ता खुश नहीं है। आदिवासी का कहना है कि रावत को कांग्रेस से भाजपा में लाने की जरूरत ही नहीं थी। उनके क्षेत्र में रावत के मतदाता तो सिर्फ पंद्रह हजार है, उससे ज्यादा तो हमारे मतदाता है।
  बागी   होकर लड़ूंगा चुनाव
पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने साफ कर दिया है कि अगर भाजपा  उन्हें उपचुनाव में टिकट नहीं देती है, तो वह बागी होकर चुनाव लड़ेंगे और हो सकता है की दूसरी पार्टी की भी सदस्यता ले लें। उन्होंने कहा कि जब दुनिया ही बदल रही है, तो हमें बदलने में क्या कसर है, हम भी बदल जाएंगे। पूर्व विधायक ने कहा कि रामनिवास रावत को भाजपा में शामिल करके पार्टी ने बहुत बड़ी गलती कर दी है। जब विरोधियों को ही पार्टी में मिला लोगे, तो राजनीति का क्या मतलब है। मुख्यमंत्री रामनिवास रावत से अपना भाईचारा न निभाएं। अब भाजपा में हम आदिवासियों की पहले जैसी इज्जत नहीं रही।

मंगलवार, 16 जुलाई 2024

मंत्री पद के लिए फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा कमलेश शाह को

भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज अमरवाड़ा प्रवास के दौरान इस बात पर विराम लगा दिया कि कमलेश ष्शाह को मंत्री बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि फिलहाल उनका फोकस विकास पर है, मंत्रिमंडल विस्तार पर नहीं।

अमरवाड़ा में उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद आज मंगलवार को मुख्यमंत्री डा मोहन यादव अमरवाड़ा के मतदाताओं का आभार व्यक्त करने अमरवाड़ा पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया द्वारा कमलेश शाह को मंत्री बनाए जाने और मंत्रिमंडल विस्तार किए जाने के पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देखिए, सरकार 5 साल के लिए है, साल-दो साल तो इस बात की गुंजाइश है कि हम विकास पर ध्यान दें, बाकी यह सब बातें होती रहेंगी। अभी सिर्फ विकास पर ध्यान देना है।
गौरतलब है कि उपचुनाव में कड़े संघर्ष में मिली जीत के बाद भाजपा विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। अमरवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने फिलहाल इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है।

मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे कांग्रेसी

भोपाल। नर्सिंग घोटाले को लेकर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राजधानी में थाने पहुंचकर मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने शिकायती आवेदन पुलिस को सौंपा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष
उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस नेता आज दोपहर को टीटी नगर थाने पहुंचे। कांग्रेस द्वारा पुलिस को नर्सिंग घोटाले को लेकर मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायती आवेदन सौंपा गया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि नर्सिंग घोटाला प्रमाणित है, उसे किस मंत्री द्वारा नियम बदल बदल कर किया वो भी प्रमाणित है। बावजूद मोहन सरकार अपने मंत्री पर कार्यवाही के बजाए उन्हें बचाने में लगी है। कांग्रेस पार्टी लाखों छात्रों के न्याय की इस लड़ाई को लड़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
सारंग समर्थक महिलाओं ने भी दिया आवेदन
मंत्री विश्वास सारंग समर्थक महिलाओं ने भी टीटी नगर थाने पहुंचकर एक शिकायती आवेदन पुलिस को सौंपा है। महिलाओं ने उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे को लेकर यह आवेदन सौंपा है। महिलाओं ने कटारे पर दर्ज एक प्रकरण में सजा देने की मांग की है। ये महिलाएं मंत्री विश्वास सारंग के विधानसभा क्षेत्र नरेला की थी।
 

