मध्यप्रदेश कैथोलिक काउंसिल की राजधानी में हुई दो दिवसीय बैठक में आज ईसाई अल्पसंख्यक समाज द्वारा संचालित संस्थाओं में शासन के हो रहे हस्तक्षेप को रोकने की मांग की. इस बैठक में कई और प्रस्ताव पारित करते हुए अल्पसंख्यक आयोग में ईसाई समाज के सदस्य की नियुक्ति की मांग भी उठी.
मध्यप्रदेश कैथालिक काउंसिल की दो दिवासीय बैठक आज संपन्न हो गई. बैठक में मध्यप्रदेश काउंसिल के आर्चबिशप डॉ. लियो कार्नेलियो के नेतृत्व में प्रदेश के नौ बिशप, धार्मिक संस्थाओं के अध्यक्ष और पुरोहित उपस्थित थे. बैठक में इन प्रस्तावों में मुख्य रूप से ईसाई समाज द्वारा प्रदेश में चल रही संस्थाओं में शासन के बढते हस्तक्षेप पर चिंता जताई और इस पर रोक लगाने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया. काउंसिल के प्रवक्ता फादर आनंद मुटूंगल ने बताया कि इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सामान्य लोगों को बांटने का जो कार्य किया जा रहा है उसका विरोध किया गया. उन्होंने बताया कि पहले विभाग द्वारा सूर्य नमस्कार, भोजन मंत्र, राष्ट्र ऋृषि, गीता सार और अब टाई बांधना या नहीं बांधना जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच असमंजस फैलाया जा रहा है. श्री मुटूंगल ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से एक प्रस्ताव यह भी पारित किया गया कि केन्द्र और मध्यप्रदेश शासन द्वारा अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए जो योजनाएं लागू हैं, उनमें ईसाई समाज के गरीब लोगों को भी शामिल किया जाए. शासन द्वारा छात्रवृत्ति, ऋृण योजनाएं स्वरोजगार योजनाओं जो चलाई जा रही है उकना फायदा ईसाई समाज को नहीं मिल रहा है. उन्होंने बताया कि बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा अल्पसंख्यक आयोग में ईसाई समाज के व्यक्ति को सदस्य मनोनित किया जाए. इस संबंध में शासन द्वारा अब तक केवल आश्वासन ही दिया गया है, लेकिन नियुक्ति नहीं की गई है. यहां उल्लेखनीय है कि काउंसिल की यह बैठक दो साल में एक बार होती है, इस बैठक में लिए प्रस्तावों के आधार पर अब काउंसिल के सदस्य ईसाई समाज में बैठक में लिए निर्णयों की जानकारी दी जाएगी.
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