जन समस्याओं का निराकरण तत्परता के साथ करें

जनसंवाद शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश


भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि जन समस्याओं से संबंधित शिकायतों का निराकरण जल्द किया जाए। उज्जैन के विकास कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनका क्रियान्वयन करें। जन-सहभागिता को प्रोत्साहित कर सिंहस्थ के कार्यों को आगे बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के आस्था गार्डन में आयोजित जन संवाद शिविर को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री  ने कहा है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शासन की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ धरातल तक पहुँचाएं। जन सामान्य की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और तत्परता से किया जाए। उन्होंने कहा कि जाति और निवास प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी एवं जिला प्रशासन को निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की ओर से शिविर में उज्जैन आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं को एक करोड़ 47 लाख ऋण राशि का चेक प्रदान किया गया।
जनजातीय जिलों के नृत्य कलाकारों को बाबा की सवारी में करें शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए कार्यों को पूर्ण कराएं। “एक जिला-एक उत्पाद“ अंतर्गत उज्जैन में चयनित बुटिक प्रिंट के साथ हैंडलूम, पॉवरलूम, लघु, कुटीर और फुटकर उद्योगों को भी समान रूप से बढ़ावा मिले, जिससे रोजगार के अधिक से अधिक अवसरों का सृजन हो सके। उन्होंने कहा कि उज्जैन में भगवान की मूर्तियां, वस्त्र और पूजन सामग्री बनाने का काम भी आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की सवारी उज्जैन ही नहीं पूरे प्रदेश का गौरव हैं। सवारी में जनजातीय जिले डिंडौरी, मंडला, बालाघाट आदि के नृत्य कलाकारों को भी शामिल किया जाए। बाबा महाकाल की सवारी में मंत्री  भी शामिल होंगे।

शनिवार, 6 जुलाई 2024

कर्ज में डूबी सरकार, विपक्ष ने बोला हमला

कमलनाथ ने कहा कर्ज के दलदल में डूबो दिया प्रदेश को

भोपाल। प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर एक बार फिर विपक्ष सरकार पर हमलावर हुआ है। हाल ही में केग की रिपोर्ट में सरकार पर हुए भारी कर्ज के खुलासे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मौजूदा प्रदेश की सरकार को घेरा है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्य प्रदेश को कर्ज़ के दलदल में इस तरह डुबा दिया गया है कि केग की रिपोर्ट में भी कर्ज़ के हालात पर चिंता व्यक्त की गई है। हालत यह हो गई है कि कर्ज़ चुकाने के लिए भी कर्ज़ लिया जा रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर प्रदेश को दिवालियापन की तरफ़ धकेला जा रहा है। प्रदेश में अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के बजाए कर्ज़ लेकर काम चलाया जा रहा है। अगर मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को तेज कर रोज़गार के नए अवसर सृजित करे तथा मौजूदा कृषि एवं अन्य व्यवसाय का आधुनिकीकरण करे तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अर्थव्यवस्था में सुधार की बात तो दूर प्रदेश सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था पर है, ही नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार कि इसी कर्ज़ नीति का परिणाम है कि मध्य प्रदेश की जनता पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस सिलेंडर और बिजली सबसे ज़्यादा महँगी क़ीमत पर ख़रीदती है। जनता जो टैक्स जमा करती है, उसका इस्तेमाल सरकार कर्ज़ का ब्याज चुकाने में कर रही है। इस भारी भरकम कर्ज़ का उपयोग जनता के कल्याण के बजाए ठेका और कमीशनराज में हो रहा है।
प्रति व्यक्ति 45 हजार रूपए है कर्ज
राज्य सरकार पर इस समय क़रीब पौने 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ है। यदि प्रति व्यक्ति कर्ज़ के लिहाज़ से देखें तो एक साल पहले मध्य प्रदेश के हर नागरिक पर 39 हज़ार रुपया कर्ज़ था, जो इस वर्ष बढ़कर 45 हज़ार रुपया हो गया और मार्च 2025 तक 55 हज़ार रुपया प्रति व्यक्ति कर्ज़ हो जाएगा। राज्य सरकार की आमदनी का एक बड़ा हिस्सा कर्ज़ का ब्याज चुकाने में ख़र्च होता है।